छुहारा के फायदे व उसके औषधीय प्रयोग



छुहारा और खजूर एक ही पेड़ की देन है, दोनों ही पाम जाति के एक ही पेड़ से प्राप्त होते हैं। इन दोनों की तासीर गर्म होती है और ये दोनों शरीर को स्वस्थ रखने, मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गर्म तासीर होने के कारण सर्दियों में तो इसकी उपयोगिता और बढ़ जाती है। खजूर के पेड़ रेगिस्तानी इलाकों में पाए जाते हैं। यह बहुत लम्बे होते है। इनका एक ही तना होता है जिस पर बढ़ कर पत्तियां निकलती हैं। खजूर के पेड़ में डालियाँ नहीं होती। पत्ते करीब हाथ भर लम्बे होते हैं। पत्तों की नोक कटीली होती है। पेड़ पर फल गुच्छों में लगते है। कच्चे फल हरे, पीले और पकने पर लाल होते हैं। खजूर का फल करीब ढाई से सात सेंटीमीटर लम्बा होता है। यह रंग में लाल कुछ कालापन लिए होते हैं इसके बीज लम्बे-पतले और भूरे से होते हैं। यह प्रसिद्ध मेवाओं में से एक है। छुहारे एक बार में चार से अधिक नहीं खाने चाहिए, वरना इससे गर्मी होती हैं। छुहारा खुश्क फलों में गिना जाता है, जिसके प्रयोग से शरीर हृष्ट-पुष्ट बनता है। शरीर को शक्ति देने के लिए मेवों के साथ छुहारे का प्रयोग खासतौर पर किया जाता है। छुहारा यानी सूखा हुआ खजूर आमाशय को बल प्रदान करता है। छुहारे की तासीर गर्म होने से ठंड के दिनों में इसका सेवन नाड़ी के दर्द में भी आराम देता है। खजूर के सेवन से दमे के रोगियों के फेफड़ों से बलगम आसानी से निकल जाता है। छुहारे व खजूर दिल को शक्ति प्रदान करते हैं। यह शरीर में रक्त वृद्धि करते हैं। लकवा और सीने के दर्द की शिकायत को दूर करने में भी खजूर सहायता करता है। छुहारे को पानी में भिगो दें। गल जाने पर इन्हें हाथ से मसल दें। इस पानी का कुछ दिन प्रयोग करें, शारीरिक जलन दूर होगी।

  • रंग : छुहारा स्याही लिए हुए लाल रंग का होता है।
  • स्वाद : यह मीठा होता है।
  • स्वरूप : इसका पेड़ खजूर के पेड़ के समान होता है।
  • स्वभाव : छुहारे शीतल, रूखे और गर्म प्रकृति के होते हैं।
  • हानिकारक : इसका अधिक मात्रा में सेवन मलस्तंभकारक होता है।
  • दोषों को दूर करने वाला : दूध छुहारा के दोषों को दूर करता है।
  • तुलना : इसकी तुलना बादाम और मुनक्का से की जा सकती है।
  • गुण : छुहारा रुचिकारक, हृदय के लिए लाभकारी, तृप्तकारी, पुष्टकारक, वीर्य-बलवर्द्धक, क्षय रोग (टी.बी.), रक्तपित्त, वातज्वर, अभिघात वमन, वात और कफ रोगों को दूर करता है। यह खून को शुद्ध करता है तथा शरीर को मोटा करता है।
छुहारे का अचार
अचार तो बहुत सी चीजों का बनता है, परन्तु छुहारे का अचार काफी गुणकारी अचार होता है।
बनाने की विधि : लगभग 1 किलो छुहारे लेकर पहले नींबू के रस में इन्हें 5 दिन तक भिगोकर रखें। बाद में जब छुहारे फूल जाए तो अन्दर के बीजों को निकालकर निम्न मिश्रण को भरते हैं। कालीमिर्च, पीपल, तज तीनों की 100 ग्राम मात्रा, सोंठ, जीरा, शाहजीरा तीनों की 50 ग्राम मात्रा कालानमक 300 ग्राम, चीनी 2 किलो सभी को कूटपीसकर मिश्रण को तैयार कर लेते हैं। छुहारे के उक्त मिश्रण को भरकर एक बर्नी में डाल देते हैं तथा ऊपर से नींबू का रस निचोड़ देते हैं। इस बर्तन को 45 दिन धूप में खुला रख देते हैं। बस अचार तैयार है। इस अचार को भोजन के समय या बाद में खा सकते हैं। यह अचार पाचक व रुचिवर्द्धक होता है तथा अपचन को दूर करता है।

छुआरा खाने का लाभ
  • खजूर में छुहारे से ज्यादा पौष्टिकता होती है। खजूर मिलता भी सर्दी में ही है। अगर पाचन शक्ति अच्छी हो तो खजूर खाना ज्यादा फायदेमंद है। छुहारे का सेवन तो साल भर किया जा सकता है, क्योंकि यह सूखा फल बाजार में साल भर मिलता है। भूख बढ़ाने के लिए छुहारे का गूदा निकाल कर दूध में पकाएं। उसे थोड़ी देर पकने के बाद ठंडा करके पीस लें। यह दूध बहुत पौष्टिक होता है। इससे भूख बढ़ती है और खाना भी पच जाता है।
