आस्था की नगरी मे मौत का नर्तन
मामला पूरा का पूरा राजनीति व स्थानीय अधिकारियों की शह पर हो रहा था, इस जमीन पर निर्माण करने करने वाला बिल्डर जमील अहमद स्थानीय अधिकारियों के बीच जाना माना नाम है जिसके नाम से अधिकारी भी खौफ खाते है। वह पिछले एक दशक से इस प्रकार का अवैध कार्य कर रहा है, परंतु अधिकारियों के कान पर जूँ तक नहीं रेंग रही थी और जिसका परिणाम था कि इस बिल्डिंग का धराशाई होना। यह बिल्डर होने के साथ ही साथ सपा का नेता भी है, और अन्य दलों के नेताओं से भी मधुर सम्बन्ध भी है।
इस निर्माण के साथ साथ कई अन्य निर्माण भी वह करा रहा है, और वह करेली मोहल्ले मे लगभग 400 बीधे की कालोनी का भी निर्माण करा रहा था। पर आश्चर्य करने की बात यह है कि इलाहाबाद विकास प्राधिकरण (ADA) को इस कालोनी के निर्माण की जानकारी भी नहीं है।
इस हासदे की खबर पूरे महानगर मे महामारी की तरह फैल गई, स्थानीय लोग, संद्य के स्वयंसेवक, सेना तथा स्थानीय प्रशासन ने मौके पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया। हर जुबान पर इस हादसे की चर्चा हो रही थी और बत्दुआ निकल रही थी कि इन दोषियों को नर्क भी न नसीब हो। स्थानीय प्रशासन ने मामले को भरसक दबाने का प्रयास किया कारण उत्तर प्रदेश के चुनाव भी हो सकते है। प्रशासन ने मात्र तीन लोगों की मरने की घोषणा कि जबकि प्रत्यक्ष दर्शी मजदूरों का कहना था कि लगभग 150 लोग कार्य कर रहे थे लगभग 80 के दबे होने की संभावना है। जिले के सबसे बड़े अस्पताल स्वरूपरानी मेडिकल कालेज मे न तो दवा उपलब्ध थी न तो पट्टी।
मजदूरों का कहना था कि रात 8 बजे से ही बिल्डिंग से चर्र चर्र की आवाज आ रही थी पर किसी ने ध्यान नही दिया जिसका परिणाम आज हमारे सामने है। अब प्रश्न उठता है कि क्या दस दोषियों को सजा मिल पाएगी या फिर सरकार इन्हे मौत के तांडव का लाइसेंस देती रहेगी। सम्बन्धित लेख के चित्र के लिये चूहे का खटका चापें करे अदिति पर जाइये
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कृपया पक्ष मे टिप्पड़ी करे अन्यथा न करें
‘अमित जी आपके दोस्त को पूरा ध्यान पूर्वक पढ़ लगा कि दिव्याभ जी ने जिन शब्दो का प्रयोग किया वह कदापि उचित नही था और मै इन शब्दों के प्रयोग की कढ़ी शब्दो मे निंदा करता हूँ। पर ध्यान देने योग्य यह भी है कि जैसा आपने कहा कि मै चिठ्ठाकार को ईमेल भेज रहे थे वह उनके पास गया तो गलती तो अपकी थी अगर आपने इसकी माफी मॉंग ली होती कि भूल से चला गया है तो बात वही खत्म हो जाती। और एक बात जब बात द्विपक्षीय हो रही हो तो उसे बहुपक्षीय बनने से स्थिति और खराब होती है। आपने जिस प्रकार दिव्याभ जी के ईमेल को सार्वजनिक किया वह ठीक नहीं था। कोशिश करनी चाहिये कि इस प्रकार के झंझटो से बचा जाय। मै एक बार फिर से किसी चिठ्ठाकार या किसी के प्रति इन प्रकार के शब्दों की निंदा करता हूँ।‘
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पर्यायवाची, विलोम या विपरीतार्थक अथवा प्रतिलोम शब्द एवं अनेकार्थक शब्द
