
मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 की प्रमुख विशेषताएँ
इस विधेयक में 28 नई धाराएँ जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है। ये संशोधन मुख्यतः सड़क सुरक्षा में सुधार, परिवहन विभागों से संबंधित कार्यों के दौरान नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने, ग्रामीण परिवहन को सुदृढ़ बनाने, अंतिम छोर तक संपर्क (लास्ट माइल कनेक्टिविटी) सुनिश्चित करने, सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देने, स्वचालन एवं कम्प्यूटरीकरण को बढ़ावा देने तथा ऑनलाइन सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर केंद्रित हैं।
सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, अंतिम छोर तक परिवहन सेवाओं की उपलब्धता, सार्वजनिक परिवहन तथा ग्रामीण परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यों को स्टेज कैरिज एवं अनुबंध कैरिज परमिटों में छूट देने का प्रस्ताव इस विधेयक में किया गया है, जिससे देश की परिवहन व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।
विधेयक में यह भी प्रस्तावित है कि राज्य सरकार एक गुणक (Multiplier) निर्धारित कर सकेगी, जो एक से कम तथा दस से अधिक नहीं होगा। यह गुणक इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित प्रत्येक जुर्माने एवं संशोधित दंड पर लागू किया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों को यह अधिकार प्रदान किया गया है कि वे पैदल यात्रियों के लिए सार्वजनिक स्थलों तथा परिवहन के विभिन्न साधनों में गतिविधियों को विनियमित कर सकें।
ई-गवर्नेंस के माध्यम से हितधारकों को सेवाओं का अधिक प्रभावी वितरण इस विधेयक का एक प्रमुख उद्देश्य है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस जारी करना, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाना तथा परिवहन लाइसेंस प्राप्त करने के लिए शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता समाप्त करना जैसी सुविधाएँ प्रस्तावित की गई हैं।
विधेयक में यह भी प्रस्तावित है कि यदि कोई किशोर वाहन चलाते हुए अपराध करता है, तो उसके अभिभावक अथवा वाहन-मालिक को उत्तरदायी माना जाएगा तथा किशोर के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित मोटर वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जा सकेगा।
नए वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए डीलर स्तर पर ही पंजीकरण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है तथा अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है।
सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के उद्देश्य से विभिन्न अपराधों के लिए दंड की राशि में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। इनमें किशोरों द्वारा वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, अत्यधिक गति से वाहन चलाना तथा निर्धारित सीमा से अधिक भार ले जाना आदि अपराध शामिल हैं।
इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से यातायात नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के प्रावधानों के साथ-साथ हेलमेट पहनने संबंधी नियमों को भी अधिक कठोर बनाया गया है।
सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की सहायता को प्रोत्साहित करने के लिए ‘सद्भावी नागरिक दिशा-निर्देश’ (Good Samaritan Guidelines) को भी विधेयक में शामिल किया गया है।
परिवहन वाहनों के लिए स्वचालित फिटनेस परीक्षण का प्रावधान भी किया गया है, जो 1 अक्टूबर, 2018 से प्रभावी होने का प्रस्ताव था। इससे परिवहन विभागों में भ्रष्टाचार कम होने तथा वाहनों की सड़क-योग्यता में सुधार होने की अपेक्षा की गई है।
सुरक्षा एवं पर्यावरण संबंधी मानकों का जानबूझकर उल्लंघन करने वालों के लिए तथा बॉडी बिल्डरों एवं स्पेयर पार्ट्स आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी दंडात्मक प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।
पंजीकरण एवं लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए ‘वाहन’ एवं ‘सारथी’ जैसे डिजिटल मंचों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन पंजीकरण के राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने का प्रस्ताव किया गया है। इससे पूरे देश में प्रक्रिया की समानता सुनिश्चित होगी।
वाहनों के परीक्षण एवं प्रमाणन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए परीक्षण एजेंसियों को भी इस अधिनियम के दायरे में लाया गया है।
