मौसम की जानकारी देता पत्‍थर



कानपुर के एक मन्दिर है जहॉं एक ऐसा पत्थर है जो बिना किसी धोखे के 15 दिन पूर्व ही बारिश की जानकारी दे देता है। उत्तर प्रदेश की औद्योगिक नगरी कानपुर के बेहटा बुजुर्ग गांव में एक ऐसा पत्थर है जिससे मानसून आने से 15 दिन पूर्व ही पानी टपकने लगता है। पुरातात्विक विरासत को समेटे इस गांव में विशिष्ट वास्तु शैली में बने जगन्नाथ मंदिर के दो उन्नत शिखर विलक्षणता का आभास करा देते हैं। मुख्यद्वार पर प्राचीन पट है जिससे सूर्य के मुख से जंजीर निकलती दिखाई देती है। जंजीर की आखिरी कड़ी से तीन कडि़यों और फिर उससे नौ कडि़यों का विस्तार होता चला जाता है। मंदिर के गर्भगृह में दिन में भी अंधेरा छाया रहता है और इसी गर्भगृह में ही ऊपर वह पत्थर स्थित है जिसे यहां के लोग मानसून पत्थर कहते हैं। रहस्य को समेटे मानसून पत्थर की सूचना पर आस-पास के लोग खेती के बारे में निर्णय लेते हैं। मंदिर के गर्भगृह के दोनों ओर बनी छोटी छोटी कोठरियों में भगवान विष्णु की प्रतिमा है, इन्हीं में से एक में पुरावशेषों के ढेर हैं। गांव वालों का मत है कि अगर इस मंदिर और आस पास के क्षेत्र में खुदाई की जाए तो पुरातात्विक दृष्टि से कई महत्वपूर्ण चीजें भी मिल सकती हैं। 
दैनिक जागरण(Danik Jagran) से


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3 comments:

बनारसी बाबू said...

अच्छी जानकारी है धन्यवाद

संजय बेंगाणी said...

बड़ी ही उत्तम संरचना है पत्थर की. विश्लेषण कर और भी ऐसी रचनाएं बनाई जानी चाहिए.

mahashakti said...

धन्‍यवाद उपरोक्‍त बन्‍धुद्वै