उत्तर प्रदेश में महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ताओ की मनमानी नियुक्तियां



उत्तर प्रदेश में महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ताओ कि नियुक्ति पर मन में कुछ प्रश्न उपजे है,
  1. क्या महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ताओ कि नियुक्ति वास्तव में सर्वोत्तम है और क्या वास्तव में नवनियुक्त 6 विकल्पों से अच्छे विकल्प संघ, भाजपा और अन्य अनुसांगिक सगठनों में उपलब्ध नहीं थे ?
  2. इन नियुक्ति के समय ग्राउंड लेबल (जमीनी स्तर) पर कार्यकर्ताओं और जिम्मेदार अधिकारीयों से राय ली गयी?
  3. इन नियुक्तियों में अधिवक्ताओं कि योग्यता, कार्य कुशलता, वरिष्ठता और कार्यकर्ताओं के मध्य लोकप्रियता आदि पैमानों पर गढ़ा गया?
मेरे इन प्रश्नों के उत्तर देना उपरी लोगो के लिए कठिन होगा, क्योकि ये चयनित नाम उत्तम हो सकते है किन्तु यह सर्वोत्तम नहीं है इसलिए मैं महाधिवक्ता सहित सभी नियुक्तियों निंदा और भर्त्सना करता हूँ, कोई भी चयन निष्पक्ष नहीं रहा और न ही जनभावना के सम्मान में रख कर किया गया.. वास्तव में यह नियुक्तियां बड़े बड़े राजनैतिक "घाघों" के दबाव में हुई है..
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उत्तर प्रदेश में महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता के चयन पर प्रश्न उठ रहा है कि 1 माह बाद खूब खोज बीन कर नियुक्ति भी हुई तो सिफारिशी लोगो की। उत्तर प्रदेश में आजादी के बाद पहले महाधिवक्ता स्व प्यारेलाल बनर्जी थे। गोविन्द बल्लभ पन्त उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। महाधिवक्ता से किसी राय की जरूरत थी। महाधिवक्ता को पन्त जी ने इलाहबाद से लखनऊ बुलवाया। बनर्जी साहब ने जो उत्तर दिया वह चकरा देने वाला था।

उन्होंने कहा कि मुवक्किल वकील के पास जाता है, न कि वकील मुवक्किल के पास। पन्त जी ने निर्देश दिया कि चीफ सेक्रेटरी तुरंत इलाहाबाद जा कर महाधिवक्ता से विचार विमर्श करें और चीफ सेक्रेटरी ने ऐसा ही किया। इसके बाद बनर्जी साहब ने इस्तीफा दे दिया। वकालत के कार्य की dignity अर्थात सम्मान का बड़ा महत्व है, बनर्जी साहब का यह कदम वकीलों के सम्‍मान के लिए एक नमूना मात्र है। वर्तमान एक महाधिवक्ता मंत्री और विधायको की चरण वंदना करने से बाज नहीं आयेगे। 