ड्राइविंग प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे परिवहन लाइसेंस शीघ्र जारी किए जा सकें और देश में वाणिज्यिक चालकों की कमी को दूर करने में सहायता मिले।
दिव्यांगजनों के लिए परिवहन सुविधाओं को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने तथा उनके उपयोग हेतु वाहनों को उपयुक्त रूप से अनुकूलित करने में विद्यमान बाधाओं को दूर करने का प्रस्ताव किया गया है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कैबिनेट द्वारा स्वीकृत मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 को सड़क सुरक्षा एवं परिवहन क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सुधार बताया है। उन्होंने इस संबंध में मार्गदर्शन एवं समर्थन प्रदान करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने राज्य परिवहन मंत्रियों के समूह द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि संसद में इस विधेयक पर विचार किया जाएगा और सभी राजनीतिक दल जनहित में इसका समर्थन करेंगे, जिससे देश में सुरक्षित, प्रभावी एवं नागरिक-अनुकूल परिवहन व्यवस्था स्थापित की जा सके।
मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 के अंतर्गत विभिन्न जुर्मानों में प्रस्तावित संशोधन
| धारा | अपराध | पुराना जुर्माना | प्रस्तावित नया जुर्माना |
|---|---|---|---|
| 177 | सामान्य अपराध | ₹100 | ₹500 |
| 177A | सड़क विनियमन नियमों का उल्लंघन | ₹100 | ₹500 |
| 178 | बिना टिकट यात्रा | ₹200 | ₹500 |
| 179 | अधिकारियों के आदेशों की अवज्ञा | ₹500 | ₹2,000 |
| 180 | बिना लाइसेंस व्यक्ति को वाहन चलाने देना | ₹1,000 | ₹5,000 |
| 181 | बिना लाइसेंस वाहन चलाना | ₹500 | ₹5,000 |
| 182 | अयोग्यता के बावजूद वाहन चलाना | ₹500 | ₹10,000 |
| 182B | निर्धारित आकार से बड़े वाहन | नया प्रावधान | ₹5,000 |
| 183 | निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाना | ₹400 | एलएमवी हेतु ₹1,000 तथा मध्यम यात्री वाहन हेतु ₹2,000 |
| 184 | खतरनाक ढंग से वाहन चलाना | ₹1,000 | ₹5,000 तक |
| 185 | शराब पीकर वाहन चलाना | ₹2,000 | ₹10,000 |
| 189 | रेसिंग अथवा स्पीड ट्रायल | ₹500 | ₹5,000 |
| 192A | बिना परमिट वाहन संचालन | ₹5,000 तक | ₹10,000 तक |
| 193 | एग्रीगेटर द्वारा लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन | नया प्रावधान | ₹25,000 से ₹1,00,000 |
| 194 | ओवरलोडिंग | ₹2,000 तथा ₹1,000 प्रति अतिरिक्त टन | ₹20,000 तथा ₹2,000 प्रति अतिरिक्त टन |
| 194A | यात्रियों की ओवरलोडिंग | — | ₹1,000 प्रति अतिरिक्त यात्री |
| 194B | सीट बेल्ट का उल्लंघन | ₹100 | ₹1,000 |
| 194C | दोपहिया वाहन पर ओवरलोडिंग | ₹100 | ₹2,000 तथा 3 माह के लिए लाइसेंस निलंबन |
| 194D | हेलमेट नियमों का उल्लंघन | ₹100 | ₹1,000 तथा 3 माह के लिए लाइसेंस निलंबन |
| 194E | आपातकालीन वाहनों को मार्ग न देना | नया प्रावधान | ₹10,000 |
| 196 | बिना बीमा वाहन चलाना | ₹1,000 | ₹2,000 |
| 199 | किशोर द्वारा अपराध | नया प्रावधान | अभिभावक/मालिक दोषी माना जाएगा; ₹25,000 जुर्माना, 3 वर्ष तक कारावास, वाहन का पंजीकरण रद्द तथा किशोर पर जेजे एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई |
| 206 | दस्तावेज़ जब्त करने की शक्ति | — | धारा 183, 184, 185, 189, 190, 194C, 194D एवं 194E के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किया जा सकेगा |
| 210B | नियुक्त अधिकारियों द्वारा अपराध | — | संबंधित धारा के अंतर्गत निर्धारित जुर्माने का दोगुना दंड |
प्रमुख विशेषताएँ
अधिकांश यातायात उल्लंघनों पर जुर्माने की राशि में कई गुना वृद्धि की गई।
शराब पीकर वाहन चलाने, बिना लाइसेंस वाहन चलाने तथा खतरनाक ड्राइविंग पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया।
हेलमेट एवं सीट बेल्ट नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया।
किशोरों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में अभिभावकों को भी उत्तरदायी बनाया गया।
आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि) को मार्ग न देने पर विशेष दंड का प्रावधान किया गया।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए दंड व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं निवारक बनाने का प्रयास किया गया।