  • घाव है तो छुहारे की गुठली को पानी के साथ पत्थर पर घिस कर उसका लेप घाव पर लगाएं, घाव तुरंत भर जाएगा।
  • अगर शीघ्र पतन की समस्या से परेशान हैं तो तीन महीने तक छुहारे का सेवन आपको समस्या से मुक्ति दिला देगा। इसके लिए प्रात: खाली पेट दो छुहारे टोपी समेत दो सप्ताह तक खूब चबा-चबाकर खाएं। तीसरे सप्ताह में तीन छुहारे खाएं और चौथे सप्ताह से 12वें सप्ताह तक चार-चार छुहारों का रोज सेवन करें। इस समस्या से मुक्ति मिल जाएगी
  • साइटिका रोग से पीड़ित लोगों को इससे विशेष लाभ होता है।
  • प्रदर रोग स्त्रियों की बड़ी बीमारी है। छुआरे की गुठलियों को कूट कर घी में तल कर, गोपी चन्दन के साथ खाने से प्रदर रोग दूर हो जाता है।
  • जुकाम से परेशान रहते हैं तो एक गिलास दूध में पांच दाने खजूर डालें। पांच दाने काली मिर्च, एक दाना इलायची और उसे अच्छी तरह उबाल कर उसमें एक चम्मच घी डाल कर रात में पी लें। सर्दी-जुकाम बिल्कुल ठीक हो जाएगा।
  • दमा की शिकायत है तो दो-दो छुहारे सुबह-शाम चबा-चबा कर खाएं। इससे कफ व सर्दी से मुक्ति मिलती है।
  • खजूर में छुहारे से ज्यादा पौष्टिकता होती है। खजूर मिलता भी सर्दी में ही है। अगर पाचन शक्ति अच्छी हो तो खजूर खाना ज्यादा फायदेमंद है। छुहारे का सेवन तो सालभर किया जा सकता है, क्योंकि यह सूखा फल बाजार में सालभर मिलता है।
  • छुहारा यानी सूखा हुआ खजूर आमाशय को बल प्रदान करता है।
  • छुहारे की तासीर गर्म होने से ठंड के दिनों में इसका सेवन नाड़ी के दर्द में भी आराम देता है।
  • छुहारा खुश्क फलों में गिना जाता है, जिसके प्रयोग से शरीर हृष्टपुष्ट बनता है। शरीर को शक्ति देने के लिए मेवों के साथ छुहारे का प्रयोग खासतौर पर किया जाता है।
  • छुहारे व खजूर दिल को शक्ति प्रदान करते हैं। यह शरीर में रक्त वृद्धि करते हैं।
  • साइटिका रोग से पीड़ित लोगों को इससे विशेष लाभ होता है।
  • खजूर के सेवन से दमे के रोगियों के फेफड़ों से बलगम आसानी से निकल जाता है।
  • कवा और सीने के दर्द की शिकायत को दूर करने में भी खजूर सहायता करता है।
  • भूख बढ़ाने के लिए छुहारे का गूदा निकाल कर दूध में पकाएं। उसे थोड़ी देर पकने के बाद ठंडा करके पीस लें। यह दूध बहुत पौष्टिक होता है। इससे भूख बढ़ती है और खाना भी पच जाता है।
  • प्रदर रोग स्त्रियों की बड़ी बीमारी है। छुआरे की गुठलियों को कूट कर घी में तल कर, गोपी चन्दन के साथ खाने से प्रदर रोग दूर हो जाता है।
  • छुहारे को पानी में भिगो दें। गल जाने पर इन्हें हाथ से मसल दें। इस पानी का कुछ दिन प्रयोग करें, शारीरिक जलन दूर होगी।
  • अगर आप पतले हैं और थोड़ा मोटा होना चाहते हैं तो छुहारा आपके लिए वरदान साबित हो सकता है, लेकिन अगर मोटे हैं तो इसका सेवन सावधानीपूर्वक करें।
  • जुकाम से परेशान रहते हैं तो एक गिलास दूध में पांच दाने खजूर डालें। पांच दाने काली मिर्च, एक दाना इलायची और उसे अच्छी तरह उबाल कर उसमें एक चम्मच घी डाल कर रात में पी लें। सर्दीजुकाम बिल्कुल ठीक हो जाएगा।
  • दमा की शिकायत है तो दोदो छुहारे सुबहशाम चबाचबा कर खाएं। इससे कफ व सर्दी से मुक्ति मिलती है।
  • घाव है तो छुहारे की गुठली को पानी के साथ पत्थर पर घिस कर उसका लेप घाव पर लगाएं, घाव तुरंत भर जाएगा।
  • अगर शीघ्रपतन की समस्या से परेशान हैं तो तीन महीने तक छुहारे का सेवन आपको समस्या से मुक्ति दिला देगा। इसके लिए प्रात: खाली पेट दो छुहारे टोपी समेत दो सप्ताह तक खूब चबाचबाकर खाएं। 2 छुहारे रोजाना खाने से शीघ्र पतन के रोग में लाभ मिलता है और जिन लोगों का वीर्य पतला निकलता है वह गाढ़ा हो जाता है।
  • बूढे़ आदमी बार-बार पेशाब जाते हो तो उन्हें रोजाना 2 छुहारे खिलाना चाहिए तथा रात को 2 छुहारे खिलाकर दूध पिलाना चाहिए।