महाधिवक्ता का पद तो अब हर मुख्यमंत्री और राजनेताओं के पसंद का पद हो चुका है। जहाँ तक काबिलियत की कोई कीमत नही है और कबीलीयत की परख तब होती है जब भी कोई तकनिकी विधि का मामला होता है नियु‍क्त महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता हाथ खड़ेकर देते है और सरकार को सलाह और पैरवी के लिये मोटी फीस पर विशेष अधिवक्ता नियुक्त करना पड़ता है, ऐसे कई मामले पिछली सपा सरकार मे आये थे जब महाधिवक्ता वि‍जय बहादुर 7 जजो की बेच के सामने बौने पड़ गये और सरकार को विशेष वकील के रूप मे एसपी गुप्‍ता नियुक्त करना पड़ा और अन्‍य अपर महाधिवक्ता भी सिर्फ मजे मारते रहे। सरकार को अपने द्वारा नियमित ढंग से नियुक्त किये गए वकीलों पर भरोसा नहीं रहता।

प्रदेश की सरकार ठीक काम करे इसका बहुत कुछ दारोमदार महाधिवक्‍ता का होता है। चाटुकारिता करने वालो की ही नियुक्ति होगी तो महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता पुरानी कहावत चरित्रार्थ करेगे कि "काम के न काज के दुश्‍मन अनाज के"


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हिंदी पर्यायवाची शब्दकोश



शब्द विशेष के लिए लगभग समान अर्थ में प्रयुक्त होने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द की संज्ञा दी जाती है। ऐसे विभिन्न शब्दों की समानता को ध्यान मे रख कर इनके लिए समानार्थी या समानार्थक शब्द भी प्रयुक्त होते हैं। पर्यायवाची शब्दो के विषय मे मुख्य रूप से यह उल्लेखनीय तथ्य है कि ये शब्द आपस में पूर्ण समान न होकर लगभग समान होते हैं। पूर्ण समानार्थी शब्द को एकार्थी शब्द का नाम दिया जात है। इस प्रकार कहा जा सकता है कि पर्यायवाची शब्द आपस मे पूर्ण समान लगते हैं, किन्तु लगभग समान होते हैं। गंभीर चिंतन करने पर उनमें सूक्ष्म भिन्नता अवश्य सामने आती है। पर्यायवाची शब्द हिंदी भाषा की सबसे प्रमुख विशेशता है। लगभग समान अर्थ के लिए विभिन्न शब्दों के प्रयोग से भाषा का नवीन और आकृर्शक रूप सामने आता है। जिस प्रकार विभिन्न संदर्भों में मनुष्य भिन्न-भिन्न वस्त्रों को पहन कर सुन्दर लगता है, उसी प्रकार समान अर्थ के लिए भिन्न-भिन्न शब्दों के प्रयोग से जहाँ भाषा को भास्वर रूप मिलता है, वहीं अभिव्यक्ति भी प्रभावी होती है।
  • अकस्मात - अचानक, अनायास, एकदम, एकाएक, सहसा
  • अगणित - अनगिनत, अनन्त, असंख्य, असीम
  • अग्नि - अनल, आग, ज्वाला, दव, पावक, वह्नि, हुताशन
  • अज्ञान - अविद्या, अविवेक, जड़, मूर्ख
  • अतिथि - अम्यागत, आगन्तुक, पाहुना, मेहमान
  • अधम - तुच्छ, निकृश्ट, नीच, पतित
  • अधिक - अति, अतिशय, अतीव, ज्यादा, प्रचुर, बहुत
  • अनुचर - दास, नौकर, परिचारक, भृत्य, सेवक
  • अनुपम - अतुल, अद्भुत, अद्वितीय, अनूठा, अनोखा, अपूर्व, अभूतपूर्व, निराला
  • अंधकार - अंधेरा, तम, तिमिर, तमिस्र