पर्यायवाची शब्द
पर्यायवाची शब्द
जो शब्द अर्थ की दृष्टि से समान अथवा लगभग समान अर्थ व्यक्त करते हैं, उन्हें पर्यायवाची शब्द कहते हैं। हिन्दी भाषा में प्रयुक्त प्रत्येक शब्द का अपना स्वतंत्र अर्थ होता है तथा कोई भी शब्द पूर्णतः दूसरे शब्द का पर्याय नहीं होता। फिर भी अर्थगत समानता के आधार पर उन्हें पर्यायवाची माना जाता है।
यह ध्यान रखने योग्य है कि अर्थ में समानता होने पर भी पर्यायवाची शब्द प्रत्येक स्थान पर एक-दूसरे के स्थान पर प्रयुक्त नहीं किए जा सकते। उदाहरणार्थ, मृतात्माओं के तर्पण के संदर्भ में ‘जल’ शब्द का प्रयोग उपयुक्त माना जाता है, जबकि ‘पानी’ शब्द का प्रयोग उतना उपयुक्त नहीं माना जाता। अतः प्रत्येक पर्यायवाची शब्द का प्रयोग उसके प्रसंग, भाव तथा वाक्य की आवश्यकता के अनुसार ही किया जाना चाहिए।
पर्यायवाची शब्द गद्य एवं पद्य साहित्य को पुनरुक्ति-दोष से बचाते हैं तथा भाषा को अधिक प्रभावशाली, सुंदर और अभिव्यंजक बनाते हैं।
महत्त्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द :
व्याकरण-शुद्ध एवं व्यवस्थित रूप
क
अंधकार — तम, तिमिर, अँधेरा, अँधियारा, ध्वान्त, तमिस्र, तमस्।
अंधा — नेत्रहीन, चक्षुहीन, विवेकशून्य, दृष्टिहीन।
अहंकार — दर्प, दम्भ, अभिमान, घमण्ड, गर्व, मद।
अतिथि — मेहमान, पाहुना, आगन्तुक, अभ्यागत, बटाऊ।
अग्नि — आग, अनल, पावक, वह्नि, ज्वाला, कृशानु, वैश्वानर, धनञ्जय, दहन, सर्वभक्षी, जातवेद, हुताशन, हव्यवान, ज्वलन, शिखा, वैसन्दर, रोहिताश्व, कृपीटयोनि, तनूनपात, चित्रभानु, विभावसु, शुचि।
अकाल — सूखा, दुर्भिक्ष, भुखमरी, कमी, काळ (राजस्थानी)।
अध्यापक — गुरु, आचार्य, शिक्षक, प्रवक्ता, उपाध्याय।
अमृत — सुधा, पीयूष, अमिय, सोम, सुरभोग, जीवनोदक, अमी, मधु, दिव्य पदार्थ।
अनुपम — अनूप, अपूर्व, अतुल, अनोखा, अद्भुत, अनन्य, अद्वितीय, बेजोड़, बेमिसाल, अनूठा, निराला, अभूतपूर्व, विलक्षण।
असुर — दैत्य, दानव, राक्षस, निशाचर, रजनीचर, दनुज, रात्रिचर, जातुधान, मायावी, सुरारि।
अचल — अटल, अडिग, अविचल, स्थिर, दृढ़।
अनाथ — यतीम, नाथहीन, बेसहारा, दीन, निराश्रित।
अपमान — अनादर, बेइज्जती, अवमानना, निरादर, तिरस्कार।
अभिजात — संभ्रान्त, कुलीन, श्रेष्ठ, योग्य।
अभिप्राय — आशय, तात्पर्य, मतलब, अर्थ, मंशा, व्याख्या, भाष्य, टीका-टिप्पणी।
अरण्य — जंगल, अटवी, विपिन, कानन, वन, कान्तार, दावा, गहन, बीहड़।
अजेय — अदम्य, अपराजेय, अपराजित, अजित।
अन्य — पर, भिन्न, पृथक, दूसरा, अलग।
अनुचर — भृत्य, किंकर, दास, परिचारक, सेवक।
अनार — शुकप्रिय, रामबीज, दाड़िम।
अर्जुन — पार्थ, धनञ्जय, सव्यसाची, गाण्डीवधारी।
अक्षर — हरफ़, ब्रह्म, वर्ण, अविनाशी।
अनाज — अन्न, धान्य, खाद्यान्न, शस्य, गल्ला।
अधिकार — हक, स्वामित्व, स्वत्व, कब्जा, आधिपत्य।
अनुमान — अन्दाज़, तखमीना, अटकल, कयास।
अनुमति — इजाज़त, आज्ञा, अनुज्ञा, मंजूरी, स्वीकृति।
अप्सरा — देवांगना, सुरांगना, देवकन्या।
अवनति — अपकर्ष, ह्रास, गिरावट, उतार।
अशुद्ध — दूषित, अपवित्र, मलिन, गन्दा, गलत।
