उठो जवानो हम भारत के स्वाभिमान सरताज़ है
अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह की मार है
चमके कि ज्यों दिनकर चमका है
उठे कि ज्यो तूफान उठे
चले चाल मस्ताने गज सी
हँसे कि विपदा भाग उठे
हम भारत की तरुणाई है
माता की गलहार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....
खेल कबड्डी कहकर
पाले में न घुस पाये दुश्मन
प्रतिद्वंदी से ताल ठोक कर
कहो भाग जाओ दुश्मन
मान जीजा के वीर शिवा हम
राणा के अवतार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....
गुरु पूजा में एकलव्य हम
बैरागी के बाण है
लव कुश की हम प्रखर साधना
शकुंतला के प्राण है
चन्द्रगुप्त की दिग्विजयों के
हम ही खेवनहार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....
गोरा, बादल, जयमल, पत्ता,
भगत सिंह, सुखदेव, आज़ाद
केशव की हम ध्येय साधना
माधव बन होती आवाज़
आज नहीं तो कल भारत के
हम ही पहरेदार है
अभिमन्यु के रथ का पहिया....
उठो जवानों हम भारत के स्वाभिमान सरताज है
अभिमन्यु के रथ का पहिया, चक्रव्यूह मार है
टैग - संघ गीत

अति उत्तम गीत है !
जवाब देंहटाएंअति उत्तम गीत है ! 🙏🚩।
जवाब देंहटाएंJai shree Ram
जवाब देंहटाएंजय श्री राम
जवाब देंहटाएंJabardast
जवाब देंहटाएंAti sundar
जवाब देंहटाएंदेश भक्ति गीत वाह
जवाब देंहटाएंअति उत्तम 🪷 बहुत ही सुंदर व बहुत ज्यादा प्रेरणादायक गीत बहुत बहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंJay shree ram
जवाब देंहटाएंBahut sundar geet
जवाब देंहटाएंजय भवानी
जवाब देंहटाएंuuii
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