  • अपमान - अनादर, अप्रतिश्ठा, अवमाना, अवहेलना, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर
  • अमृत - अमिय, अमी, पीयूश, सुधा, सोम
  • असुर - तमीचर, दनुज, दानव, दैत्य, निशाचर, राक्षस
  • अहंकार - अभिमान, घमण्ड, दंभ, दर्प
  • आँख - अक्षि, चक्षु, दृग, नयन, नेत्र, लोचन, विलोचन
  • आकाश - अंतरिक्ष, अंबर, आसमान, गगन, नभ, व्योम, शून्य
  • आक्रमण - अभियान, चढ़ाई, धावा, हमला
  • आनंद - आमोद आह्लाद, उल्लास, खुशी, प्रमोद, प्रसन्नता, प्रसाद, मोद,हर्ष
  • आपत्ति - आपदा, आफत, कश्ट, क्लेश, विपत्ति, विपदा
  • आभूशण - अलंकरण, अलंकार, आमरण, गहना, जेवर, विभूषण
  • आम - अमृतफल, आम्र, रसाल
  • आयु - अवस्था, उमर, जीवन-काल, वय
  • अकस्मात - अचानक, अनायास, एकदम, एकाएक, सहसा
  • अगणित - अनगिनत, अनन्त, असंख्य, असीम
  • अग्नि - अनल, आग, ज्वाला, दव, पावक, वह्नि, हुताशन
  • अज्ञान - अविद्या, अविवेक, जड़, मूर्ख
  • अतिथि - अम्यागत, आगन्तुक, पाहुना, मेहमान
  • अधम - तुच्छ, निकृश्ट, नीच, पतित
  • अधिक - अति, अतिशय, अतीव, ज्यादा, प्रचुर, बहुत
  • अनुचर - दास, नौकर, परिचारक, भृत्य, सेवक
  • अनुपम - अतुल, अद्भुत, अद्वितीय, अनूठा, अनोखा, अपूर्व, अभूतपूर्व, निराला
  • अंधकार - अंधेरा, तम, तिमिर, तमिस्र
  • अपमान - अनादर, अप्रतिश्ठा, अवमाना, अवहेलना, उपेक्षा, तिरस्कार, निरादर
  • अमृत - अमिय, अमी, पीयूश, सुधा, सोम
  • असुर - तमीचर, दनुज, दानव, दैत्य, निशाचर, राक्षस
  • अहंकार - अभिमान, घमण्ड, दंभ, दर्प
  • आँख - अक्षि, चक्षु, दृग, नयन, नेत्र, लोचन, विलोचन
  • आकाश - अंतरिक्ष, अंबर, आसमान, गगन, नभ, व्योम, शून्य
  • आक्रमण - अभियान, चढ़ाई, धावा, हमला
  •  इच्छा - अभिलाशा, आकांक्षा, कामना, चाह, मनोरथ, लालसा
  • इन्द्र - देवराज, देवेन्द्र, देवेश, पुरन्दर, पुरुहूत, मधवा, महेन्द्र, वज्रपाणि, शक्र, सुरपति, सुरेन्द्र, सुरेश
  • ईश्वर - ईश, जगदीश, जगन्नाथ, दीनबंधु, परमात्मा, परमेश्वर, प्रभु, भगवान, स्वयंभू
  • उग्र - घोर, तीव्र, प्रचण्ड, रौद्र, विकट
  • उत्साह - उमंग, जोश, प्रेरणा, साहस
  • उद्देश्य - अभिप्राय, आशय, तात्पर्य, मतलब, लक्ष्य
  • उद्यान - उपवन, कुसुमाकर, फुलवारी, बगीचा, बाग, वाटिका
  • उन्नति - अभ्युदय, उत्कर्ष, उत्थान, उदय, उन्नयन, प्रगति, विकास
  • उपकार - नेकी, भलाई, हित
  • उपमा - तुलना, समानता, सादृश्य
  • उपवन - आराम, उद्यान, बाग, वाटिका
  • उपवास - अनशन, निराहार, फाका, व्रत
  • ओर - तरफ, दिशा, पक्ष
  • ओस - तुशार, तुहिन, शबनम, हिम
  • और - अधिक, एवं, ज़्यादा, तथा, दूसरा
