जो मजा विरोध भरी टिप्‍पणी में है वो और कहाँ ?



आज हमारी एमए की परीक्षा समाप्‍त हो गयी, मुझे पूर्ण विश्वास है कि अक्टूबर तक हम परास्‍नाकत डिग्री धारक हो जायेगे। फरवरी माह से ही परीक्षा दे दे कर थक गये थे। करीब दो माह तक अब कोई परीक्षा नही है, अगर आ गई तो परीक्षा की खैर नही, हमारी तैयारी जोरो से चल रही है। :)

इधर बहुत दिनों से कुछ गम्‍भीर लेखन नही हुआ, कुछ मजा नही आ रहा है। कहते है गर्म तावे पर पानी डालने पर जो आवाज निकलती है उसे सुन कर बड़ा मजा आता है। उसी गर्म तावे की भातिं मेरी भी स्थिति है, काफी दिनों से अन्‍दर ही अन्‍दर बहुत विषयों की का तावा बहुत गर्म हो गया है बस लिख कर पोस्‍ट करने की देर है, फिर देखिये आपके गर्मा गर्म टिप्‍पणी रूपी पानी क्‍या गुल खिलाता है। :)


Share:

1 comment:

अभिषेक ओझा said...

लिखिए तो छींटा मारते हैं पानी का :-)