मदद के लिये आभार, आखिर हल मिल ही गया



पिछले कुछ दिनो से मेरा ब्‍लाग एक अजीब सी समस्‍या से जूझ रहा था, उस समस्‍या के निजाद के लिये ब्‍लाग समूह से मदद मॉंगी थी। पोस्‍ट लिखता था पोस्‍ट मेन पेज पर तो दिखती थी किन्‍तु पोस्‍ट के रूप में नही दिख रही थी। परसो मै और जीतू भाई काफी देर तक इस समस्‍या पर विचार करते रहे किन्‍तु समास्‍या का समाधान हो ही नही रहा था,जीतू भाई भी अपना अमूल्‍य समय निकाल कर मेरी सहाया करने में लगे थे।
 
मेरा ब्‍लाग दो जगहो पर रिडाईरेक्‍ट हो रहा था, जो एक तकनीकि कमी थी, अन्‍तोगत्‍वा जीतू भाई के अनुसार मैने अगले दिन फिर से काम प्रारम्‍भ किया। काम मे लगा ही था कि श्री विजय तिवारी किसलय जी से सुखद बात हुई उनके बात करने के बाद तो मन प्रसन्‍न हो हो गया। उनसे बात समाप्‍त हुई ही और जैसे फिर ब्‍लाग में हाथ लगाया अपने आप समस्‍या समाप्‍त हो गई।
मुझे एहसास हुआ कि किसी काम की सफलता के पीछे मेहनत के साथ-साथ सही समय का हो भी आवाश्‍यक होता है।


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5 comments:

आशीष खण्डेलवाल (Ashish Khandelwal) said...

जानकर अच्छा लगा कि आपकी समस्या अब खत्म हो चुकी है... आपके अनुरोध वाली पोस्ट समय पर देख लेता तो शायद इसका हल सुझा देता..

mahashakti said...

आशीष भाई नमस्‍कार, मुझे पता नही था कि आपसे पास समस्‍या का समाधान है। चूकिं बहुत दिनो से दूरी के के कारण ब्‍लाग जगत में भटकाव खत्‍म हो गया था, हमारे पुराने समय में जीतू भाई आदि के बारे में पता था कि वो निराकरण करते थे/है, तो वही चला गया। भगवान न करे कोई समस्‍या अब आये, जब आयेगी, तो जरूर मिलूँगा।

Udan Tashtari said...

चलो, तुम्हारा काम बन गया तो चैन मिला मुझे भी!! :)

निरन्तर- महेन्द्र मिश्र said...

जानकर बहुत अच्छा लगा. चलिए आपकी समस्या का त्वरित निराकरण हो गया . धन्यवाद.

VIJAY TIWARI " KISLAY " said...

प्रमेन्द्र जी
आपसे भी बात करना एक सुखद अनुभूति होता है.
मुझे उम्मीद है हमारे बीच जबलपुर और अलाहाबाद की दूरी जरूर है लेकिन सेल और ब्लॉग ऐसे माध्यम हैं जिनसे हमें ये दूरी नहीं अखरा करेगी.
ब्लॉग सुधर गया , अच्छा लगा .
- विजय