अस्त — ओझल, गायब, तिरोहित।
आ
आँख — नेत्र, नयन, चक्षु, दृग, लोचन, अक्षि, नज़र, दृष्टि, विलोचन।
आँसू — अश्रु, नयनजल, नेत्रनीर, नैत्रज, दृगजल, दृगम्बु।
आँधी — तूफ़ान, चक्रवात, झंझावत, बवंडर।
आँगन — अंगना, प्रांगण, बाखर, बगर, अजिर, बाड़ा।
आकाश — नभ, अम्बर, व्योम, गगन, अनन्त, शून्य, तारापथ, अन्तरिक्ष, आसमान, विहायस।
आम — आम्र, रसाल, सहकार, अमृतफल।
आनन्द — आमोद, प्रमोद, प्रसन्नता, हर्ष, उल्लास, आह्लाद, मोद, मुद, खुशी, सुख, चैन।
आन — प्रण, प्रतिज्ञा, हठ, शपथ, घोषणा, मर्यादा।
आभूषण — जेवर, गहना, भूषण, आभरण, मण्डन, अलंकार।
आत्मा — चैतन्य, विभु, जीव, चेतनतत्त्व, अन्तःकरण।
आज्ञा — आदेश, निदेश, हुक्म।
आयु — उम्र, वय, अवस्था, जीवनकाल।
आदर्श — मानक, प्रतिमान, नमूना, प्रतिरूप।
आदि — प्रथम, आरम्भिक, पहला, अथ।
आपत्ति — विपत्ति, आपदा, संकट, मुसीबत।
आश्रय — अवलम्ब, सहारा, आधार, प्रश्रय, आसरा।
आश्रम — कुटी, विहार, मठ, संघ, अखाड़ा।
आचरण — व्यवहार, चाल-चलन, बरताव।
आयुष्मान — चिरायु, दीर्घायु, चिरंजीव।
इ – ई
इन्द्र — महेन्द्र, देवराज, देवेश, सुरपति, शचीपति, वासव, पुरन्दर, सुरेन्द्र, देवेन्द्र, शक्र।
इच्छा — अभिलाषा, आकांक्षा, कामना, चाह, ईप्सा, मनोरथ, स्पृहा, उत्कण्ठा, लालसा, वांछा, लिप्सा।
ईश्वर — परमात्मा, प्रभु, ईश, जगदीश, भगवान, परमेश्वर, विधाता, दीनबन्धु, जगन्नाथ, हरि।
ईर्ष्या — जलन, डाह, द्वेष, खार, रश्क, कुढ़न।
ईनाम — उपहार, पुरस्कार, पारितोषिक, बख्शीश।
ईमानदारी — सदाशयता, निष्कपटता, दयानतदारी।
उ – ऊ
उपहास — मज़ाक, खिल्ली, परिहास, मखौल, हँसी।
उपवन — बाग, बगीचा, उद्यान, वाटिका, फुलवारी, गुलशन।
उत्तम — श्रेष्ठ, उत्कृष्ट, प्रवर, प्रकृष्ट, बेहतरीन, अच्छा।
उत्थान — उत्कर्ष, आरोह, चढ़ाव, उन्नति, प्रगति, उन्नयन।
उदाहरण — दृष्टान्त, मिसाल, नज़ीर, नमूना।
उपकार — भलाई, नेकी, हितसाधन, कल्याण, मदद, परोपकार।
उत्सव — समारोह, पर्व, त्योहार, जलसा, जश्न।
उदय — प्रकट होना, आरोहण, चढ़ना।
उदास — दुखी, रंजीदा, विरक्त, अनमना, अन्यमनस्क।
उद्देश्य — लक्ष्य, ध्येय, हेतु, प्रयोजन।
उद्यम — साहस, उद्योग, परिश्रम, व्यवसाय, धन्धा, कार्य, व्यापार, कर्म।
उपमा — तुलना, मिलान, सादृश्य, समानता।
उदर — पेट, कुक्ष, जठर।
ऊँट — उष्ट्र, मरुयान, लम्बोष्ठ, महाग्रीव।
ए – ऐ – ओ
एकान्त — सूना, निर्जन, जनशून्य।
ऐश्वर्य — वैभव, सम्पन्नता, समृद्धि, प्रभुत्व, ठाठ-बाट।
ओझल — गायब, लुप्त, अदृश्य, अन्तर्धान, तिरोभूत।
ओस — तुषार, हिमकण, शबनम, हिमबिन्दु।
ओष्ठ — अधर, रदच्छद, लब, होठ, ओंठ।
क
कमल — नलिन, अरविन्द, उत्पल, राजीव, पद्म, पंकज, नीरज, सरोज, जलज, वारिज, शतदल, अम्बुज, पुण्डरीक।
कल्पवृक्ष — देवदारु, सुरतरु, मन्दार, पारिजात, कल्पद्रुम, कल्पतरु।
कबूतर — कपोत, हारीत, परेवा, पारावत।
कर्ण — अंगराज, सूतपुत्र, सूर्यपुत्र, राधेय।
करुणा — दया, अनुग्रह, अनुकम्पा, कृपा, मेहरबानी।
कर्ज — ऋण, उधार, देनदारी, देयता।
कलंक — लांछन, दोष, दाग, तोहमत, धब्बा।
