जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन के सम्‍बन्‍ध में



बहुत दुख होता है जब कोई हराम की रोटी पर मुँह मारने चले आते है, अब यह फितरत कही जाये अथवा आदत से मजबूर, अब एक बन्‍धु जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन के सम्‍बन्‍ध अपना राग अलाप रहे है। हम जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन का गठन उद्देश्‍यो को लेकर कर रहे है और हम अपने उद्देश्‍यो से नही भटकेगे और न ही भटकने देगे। किसी के द्वारा यह भ्रांति फैलाई जा रही है कि जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन टॉप-40 ब्‍लागरों के खिलाफ मोर्चा है तो यह मुगालते मे है, यह उनकी अपनी गल्‍प सोच है। 
हम किसी भी चाहे वह बड़ा हो या छोटा, नया हो या पुराना किसी से भी हमारा बैर नही है अपितु जो भी किसी भी ब्‍लागर के साथ अन्‍याय करेगा, उसके खिलाफ हम हर स्‍तर पर विरोध करे। कोई भी ब्‍लागर हो वह कम कम मेरे लिये अथवा किसी के लिये भी उतना ही आत्‍मीय है जितना की पर‍िवार का सदस्‍य। हम अन्‍याय के लिये खड़े हुये है न कि अन्‍याय करने के लिये, और मै इस बात की पूरी दमदारी से कहता हूँ हममें से भी कोई गलत काम करेगा तो उसको भी नही छोड़ा जायेगा। 
वरिष्‍ठो (उम्र और चिट्ठाकारी दोनो में) से ही तो हम है और उनके मार्गदर्शन मे हम बहुत कुछ सीखते आये है, यहॉं हम उन तथाकथित वरिष्‍ठो के मानमर्दन की बात की जा रहे है जो चिट्ठकारी के नाम पर ब्‍लागरों को परेशान करते है और चिट्ठाकारी को गलत दिशा मे ले जा रहे है। हमारा उद्देश्‍य नाम के वरिष्‍ठो से जो हिन्‍दी चिट्ठाकारी का नाश करने पर उतारू है, कोई भी ब्‍लागर चाहे वह टॉप 40 का हो या हिन्‍दी चिट्ठाकारी का अन्तिमवा सदस्‍य सभी हमारे लिये सम्‍माननीय है। 
नोट - जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन के सम्‍बन्‍ध मे किसी प्रकार की आधिकारिक धोषणा सिर्फ महाशक्ति(स्‍वयं), नीशू जी और मिथलेश जी द्वारा ही उनके अपने ब्‍लाग पर जारी की जायेगी, यह इसलिये कि अनावश्‍यक लोग की अफवाह से बचा जा सके। जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन के गठन, भूमिका और नीति निर्माण के सम्‍बन्‍ध नीशू जी 15 को इलाहाबाद मे आ रहे है, जहाँ इस विषय पर विशेष चर्चा होगी।

जय हिन्‍द
शेष फिर ....


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27 comments:

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
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Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

Anonymous said...

प्रमेन्द्र
अब तो आब भी दादागिर पार उतर आए हो । झाभ सलीम भाईजान इस एसोसिएअश्न के लिए पैसे भी देने को तैयार हो गए हैं तो आप ऐसी बात कर रहे हो । अब इसका फ़ैसला सिर्फ़ पलक ही करेगी , क्योंकि हम सबमें वही सबसे निडर है और नयी बी है , उसे ही अध्यक्क्क्श भ ब्नाया जाना चाहिए । जूनियर ब्लोग्गर असोसिएस्न्न्स जिंदाबाद

राजीव तनेजा said...
This comment has been removed by the author.
राजीव तनेजा said...

ये आप लोगों ने कुछ ढंग की बात की है...चलो किसी के विरोध स्वरूप ही सही लेकिन आप लोग संगठित तो हो रहे हैं ना ...यही बहुत है

anurag bhatiya said...

शाबास प्रमेन्द्र मुझे तुम से आशा ही नहीं वरन विश्वास था की तुम कभी गलत राह पर नहीं जाओगे .
बड़ो की बेइज्जती कर कोई सुख नहीं पा सका ना ही हमें अपने बड़ो से ऐसे संस्कार मिले है की हम बुजुर्गो की धोती खीच कर उनका सम्मान कम करे . लेकिन बुजुर्गो को भी अपने सम्मान को बनाए रखने के लिए तमीज और तहजीब का दामन नहीं छोड़ना चाहिए . लेकिन अगर बुजुर्ग ही अपनी बुजुर्गियत को उतार कर खूटी पर टांग दे रहे है तो कोई कर भी क्या सकता है .हर कही बचकानी धमकिया टुच्ची हरकते ग्रुप बनाना कुछ लोगो के खून में ही माँ बाप से मिला होता है . कुछ गलत संगत के असर में पड़ा कर बिगड़ जाते है . कुछ थाने में दस नम्बरी घोषित हो फोटो टंगवा लेते है कुछ सफ़ेद पोश कपड़े पहन चौधरी गिरी करने में लग जाते है . इन दौ कोडी के ;लोगो को इगनोर करना ज्यादा अच्छा है पर पानी सर के ऊपर से गुजरने लगे तो फिर सठे साठ्यम सम आचरेत का पाठ कर पिल पड़ो तब जंग में गीता के अनुसार कोई पूज्य नहीं कोई बड़ा नहीं . अब ये उनके उपर ही है की वो सम्मान करना चाहते है या हरियाणिवि में ( ताऊ लट्ठ के बिना तेरी समझ काम ना करे के ) वो उसके ऊपर निर्भर है . अब तुम कहा कहा जबरदस्ती किस किस को पकड़ कर इज्जत करोगे भाई ?