  • कठिन - कठोर, दुश्कर, दृढ़, सख़्त
  • कपड़ा - अंबर, चीर, पद, वसन, वस्त्रम
  • कमल - अंबुज, अरविन्द, उत्पल, कंज, जलज, नलिन, नीरज, पंकज, पद्म, पुण्डरीक, राजीव, वारिज, शतदल, सरसिज, सरोज
  • कमी - घाटा, टोटा, तंगी, न्यूनता
  • कल्पवृक्ष - कल्पतरु, कल्पद्रुम, देववृक्ष, सुरतरु, सुरद्रुम
  • कहानी - आख्यान, आख्यायिका, उपाख्यान, कथा, गल्प
  • कान - कर्ण, श्रवण, श्रवणेन्द्रिय, श्रुतिपट
  • कामदेव - अतनु, अनंग, कन्दर्प, काम, पंचसर, मदन, मनसिज, मनोज, मन्मथ, रतिपति, विश्वकेतु, स्मर
  • किनारा - कगार, कूल, छोर, तट, तीर
  • किरण - अंशु, कर, मयूख, मरीचि, रश्मि
  • किसान - कृशक, खेतहिर, हलधर, हाली
  • कुबेर - किन्नरेश, धनद, धनपति, धनाधिप, यक्षराज
  • कृष्ण - कान्हा, केशव, गिरिधर, गोपाल, घनश्याम, माधव, मुरारि, मोहन, राधावल्लभ, वासुदेव, श्याम
  • कोमल - नरम, नाजुक, मसृण, मृदु, मुलायम, सुकुमार
  • कोयल - कोकिल, कोकिला, परभृात, पिंक, बसंतदूत, श्याम
  • कौशल - कुशलता, चतुराई, चातुर्य, दक्षता, निपुणता, प्रवीणता
  • क्रोध - आक्रोश, आवेश, कोप, गुस्सा,रोष
  • खल - अद्यम, कुटिल, दुर्जन, दुश्ट, धूर्त, नीच
  • खोज - अनुसंधान, अन्वेशण, तलाश, शोध
  • गंगा - अलकनंदा, जाहूनवी, त्रिपथगा, देवनदी, देसाई, देवसरी, भागीरथी, मंदाकिनी, सुरसरि,सुरसरिता
  • गंदा - अपवित्र, अशुद्ध, अश्लील, खराब, घिनौना, घृणित, मलिन, मैला
  • गंध - बास, बू, महक
  • गणेश - एकदन्त, गजवदन, गजानन, गणपति, भवानी-नंदन, मोदक-प्रिय, लंबोदर, विध्न-विनाशक, विध्नेश, विनायक
  • गरुण - खगकेतु, खगेश, पक्षिराज, वैनतेय, हरिवाहन
  • गाय - गो, गौ, धेनु, सुरभि
  • गुरू - अध्यापक, आचार्य, उपाध्याय, वृहस्पति, शिक्षक
  • घर - अयन, आगार, आलय, आवास, गृह, गेह, धाम, निकेतन, निवास, भवन, मन्दिर, शाला, सदन
  • घड़ा - कलश, कुंभ, गगरी, गागर, घट
  • घमंड - अभिमान, अहंकार, ऐंठ, गर्व, दर्प, मान
  • घोड़ा - अश्व, घोटक, तुरग, तुरंग, तुरंगम, वाजि, सैंधव, हय
  • चन्द्रमा - इन्दु, कलानिधि, चन्द्र, चाँद, निशाकर, मयंक, मृगांक, रजनीश, राकेश, विधु, शशांरक, शशि, सोम, हिमकर, हिमांशु
  • चतुर - कुशल, चालाक, दक्ष, नागर, निपुण, प्रवीण, योग्य, सयाना, होशियार
  • चमक - आभा, कांति, दमक, दीप्ति, द्युति, प्रकाश
  • चोट - आघात, घाव, प्रहार, व्रण
  • छल - कपट, चकमा, ठगी, धोखा, प्रपंच
  • छटा - कान्ति, छवि, शोभा, सुन्दरता, सौंदर्य
  • छाया - परछाई, प्रतिकृति, प्रतिबिम्ब, प्रतिमूर्ति, बिम्ब
  • छोटा - कनिश्ठ, तुच्छ, लघु, हीन
