मोच आने पर करे यह उपचार



अक्सर चलते-दौड़ते वक्त अक्सर मोच आ जाती है। दर्द होता है और हम मजबूर हो जाते हैं अपना पैर पकड़ कर बैठने के लिए। घुटना और टखना शरीर के दो ऐसे जोड़ हैं, जो चोटिल होते रहते हैं। पैर और पंजे को जोड़ने का काम करता है टखना। टखने के भीतरी लिगामेंट्स बहुत मजबूत होते हैं, जो कम ही परिस्थितियों में चोटिल होते हैं। बाहरी लिगामेंट्स तीन भाग में बंटे होते हैं- सामने, मध्य और पीछे। आमतौर पर मोच आने पर सामने और बीच वाले लिगामेंट्स ही चोटिल होते हैं। टखने के लिगामेंट्स के घायल होने की घटनाएं तब होती हैं, जब पंजा अंदर की ओर मुड़ जाता है। ऐसा असमान भूमि पर चलने से होता है और शरीर का पूरा वजन इन लिगामेंट्स पर पड़ने से वे चोटिल हो जाते हैं।
सामान्य परिस्थितियों में छह से आठ सप्ताह का समय पूरी तरह मोच ठीक होने मे लग जाता है। कई लोगों में लंबे समय तक मोच बनी रहती है। मोच आने पर इंसान एक जगह अपना पैर पकड़कर बैठ जाता है और उसे काफी दर्द झेलना पड़ता है। पैरों में मोच या फिर खिंचाव आने पर काफी सूजन और दर्द पैदा हो जाता है। यह कभी भी हो सकता है, चाहे कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर पैर में आई हुई मोच से जल्दी आराम पाया जा सकता है। खेल-कूद में लीन हो या फिर चलते चलते पैर मुड़ जाए और ऐसा होने पर टखनों की मोच आ जाती है जो काफी दर्द भरी होती है।
मोच आने पर अगर हम तुरंत डॉक्‍टर के पास ना जा सकें तो उसका भी समाधान है। कुछ खास घरेलू नुस्‍खों को अपनाकर पैर में आई हुई मोच से जल्दी आराम पाया जा सकता है। यह नुस्‍खे काफी पुराने हैं जिसमें किचन में रखी हुई सामग्रियां काम आ सकती हैं। मोच आने पर इन नुस्‍खों को आजमाएं और ढेर सारा आराम करें, जिससे कुछ ऐसे घरेलू नुस्खे लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर पैर में आई हुई मोच से जल्दी आराम पाया जा सकता है। जल्‍दी ही ठीक हो सकें। इसके बाद अगर ठीक ठाक चल लसकने की स्थिति न हो तो तो डॉक्‍टर के पास जाना बिल्‍कुल नही भूलना चाहिए।