गिरीश बिल्लोरे said...

भाई प्रमेंद्र जी
हार्दिक-शुभकामनाएं
आपकी इस बात से खुले तौर पर सहमति व्यक्त करता हूं कि:-“हम किसी भी चाहे वह बड़ा हो या छोटा, नया हो या पुराना किसी से भी हमारा बैर नही है अपितु जो भी किसी भी ब्‍लागर के साथ अन्‍याय करेगा, उसके खिलाफ हम हर स्‍तर पर विरोध करे। कोई भी ब्‍लागर हो वह कम कम मेरे लिये अथवा किसी के लिये भी उतना ही आत्‍मीय है जितना की पर‍िवार का सदस्‍य। हम अन्‍याय के लिये खड़े हुये है न कि अन्‍याय करने के लिये, और मै इस बात की पूरी दमदारी से कहता हूँ हममें से भी कोई गलत काम करेगा तो उसको भी नही छोड़ा जायेगा।“
इस प्रयास को उत्साहित करने में मुझे कोई आपत्ति कदापि नहीं. हाल ही में मुझे लगा था कि शायद, मैं अब अकेला हो गया हूं किंतु सत्य को प्रताड़ित किया जा सकता है परास्त नहीं फ़िर मैनें अपनी वापसी आप सहित अन्य सु-मित्रों की सलाह पर की है कि अब किसी भी बात से समझौता नहीं करूंगा... अभिव्यक्ति के लिये आया हूं भाट गिरी यानी भटैती के वास्ते नहीं..! जब ऐसे ही तेवर पलक की पोस्ट पर देखने को मिले तो आनंदित हूं...
पुन: हार्दिक-शुभकामनाएं

neeshoo said...

pramendra ji mai kisi blogr vishesh ka virodh nahi kar raha hun jo .......humko paresaan karega hum bhu bhi suko jaane nahi dnege

Arvind Mishra said...

स्पष्टीकरण के लिए शुक्रिया

पलक said...

कुडि़यों से चिकने आपके गाल लाल हैं सर और भोली आपकी मूरत है http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html जूनियर ब्‍लोगर ऐसोसिएशन को बनने से पहले ही सेलीब्रेट करने की खुशी में नीशू तिवारी सर के दाहिने हाथ मिथिलेश दुबे सर को समर्पित कविता का आनंद लीजिए।

राजेन्द्र मीणा said...

स्पष्टीकरण

ePandit said...

बढ़िया जी, अच्छी शुरुआत। वैसे हम सोच रहे हैं कि हम भी एक न लिखने वाले आलसी ब्लॉगर असोशियेशन बना लें। :)

kunwarji's said...

@ePandit ji- aapne hamare matlab ki baat kahi....

kunwar ji,

Anonymous said...

कुंवरजी अपना नाम रख लो तुच्छ जी
आप पर खूब फबेगा

पलक said...

आज रात पढि़ए ब्‍लोग जगत के महारथी महामानव फुरसतिया सर को समर्पित कविता। दोबारा याद नहीं कराऊंगी। खुद ही आ जाना अगर मौज लेनी हो, अब तक तो वे ही लेते रहेंगे, देखिएगा कि देते हुए कैसे लगते हैं फुरसतिया सर।

पलक said...

आज रात पढि़ए ब्‍लोग जगत के महारथी महामानव फुरसतिया सर को समर्पित कविता। दोबारा याद नहीं कराऊंगी। खुद ही आ जाना अगर मौज लेनी हो, अब तक तो वे ही लेते रहेंगे, देखिएगा कि देते हुए कैसे लगते हैं फुरसतिया सर।

Anonymous said...

http://mypoeticresponse.blogspot.com/2009/10/blog-post_18.html

सुनील दत्त said...

किसी आतंकवादी या अलगावबादी के पैसे से ऐसोसिएसन बनाने से वेहतर है अलग-अलग रहकर देसहित में काम करना ।बैसे आपलोग सब समझदार हैं और जानते हैं कि इस वलाग जगत में कौन अलगाव वादी है और वो अलगाववादी आपको पैसे देने की बात कर रहा है तो आपको यथासीग्र सपष्टीकरण दे देना चाहिए।सच्चाई क्या है आप लोग वेहतर जानतते हैं हम तो आप लोगों को देशभक्त ही मानते हैं। इसलिए तकलीफ होती है जब कोई अलगाववादी देशॉभक्त युवा ऐसोसियोसन को पैसे देने की बात कर बदनाम करता है।

AlbelaKhatri.com said...

कोई नया लफड़ा हुआ लगता है............

पलक said...

अनूप ले रहे हैं मौज : फुरसत में रहते हैं हर रोज : ति‍तलियां उड़ाते हैं http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html सर आप भी एक पकड़ लीजिए नीशू तिवारी की विशेष फरमाइश पर।