  • जंगल - अरण्य, कानन, कांतार, वन, विपिन
  • जल - अंबु, उदक, जीवन, तोय, नीर, पय, पानी, वारि, सलिल
  • जमुना - कालिंदी, यमुना, रविनंदिनी, रवि-सुता, श्यामा, सूर्य-तनया
  • जीभ - जबान, जिह्वा, रसना
  • झंडा - केतु, ध्वज, ध्वजा, निशान, पताका
  • तलवार - असिं, करवाल, कृपाण, खड्ग, चंद्रहास, शमशीर
  • तारा - उडु, तारक, तारिका, नक्षत्र, नखत
  • तालाब - जलाशय, तड़ाग, ताल, पुष्कर, पोखर, सर, सरोवर
  • तीर - आशुगू, इषु, बाण, शर, शिलीमुख
  • थोड़ा - अल्प, कम, किंचित, कुछ, जरा, तनिक, न्यून, रंच
  • दाँत - दन्त, दशन, द्विज, रद
  • दुख - कष्ट, क्लेश, क्षोभ, पीड़ा, विषाद, वेदना, व्यथा, शोक
  • दुर्गा - कल्याणी, कामाक्षी, काली, जगदम्बा, चंडी, चंडिका, भवानी, महागौरी, माता, सिहंवाहिनी
  • दुष्ट - अधम, कुटिल, खल, दुर्जन, धूर्त, पामर, वंचक,शठ
  • दूध - क्षतीर, गोरस, दुग्ध, पय
  • देवता - अमर, आदित्य, देव, निर्जर, विबुध, सुर
  • देह - कलेवर, काया, गात्र, तन, वपु, शरीर
  • धन - अर्थ, दौलत, मुद्राराशि, पूँजी, लक्ष्मी, विभूति, वित्त, श्री, सम्पत्ति, सम्पदा
  • धनवान - अमीर, धनाढ्य, धनी, श्रीमान, समृद्ध, सम्पन्न।
  • धनुष - कमान, कार्मुक, कोदण्ड, चाप, शरासन
  • नदी - अपगा, तटिनी, तरंगिनी, दरिया, नद, मिर्झरिणी, निम्नगा, सरि, सरिता
  • नमस्कार - अभिवादन, नमः, प्रणति, प्रणाम, वंदन
  • नया - अभिनव, नवीन, नूतन
  • निर्धन - कंगाल, गरीब, दरिद्र, दीन, रंक
  • नौकर - अनुचर, दास, परिचारक, भृत्य, सेवक
  • पंडित - कोविद, पारंगत, बुद्धिमान, बुध, मनीषी, विज्ञ, विद्वान, सुधी
  • पक्षी - अण्डज, खग, खेचर, चिड़िया, नभचर, पखेरू, पतंग,विहंग, विहंगम, विहग
  • पति - आर्यपुत्र, कांत, नाथ, प्राणनाथ, प्राणेश्वर, बालम, भर्ता, वल्लभ, साजन, स्वामी
  • पत्ता - किसलय, दल, पत्र, पर्ण, पात
  • पत्थर - अश्म, उपल, पाषाण, पाहन, प्रस्तर, शिला
  • पत्नी - अर्धांगिनी, कलभ, कान्ता, गृहिणी, जीवन-संगिनी, दारा, प्रिया, भार्या, वधू, वामांगिनी, वामा, स्त्री
  • पराजय - तिरस्कार, निरादर, पराभव, हार
  • पर्वत - अचल, अद्रि, गिरि, चट्टान, नग, पहाड़, भूधर, महीधर, शैल
  • पवन - अनिल, बयार, मारुत, वात, वायु, समीर, समीरण, हवा
  • पवित्र - अकलुश, निर्मल, निष्कलुष, पावन, पुण्य, पूत, शुचि, शुद्ध
  • पाँव - चरण, पग, पद, पाद, पैर
  • पाप - अध, अधर्म, दुष्कृत्य, पातक
  • पिता - जनक, बाप, बापू
  • पुत्र - आत्मज, तनय, तनुज, नन्दन, बेटा, लड़का, लाल, सुत
  • पुत्री - आत्मजा, कन्या, तनया, तनुजा, दुहिता, नन्दिनी, बेटी, लड़की, लाली, सुता