  • सोते समय 1 छुहारा दूध में उबालकर खा लेते हैं और दूध को पी लेते हैं इसके सेवन के 2 घंटे बाद पानी न पिये। ऐसा करने से आवाज साफ हो जाएगी।
  • सुबह शाम 3 छुहारे खाकर गर्म पानी पियें। छुहारे सख्त होने से खाना सम्भव न हो तो दूध में उबालकर ले सकते हैं। छुहारे रोजाना खाते रहने से बवासीर, स्नायु की दुर्बलता तथा रक्त संचरण ठीक होता है। सुबह के समय 2 छुहारे पानी में भिगोकर रात को इन्हें चबा चबाकर खाएं। भोजन कम मात्रा में करें या रात को 2 छुहारे उबालकर भी ले सकते हैं। इससे कब्ज दूर हो जाती है।
  • छुहारे के बीज को पानी के साथ पीसकर गुहेरी पर दिन में 2 से 3 बार लेप करने से अंजनहारी में बहुत लाभ होता है।
  • एक छुहारा बिना गुठली का और 30 ग्राम जायफल खोपरा, 2 ग्राम सेंधा नमक को पीसकर और छानकर 3 खुराक बना लें। 3 दिन तक इस खुराक को 11 करके गर्म पानी के साथ सुबह लेने से गैस के रोग समाप्त हो जाते हैं।
  • 2 से 4 छुहारों को गाय के दूध में उबाल लें। उबल जाने पर छुहारे निकालकर खायें तथा बचे हुए दूध में मिश्री मिलाकर पीयें। रोजाना सुबह शाम इसका सेवन करने से मसूड़ों से खून व पीव का निकलना बंद हो जाता है।
  • छुहारे के पेड़ से प्राप्त गोंद को 3 ग्राम से लेकर 6 ग्राम की मात्रा में सुबह और शाम चाटने से अतिसार (दस्त) में आराम मिलता है।
  • रोजाना रात को सोते समय छुहारों को दूध में उबालकर पीयें। इसको पीने के 2 घण्टे बाद तक पानी न पीयें। इसके रोजाना प्रयोग से तीखी, भोंड़ी, आवाज साफ हो जाती है।
  • दूध में भिगोकर छुहारा खाने से पक्षाघात, लकवा, फालिस, फेसियल परालिसिस के रोग में लाभ प्राप्त होता है। एक बार में 4 से अधिक छुहारे नहीं खाने चाहिए।
  • सोते समय पेशाब निकलना: एक छुहारे के 4 हिस्से करके उसको दो बार सुबह और शाम रोगी को देने से सोते समय पेशाब का निकलना बंद हो जाता है।
  • 24 छुहारों को दूध में डालकर ऊपर से मिश्री मिलाकर दूध को उबाल दें गुठली हटाकर खाने से और दूध को पी लेने से रक्त पित्त में लाभ होता है।
  • छुहारा बराबर रूप से दूध में उबालकर खाने से वीर्य बढ़ता है।
  • 2 छुहारों और मिश्री को दूध में डालकर उबालें और गर्म हो जाने पर उसकी गुठली को निकालकर छुहारे को हल्के गर्म दूध के साथ लेने से बुद्धि का विकास होता है।
  • छुहारे को जलाकर राख बनाकर मक्खन के साथ मिलाकर घाव पर लगाने से बहुत लाभ मिलता है।
  • 2 छुहारे 300 मिलीलीटर दूध में उबालकर, छुहारे खाकर दूध पीने से बार-बार पेशाब आने की तकलीफ दूर हो जाती है।
  • दूध में 2 छुहारे उबालकर, छुहारे खाकर दूध पीने से शारीरिक शक्ति बढ़ने से दिल की कमजोरी दूर हो जाती है।
  • 2 या 3 छुहारे रोजाना दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से वीर्य की कमी से होने वाला सिर का चकराना ठीक हो जाता है।
  • छुहारा खाने से खून साफ हो जाता है और त्वचा के रोग दूर हो जाते हैं।
  • 2 छुहारे रात को 300 मिलीलीटर दूध में उबालकर खाने और दूध पीने से निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) सामान्य हो जाता है।
  • सिर दर्द होने पर छुहारे की गुठली को पानी में घिसकर माथे पर लेप की तरह लगाने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
 विभिन्न रोगों में छुहारे का उपयोग
गले के रोग
  •  छुहारा खाने से कंठ (गला) सूखना दूर हो जाता है।
  • भोजन करने के बाद रात को सोते समय दूध में उबाले हुए छुहारों को खाने से आवाज साफ हो जाती है। इसको खाने के बाद डेढ़ से 2 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए।
  • गला सूखने पर छुहारे की गुठली मुंह में रखकर चूसना चाहिए।
बच्चों के विभिन्न रोगों में लाभकारी
