आज का दिन जरा हट के



आज बहुत दिनों बाद सीधे ब्‍लागर एकाउन्‍ट पर कुछ लिख रहा हूँ, क्‍योकि अभी तक मै लेख आदि पोस्‍ट करने के लिये विन्‍डोज लाइव राइटर का उपयोग करता था। सीधे लिखने का अपना ही मजा होता है, और मजे के साथ लिखने का अपना विशेष मजा होता है। :)
 
काफी दिनों से ब्‍लाग की नजदीकियों से दूर था अपनी समस्‍याओं और समस्‍या के समाधान के निस्‍तारण के कारणों से, आज सूर्य ग्रहण भी दिखा, हमने आज वर्षा जी की महाशक्ति समूह पर आई पोस्‍ट के कारण हमने पूरे परिवार के साथ सूर्यग्रहण देखा, गोल्‍डेन रिंग का विहंगम दृश्‍य का भी अवलोक किया। चूँकि सूर्यग्रहण को धर्म से जोड़ कर देखा जाता है तो इस बीच में भक्ति भावना को भी कायम रखने का प्रयास किया गया। आज काफी दिनों बाद परिवार के सभी सदस्‍य एक साथ बैठे और राम चरित मानस के सस्‍वर पाठ का आनंद लिया।
 
सूर्य ग्रहण समाप्‍त हो गया है, अब नहाने जा रहा हूँ जल्‍द ही मिलूँगा, एक नई बात लेकर।


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5 comments:

PD said...

bahut badhiya hai sir..
ham to AC me band hokar baithe huye hain.. :(

पंगेबाज said...

बढिया जी हमतो आशाराम जी पर लगे ग्रहण को देंख रहे है पिछले कुछ दिनो से :)

संजय बेंगाणी said...

अब प्रविष्टी ठेलन जारी रखे.

Gyandutt Pandey said...

अरे, ब्लॉग तो झकाझक लग रहा है। आप तो लिखते रहें - चाहे लाइवराइटर पर चाहे सीधे!

Gyandutt Pandey said...

ब्लॉग तो झकाझक है। :)
आप लिखते रहें - लाइवराइटर से या सीधे!