  • पुरस्कार - इनाम, तोहफा, पारितोषिक
  • पुरुष - आदमी, जन, नर, मनुज, मनुष्य, मर्द
  • पूजा - अर्चना, आराधना, उपासना, भक्ति
  • पृथ्वी - अचला, अवनि, जगती, धरणी, धरती, धरा, धरित्री, धारयित्री, भूमि, भू, मही, वसुंधरा, वसुधा
  • प्रकाश - उजाला, चमक, छवि, ज्योति, द्युति, प्रभा, रोशनी
  • प्रेम - नेह, प्रणय, प्रीति, प्यार, ममता, रति, स्नेह
  • बंदर - कपि, कीश, मर्कट, वानर, शाखामृग, हरि
  • बर्फ - तुषार, तुहिन, नीहार, हिम
  • बहन - दीदी, भगिनी, सहोदरा, स्वसा
  • बादल - अंबुद, घन, जलद, जलधर, तोयद, नीरद, पयोद, पयोधर, मेघ, वारिधर
  • बाल - अलक, कच, कुंतल, केश, चिकुर, शिरोरुह
  • बालक - बच्चा, बाल, लड़का, शावक, शिशु
  • बिजली - चंचला, चपला, तड़ित, दामिनी, विद्युत, सौदामिनी
  • बुद्धि - अक्ल, धी, प्रज्ञा, मति, मनीषा, मेधा, विवेक
  • ब्रह्मा - अज, कर्ता, कर्तारि, कमलामन, चतुरानन, चतुर्मुख, पितामह, प्रजापति, लोकेश, विधाता, विधि, स्रष्टा, स्वयंभू
  • भयानक - घोर, भयंकर, भयावह, भीषण, भीष्म, विकट, विकराल
  • भाग्य - किस्मत, दैव, नियति, प्रारब्ध, विधि, होनहार, होनी
  • भौंरा - अलि, द्विरेफ, भँवरा, भृंग, भ्रमर, मधुकर, मधुप, षट्पद
  • मधु - ऋतुराज, कुसुमाकर, माधव, वसंत
  • मनुष्य - आदमी, इन्सान, नर, मनुज, मत्र्य, मानव
  • महादेव - आशुतोष, विलोचना, पशुपति, महेश, रुद्र, शंकर, शिव
  • माता - अम्बा, अम्बिका, जननी, धात्रा, प्रसू, माँ, मातृ
  • मित्र - दोस्त, बंधु, मीत, सखा, सहचर, साथी, सुहृद
  • मिथ्या - अयथार्थ, असत्य, झूठ, मृषा
  • मीन - अंडज, झष, मकर, मछली, मत्स्य
  • मुक्ति - कैवल्य, निर्वाण, परमपद, मोक्ष, सद्गति
  • मृत्यु - अन्त, अवसान, देहान्त, देहावसान, निधन, प्राणान्त, मरण, मौत, शरीरान्त
  • मोर - केकी, मयूर, शिखी
  • यत्न - उद्यम, उद्योग, चेष्टा, परिश्रम, प्रयत्न, प्रयास, मेहनत
  • यमराज - जीवनपति, धर्मराज, यम, सूर्यपुत्र, हरि
  • युद्ध - रण, लड़ाई, संग्राम, संघर्ष, समर, विग्रह
  • युवक - जवान, तरुण, नौजवान, युवा
  • राक्षस - असुर, दनुज, दानव, दैत्य, निशाचर, पिसाच
  • राजा - नरेन्द्र, नरेश, नृप, नृपति, भूप, भूपति, महीप, महीपति
  • रात्रि - तमसा, निशा, निशि, यामा, यामिनी, रजनी, रात, रैन, विभावरी
  • रावण - दशकंठ, दशकंध, दशग्रीव, दशानन, लंकापति, लंकेश
  • लक्ष्मी - इन्दिरा, कमला, चंचला, चपला, पद्मा, रंभा, विष्णुप्रिया, श्री, हरिप्रिया
  • लहू - खून, रक्त, रुधिर, लाल, शोणित
  • वन - अटवी, अरण्य, कानन, कान्तार, गहन, जंगल, विपिन
  • वर्षा - बरसात, बारिश, मेहं , वृष्टि
