एक कुत्ते की बात



आज से दो दिन पहले मे गेट से बाहर निकला तो एक कुत्ता काटने को दौडा, और मै किसी प्रकार पहले बचाव किया, फिर जैसे ही उसी मारने के लिये ईट उठाने की कोशिश की तो वो फिर काटने को दौड़ा पर मैने भी किसी प्रकार से दो ईट उठा ली और उससे दो-दो हाथ खड़ा हो गया। मैने ईट उसके पेट मे मारने की कोशिश की तो पता नही कैसे अपना सिर बीच मे ले आया और ईट उसके सिर पर जाकर ठक से लगी, जैसे ही उसे ईंट लगी कुत्ते की सारी बकैती ऐसे गायब हुयी जैसे गधे के सिर से सींग और ऐसा भागा कि जब तक की ऑंख से ओझल न हो गया।
मेरी ईंट उसके सिर पर लगने का अफ़सोस था क्‍योकि जानवरो के सिर पर चोट लगने से वो बच कम पाते है पर उसे ईंट लगने पर खुली चोट नही लगी थी इसी से मुझे थोड़ी तसल्‍ली थी। वह दो दिन से गायब रहा मुझे चिंता हो रही थी कि वो कहीं मर न गया हो। जब यह बात मैने भैया को बताई तो भैया ने हंसते हुये कहा कि चोट दीमाग पर लगी है तो कहीं याददाश्‍त न भूल गया हो।
एक कुत्ते की बात
कल रात्रि वह कुत्ता मुझे फिर दिखा और एक टकटकी निगह से मुझे फिर देख रहा था, भौका भी नही। अचानक मैने जैसे ही एक ईट का टुकड़ा उठाने की कोशिश की वह उसी रफ्तार से भागा जैसे उस दिन भागा था और तब तक भागता रहा जब तक की आखो से ओझल न हो गया। मुझे यकीन हो गया कि वह ठीक और उसकी याददाश्त भी नही खोई। :)


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