 उपचार
  1. 48 घंटो तक मोच वाली जगह पर किसी भी तरह का दबाव न डालें।
  2. आधा चम्मच हल्दी को दूध के साथ तुरंत सेवन करने से हड्डियों के अंदर की चोट को आराम मिलता है।
  3. एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच फिटकरी मिलाकर इसका सेवन करने से मोच काफी जल्दी ठीक हो जाएगी।
  4. तुलसी की कुछ पत्तियों को पीसकर पेस्ट बना लें और उसको मोच वाले स्थान पर लगाएं। ऐसा करने से काफी आराम महसूस होगा।
  5. तुलसी के पत्‍तों के रस तथा सरसों के तेल को एक साथ मिला कर गर्म कर के मोंच वाले भाग पर रखें। ऐसा दिन में 4-5 बार करें।
  6. थोड़े से बर्फ के टुकड़ों को किसी एक कपड़े में रखकर सूजन वाले जगह पर लगाएं। इससे सूजन कम हो जाती है और दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है।
  7. दो चम्‍मच हल्‍दी में थोड़ा सा पानी मिला कर पेस्‍ट बना लें। अब इस पेस्ट को हल्का गर्म करके मोच वाली जगह पर लगाएं। फिर 2 घंटे के बाद पैरों को गुनगुने पानी से धो लें।
  8. नमक और सरसों के तेल को गरम करें और मोंच पर रखें। फिर इसे किसी कपडे़ से बांध कर रात में सो जाएं, आराम मिलेगा।
  9. पान के पत्‍ते पर सरसों का तेल लगा कर, उस पत्‍ते को हल्‍का गरर्म कर के मोाच वाले अंग पर बांध लें।
  10. पीड़ा और सूजन में कमी लाने के लिए मोच खाए अंग पर हर घंटे बाद बर्फ या ठंडे पानी की भीगी हुई पट्टियाँ रखें। इससे पीड़ा और सूजन में कमी आती है।
  11. पैर पर अगर मोच आई तो हमेशा पैर को सोते वक्त थोड़ा ऊंचाई पर रखें। इससे मोच की वजह से आई पैर की सूजन में कमी आती है।
  12. पैरों के नीचे तकिया रखें जिससे आपका पैर थोड़ा ऊपर उठ सके। इससे खून एक जगह पर नहीं जम पाएगा और वह पूरे शरीर में सर्कुलेट होगा। इससे पैरों की सूजन कम हो जाएगी।
  13. फिटकरी का आधा चम्‍मच ले कर उसे एक गिलास गर्म दूध में मिक्‍स कर के पी जाएं, इससे चोट जल्‍दी ठीक हो जाएगी ।
  14. मोच को बैंडडेज या पट्टी से बांधने से राहत मिलती है। पैरों में प्‍लास्‍टिक बैंडडेज बांधिये जिससे पैरों में ब्‍लड सर्कुलेशन भी ठीक रहे। मोच को कस के नहीं बांधना चाहिये नहीं तो उससे खून का दौरा धीमा पड़ जाता है। अगर बैंड‍डेज को कस के बांध लिया तो दर्द बढ जाएगा।
  15. मोच खाए जोड़ को ठीक करने के लिए इलास्टिक की पट्टियों से बांधे।
  16. मोच खाए टखने पर एड़ी से शुरू कर पट्टी को ऊपर की ओर बांधें, ध्यान रहे कि पट्टी बहुत सख्त न हो और हर दो घंटे में खोलते रहें। यदि दर्द और सूजन 48 घंटे में कम न हो तो चिकित्सा सहायता लें।
  17. मोच खाए या टूटे अंग की मालिश कभी भी न करें। इससे कोई लाभ नहीं होता, बल्कि हानि पहुँच सकती है।
  18. मोच वाले स्‍थान पर एलो वेरा जैल लगाएं, इससे आराम मिलेगा।
  19. यदि मोच लगने के तुरंत बाद ही उस जगह पर बर्फ लगा कर सेकाई की जाए तो उस जगह पर सूजन नहीं आती। दर्द को दूर करने के लिये हर 1-2 घंटे में 20 मिनट की बर्फ से सिकाई करनी चाहिये। बर्फ को हमेशा किसी कपड़े में लपेट कर लगाना चाहिये।
  20. शहद और चूने दोनों को बराबर मात्रा में मिला कर मोच वाली जगह पर हल्‍की मालिश करें।
  21. सूजन को कम करने के लिए बर्फ या आइस पैक को दिन में 4-8 बार जरूर लगाएं।
  22. हल्‍दी लगाने से पैरों की सूजन कम हो जाती है। हल्‍दी एक एंटी सेप्‍टिक गुणों वाला मसाला है जो लंबे समय से प्रयोग में लाई जा रही है। इसे लगाने से आपको मोच में काफी आराम मिल सकता है। 2 चम्‍मच हल्‍दी में थोड़ा सा पानी मिला कर पेस्‍ट बना कर हल्‍का गरम करें और मोच पर लगाएं। फिर 2 घंटे के बाद पैरों को गरम पानी से धो लें।
मोच आने पर घर में करें ये व्यायाम
  1.  अपना पंजा दरवाजे के पास इस तरह रखें, जिससे एड़ी जमीन पर रहे और पंजा 45 डिग्री के कोण के साथ दरवाजे से थोड़ा ऊंचाई पर रहे। सपोर्ट के लिए दरवाजे को पकड़ लें। अब घुटने को मोड़ते हुए दरवाजे के करीब लाएं। इस खिंचाव को दो मिनट तक बनाए रखें। यदि सुविधाजनक नहीं लग रहा है तो एक बे्रक लेकर दोबारा ऐसा करें। अगर आप लगातार दो मिनट तक स्ट्रेच कर रहे हैं तो ऐसा एक बार ही करें।
  2. टखने का लचीलापन और उसको गति देने के बाद अब बैठने का व्यायाम करें। एक चटाई बिछा लें। पैरों को पीछे की ओर मोड़ लें। ध्यान रखें कि पैरों की उंगलियां पीछे की ओर से सीधी रहें, अंदर की ओर मुड़ी न हों। अब कूल्हे के हिस्से को एडि़यों पर टिका कर बैठ जाएं। इससे जमीन पर पंजे के सामने के हिस्से पर स्ट्रेच उत्पन्न होगा। स्ट्रेच अधिक बढ़ाने के लिए शरीर के वजन को कूल्हों पर रखें और दो मिनट तक इसी स्थिति में रहें। शुरुआत में इसे कम समय के लिए कर सकते हैं।
  3. पंजे से दीवार पर इसी तरह दबाव बनाए रखें। अब घुटने को अंदर और बाहर की ओर गोल घुमाएं। ऐसा करते हुए दबाव टखने के पीछे के हिस्से की ओर पड़ना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो अपनी स्थिति को ठीक करें और इसे दोबारा दोहराएं।