  • अगर बालक को दस्त कराना हो तो रात को छुहारों को पानी में भिगो दें। सबेरे छुहारों को पानी में मसलकर निचोड़ लें और छुहारे को फेंक दें। उसके बाद वही पानी बच्चे को पिलायें। इससे दस्त साफ होगा। अथवा थोड़े से गुलाब के फूल और चीनी खिलाकर ऊपर से पानी पिला दें। इससे भी दस्त साफ होगा।
  • अगर बच्चा कमजोर हो तो उसे उम्र के अनुसार 6 ग्राम से 30 ग्राम तक छुहारे लेकर पानी में धोकर साफ कर लें और गुठली निकालकर दूध में भिगो दें। थोड़ी देर बाद छुहारों को निकालकर सिल पर पीस लें और कपड़े में रस निचोड़ लें। इस तरह दिन में तीन बार हर बार ताजा रस निकालकर बच्चे को पिलायें। बच्चे के शरीर में खूब ताकत आ जायेगी। 1 महीने से कम उम्र के बच्चे को यह रस नहीं पिलाना चाहिए।
कमरदर्द
  • छुहारे से गुठली निकालकर उसमें गुग्गुल भर दें। इसके बाद छुहारे को तवे पर सेंककर दूध के साथ सेवन करें। सुबह शाम 11 छुहारा खाने से कमर दर्द मिट जाता है।
  • सुबह शाम 2 छुहारों को खाने से कमर दर्द में लाभ होता है।
  • बिना बीज वाले छुहारे को पीसकर इसके साथ पिस्ता, बादाम, चिरौंजी और मिश्री मिलाकर, इसमें शुद्ध घी मिलाकर रख दें। 1 सप्ताह बाद इसे 2020 ग्राम तक की मात्रा में सेवन करने से कमजोरी दूर हो जाती है।
  • लगभग 25 छुहारों को स्टील या चीनी मिट्टी के बर्तन में रात भर पानी में भिगोए रखने के बाद सुबह गुठली अलग कर दें और छुहारे को दूध में पकाकर सेवन करें। इससे कमजोरी मिट जाती है।
  • 250 ग्राम गुठली रहित छुहारे, 250 ग्राम भुने चने, 250 ग्राम गेहूं का आटा, 6060 ग्राम चिलगोजा, बादाम की गिरी, 500 ग्राम गाय का घी, 500 ग्राम शक्कर और 2 लीटर गाय का दूध। दूध में छुहारों को कोमल होने तक उबालें, फिर निकालकर बारीक पीस लें और फिर उसी दूध में हल्की आग पर खोवा बनने तक तक पकाएं। अब घी को आग पर गर्म करके गेहूं का आटा डालकर गुलाबी होने तक धीमी आग में सेंक लें, इसके बाद उसमें चने का चूर्ण और खोवा डालकर फिर धीमी आग पर गुलाबी होने तक भूने। जब सुगंध आने लगे तो इसमें शक्कर डालकर खूब अच्छी तरह मिलाएं। हलवा तैयार हो गया। इसमें और सारी चीजों को डालकर रखें। इसे 5060 मिलीलीटर की मात्रा में गाय के गर्म दूध के साथ रोजाना 1 बार सेवन करने से कमजोरी मिट जाती है।
दमा या श्वास का रोग
  • रोजाना 2 से 4 छुहारा मिश्री मिले हुए दूध में उबालकर गुठली हटाकर छुहारा खाने के बाद वहीं दूध पीने से बहुत लाभ होता है। इससे शरीर में ताकत आती है तथा बलगम निकल जाता है जिससे श्वास रोग (दमा) में राहत मिलती है।
  • छुहारा गर्म होता है। यह फेफड़ों और सीने को बल देता है। कफ व सदी में इसका सेवन लाभकारी होता है।
  • पान में छुहारा और सोंठ रखकर कुछ दिनों तक चूसने से श्वास रोग (दमा) दूर हो जाता है।

नपुंसकता
  • छुहारे को दूध में देर तक उबालकर खाने से और दूध पीने से नपुंसकता खत्म हो जाती है।
  • बराबर मात्रा में मिश्री मिले दूध में छुहारों को उबालकर गुठली हटाकर खाने से नपुंसकता दूर हो जाती है और इससे वीर्य, बल, बुद्धि भी बढ़ती है।
  • रात को पानी में 2 छुहारे और 5 ग्राम किशमिश भिगो दें। सुबह को पानी से निकालकर दोनों मेवे दूध के साथ खाने से नपुंसकता दूर हो जाती है।
मोटापा
  • छुहारा शरीर में खून को बनाता है। शरीर को बलवान व मोटा बनाता है। दूध में 2 छुहारे उबालकर खाने से मांस, बल और वीर्य बढ़ता है। बच्चे के लिए छुहारा दूध में भिगो देते हैं। जब दूध में रखा छुहारा फूल जाता है तो इसे छानकर, पीसकर बच्चों को पिलाना चाहिए।
  • पथरी, लकवा, पीठ दर्द: पथरी, लकवा, पीठ दर्द में छुहारा सेवन करना लाभदायक होता है। यह मासिक धर्म को शुरू करता है। छुहारा अवरोधक अर्थात बाहर निकालने वाली चीजों को रोकता है। जैसे दस्त, आंसू, लार, वीर्य और पसीना आदि सभी को रोकता है। छुहारे में कैल्शियम अधिक मात्रा में पाया जाता है। कैल्शियम की कमी से उत्पन्न होने वाले रोग जैसे हडि्डयों की कमजोरी, दांतों का गलना आदि छुहारा खाने से ठीक हो जाते हैं।
