मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत दंड की प्रावधान



मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 की प्रमुख विशेषताएँ

इस विधेयक में 28 नई धाराएँ जोड़ने का प्रस्ताव किया गया है। ये संशोधन मुख्यतः सड़क सुरक्षा में सुधार, परिवहन विभागों से संबंधित कार्यों के दौरान नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने, ग्रामीण परिवहन को सुदृढ़ बनाने, अंतिम छोर तक संपर्क (लास्ट माइल कनेक्टिविटी) सुनिश्चित करने, सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहन देने, स्वचालन एवं कम्प्यूटरीकरण को बढ़ावा देने तथा ऑनलाइन सेवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने पर केंद्रित हैं।

सड़क सुरक्षा, यात्रियों की सुविधा, अंतिम छोर तक परिवहन सेवाओं की उपलब्धता, सार्वजनिक परिवहन तथा ग्रामीण परिवहन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्यों को स्टेज कैरिज एवं अनुबंध कैरिज परमिटों में छूट देने का प्रस्ताव इस विधेयक में किया गया है, जिससे देश की परिवहन व्यवस्था में सुधार लाया जा सके।

विधेयक में यह भी प्रस्तावित है कि राज्य सरकार एक गुणक (Multiplier) निर्धारित कर सकेगी, जो एक से कम तथा दस से अधिक नहीं होगा। यह गुणक इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित प्रत्येक जुर्माने एवं संशोधित दंड पर लागू किया जा सकेगा।

इसके अतिरिक्त, राज्य सरकारों को यह अधिकार प्रदान किया गया है कि वे पैदल यात्रियों के लिए सार्वजनिक स्थलों तथा परिवहन के विभिन्न साधनों में गतिविधियों को विनियमित कर सकें।

ई-गवर्नेंस के माध्यम से हितधारकों को सेवाओं का अधिक प्रभावी वितरण इस विधेयक का एक प्रमुख उद्देश्य है। इसके अंतर्गत ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस जारी करना, ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि बढ़ाना तथा परिवहन लाइसेंस प्राप्त करने के लिए शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता समाप्त करना जैसी सुविधाएँ प्रस्तावित की गई हैं।

विधेयक में यह भी प्रस्तावित है कि यदि कोई किशोर वाहन चलाते हुए अपराध करता है, तो उसके अभिभावक अथवा वाहन-मालिक को उत्तरदायी माना जाएगा तथा किशोर के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम (JJ Act) के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित मोटर वाहन का पंजीकरण भी निरस्त किया जा सकेगा।

नए वाहनों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए डीलर स्तर पर ही पंजीकरण की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है तथा अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था को समाप्त करने का प्रावधान किया गया है।

सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा यातायात नियमों के उल्लंघन को रोकने के उद्देश्य से विभिन्न अपराधों के लिए दंड की राशि में वृद्धि का प्रस्ताव किया गया है। इनमें किशोरों द्वारा वाहन चलाना, शराब पीकर वाहन चलाना, बिना लाइसेंस वाहन चलाना, खतरनाक ढंग से वाहन चलाना, अत्यधिक गति से वाहन चलाना तथा निर्धारित सीमा से अधिक भार ले जाना आदि अपराध शामिल हैं।

इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से यातायात नियमों के उल्लंघन का पता लगाने के प्रावधानों के साथ-साथ हेलमेट पहनने संबंधी नियमों को भी अधिक कठोर बनाया गया है।

सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों की सहायता को प्रोत्साहित करने के लिए ‘सद्भावी नागरिक दिशा-निर्देश’ (Good Samaritan Guidelines) को भी विधेयक में शामिल किया गया है।

परिवहन वाहनों के लिए स्वचालित फिटनेस परीक्षण का प्रावधान भी किया गया है, जो 1 अक्टूबर, 2018 से प्रभावी होने का प्रस्ताव था। इससे परिवहन विभागों में भ्रष्टाचार कम होने तथा वाहनों की सड़क-योग्यता में सुधार होने की अपेक्षा की गई है।

सुरक्षा एवं पर्यावरण संबंधी मानकों का जानबूझकर उल्लंघन करने वालों के लिए तथा बॉडी बिल्डरों एवं स्पेयर पार्ट्स आपूर्तिकर्ताओं के लिए भी दंडात्मक प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।

पंजीकरण एवं लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में एकरूपता लाने के लिए ‘वाहन’ एवं ‘सारथी’ जैसे डिजिटल मंचों के माध्यम से ड्राइविंग लाइसेंस तथा वाहन पंजीकरण के राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने का प्रस्ताव किया गया है। इससे पूरे देश में प्रक्रिया की समानता सुनिश्चित होगी।

वाहनों के परीक्षण एवं प्रमाणन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए परीक्षण एजेंसियों को भी इस अधिनियम के दायरे में लाया गया है।

ड्राइविंग प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने का भी प्रावधान किया गया है, जिससे परिवहन लाइसेंस शीघ्र जारी किए जा सकें और देश में वाणिज्यिक चालकों की कमी को दूर करने में सहायता मिले।

दिव्यांगजनों के लिए परिवहन सुविधाओं को अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने तथा उनके उपयोग हेतु वाहनों को उपयुक्त रूप से अनुकूलित करने में विद्यमान बाधाओं को दूर करने का प्रस्ताव किया गया है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने कैबिनेट द्वारा स्वीकृत मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 को सड़क सुरक्षा एवं परिवहन क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा सुधार बताया है। उन्होंने इस संबंध में मार्गदर्शन एवं समर्थन प्रदान करने के लिए माननीय प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने राज्य परिवहन मंत्रियों के समूह द्वारा किए गए प्रयासों की भी सराहना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि संसद में इस विधेयक पर विचार किया जाएगा और सभी राजनीतिक दल जनहित में इसका समर्थन करेंगे, जिससे देश में सुरक्षित, प्रभावी एवं नागरिक-अनुकूल परिवहन व्यवस्था स्थापित की जा सके।


The Provision and Penalties under the Motor Vehicles Act 1988

मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक, 2016 के अंतर्गत विभिन्न जुर्मानों में प्रस्तावित संशोधन

धाराअपराधपुराना जुर्मानाप्रस्तावित नया जुर्माना
177सामान्य अपराध₹100₹500
177Aसड़क विनियमन नियमों का उल्लंघन₹100₹500
178बिना टिकट यात्रा₹200₹500
179अधिकारियों के आदेशों की अवज्ञा₹500₹2,000
180बिना लाइसेंस व्यक्ति को वाहन चलाने देना₹1,000₹5,000
181बिना लाइसेंस वाहन चलाना₹500₹5,000
182अयोग्यता के बावजूद वाहन चलाना₹500₹10,000
182Bनिर्धारित आकार से बड़े वाहननया प्रावधान₹5,000
183निर्धारित गति सीमा से अधिक वाहन चलाना₹400एलएमवी हेतु ₹1,000 तथा मध्यम यात्री वाहन हेतु ₹2,000
184खतरनाक ढंग से वाहन चलाना₹1,000₹5,000 तक
185शराब पीकर वाहन चलाना₹2,000₹10,000
189रेसिंग अथवा स्पीड ट्रायल₹500₹5,000
192Aबिना परमिट वाहन संचालन₹5,000 तक₹10,000 तक
193एग्रीगेटर द्वारा लाइसेंस शर्तों का उल्लंघननया प्रावधान₹25,000 से ₹1,00,000
194ओवरलोडिंग₹2,000 तथा ₹1,000 प्रति अतिरिक्त टन₹20,000 तथा ₹2,000 प्रति अतिरिक्त टन
194Aयात्रियों की ओवरलोडिंग₹1,000 प्रति अतिरिक्त यात्री
194Bसीट बेल्ट का उल्लंघन₹100₹1,000
194Cदोपहिया वाहन पर ओवरलोडिंग₹100₹2,000 तथा 3 माह के लिए लाइसेंस निलंबन
194Dहेलमेट नियमों का उल्लंघन₹100₹1,000 तथा 3 माह के लिए लाइसेंस निलंबन
194Eआपातकालीन वाहनों को मार्ग न देनानया प्रावधान₹10,000
196बिना बीमा वाहन चलाना₹1,000₹2,000
199किशोर द्वारा अपराधनया प्रावधानअभिभावक/मालिक दोषी माना जाएगा; ₹25,000 जुर्माना, 3 वर्ष तक कारावास, वाहन का पंजीकरण रद्द तथा किशोर पर जेजे एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई
206दस्तावेज़ जब्त करने की शक्तिधारा 183, 184, 185, 189, 190, 194C, 194D एवं 194E के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस जब्त किया जा सकेगा
210Bनियुक्त अधिकारियों द्वारा अपराधसंबंधित धारा के अंतर्गत निर्धारित जुर्माने का दोगुना दंड

प्रमुख विशेषताएँ

  1. अधिकांश यातायात उल्लंघनों पर जुर्माने की राशि में कई गुना वृद्धि की गई।

  2. शराब पीकर वाहन चलाने, बिना लाइसेंस वाहन चलाने तथा खतरनाक ड्राइविंग पर कठोर दंड का प्रावधान किया गया।

  3. हेलमेट एवं सीट बेल्ट नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव किया गया।

  4. किशोरों द्वारा वाहन चलाने की स्थिति में अभिभावकों को भी उत्तरदायी बनाया गया।

  5. आपातकालीन वाहनों (एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड आदि) को मार्ग न देने पर विशेष दंड का प्रावधान किया गया।

  6. सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए दंड व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं निवारक बनाने का प्रयास किया गया।

मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अंतर्गत प्रमुख अपराध एवं दंड

क्रमांकअपराधदंड / जुर्माना
1बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलानाजुर्माना एवं कारावास, दोनों का प्रावधान
2नशे की अवस्था में वाहन चलानाजुर्माना, कारावास अथवा दोनों
3खतरनाक ढंग से वाहन चलानाकारावास, जुर्माना अथवा दोनों
4निर्धारित गति सीमा से अधिक गति से वाहन चलानाआर्थिक दंड
5बिना पंजीकरण वाहन चलानाजुर्माना
6बिना बीमा वाहन चलानाजुर्माना एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई
7बिना परमिट परिवहन वाहन का संचालनजुर्माना एवं वाहन जब्ती की कार्रवाई
8ओवरलोड वाहन चलानाआर्थिक दंड
9वाहन में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठानाजुर्माना
10सीट बेल्ट का प्रयोग न करनाजुर्माना
11हेलमेट का उपयोग न करनाजुर्माना एवं लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई
12प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) न होनाजुर्माना
13वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोगजुर्माना
14ट्रैफिक संकेतों की अवहेलनाआर्थिक दंड
15लाल बत्ती पार करनाजुर्माना
16गलत दिशा में वाहन चलानाजुर्माना
17सार्वजनिक मार्ग में रेस लगानाकारावास एवं जुर्माना
18दुर्घटना के बाद सहायता न देनादंडनीय अपराध
19वाहन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत न करनाजुर्माना
20किशोर को वाहन चलाने देनावाहन-मालिक/अभिभावक पर दंडात्मक कार्रवाई

सड़क सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण प्रावधान

1. ड्राइविंग लाइसेंस

कोई भी व्यक्ति बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के सार्वजनिक मार्ग पर मोटर वाहन नहीं चला सकता। विभिन्न श्रेणी के वाहनों के लिए पृथक लाइसेंस की व्यवस्था है।

2. वाहन पंजीकरण

प्रत्येक मोटर वाहन का सक्षम प्राधिकारी के समक्ष पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण वाहन का संचालन विधि-विरुद्ध है।

3. बीमा

तृतीय पक्ष बीमा (Third Party Insurance) प्रत्येक मोटर वाहन के लिए अनिवार्य है। इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों के हितों की रक्षा करना है।

4. प्रदूषण नियंत्रण

प्रत्येक वाहन के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) होना आवश्यक है। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से यह महत्वपूर्ण प्रावधान है।

5. दुर्घटना की स्थिति में चालक का कर्तव्य

दुर्घटना होने पर चालक का दायित्व है कि वह—

  • घायल व्यक्ति की सहायता करे।

  • निकटतम अस्पताल तक पहुँचाने का प्रयास करे।

  • पुलिस अथवा संबंधित प्राधिकारी को सूचना दे।

  • घटनास्थल से अनुचित रूप से फरार न हो।

6. नाबालिग द्वारा वाहन संचालन

यदि कोई नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है अथवा दुर्घटना करता है, तो उसके अभिभावक अथवा वाहन-मालिक को भी उत्तरदायी माना जा सकता है। ऐसे मामलों में वाहन का पंजीकरण निरस्त किए जाने का भी प्रावधान है।

अधिनियम का उद्देश्य

मोटर वाहन अधिनियम का मुख्य उद्देश्य—

  • सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना,

  • दुर्घटनाओं में कमी लाना,

  • वाहन संचालन को विनियमित करना,

  • यात्रियों एवं पैदल यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना,

  • तथा परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाना है।

इस अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित नियमों का पालन प्रत्येक चालक, वाहन-मालिक एवं नागरिक का वैधानिक कर्तव्य है।



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6 टिप्‍पणियां:

SANDEEP PANWAR ने कहा…

यह सूची तो वर्तमान नियम की है अब जो नया नियम संसद में विचाराधीन है उसमें तगडा जुर्माना है।

Unknown ने कहा…

बहुत ज्यादा जुर्माना है सिर्फ शराब पीकर गाड़ी चलाने पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए

Unknown ने कहा…

Meri gadi seej kari he ki other states ki gadi delhi me calana mana he supreme kurt ke aadesh he aesa bhi he mujhe bataye

Unknown ने कहा…

Agar pas ki sit par pesengar sit belat nahi lagata hato daraivar laisans kyo esme daraivar Ka rikard kharab hota ha gadi ki arsi par chalan kate danyavad sar

Unknown ने कहा…

यात्री किराया का कहीं भी जिक्र नहीं किया गया है। किराया का निर्धारण कौन करेगा? कैसे करेगा? कितने दिनों तक मान्य रहेगा?

बेनामी ने कहा…

वर्दी ना पहनने पर भी जुर्माना होता है क्या