पैमानों पर तो चिट्ठाजगत ही आगें, सचाई भी यही है?



आज एक और ऐसी साइट मिली जो साईट/ब्‍लाग की लोकप्रियता बताती है। इन आकडों को देखने पर लग रहा है कि चिट्ठाजगत ही सर्वश्रेष्‍ठ है किन्‍तु मैने कई ब्‍लागों के आकड़ों का निरीक्षण किया तो देखता हूँ कि पाठक भेजने के मामले में यह बहुत पीछे है। वास्‍तव में जो पाठकों को ब्‍लाग पर भेजें वह सर्वश्रेष्‍ठ होगा या जो अपनी भीड़ बढ़ाये वो सर्वश्रेष्‍ठ है? वास्‍तव में अब ब्‍लाग लेखक ही तय करेंगें कि सर्वश्रेष्‍ठ कौन है ? पाठक भेजने वाला या खुद की भीड़ बटोरने वाला!

मेरे किसी भी ब्‍लाग पर चिट्ठाजगत प्रथम तीन स्‍थान पर नही है। और भी कुछ ब्‍लागों को देखत हूँ तो वहॉं भी ऐसी कोई स्थिति स्‍पष्‍ट नही है जो चिट्ठाजगत को नम्‍बर एक घोषित करता हों।





Share:

4 comments:

अरुण said...

भाइ जरा नारद और बलोगवाणी के भि दिया करो..:)

हरिराम said...

मुझे तो विषयवस्तु, स्वरूप, श्रेणियाँ तथा शीघ्र खुलने तथा स्क्रॉल होने आदि गुणों के कारण ब्लॉगवाणी बेहतर लगा। सर्वोपरि जब आप स्वयं अपने चिट्ठे पर लगे ब्लॉगवाणी के लोगो पर क्लिक करते हैं, तभी तुरन्त ब्लॉगवाणी में प्रकट होता है। इसप्रकार यदि हम अपने किसी लेख को एग्रीगेटर पर नहीं जाने देना चाहे तो यह नियन्त्रण भी हमारे हाथ में रहता है। हालांकि इसमें भी "सर्च" बक्से की कमी है, जिसे जोड़ने के लिए इसके संचालक प्रयास कर रहे हैं।

Sanjeet Tripathi said...

भाई मेरे, क्या ऐसी कोई प्रतियोगिता चल रही है क्या आजकल कि कौन सा एग्रीगेटर आगे चल रहा है और कौन सा पीछे!!

क्षमायाचना सहित सब से निवेदन यही है कि ऐसी बातों को मुद्दा ना बनाएं जिस से कुछ हासिल नही होने वाला!!

Gyandutt Pandey said...

यह y-axis में क्या आयाम है?