बिस्तर में पेशाब होना
  • यदि बच्चे बिस्तर में पेशाब करते हो तो रोजाना रात को सोते समय 2 छुहारे खिलाने से लाभ होता है।
  • 250 मिलीलीटर दूध में 1 छुहारा डालकर उबाल लें। जब दूध अच्छी तरह से उबल जाये और उसके अन्दर का छुआरा फूल जाये तो इस दूध को ठण्डा करके छुआरे को चबाकर खिलाने के बाद ऊपर से बच्चे को दूध पिला दें। ऐसा रोजाना करने से कुछ दिनों में ही बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बंद हो जाता है।
शरीर को ताकतवर व शक्तिशाली बनाना
  • लगभग 10 ग्राम छुहारे लेकर पीस लें। रोजाना कम से कम 2 ग्राम की मात्रा में इस छुहारे के चूर्ण को 250 मिलीलीटर हल्के गर्म दूध के साथ सोते समय लेने से शरीर मजबूत होता है। इसका सेवन केवल सर्दियों के दिनों में ही करना चाहिए।
  • छुहारा शरीर को मजबूत व शक्तिशाली बनाता है। दूध को गर्म करते समय यदि उसमें छुहारा या खजूर डाल दिया जाए और फिर उस दूध को पियें तो वह शरीर को बहुत ही शक्तिशाली बनाता है।
  • छुहारों को दूध में उबालकर खाने से खून बनता है और शरीर में ताकत बढ़ती है।
  • 4 या 5 छुहारों की गुठलियों को निकालकर इसमें लगभग 260 मिलीग्राम गुग्गुल भर दें और इन छुहारों को दूध में पकायें। सुबह और शाम को रोजाना 1 छुहारा दूध के साथ खाने से वातरोग दूर हो जाते हैं और शरीर शक्तिशाली बनता है।
  • लगभग 500 मिलीलीटर की मात्रा में दूध लेकर उसमें 2 छुहारे डाल दें। अब दूध के आधा रह जाने तक गर्म करें, फिर इस दूध में 2 चम्मच मिश्री या चीनी लेकर मिलाकर पीयें और छुहारे को खा जायें। इसको खाने से शरीर में मांस बढ़ता है, शरीर की ताकत बढ़ती है और मनुष्य का वीर्य बल भी बढ़ता है। छुहारा खून बढ़ाता है। इसका प्रयोग केवल सर्दी के दिनों में ही करना चाहिए। इसका सेवन करने के 2 घंटे तक पानी नहीं पीना चाहिए। एक बार में चार से ज्यादा छुहारों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • किसी मिट्टी या कांच के बर्तन में पानी लेकर इसमें 2 छुहारे शाम को भिगोकर रख दें। सुबह उठकर इन छुहारों की गुठली को निकालकर इन्हें लगभग 500 मिलीलीटर दूध में गर्म करें और 250 मिलीलीटर दूध रह जाने तक गर्म करें। अब बचे हुए दूध को पीने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है और शरीर को भरपूर मात्रा में ताकत मिलती है।


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चेहरे के दाग-धब्बे हटाने के रामबाण नुस्खे



चेहरे से दाग धब्बे मिटाने के लिए 
  • चेहरे पर दाग धब्बे ललाट, आँखों से कुछ नीचे, नाक पर छोटे-छोटे, फैले हुए गहरे रंग के होते हैं। आँखों के आसपास की त्वचा बहुत कोमल होती है और इसमें चर्बी के सूक्ष्म कण होते हैं । यदि ये कण स्वस्थ रहते हैं तो काले धब्बे नहीं पड़ते। आँखों के आसपास की चर्बी कम होने से रक्त संचार सही नहीं हो पाता, इस दुर्बलता से आँखों के आसपास कालापन और धब्बे हो जाते हैं।
  • चेहरे पर झाईयां पड़ने पर भोजन में लोह (लोहा), कैल्शियम और विटामिन्स, प्रोटीन, हरी सब्जियां फल आदि प्रचुर मात्र में लें और धूप से बचें। धूप में अधिक समय रहने से दाग धब्बे हो जाते हैं। धूप में रहने से मेलानिन अधिक मात्रा में पैदा होता है, जिससे त्वचा काली हो जाती है।
  • मानसिक तनाव इसका सबसे बड़ा कारण है। आँखें गड्ढों में बैठती जाती हैं और त्वचा काली होती जाती है, झाईयां सर चेहरे पर आ जाती है, इसलिए  तनाव से बचें। विटामिन सी अधिक लें।
  • चाय के गरम पानी से चेहरे के धब्बों, आँखों के पास की कालिमा को धोएं और बादाम रोगन की मालिश करें। इससे लाभ होता है।