कमर — कटि, श्रोणि, मध्यांग।
कस्तूरी — मृगनाभि, मृगमद।
कवि — कल्पक, सृष्टा, काव्यकार, रचनाकार।
कलश — घट, घड़ा, गागर, गगरी, मटका, कुंभ।
कपड़ा — वस्त्र, चीर, वसन, अम्बर, पट, परिधान।
कष्ट — दुःख, दर्द, पीड़ा, व्यथा, कठिनाई, क्लेश, विषाद, संताप, वेदना, यातना, संकट।
कामदेव — काम, अनंग, मदन, मनोज, मन्मथ, कन्दर्प, स्मर, रतिपति, पुष्पधन्वी।
कान — कर्ण, श्रवण, श्रवणेन्द्रिय, श्रोत, श्रुतिपुट।
कान्ति — चमक, आभा, प्रभा, सुषमा, द्युति।
किरण — रश्मि, कर, मरीचि, मयूख, अंशु, ज्योति, दीप्ति।
किताब — पोथी, ग्रन्थ, पुस्तक।
किनारा — तट, तीर, कूल, पुलिन।
कुबेर — यक्षराज, धनाधिप, धनद, धनपति।
कुत्ता — श्वान, शुनक, कूकर।
क्रूर — निष्ठुर, निर्मोही, बर्बर, नृशंस, निर्दयी।
कृष्ण — श्याम, कन्हैया, वासुदेव, मोहन, नन्दलाल, मुरलीधर, माधव, मधुसूदन, गोपाल, गोविन्द, केशव।
कृतज्ञ — आभारी, उपकृत, अनुगृहीत, कृतार्थ, ऋणी।
कृषक — किसान, हलवाहा, खेतिहर, कृषिजीवी, अन्नदाता।
क्रोध — गुस्सा, अमर्ष, रोष, कोप, कोह।
केला — कदली, भानुफल, रम्भा, गजवसा, कुंजरासरा, मोचा।
केश — बाल, शिरोरुह, कच, कुन्तल, पश्म, चिकुर, अलक।
कोयल — पिक, कलकण्ठ, कोकिला, श्यामा, बसन्तदूत, कुहुकिनी, वनप्रिया, कोकिल, परभृत।
कौआ — काक, वायस, पिशुन, करटक, काग।
क्षमा — माफी, सहनशीलता, सहिष्णुता।
खम्भा — यूप, स्तम्भ, खम्भ, स्तूप।
खल — अधम, दुष्ट, दुर्जन, धूर्त, कुटिल, नीच, पामर, पिशुन, निकृष्ट, शठ।
खिड़की — गवाक्ष, झरोखा, बारी, वातायन, दरीचा।
गंगा — देवनदी, मन्दाकिनी, भागीरथी, विष्णुपदी, जाह्नवी, त्रिपथगा, देवगंगा, सुरसरिता, सुरधुनी, आपगा, नदीश्वरी।
गणेश — विनायक, गजानन, गौरीनन्दन, गणपति, गणनायक, लम्बोदर, महाकाय, एकदन्त, गजवदन, मूषकवाहन, वक्रतुण्ड, विघ्ननाशक।
गरुड़ — वैनतेय, खगकेतु, हरिवाहन, खगेश, पक्षिराज, उरगरिपु।
गधा — गर्दभ, खर, रासभ, वैशाखनन्दन।
गला — कण्ठ, ग्रीवा, शिरोधरा।
गाय — गौ, गऊ, गैया, धेनु, सुरभि, गौरी, पयस्विनी, माहेयी।
ग्रीष्म — घाम, निदाघ, ताप, ऊष्मा, गर्मी, उष्ण ऋतु।
गीदड़ — शृगाल, सियार, जम्बूक।
गुलाब — शतपत्र, पाटल, स्थलकमल।
गुरु — शिक्षक, अध्यापक, आचार्य, अवबोधक।
घर — गृह, सदन, गेह, भवन, धाम, निकेतन, निवास, आलय, आवास, निलय, मकान, आगार।
घृत — घी, आज्य, सर्पि, हव्य।
घोड़ा — अश्व, तुरंग, हय, वाजि, सैन्धव, तुरंगम, बाजी।
घोड़ी — अश्विनी, वामी, प्रसूका।
चन्दन — मलय, गन्धराज, मंगल्य।
चन्द्रमा — चाँद, हिमांशु, इन्दु, विधु, शशि, हिमकर, सोम, मयंक, सुधाकर, कलानिधि, सुधांशु, निशाकर, शशांक, मृगांक, राकेश।
चतुर — कुशल, प्रवीण, निपुण, योग्य, पटु, दक्ष, होशियार, चालाक।
चरण — पद, पग, पाँव, पैर।
चाँदनी — चन्द्रिका, कौमुदी, ज्योत्स्ना, उजियारी, अमला।
चाँदी — रजत, रूपा, रौप्य, कलधौत।
चोर — तस्कर, रजनीचर, मौषक।
छल — कपट, छद्म, धोखा, व्याज, वंचना, प्रवंचना, ठगी।
छिपकली — गोधिका, विषतूलिका।
जंगल — विपिन, कानन, वन, अरण्य, गहन, कान्तार, बीहड़।