  • बसंत - ऋतुराज, कुसुमाकर, मधुमास, माधव
  • विध्न - अड़चन, बाधा, रुकावट
  • विवाह - गठबंधन, परिणय, पाणिग्रहण, ब्याह, शादी
  • विष - कालकूट, गरल, जहर, हलाहल
  • विष्णु - अच्युत, उपेन्द्र, कमलापति, केशव, पीताम्बर, गोविन्द, चक्रपाणि, चतुर्भुज, जनार्दन, नारायण, पीताम्बर, माधव, रमापति, लक्ष्मीपति, विश्वंभर
  • वृक्ष - तरु, दरख्त, द्रुभ, पादप, पेड़, विटप
  • शत्रु - अराति, अरि, दुश्मन, रिपु, विपक्षी, बैरी
  • शराब - मदिरा, मधु, वारुणी, सुरा, हाला
  • शरीर - काया, गात, तन, तनु, देह, वपु
  • शिव - त्रिपुरारि, त्रिलोचन, नीलकंठ, पिनाकी, भूतनाथ, महादेव, महेश, रुद्र, शंकर, शंभु, हर
  • शोभा - आभा, कांति, छटा, द्युति, प्रभा, विभा, सुषमा
  • संसार - जग, जगत, दुनिया, ब्रह्माण्ड, भव, भवन, लोक, विश्व
  • समय - अवसर, काल, वक्त
  • समाचार - खबर, वृत्त, वृतान्त, सन्देश, सूचना
  • समुद्र - अंबुधि, उदधि, जलधि, जलनिधि, नीरधि, नीरनिधि, पयोधि, पारावार, वारिधि, रत्नाकार, सागर, सिंधु
  • सरस्वती - इला, गिरा, भारती, भाषा, महाश्वेता, वाक्, वागेश्वरी, वाणी, वीणा-पाणि, वीणा-वादिनी, श्री, शारदा
  • सवेरा - अरुणोदय, उषा, प्रातः, भोर, सूर्योदयकाल
  • साँप - अहि, नाग, पन्नग, फणधर, मणि, भुजंग, भुजंगम, विषधर, व्याल, सर्प
  • साधु - अवधूत, मुनि, यति, वीतराग, वैरागी, संत, संन्यासी
  • सिंह - केसरी, केहरी, पंचमुख, पंचानन, मृगपति, मृगराज, मृगेंद्र, वनराज, शादू, शेर, हरि
  • सितारा - उडु, तारक, तारा, नक्षत्र
  • सुगंध - खुशबू, महक, सुरभि, सुवास, सौरभ
  • सुंदर - कमनीय, खूबसूरत, चारु, मंजु, मंजुल, मनोहर, रमणीक, रम्य, रुचिर, ललित, ललाभम
  • सूर्य - अर्क, आदित्य, दिनकर, दिनेश, दिवाकर, पतंग, प्रभाकर, भानु, भास्कर, रवि, सविता, सूरज
  • सेना - अनी, कटक, चमु, फौज, दल, वाहिनी
  • सोना - कंचन, कनक, कुंदन, सुवर्ण, स्वर्ण, हिरण्य, हेम
  • सौंदर्य - शोभा, सुंदरता, सुषमा
  • स्त्री - अबला, औरत, कान्ता, कामिनी, नारी, महिला, रमनी, ललना, वनिता, वामा, संदुरी
  • स्वर्ग - इन्द्रलोक, दिव, देवलोक, धुलोक, नाक, सुरलोक
  • हनुमान - अंजनीपुत्र, अंजनी-नन्दंन, कपीन्द्र, कपीश, कपीश्वर, पवन-पुत्र, पवनसुत, बजरंगबली, महावीर, मारूति, रामदूत, वज्रांगी
  • हाथ - कर, पाणि, हस्त
  • हाथी - करी, कुंजर, कुंभी, गज, गयंद, दंती, द्विप, नाग, मतंग, हस्ती
  • हिरण - कुरंग, मृग, सारंग
  • होंठ - अधर, ओठ, लब पूर्ण समानार्थी शब्द को एकार्थी शब्द का
संकलन


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