  • सोयाबीन 12 घंटे भिगोयें, इसे पीसकर चेहरे पर एक दिन छोड़कर एक दिन लेप करें और आधा घंटे बाद गरम पानी से धोएं।प्याज़ का रस एक चम्मच और मुलतानी मिट्टी एक चम्मच और एक चम्मच शहद, इन सबको मिलाकर चेहरे पर लगायें। आधा घंटे बाद गरम पानी से धोएं। चेहरे के दाग धब्बे दूर हो जायेंगे।


घरेलू टिप्स में छिपे हैं चेहरे के दाग धब्बे को हटाने के नुस्खे 
चेहरे से दाग धब्बे मिटाना खुद आप ही के बस की बात है और काफी आसन भी है, आजमाइए कुछ छोटे-छोटे टिप्स और कुछ दिनों में फर्क देखिये-
  • टमाटर की लुगदी को चेहरे पर लगाकर लगभग बीस मिनट बाद धो देने से मुँहासे व अन्य धब्बे दूर होते है।
  • बालों से रूसी दूर करने और उन्हें चमकदार बनाने के लिए एक नीबू का रस बालों में माँग बनाकर लगाएँ और दस मिनट बाद धो दें।
  • रात में सोने से पहले नाभि में तीन बूँद जैतून का तेल डालें तो सर्दियों में ओंठ नहीं फटते और सामान्य त्वचा भी स्वस्थ होती है।
  • रोज़ रात में सोने से पहले आँखों में एक-एक बूँद गुलाब जल डालने से आँखें स्वस्थ और सुंदर बनी रहती हैं।
  • एक गिलास पानी में एक चाय का चम्मच शहद मिलाकर प्रतिदिन बिना मुंह धोए पीने से पेट साफ होता है और चेहरे पर निखार आता है।
  • तैलीय त्वचा से मुक्ति के लिए एक बड़ा चम्मच बेसन, एक छोटा चम्मच गुलाब जल और चुटकी भर हल्दी में आधा नीबू मिलाकर बनाए गए लेप को चेहरे पर बीस मिनट तक लगाएँ और सादे पानी से धो दें।
  • चाय के पानी में चुकंदर का रस मिलाकर ओंठों पर लगाने से उनका रंग गुलाबी होता है और वे फटते नहीं।
  • 10 लीटर पानी में दो बड़े चम्मच गुलाबजल मिलाकर नहाने से त्वचा स्वस्थ और सुंदर बनती है।
  • एक गिलास गुनगुने पानी में आधा नीबू और दो चम्मच शहद मिलाकर रोज़ सुबह खाली पेट पीने से पेट ठीक रहता है, रक्त शुद्ध होता है और चेहरे पर निखार आता है।
  • टमाटर के रस को मट्ठे में मिलाकर लगाने से धूप में जली हुई त्वचा को आराम मिलता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाती है।
  • पिसी हुई दो बड़े चम्मच मसूर की दाल में चुटकी भर हल्दी और दस बूँद नीबू मिलाकर दूध में बनाया गया उबटन चेहरे पर लगाने से मुहाँसे और उसके दाग दूर होते हैं।
  • एक बाल्टी पानी में चुटकी भर पिसी हुई फिटकरी मिलाकर नहाएँ तो त्वचा से पसीने की गंध दूर रहती है।
  • रोज़ दोपहर में खाने के साथ एक गाजर सलाद की तरह कच्ची खाने से आँखों के चारों और पड़े काले निशान दूर हो जाते हैं।
  • कच्चे आलू को पीसकर चेहर पर दस मिनट तक लगाएँ और फिर सादे पानी से धो दें। इससे हर प्रकार के दाग धब्बे और झांईं दूर हो कर त्वचा पर निखार आता है।
  • टमाटर के गूदे में मट्ठा मिलाकर लगाने से धूप से जली हुई त्वचा को आराम मिलता है और वह जल्दी स्वस्थ हो जाती है।
  • एक गिलास पानी में दो चम्मच चाय डालकर अच्छी तरह उबालें और छानकर ठंडा होने के बाद फ्रिज में रखें। धूप में बाहर निकलने पहले चेहरे और हाथोंपैरों में यह पानी लगा लेने से त्वचा झुलसेगी नहीं।
  • गेंदे और गुलाब की पंखुड़ियाँ व नीम की पत्तियों को एक कटोरी पानी में उबालकर चेहरे पर लगाने से मुहाँसे दूर होते हैं।
  • प्रतिदिन एक बाल्टी पानी (10 लीटर) में दो बड़े चम्मच गुलाबजल मिलाकर नहाने से त्वचा स्वस्थ व सुंदर होती है।
  • नारियल के तेल में नीबू का रस मिलाकर सिर में लगाएँ और एक घंटे बाद धो दें। इससे सिर की खुश्की को आराम मिलता है।
  • तुलसी के पत्तों का रस निकाल कर उसमें बराबर मात्रा मे नीबू का रस मिला कर चेहरे पर लगाने से झाईं दूर होती है।
  • दो चम्मच सोयाबीन का आटा, एक बड़ा चम्मच दही व शहद मिलाकर बनाए गए लेप को चेहर पर लगाने से झुर्रियाँ कम होती हैं।
  • प्रतिदिन नाखूनों पर जैतून के तेल की हल्की मालिश करने से नाखूनों का टूटना रुक जाता है।