जल — नीर, सलिल, उदक, अम्बु, तोय, वारि, पय, पानी, अमृत, पानीय, अप।
जन्म — उद्भव, उत्पत्ति, आविर्भाव, पैदाइश।
जहर — विष, गरल, हलाहल, कालकूट।
जवान — युवा, युवक, तरुण, किशोर।
जीभ — जिह्वा, रसना।
जीव — प्राणी, प्राणी, चैतन्य, जान।
झरना — प्रपात, निर्झर, स्रोत, उत्स।
झूठ — असत्य, मिथ्या, मृषा, अनृत।
झोपड़ी — कुटिया, पर्णकुटी, कुंज।
तलवार — असि, खड्ग, कृपाण, करवाल, चन्द्रहास।
तरकस — तूणीर, निषंग।
त्वचा — चर्म, चमड़ी, खाल, चाम।
तालाब — सरोवर, जलाशय, सर, पुष्कर, पोखरा, सरसी, तड़ाग, पद्माकर, कासार।
तारा — उडु, नक्षत्र, तारक, तारिका, सितारा।
तोता — शुक, कीर, सुआ, दाड़िमप्रिय।
थोड़ा — कम, जरा, स्वल्प, तनिक, अल्प, किंचित, मामूली।
दर्पण — शीशा, आरसी, आईना, मुकुर।
दल — समूह, झुण्ड, निकर, गण, वृन्द, पुंज।
दरिद्र — गरीब, विपन्न, धनहीन, निर्धन, कंगाल।
दाँत — दन्त, रद, दशन, रदन, द्विज।
दिन — वासर, दिवस, दिवा, अह्न, अहः, वार।
दुःख — पीड़ा, क्लेश, वेदना, यातना, कष्ट, व्यथा, शोक, संताप, विषाद, पीर।
दुर्गा — चण्डिका, भवानी, महागौरी, कालिका, शिवा, चामुण्डा, चण्डी, काली, अम्बा, गौरी।
दूध — क्षीर, पय, दुग्ध, गोरस।
देवता — सुर, अमर, देव, विवुध, निर्जर, वसु, आदित्य, त्रिदश।
देश — वतन, मुल्क, क्षेत्र, राष्ट्र।
दिव्य — अलौकिक, लोकोत्तर, लोकातीत।
द्रौपदी — कृष्णा, पांचाली, याज्ञसेनी।
धन — अर्थ, वित्त, सम्पत्ति, द्रव्य, सम्पदा, दौलत, मुद्रा, लक्ष्मी, श्री।
धनुष — कोदण्ड, चाप, शरासन, कमान, धनु।
ध्वजा — ध्वज, निशान, केतु, पताका, झण्डा, वैजयन्ती।
ध्वनि — आवाज, स्वर, शब्द, नाद, रव।
धरती — पृथ्वी, उर्वी, वसुन्धरा, भू, धरा, धरणी, मही, मेदिनी, क्षिति, भूमि, अवनि, रत्नगर्भा।
नर — व्यक्ति, जन, मनुष्य, मनुज, आदमी, पुरुष, मानव, नृ।
नदी — सरिता, सरि, आपगा, तटिनी, प्रवाहिनी, नद, तरंगिणी, स्रोतस्विनी।
नकुल — नेवला, युधिष्ठिर का भाई।
नया — नूतन, नव, नवीन, नव्य।
नश्वर — नाशवान, क्षणभंगुर, क्षणिक।
नारद — ब्रह्मर्षि, देवर्षि, ब्रह्मापुत्र।
नारी — महिला, वनिता, ललना, रमणी, स्त्री, कामिनी, औरत, भामिनी, तरुणी, प्रमदा।
नाश — विनाश, ध्वंस, क्षय, तबाही, संहार।
नाव — नौका, तरणी, जलयान, तरी, डोंगी, पोत, नैया।
निन्दा — बुराई, अपयश, बदनामी, चुगली।
नियति — प्रारब्ध, भाग्य, होनी, भावी, होनहार।
निर्मल — स्वच्छ, शुद्ध, साफ, उज्ज्वल, पवित्र, पावन।
नौकर — अनुचर, सेवक, किंकर, चाकर, भृत्य, परिचारक, दास।
पण्डित — विद्वान, कोविद, सुधी, मनीषी, प्राज्ञ, विचक्षण।
पहाड़ — पर्वत, अचल, गिरि, नग, भूधर, महीधर, शैल, अद्रि, मेरु, शिखरी।
पक्षी — द्विज, शकुनि, अण्डज, विहंग, खग, नभचर, पंछी, परिन्दा।
पवन — अनिल, वात, वायु, बयार, समीर, हवा, मरुत, प्रभंजन।
पति — भर्ता, वल्लभ, स्वामी, अधिपति, भरतार, कान्त, नाथ, वर, प्राणेश।
पत्नी — भार्या, दारा, सहधर्मिणी, वधु, गृहिणी, अर्द्धांगिनी, कलत्र, कान्ता।
पथ — राह, रास्ता, मार्ग, बाट, पन्थ।
पराग — रज, पुष्परज, केसर, कुसुमरज।
पत्ता — पर्ण, पल्लव, दल, किसलय, पत्र।
