तिहरा शतक पर खुशी नही !



आज मेरे ईमेल बाक्‍स मे स्‍पैम ईमेल ने अपना तिहरा शतक पूरा कर लिया है। गौर तरब है कि यह शतक मात्र बीस दिनों मे ही लग है औ आप सोच सकते है कि कितनी तीव्र गति से शतक लग रहा है। जबकि मै इसे कई बार डीलीट भी कर चुका हूँ इस सम्‍बन्‍ध मे मैने कई बार आपने वरिष्‍ठ साथियों से चर्चा कर चुका हूँ कि इससे कैसे निपटा जाय। पर कोई हल नही निकल पाया है। इतने थोक से भाव मे आप रहे है, कि कुछ न ही कहा जाय तो बेहतर होगा। मुझे नही पता है कि यह कैसे हो रहा है। हर दिन एक या दो ईमेल अड्रेस को स्‍पैम मे जोडता हूँ किन्‍तु आगले दो तीन दिन मे फिर आ जाती है। कई बार तो कई जरूरी ईमेल भी स्‍पैम कटेगरी मे आ जाते है और भीड़ के कारण वह पढ़ने मे नही आ पाती है। भगवान ही बचाये इनसे, क्‍या इनसे मुक्ति का उपाय है?


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4 comments:

अनूप शुक्ला said...

वाह बधाई!

DR PRABHAT TANDON said...

लख-2 बधाइयाँ !

mahashakti said...

बधाई के लिये दोनो श्रेष्‍ठ जनों को धन्‍यवाद, मै आपको शुभाकामनाऐ नही दूंगा कि आप भी शतक लगाये। :)

मैने आपनी समस्‍या को रखा हूँ कि समाधान के लिये पर बधाईयॉं भी आमात्रित है। :)

DR PRABHAT TANDON said...

कुछ दिन पहले मेरी एक पोस्ट पर जो 'हिन्दी राइटर ' के संदर्भ मे थी,उसमे मैने देवेन्द्र पारख जी का मेल आई डी दिया था, श्रीश ने सही टिप्पणी की कि जब भी खुले मंच पर पता लिखें तो xxx@xx.com लिखने के बजाय xxx at xx dotcom लिखें तो यह हैकर्स हैक नही कर पायेगें। इस बात का तुम भी ख्याल रखो,आरकुट मे या कही और खुल कर मेल का पता न दो। बाद मे मैने उस पोस्ट मे संशोधन कर दिया था।