  • आँखों के काले घेरों से छुटकारा पाने के लिए मिल्क पाउडर में नीबू का रस मिलाकर आँखों के चारों ओर हल्की मालिश करें।
  • कमल की पत्तियों को पीस कर झुलसी त्वचा पर लगाने से त्वचा की जलन दूर होती है और झुलसने का निशान भी चला जाता है।
  • उड़द की छिलके वाली दाल को उबालकर उसके पानी से बाल धोने पर वे सुंदर और आकर्षक दिखाई देते
  • एक-एक चम्मच ग्लिसरीन, गुलाबजल और नींबू का रस मिलाकर हाथों से मलें और सूख जाने पर धो दें। इससे सख्त हाथ मुलायम हो जाएंगे।
  • उँगलियों पर ज़रा सा बादाम या जैतून का तेल लेकर नियमित रूप से भौंहों और बरौनियों पर लगाने से वे घनी और चमकदार बन जाती हैं।
  • बालों में चमक लाने के लिए 1 प्याला पानी में 3 बडे चम्मच सफेद सिरका मिलाकर लगाएँ और 15 मिनट बाद धो दें।
  • आँखों के पास गहरे घेरो और सूजन के लिए खीरे के पतले टुकड़ों को आँखों पर रखकर बीस मिनट आराम करें, फिर चेहरा धो दें।
  • मुहासों से मुक्ति पाने के लिये चुटकी भर कपूर में पुदीने और तुलसी की पत्तियों का रस मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाएँ।
  • कोमल हाथों के लिये जैतून के तेल से हाथों की मालिश करें, फिर इन्हें दो से पाँच मिनट तक नमक मिले पानी में भिगोकर रखें।
  • सुंदर चेहरे के लिये बादाम, गुलाब के फूल, चिरौंजी और पिसा जायफल रात को दूध में भिगोएँ और सुबह पीसकर मुख पर लगाएँ।
  • नारियल को कसकर निकाले गए ताज़े दूध को चेहरे पर लगाने से त्वचा स्वस्थ व आकर्षक बनती है।
  • बराबर मात्रा में गाजर और खीरे का एक गिलास रस नियमित रूप से लेने पर बाल, नाखून और त्वचा स्वस्थ रहते हैं।
  • कच्चे दूध में रूई का फाहा भिगोकर चेहरा साफ़ करने से कील मुहाँसे और झाँई दूर होकर त्वचा स्वस्थ बनती है।
  • हल्दी और चंदन का चूर्ण दूध में भिगोकर चेहरे पर लगाने से थकी और मुरझाई त्वचा स्वस्थ होती है।
  • तरबूज़ के रस को चेहरे पर लगाएँ और सूख जाने पर धो दें। इससे दाग धब्बे दूर होते हैं तथा त्वचा साफ़ होकर निखर जाती है।
  • मसूर की दाल और दूध के उबटन में घी मिलाकर शरीर पर लगाने से त्वचा नर्म और चमकदार बन जाती है।
  • छह चम्मच पेट्रोलियम जेली, दो चम्मच ग्लीसरीन और दो चम्मच नीबू के रस को मिलाकर फ्रिज में एक जार में रख दें। सप्ताह में दो बार हाथ पैर में इसकी मालिश करने से रूखी त्वचा को आराम मिलता है।
  • मेथी की पत्तियों का लेप बनाकर चेहरे पर लगाने से कील मुँहासे और झाँई दूर हो जाते हैं।
  • त्वचा का रूखापन दूर करने के लिये जैतून का तेल, दूध और शहद बराबर मात्र में मिलाकर चेहरे पर लगाएँ और 20 मिनट बाद गुनगुने पानी से धो दे।
  • चेहरे, हाथों और पैरों पर थोड़ा सा एरंड तैल (कैस्टर ऑयल) लगा कर हल्की मालिश करने से झुर्रियाँ दूर होती हैं।
  • सूखी हल्दी की गाँठ को नींबू के रस में मिलाकर लगाने से फेस के दाग धब्बे तेजी से मिटने लगते हैं।
  • ड्राय स्कीन के दाग धब्बे मिटाने के लिए दूध में चंदन की लकड़ी घिसकर लगाएँ।
  • ऑइली स्कीन के दाग धब्बे मिटाने के लिए चंदन का पाउडर रोजवाटर (गुलाब जल) में मिलाकर लगाएँ। यह नुस्खा विशेष रूप से हॉट सीजन में लाभकारी है।
  • चोट के निशान पर लाल चंदन हर रोज पानी में घिस कर लगाएँ 20 दिन में फर्क नजर आने लगेगा।
  • टोमेटो में नींबू की दस बारह ड्रॉप मिलाएँ इस मिश्रण को चेहरे पर लगाने से दाग धब्बे दूर होते हैं।
  • अक्सर पेट की गड़बड़ी से चेहरे पर दाग धब्बे नजर आते हैं। अत: दिन में कम से कम तीन बार नींबू पानी पिएँ, कुछ ही हफ्तों में चेहरा चमकने लगेगा।
  • चेहरे के काले दागों को मिटाने के लिए टमाटर के रस में रुई भिगोकर दागो पर मलें। काले धब्बे साफ हो जाएंगे।
  • रोजाना सुबह एक गिलास टमाटर के रस में नमक, जीरा, काली मिर्च मिलाकर पीएं। चेहरे पर नारियल पानी लगाएं।