Share:

दस्त/डायरिया के लक्षण और उपचार



अतिसार या डायरिया में या तो बार-बार मल त्याग करना पड़ता है या मल बहुत पतले होते हैं या दोनों ही स्थितियां हो सकती हैं। पतले दस्त, जिनमें जल का भाग अधिक होता है, थोड़े-थोड़े समय के अंतर से आते रहते हैं। अतिसार का मुख्य लक्षण और कभी-कभी अकेला लक्षण, विकृत दस्तों का बार-बार आना होता है। तीव्र दशाओं में उदर के समस्त निचले भाग में पीड़ा तथा बेचैनी प्रतीत होती है अथवा मलत्याग के कुछ समय पूर्व मालूम होती है। धीमे अतिसार के बहुत समय तक बने रहने से, या उग्र दशा में थोड़े ही समय में, रोगी का शरीर कृश हो जाता है और जल ह्रास (डिहाइड्रेशन) की भयंकर दशा उत्पन्न हो सकती है। खनिज लवणों के तीव्र ह्रास से रक्तपूरिता तथा मूर्छा (कॉमा) उत्पन्न होकर मृत्यु तक हो सकती है।
डायरिया के लक्षण - डायरिया से जूझ रहे व्यक्ति द्वारा इनमे से एक या इससे अधिक लक्षण हो सकते हैं: पानी का मल, पेट में ऐंठन या ऐंठन होना, मतली और उल्टी, बुखार, निर्जलीकरण और भूख में कमी

उपचार 
  1.  अदरक का रस नाभि के आस-पास लगाने से दस्त में आराम मिलता है।
  2. अनार के बीजों को चबाएं। दिन भर में कम से कम दो बार अनाज का जूस पिएं। अनार की पत्तियों को पानी में उबाल लें। इस पानी को छानकर पीने से भी दस्त में आराम मिलता है।
  3. आधा चम्मच सौंठ को छाछ के साथ लें। इस मिश्रण को दिन में दो-तीन बार लेने से डायरिया से राहत मिलती है।
  4. इससे पेट की गर्मी छंट जाएगी और दस्त की समस्या से मुक्ति मिल जाएगी। यह पाउडर खाली पेट दो से तीन दिनों तक लेना चाहिए। बहुत जल्दी आराम मिलता है।
  5. एक गिलास छाछ में थोड़ा नमक, एक चुटकी काली मिर्च, जीरा और थोड़ी हल्दी डालकर पीने से दस्त में आराम मिलता है। दिन में दो से तीन बार ऐसी एक गिलास छाछ बनाकर पीना चाहिए।
  6. एक नीबू के रस में एक चम्मच नमक और थोड़ी चीनी मिलाकर अच्छे से मिक्स करने के बाद पिएं। हर एक घंटे में ये घोल बनाकर पीने से डायरिया में बहुत जल्दी आराम मिलता है। इस नुस्खे को अपनाने के साथ ही हल्का खाना लें। इससे इस समस्या से जल्दी छुटकारा मिल जाता है।
  7. एक-चौथाई चम्मच मेथी दाना पाउडर ठंडे पानी से लें।
  8. कच्चा पपीता उबालकर खाने से दस्त में आराम मिलता है।
  9. कच्चे पपीते को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर उबाल लें। इस पानी को छानकर पिएं। दस्त बंद हो जाएंगे। यह पानी दिन भर में दो से तीन बार पीना चाहिए।
  10. कुकर में बने चावल को ताजे दही के साथ खाएं। दिन भर में दो से तीन बार दही-चावल खाने से दस्त की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।
  11. खाना खाने के बाद एक कप लस्सी में एक चुटकी भुना जीरा और काला नमक ड़ालकर पीएं। दस्त में आराम आयेगा।
  12. जब भी दस्त की समस्या हो, दिन भर में कम से कम दो से तीन चम्मच शुद्ध शहद खाएं। एक चम्मच शहद में आधा चम्मच दालचीनी पाउडर मिलाकर लेने पर भी दस्त से राहत मिलती है।
  13. ताजा लौकी के रस को छानकर दिन में दो-तीन बार पिएं। दस्त की समस्या खत्म हो जाएगी।
  14. बेल की पत्तियों या बेल के फलों का पाउडर दस्त में दवा का कामकरता है। 25 ग्राम बेल के पाउडर को शहद में मिलाकर लेने से दस्त से राहत मिलती है। दिन में कम से कम चार बार बेल पाउडर का सेवन करें।
  15. मिश्री और अमरूद खाने से भी आराम मिलता है।
  16. सरसों के एक-चौथाई चम्मच बीजों को एक कप पानी में भिगो दें। एक घंटे बाद इस पानी को छानकर पी लें। यह नुस्खा एक दिन में दो से तीन बार दोहराएं। डायरिया की समस्या से बहुत जल्दी आराम मिल जाएगा।