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत प्रमुख अपराध एवं दंड
| क्रमांक | अपराध | दंड / जुर्माना |
|---|---|---|
| 1 | बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना | जुर्माना एवं कारावास, दोनों का प्रावधान |
| 2 | नशे की अवस्था में वाहन चलाना | जुर्माना, कारावास अथवा दोनों |
| 3 | खतरनाक ढंग से वाहन चलाना | कारावास, जुर्माना अथवा दोनों |
| 4 | निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलाना | आर्थिक दंड |
| 5 | बिना पंजीकरण वाहन चलाना | जुर्माना |
| 6 | बिना बीमा वाहन चलाना | जुर्माना एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई |
| 7 | बिना परमिट परिवहन वाहन का संचालन | जुर्माना एवं वाहन जब्ती की कार्रवाई |
| 8 | ओवरलोड वाहन चलाना | आर्थिक दंड |
| 9 | वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाना | जुर्माना |
| 10 | सीट बेल्ट का प्रयोग न करना | जुर्माना |
| 11 | हेलमेट का उपयोग न करना | जुर्माना एवं लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई |
| 12 | प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) न होना | जुर्माना |
| 13 | वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग | जुर्माना |
| 14 | ट्रैफिक संकेतों की अवहेलना | आर्थिक दंड |
| 15 | लाल बत्ती पार करना | जुर्माना |
| 16 | गलत दिशा में वाहन चलाना | जुर्माना |
| 17 | सार्वजनिक मार्ग में रेस लगाना | कारावास एवं जुर्माना |
| 18 | दुर्घटना के बाद सहायता न देना | दंडनीय अपराध |
| 19 | वाहन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत न करना | जुर्माना |
| 20 | किशोर को वाहन चलाने देना | वाहन-मालिक/अभिभावक पर दंडात्मक कार्रवाई |
सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण प्रावधान
1. ड्राइविंग लाइसेंस
कोई भी व्यक्ति बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के सार्वजनिक मार्ग पर मोटर वाहन नहीं चला सकता। विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए पृथक लाइसेंस की व्यवस्था है।
2. वाहन पंजीकरण
प्रत्येक मोटर वाहन का सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण वाहन का संचालन विधि-विरुद्ध है।
3. बीमा
तृतीय पक्ष बीमा (Third Party Insurance) प्रत्येक मोटर वाहन के लिए अनिवार्य है। इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों के हितों की रक्षा करना है।
4. प्रदूषण नियंत्रण
प्रत्येक वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होना आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण प्रावधान है।
5. दुर्घटना की स्थिति में चालक का कर्तव्य
दुर्घटना होने पर चालक का दायित्व है कि वह—
घायल व्यक्ति की सहायता करे।
निकटतम अस्पताल तक पहुँचाने का प्रयास करे।
पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकारी को सूचना दे।
घटनास्थल से अनुचित रूप से फरार न हो।
6. नाबालिग द्वारा वाहन संचालन
यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है अथवा दुर्घटना करता है, तो उसके अभिभावक अथवा वाहन-मालिक को भी उत्तरदायी माना जा सकता है। ऐसे मामलों में वाहन का पंजीकरण निरस्त किए जाने का भी प्रावधान है।
अधिनियम का उद्देश्य
मोटर वाहन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य—
सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना,
दुर्घटनाओं में कमी लाना,
वाहन संचालन को विनियमित करना,
यात्रियों एवं पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना,
तथा परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाना है।
इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित नियमों का पालन प्रत्येक चालक, वाहन-मालिक एवं नागरिक का वैधानिक कर्तव्य है।
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6 टिप्पणियां:
यह सूची तो वर्तमान नियम की है अब जो नया नियम संसद में विचाराधीन है उसमें तगडा जुर्माना है।
बहुत ज्यादा जुर्माना है सिर्फ शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए
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यात्री किराया का कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है। किराया का निर्धारण कौन करेगा? कैसे करेगा? कितने दिनों तक मान्य रहेगा?
वर्दी ना पहनने पर भी जुर्माना होता है क्या
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