351 पोस्‍टो में यादो के झरोखे से झाकती 25 पोस्‍टे



1 जुलाई 2006 से आज तक हमने करीब 351 लेख महाशक्ति ब्‍लाग पर लिखे, और इन पोस्‍टो में 25 पोस्‍टे ऐसी रही जो कमेन्‍ट से महरूम रही। 14 मई 2008 के बाद ऐसी कोई पोस्‍ट नही नही जो टिप्‍पणी न प्राप्‍त कर सकी। कल अनायास ही ब्‍लाग हिस्‍ट्री देखने बैठा था लगा कि क्‍यो न इस पोस्‍टो को भी याद कर लिया जाये।
किसी पोस्‍ट का सर्वश्रेष्‍ठ कहा जाये या नही ब्‍लाग लेखको में इसको लेकर मतभेद होगा किन्‍तु जहाँ तक मै मानता हूँ कि इन 25 पोस्‍टो में सबसे अच्‍छी पोस्‍ट भी है, उस समय मुझे बहुत दुख हुआ था कि वह टिप्‍पणी प्राप्‍त नही कर सकी थी।
वह दौर ऐसा था जिसमे टिप्‍पणी की अपेक्षा करना बहुत कठिन था, नारद जो आज इतिहास बन गया है, सभी पोस्‍टो की जानकारी के लिये उस पर निर्भर करते थे, आप परिदृश्‍य बिल्‍कुल बदल गया है, पोस्‍टो को पठने के नये नये तरीके सामने आ गये है। उस समय तो हमे पोस्टिंग करनी भी नही आती थी कई पोस्‍ट तो हमने बिना शीर्षक के किये थे।
जन्‍मदिन 24 नम्वम्‍बर को बीत गया, महाशक्ति समूह, जबलपुर परिवार, ब्‍लाग परिवार की सनेह बधाईयाँ और शुभकामनाऍं मिली, आर्कुट, फेसबुक और फोन आदि पर भी मित्रो ने अपार प्रेम दिया। वाकई बहुत अच्‍छा लगा। सभी को हृदय से धन्‍यवाद देता हूँ।
ये 25 पोस्‍टे निम्‍न है, जो टिप्‍पणी प्राप्‍त न कर सकी और इन 25 में क्रमांक 6, 9, 10,11,21 और 22 नम्‍बर की पोस्‍टे मैने बहुत ही मन से लिखी थी। तब टिप्‍पणी न मिलने पर हमने पोस्‍ट में लिखा था कि जब टिप्‍पणी न मिले तो समझना चाहिये कि पोस्‍ट इतनी अच्‍छी थी कि उसमें टिप्‍पणी करने लायक ही कुछ नही था।


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