प्रकाश — रोशनी, आलोक, उजाला, प्रभा, दीप्ति, ज्योति, चमक।
पत्थर — पाषाण, शिला, पाहन, प्रस्तर, उपल।
प्रातः — प्रभात, सुबह, अरुणोदय, उषाकाल, सवेरा।
पान — ताम्बूल, नागरबेल, मुखमण्डन, मुखभूषण।
पाला — हिम, तुषार, नीहार, प्रालेय।
पाप — अघ, पातक, दुष्कृत्य, अधर्म, अनाचार, अपकर्म।
पार्वती — गिरिजा, शैलजा, उमा, भवानी, शिवानी, दुर्गा, अम्बिका, गौरी, अपर्णा।
प्रेम — प्यार, प्रीति, अनुराग, राग, स्नेह, प्रणय।
पिता — जनक, तात, पितृ, बाप, पितु, पालक, बप्पा।
पुत्र — बेटा, आत्मज, सुत, वत्स, तनुज, तनय, नन्दन, पूत, सुवन।
पुत्री — बेटी, आत्मजा, तनया, सुता, दुहिता, नन्दिनी।
पेड़ — विटप, द्रुम, तरु, वृक्ष, पादप, भूरुह।
प्यास — पिपासा, तृषा, तृष्णा।
प्रसन्न — खुश, हर्षित, आनन्दित, प्रफुल्लित।
फूल — कुसुम, सुमन, पुष्प, मंजरी, प्रसून, पुहुप, लतान्त।
बलराम — हलधर, मूसली, रेवतीरमण, हली।
बसन्त — ऋतुराज, माधव, कुसुमाकर, मधुऋतु, मधुमास, मधु।
बहन — सहोदरा, भगिनी, सहगर्भिणी, बान्धवी।
ब्रह्मा — अज, विधि, विधाता, सृष्टा, प्रजापति, चतुरानन, चतुर्मुख, नाभिज, विरंचि, आत्मभू, स्वयंभू, पद्मयोनि, हिरण्यगर्भ, कमलासन, हंसवाहन, धाता।
बन्दर — वानर, मर्कट, शाखामृग, कपि, कीश, लंगूर।
बर्फ — तुषार, हिम, तुहिन, नीहार।
ब्राह्मण — द्विज, विप्र, अग्रजन्मा।
ब्याह — शादी, विवाह, परिणय, पाणिग्रहण।
बाघ — व्याघ्र, शार्दूल, चित्रक।
बाज — श्येन, कपोतारि।
बाण — तीर, शायक, शिलीमुख, नाराच, शर, विशिख।
बालू — रेत, बालुका, सैकत।
बादल — पयोद, वारिद, जलद, नीरद, तोयद, अम्बुद, मेघ, पयोधर, जलधर, अभ्र, घन, पर्जन्य, बलाहक।
बालक — शिशु, बच्चा, शावक।
बिजली — तड़ित, विद्युत, सौदामिनी, दामिनी, चंचला, चपला, अशनि।
बिल्ली — मार्जारी, विडाल।
बुद्धि — मति, मेधा, धी, मनीषा, प्रज्ञा, अक्ल, विवेक।
बैल — वृषभ, वृष, ऋषभ, नन्दी।
भय — त्रास, डर, आतंक, भीति।
भैंस — महिषी, कासरी, सैरिभी।
भ्राता — भाई, बान्धव, सहोदर, भातृ, बन्धु।
भाग्य — तकदीर, किस्मत, ललाट, भाग, अंक, भाल।
भालू — रीछ, ऋक्ष, जम्बूक।
भिखारी — भिक्षुक, याचक, मँगता, भिक्षोपजीवी।
भौंरा — मधुप, भ्रमर, अलि, मधुकर, षट्पद, भृंग, चंचरीक, द्विरेफ।
मक्खन — नवनीत, लौनी, माखन, दधिसार।
मछली — मीन, मत्स्य, शफरी।
मदिरा — दारू, शराब, सुरा, मद्य, वारुणी, हाला।
मांस — आमिष, गोश्त, पलल, पिशित।
माता — माँ, जननी, अम्बा, धात्री, अम्बिका, मैया, अम्मा, जन्मदायिनी।
मित्र — संगी, साथी, सहचर, दोस्त, सखा, सुहृद, मीत, यार।
मुख — मुँह, चेहरा, वदन, आनन।
मुनि — साधु, महात्मा, सन्त, बैरागी, तापस, तपस्वी, संन्यासी।
मुर्गा — कुक्कुट, ताम्रचूड़।
मूर्ख — मूढ़, अज्ञ, अज्ञानी।
मेंढक — मण्डूक, दादुर।
मैना — सारिका, चित्रलोचना, सारी।
मोती — मुक्ता, मौक्तिक, सीपज।
मोर — मयूर, केकी, शिखी, कलापी, नीलकण्ठ।
मृत्यु — मौत, निधन, देहान्त, प्राणान्त, निऋति, स्वर्गवास।
मोक्ष — मुक्ति, निर्वाण, कैवल्य, अपवर्ग।
यमराज — यम, धर्मराज, सूर्यपुत्र।
