प्रत्येक कॉन्वेंट में मेरे कज़न हैं



प्रस्तुत लेख एक ३३ वर्षीया महिला की कन्फैशन का विवरण है जिसे एक भूतपूर्व फादर एंथोनी गैविंस ने अपनी पुस्तक 'ए की तो पोपरी' में किया है. ये कन्फैशन उक्त महिला ने एक जेसुइट पादरी, फादर गैसका के समक्ष किया गया था. फादर गैसका इस कन्फैशन का वर्णन करते हैं:
मुझे इस ३३ वर्षीया महिला ने अपने कन्फैशन में बताया कि सोलह वर्ष की आयु से २४ वर्ष की होने तक उसने हर प्रकार का अश्लील कुकर्म किया था. और ये सभी कुकर्म उसने केवल सम्प्रदाय के होली पुरुषों के साथ ही किये थे. प्रत्येक कॉन्वेंट में एक फ्राइयर के साथ उसके संबंध थे जिन्हें वो कज़न कह कर बुलाती थी. इतने सारे कज़न होते हुए भी वो निर्धन ही थी. वो अपने नए कज़नों के लिए अपना शरीर प्रस्तुत करती थी ताकि उन से धन प्राप्त कर सके. अर्थात वो एक वेश्या की भांति रहती थी और उसके शरीर के लिए धन देने वाले सभी पुरुष वे थे जिन्हें चर्च की ओर से अधिकार प्राप्त थे. ३२ वर्ष की आयु तक उसने ऐसा ही जीवन व्यतीत किया था.
गत वर्ष उसे ऐसे स्वप्न आने लगे कि मानों शैतान उसके साथ सम्भोग कर रहा हो. इस प्रकार के स्वप्न और उन का आभास उसे निरंतर होता रहा. उस के आश्चर्य का ठिकाना न रहा जब उसे ये पता लगा कि वो गर्भवती है क्योंकि गत १४ माह से उसने किसी पुरुष से संबंध नहीं बनाया था. उसके यहाँ एक बेटे का जन्म हुआ है, जिस के संबंध में उसका कहना है कि वो शैतान की संतान है. वो इस तथ्य से इतनी उत्तेजित है कि यदि मैंने उसे शांत नहीं किया तो वो आत्महत्या कर लेगी. मैंने उसे कहा है कि मुझे एक सप्ताह का समय चाहिए और आगामी रविवार को मैं इस समस्या का समाधान कर दूंगा. मुझे इस संबंध में आप की मंत्रणा की आवश्यकता है. समिति के प्रधान का मानना है कि ये तो असंभव सी घटना प्रतीत होती है. संभवतः वो महिला पागल है और उसे किसी चिकित्सक के यहाँ भेज दिया जाना चाहिए. इस पर जेसुइट फादर का उत्तर था कि महिला की मानसिक स्थिति स्वस्थ प्रतीत होती है. 
एक अन्य सदस्य का मत है कि इस सब के पीछे किसी शैतानी अथवा पारलौकिक शक्ति का हाथ न हो कर कुछ और ही कारण लगता है, जिस का निरिक्षण करने के लिए जेसुइट फादर को इस महिला के घर पर जा कर जांच करनी चाहिए. सभी उपस्थित सदस्यों ने इस के लिए सहमति दे दी. परिणामतः अगले दिन जब जेसुइट फादर उस महिला के घर गया तो उसे विचित्र सी सूचना मिली.
वो महिला इतनी उत्तेजित थी कि उसने इस के संबंध में बहुत से लोगों को बता दिया था; ये सूचना इन्कुइसिशन करने वालों के यहाँ भी पहुँच गयी और उन्होंने उस महिला तथा उस की नौकरानी को पकड़ लिया. वहाँ सच्चाई बाहर आई. फादर कोंचिलोस नामक एक विक्टोरियन फादर उस महिला से प्रेम करता था किन्तु वो महिला उसे देखना भी नहीं चाहती थी. फादर ने महिला की नौकरानी के साथ मिल कर षड्यंत्र रचा. नौकरानी उस महिला के भोजन में अफीम मिला देती थी जिस से वो महिला गहन निद्रा में सो जाती थी. फादर अँधेरे में उन के घर आ कर उस महिला से सम्भोग करता था. ये क्रम छः रात तक चला. इस से रहस्य खुला कि वो बच्चा शैतान की संतान नहीं है बल्कि फादर कोंचिलोस की संतान है. इस घटना को अकैडमी के अभिलेख (रिकार्ड) में अंकित करने का निर्णय किया गया.
वो महिला जहां रहती थी, वहाँ आस पास के बच्चे उसके द्वार पर आ कर चिल्लाते कि यहाँ शैतान की संतान रहती है. इस से परेशान हो कर वो महिला नगर छोड़ कर देहाती क्षेत्र में रहने चली गयी. उस फादर का इन्कुइसिशन के पश्चात क्या हुआ ये मुझे पता नहीं है. ये कन्फैशन एक बार फिर से स्पष्ट करता है कि इसाई पादरी किस प्रकार दोहरा जीवन जीते हैं.


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