  • आलू उबाल कर छिलके छील लें और इसके छिलकों को चेहरे पर रगड़ें, मुहासे ठीक हो जाएंगे।
  • जायफल को घिसकर दस पिसी काली मिर्च व थोड़े कच्चे दूध में मिलाकर पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाएं। दो घंटे बाद चेहरा धो लें।
  • त्वचा पर जहां कभी चकते हो उन पर नींबू का टुकड़ा रगड़े। नींबू में फिटकरी भरकर रगड़े। इससे चकते हल्के पड़ जाएंगे और त्वचा में निखार आएगा।
  • नींबू के छिलके गर्दन पर रगडऩे से गर्दन का कालापन दूर होता है।
  • संतरे के छिलकों को सुखाकर पीस लें। इसमें नारियल का तेल व थोड़ा सा गुलाब जल मिलाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा कोमल बन जाती है।
  • संतरे के छिलके व नींबू छिलके को बारीक पीसकर दूध में मिलाकर चेहरे पर लगाने से निखार आ जाता है।
  • मसूर की दाल और बरगद के पेड़ की नर्म पत्तियां पीसकर लेप करें अथवा दालचीनी पीसकर दूध की मलाई के साथ लगाएं।
मुहांसे व दाग धब्बे का इलाज हल्दी से 
मुहासा एक ऐसा नाम जिसे कोई नहीं सुनना चाहता, परन्तु ये तो हमारी त्वचा से जुड़ा हुआ नाम है। अब ऐसे में बहुत से लोग इसे दूर करने के लिए क्या-क्या नहीं करते। बहुत कुछ करने के बाद मुहासे पूरी तरह से ठीक तो नहीं हो पाते और अगर ठीक हो भी जाए तो दाग धब्बे छोड़ जाते हैं। इसके लिए सबसे पहले तो मैं आपको बता दूँ की जिसकी त्वचा तेलीय होती है, ज्यादातर उन्हें ही मुहांसे होते हैं। तो त्वचा की सफाई का विशेष ध्यान रखना बहुत जरूरी है। दूसरा साबुन की जगह बेसन से ही अपने चेहरे को साफ़ करना चाहिये। हल्दी को तो आप जानते हैं हर घर मैं सब्जी बनाने मैं इस्तेमाल होती है। क्या आपको पता है कि ये आपके खून को भी साफ़ करती है। अगर आप रोज रात को हल्दी वाला दूध पीते हैं तो आपका खून साफ़ होता है और साथ मैं आपका रंग भी निखरता है।
सबसे पहले हल्दी को थोडा सा भून के ठंडा कर लें फिर उसमें शहद मिला लें। इतना शहद मिलाएं की एक पेस्ट सा बन जाए अब इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगा लें और आधे घंटे बाद हलके गरम पानी मैं थोडा सा गुलाब जल मिला कर उससे चेहरे को साफ़ कर लें। साबुन कि जगह बेसन का इस्तेमाल करें। ऐसा आप रोज करें थोड़े ही दिनों मैं आपको अपने चेहरे मैं फर्क दिखने लगेगा। आपके चेहरे पर एक निखार भी आने लगेगा और दाग धब्बे बिलकुल गायब हो जायेंगे। हाँ कुछ लोगों को एक बार मुहासे थोड़े से निकलने लगेंगे सभी को नहीं निकलते फिर बाद मैं बिलकुल साफ़ हो जायेंगे पर घबराएं नहीं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि जिस गर्मी कि वजह से मुहासे निकल रहे थे वो गर्मी बाहर निकल जाती है और थोड़े दिन में फिर मुहासे बिलकुल ठीक हो जाते हैं।

सब्जियों और मसालों से चेहरे से दाग धब्बे मिटाने के लिए 
  • टमाटर
    • नित्य प्रातः टमाटर के रस का एक गिलास नमक, जीरा, काली मिर्च डालकर पीयें और चेहरे पर नारियल का पानी लगाये।
    • चेहरे पर काले दागों को मिटाने के लिए टमाटर के रस में रुई या गाज भिगोकर दागों पर लगायें।
  • आलू
    • आलू उबालकर इसे छीलकर इसके छिलकों को चेहरे पर रगडें, इससे मुहासे ठीक हो जाते हैं तथा उनके दाग मिट जाते हैं।
    • आलू का रस और नीबू का रस सामान मात्रा में लेकर चेहरे पर लगाकर, आधा घंटे के बाद धोने से चेहरे के दाग धब्बे, झाइयां दूर हो जाती हैं।
  • जायफल
    • जायफल को कच्चे दूध में घिसकर इसमें दस काली मिर्च मिलाकर, पीसकर चेहरे पर लेप करें। दो घंटे बाद चेहरा धो लें, इससे मुहासे तथा काले धब्बे ठीक हो जायेंगे।
    • जायफल को बारीक पीसकर महीन कपड़े से छान लें। इसमें गाय के कच्चे दूध को मिलाकर गाढा मिश्रण तैयार कर दिन में चार बार लगाने से दाग धब्बे, मुंहासे दूर हो जाते हैं।



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