यमुना — कालिन्दी, कृष्णा, सूर्यजा, तरणिजा, रवितनया, श्यामा।
युद्ध — रण, संग्राम, समर, लड़ाई, विग्रह, आहव, संयुग।
युवती — किशोरी, तरुणी, श्यामा।
रक्त — खून, लहू, रुधिर, लोहित, शोणित।
राम — रघुपति, सीतापति, रघुवर, राघव, दशरथनन्दन, सियावर, जानकीवल्लभ।
रावण — दशानन, लंकापति, लंकेश, दशकन्धर।
राजा — नृप, महीप, नरेश, भूप, नरेन्द्र, भूपति, नृपति, भूपाल, पार्थिव, अवनीश।
राधा — वृषभानुजा, ब्रजरानी, कृष्णप्रिया, राधिका।
रात्रि — रात, रजनी, निशा, क्षपा, रैन, यामिनी, शर्वरी, विभावरी।
रोगी — बीमार, अस्वस्थ, रुग्ण, व्याधिग्रस्त, रोगग्रस्त।
लक्ष्मी — कमला, पद्मा, रमा, हरिप्रिया, श्री, इन्दिरा, समुद्रजा, भार्गवी, विष्णुप्रिया।
लक्ष्मण — लखन, सौमित्र, रामानुज, शेषावतार, मेघनादारि।
लता — वेलि, वल्लरी, वीरुध, बेल।
लहर — तरंग, ऊर्मि, वीचि।
लोहा — अयस, लौह।
वर्ष — साल, बरस, अब्द, वत्सर।
वर्षा — बरसात, पावस, बारिश, वर्षण, बरखा।
वरुण — अम्बुपति, सागरेश, प्रचेता, समुद्रेश, पाशी।
वात्सल्य — स्नेह, लाड़-प्यार, ममता, लालन, शिशु-प्रेम।
विधवा — पतिहीना, अनाथा।
विष्णु — नारायण, केशव, माधव, अच्युत, हरि, चक्रपाणि, दामोदर, मुरारी, जनार्दन, मुकुन्द, ऋषिकेश, लक्ष्मीपति, पुरुषोत्तम, श्रीपति, वासुदेव, मधुसूदन, पद्मनाभ।
वियोग — बिछोह, विरह, जुदाई, विप्रलम्भ।
वीर्य — शुक्र, बीज, जीवन।
शब्द — ध्वनि, रव, नाद, निनाद, स्वर।
शत्रु — रिपु, बैरी, अरि, अराति, दुश्मन, विरोधी, अमित्र।
शरीर — देह, तन, काया, कलेवर, वपु, गात, तनु।
शहद — मधु, मकरन्द, पुष्परस।
शत्रुघ्न — रिपुसूदन, शत्रुहन, शत्रुहन्ता।
श्वेत — शुभ्र, धवल, सफेद, शुक्ल, उज्ज्वल, सित।
शिकार — आखेट, मृगया, अहेर।
शिकारी — बहेलिया, अहेरी, व्याध, लुब्धक।
शिष्ट — सभ्य, सुशील, सुसंस्कृत, विनीत।
शिव — रुद्र, नीलकण्ठ, शम्भु, ईश, चन्द्रशेखर, पिनाकी, महादेव, महेश, भोलेनाथ, पशुपतिनाथ, त्र्यम्बक, उमापति, गंगाधर, विश्वनाथ, आशुतोष।
शेषनाग — अहीश, धरणीधर, सहस्रासन, फणीश।
षड्यंत्र — कुचक्र, दुरभिसन्धि, अभिसन्धि, साजिश, जाल।
संध्या — सायंकाल, गोधूलि, प्रदोष, सायम्, दिनान्त।
संसार — जग, जगत्, भव, विश्व, दुनिया, लोक, संसृति।
समुद्र — जलधि, सिंधु, सागर, रत्नाकर, उदधि, वारिधि, पयोधि, अर्णव।
स्वर्ग — सुरलोक, देवलोक, परमधाम, त्रिदिव, बैकुण्ठ, गोलोक, परलोक, इन्द्रलोक।
सरस्वती — वाणी, भारती, शारदा, वाग्देवी, वीणापाणि, वीणावादिनी, ब्राह्मी।
सखी — सहेली, सजनी, आली, सैरन्ध्री।
स्तन — उरोज, थन, कुच, वक्षोज, पयोधर।
स्वामी — ईश, पति, नाथ, प्रभु।
साँप — सर्प, नाग, अहि, व्याल, भुजंग, विषधर, उरग, पन्नग, फणी।
सिंह — केसरी, शेर, वनराज, मृगराज, मृगेन्द्र, नाहर, शार्दूल।
सीता — जानकी, भूमिजा, वैदेही, रामप्रिया, जनकसुता, सिया।
सुगन्ध — खुशबू, सुरभि, सौरभ, सुवास, महक।
सुन्दर — रुचिर, चारु, सुहावन, सौम्य, मोहक, रमणीय, ललित, कमनीय, मंजुल, मनभावन।
सुन्दरता — लावण्य, रमणीयता, शोभा, चारुता, छवि, कान्ति, सौन्दर्य, छटा, सुषमा।