Share:

पेट में गैस बनने के कारण, लक्षण और उपाचार



पेट में गैस बनना आम बात है लेकिन कई बार इसकी वजह से सीने में भी दर्द होने लगता है। गैस भयंकर तरीके से सिर में चढ़ जाती है और उल्टियां तक आने लगती है। दरअसल, गैस बनने से पेट फूलने लगता है और पाचन संबंधी दिक्कत पैदा हो जाती है। अगर आपको ज्यादा गैस बनती है तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें क्योंकि इसकी वजह से आपको घातक पेट के रोग हो सकते हैं। पेट फूलने और गैस बनने पर आप घर में ही मौजूद चीजों से इसका इलाज कर सकते हैं और इस बीमारी से जड़ से छुटकारा पा सकते हैं।


पेट में गैस की समस्या होने पर आमतौर पर यह लक्षण दिखते हैं- उलटी, बदहज़मी, दस्त होना, पेट फूलना
  1. बदबूदार सांसें आना और पेट में सूजन रहना तथा भूख न लगना और पेट में गैस होने पर जब ऊपर बताए गए लक्षण दिखते तो आपको शर्मिंदा होना पड़ता है। ऐसे में आप जरूर चाहेंगे कि जल्द से जल्द आप इस समस्या से निजात पा लें। तो आइए, जानते हैं पेट में गैस की समस्या से छूटकारा पाने के आसान से घरेलू उपाय-अजवायन और काला नमक को समान मात्रा में मिलाकर गर्म पानी से पीने से पेट का अफारा ठीक होता है।
  2. आप दूध में काली मिर्च मिलाकर भी पी सकते हैं।
  3. इस सभी उपचार के अलावा सप्ताह में एक दिन उपवास रखने से भी पेट साफ रहता है और गैस की समस्या पैदा नहीं होती।
  4. इसके अलावा सेब का सिरका भी गर्म पानी में मिलाकर पीने से लाभ होगा।
  5. ऐसी समस्या से छुटकारा पाने के लिए भोजन के बाद 3-4 मोटी इलायची के दाने चबाकर ऊपर से नीबू पानी पीने से पेट हल्का होता है।
  6. काली मिर्च का सेवन करने पर पेट में हाजमे की समस्या दूर हो जाती है।
  7. छाछ में काला नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से भी गैस की समस्या में काफी लाभ मिलता है।
  8. दालचीनी को पानी मे उबालकर, ठंडा कर लें और सुबह खाली पेट पिएं। इसमें शहद मिलाकर पिया जा सकता है।
  9. दिनभर में दो से तीन बार इलायची का सेवन पाचन क्रिया में सहायक होता है और गैस की समस्या नहीं होने देता।
  10. नीबू के रस में 1 चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर सुबह के वक्त खाली पेट पिएं।
  11. पुदीने की पत्तियों को उबाल कर पीने से गैस से निजात मिलती है।
  12. रोज अदरक का टुकड़ा चबाने से भी पेट की गैस में लाभ होता है।
  13. रोजाना नारियल पानी सेवन करना गैस का फायदेमंद उपचार है।
  14. लहसुन भी गैस की समस्या से निजात दिलाता है। लहसुन को जीरा, खड़ा धनिया के साथ उबालकर इसका काढ़ा पीने से काफी फादा मिलता है। इसे दिन में 2 बार पी सकते हैं।
  15. सुबह-शाम सवा चम्मच त्रिफला का चूर्ण गर्म पानी के साथ लेने से पेट नर्म होता है।


Share: