कौमार्य की शुद्धता खो रहे हैं भारतीय



विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार अशोक सिंघल ने कहा कि भारत में कौमार्य संरक्षित रखा जाता था। लेकिन अब तो इसकी शुद्धता भंग हो गयी है और हम इसे खो रहे हैं। ‘भारत’ नहीं ‘इंडिया’ में बलात्कार की घटनाएं होने संबंधी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान के एक दिन बाद शनिवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बलात्कार और महिलाओं से छेड़छाड़ की वारदात में इजाफे के लिए ‘पश्चिमी मॉडल’ को जिम्मेदार करार दिया और कहा कि शहरों के नैतिक मूल्यों में गिरावट आ रही है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार अशोक सिंघल ने रहन-सहन के पश्चिमी तरीके को ‘‘खतरनाक’’ करार दिया और कहा कि यह संस्कृति अमेरिका से इस देश में आयी है। पश्चिमी मॉडल खतरनाक देश में बलात्कार की घटनाओं में हो रही बढ़ोत्तरी के बारे में कहा कि यह पश्चिमी मॉडल खतरनाक है। दरअसल हो यह रहा है कि हम अमेरिका की नकल कर रहे हैं। हमने अपने शहरों के मूल्यों को खो दिया है।

VHP supremo Ashok Singhal

लिव-इन रिश्तों की जीवनशैली को गलत करार देते हुए सिंघल ने कहा कि यह न केवल हमारी संस्कृति के खिलाफ है बल्कि यह कभी हमारी संस्कृति का हिस्सा भी नहीं रही है। कौमार्य की ‘शुद्धता’ भंग सिंघल ने दावा किया कि अंग्रेजों के आने से पहले भारतवासी एक ‘शुद्ध’ जीवन जीते थे। उन्होंने कौमार्य की ‘शुद्धता’ को ‘ब्रह्मचर्यम’ करार दिया और कहा कि यह अपवित्र हुई है। उन्होंने कहा कि कौमार्य संरक्षित रखा जाता था। लेकिन अब तो इसकी शुद्धता भंग हो गयी है. हम इसे खो रहे है।


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3 comments:

प्रतुल वशिष्ठ said...

अशोक सिंघल जी ने सही ही कहा है। उन्होंने जो भी आकलन किया है सांस्कृतिक आधार पर किया है। भारतीय चश्मे से देखोगे तो यही सब दिखेगा।

bateswar saha said...

I do agree. We are loosing our Indian culture. We are running behing western culture, being trapped.

jitendra kumar said...

The western culture is dangerous for Indian. We are loosing our life values. Believe in yourself and obey the Hinduism. We need to read Swami Vivekananda and Shreemad Bhagwad Geeta. Hinduism is "Guru" and other religion is pupil.