सूक्ति और आदर्श वचन




  1. बड़े-बड़े यज्ञों का अनुष्ठान करने वाले पुण्यात्मा लोग जिस मार्ग से जाते हैं, तीर्थों द्वारा भी लोग उसी मार्ग से जाते हैं। -अथर्ववेद (18/4/7)
  2. न्याय और धर्म का प्रतिष्ठा के लिए जैसे संत की पवित्रता आवश्यक है, वैसे ही योद्धा की तलवार भी।- अरविंद (दि डाक्ट्रिन आफ पैसिव रेसिस्टेंस,दी मारलिटी आफ बायकाट)
  3. जो कल्याणकारी कार्य हो, उसे आज कर डालिये। आपका यह समय हाथ से निकल न जाय क्योंकि कार्यों के अधूरे होने पर भी मृत्यु आपको खींच ले जाएगी। -वेदव्यास (महाभारत, शांतिपर्व 175/14)
  4. भगवान यदि अस्पृश्यता को सहता हो, तो मैं उसे भगवान मानने को तैयार नहीं हूं। -लोकमान्य तिलक (धार्मिक मतें)
  5. कायर मनुष्य कभी सदाचारी और नीतिमान हो ही नहीं सकता। -महात्मा गांधी (मोहनमाला, 66)
  6. जो जैसा व्यवहार करता है, उसके साथ वैसा ही व्यवहार करने वाला पुरुष न तो अधर्म को प्राप्त होता है और न अमंगल का ही भागी होता है। -वेदव्यास (महाभारत, उद्योगपर्व, 178/53)
  7. पुर: प्रवृत्तप्रतीपप्रहता: पन्थान: पौरुषस्य। अर्थात पौरुष के मार्ग आगे-आगे चलने वाले प्रताप के द्वारा प्रशस्त होते हैं। -बाणभट्ट (हषर्चरित, पृ. 191)
  8. पशु का नियंत्रण गीता पढ़ाने से नहीं होता, दण्ड-प्रयोग से ही होता है। -माधव स. गोलवलकर (भाषण, कानपुर, 22 फरवरी, 1972 ई.)


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इस्लाम निंदा पर ईसाई महिला का सर मूंड़ कर घुमाया



इस्लाम निंदा पर ईसाई महिला का सर मूंड़ कर घुमाया

इस ईसाई महिला को पाकिस्तान में इस्लाम विरोधी बयान देने के आरोप में भीड़ ने बुरी तरह टॉर्चर किया। इस महिला को गांव की गलियों सिर मुंड़ा कर घुमाया गया। यह घटना लाहौर से 80 किमी दूर सियालकोट जिले के कोट मिराठ गांव की है। ' सीमा बीडी ' नामक महिला को लगभग 30 लोगों ने घर से घसीट कर बाहर निकाला। उसके बाद उसका सिर मुंड़ाकर गांव की गलियों में महिला को घुमाया।
यह घटना उस देश की है जहॉं मुस्लिम 97 प्रतिशत है और अन्‍य धर्म के तो मात्र 3 प्रतिशत, अजीब विडम्‍बना है कि भारत जैसे देश में जहाँ ये 20 प्रतिशत से भी ज्‍यादा है और अल्‍पसंख्‍यक होने का दावा करते है और तो और खुराफात, पाकिस्तान के मुस्लिमों से बड़ कर करते है।


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मुस्लिम आराक्षण के विरूद्ध जनहित याचिका स्‍वीकार




केन्द्र सरकार की ओर से मुस्लिमों को 4.5 आरक्षण देने के विरोध में अधिवक्ताओं की सामाजिक संस्था प्रहरी अध्यक्ष श्री भूपेन्‍द्र नाथ सिंह की ओर से एक याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका संख्या 11995/2012 मा. न्यायमूर्ति एसके अग्रवाल और मा. न्यायमूर्ति अस्‍थालकर की पीठ मे दाखिल हुई। याची की तरफ से वरिष्‍ठ अधिवक्ता वीरेन्द्र कुमार सिंह चौधरी ने पक्ष रखा तथा केन्‍द्र सरकार की ओर अतिरिक्त महान्‍यायवादी आरवी सिंहल ने पक्ष रखा। पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद इसे जनहित याचिका के रूप में 21 मार्च की तारीख दी है।


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