सूर्य — रवि, सूरज, दिनकर, प्रभाकर, आदित्य, दिनेश, भास्कर, दिवाकर, मार्तण्ड, भानु, सविता, विवस्वान, सहस्रांशु, जगच्चक्षु।
सेना — कटक, सैन्यदल, फौज, वाहिनी।
सोना — हाटक, कनक, सुवर्ण, कंचन, हेम, कुन्दन, हिरण्य, स्वर्ण।
हंस — मराल, राजहंस, कारण्डव।
हनुमान — कपीश, अंजनीपुत्र, पवनसुत, मारुतिनन्दन, बजरंगबली, महावीर।
हरिण — मृग, कुरंग, कृष्णसार, सारंग।
हाथ — कर, हस्त, पाणि, भुजा।
हाथी — गज, हस्ती, द्विप, वारण, कुंजर, दन्ती, मतंग, द्विरद।
हिमालय — हिमगिरि, हिमाचल, गिरिराज, पर्वतराज, हिमवान, हिमाद्रि।
हृदय — हृद, उर, हिय, वक्ष, सीना।
त्रुटि — गलती, भूल, कसर, कमी, दोष।
विलोम शब्द (विपरीतार्थक / प्रतिलोम शब्द)
जो शब्द परस्पर विपरीत अथवा विरोधी अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम शब्द, विपरीतार्थक शब्द अथवा प्रतिलोम शब्द कहते हैं।
विलोम शब्दों के प्रयोग में निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए—
शब्द जिस स्तर का हो, उसका विलोम भी उसी स्तर का होना चाहिए।
यदि शब्द तत्सम है, तो उसका विलोम भी तत्सम होना चाहिए; जैसे— हस्ति — हस्तिनी।
यदि शब्द तद्भव है, तो उसका विलोम भी तद्भव होना चाहिए; जैसे— हाथी — हथिनी।
संज्ञा का विलोम संज्ञा तथा विशेषण का विलोम विशेषण ही होना चाहिए।
उदाहरणार्थ, अधिक का विलोम न्यून होगा, कम नहीं; क्योंकि अधिक और न्यून दोनों तत्सम शब्द हैं, जबकि कम उर्दू मूल का शब्द है। इसी प्रकार कम का विलोम ज़्यादा होगा।
महत्वपूर्ण विलोम शब्द
अंत — आदि
अंश — पूर्ण
अंतर्मुखी — बहिर्मुखी
अंतरंग — बहिरंग
अति — अल्प
अपना — पराया
अपराजित — पराजित
अर्वाचीन — प्राचीन
अकाल — सुकाल
अभिज्ञ — अनभिज्ञ
अनन्त — अन्त / सान्त
अज्ञ — विज्ञ
अधिमूल्यन — अवमूल्यन
अपराधी — निरपराधी
अथ — इति
अकर्मक — सकर्मक
अमृत — विष
अथाह — छिछला
अवर — प्रवर
अवतल — उत्तल
अतिथि — आतिथेय
अतिवृष्टि — अनावृष्टि
अधोगति — ऊर्ध्वगति
अघोष — सघोष
अग्र — पश्च
अत्यधिक — स्वल्प
अनुकूल — प्रतिकूल
अनुराग — विराग
अनुरक्त — विरक्त
अनुरूप — प्रतिरूप
अनाहूत — आहूत
अग्रज — अनुज
अधम — उत्तम
अपेक्षा — उपेक्षा
अल्पज्ञ — बहुज्ञ
अल्पायु — दीर्घायु
अवनि — अम्बर
असीम — ससीम
अनिवार्य — ऐच्छिक
अधुनातन — पुरातन
अस्त्रीकरण — निरस्त्रीकरण
आदि — अंत
आविर्भाव — तिरोभाव
आरोह — अवरोह
आगमन — निर्गमन
आस्तिक — नास्तिक
आग्रह — दुराग्रह
आधुनिक — प्राचीन
आज्ञा — अवज्ञा
आर्द्र — शुष्क
आलस्य — उद्यम
आकाश — पाताल
आचार — अनाचार
आत्मनिर्भर — परजीवी
आध्यात्मिक — सांसारिक
आनन्द — शोक
आह्लाद — विषाद
आभ्यंतर — बाह्य
आकुंचन — प्रसारण
आलोचना — प्रशंसा
आकर्षण — विकर्षण
आमिष — निरामिष
आसक्त — अनासक्त
आशीर्वाद — अभिशाप
आशा — निराशा
आस्था — अनास्था
आयात — निर्यात
आदान — प्रदान
आय — व्यय
आश्रित — अनाश्रित
इहलोक — परलोक
इष्ट — अनिष्ट
इच्छा — अनिच्छा
ईश्वर — अनीश्वर
उत्थान — पतन
उद्धत — विनीत
उपस्थित — अनुपस्थित
उत्कृष्ट — निकृष्ट
उपकार — अपकार
उत्कर्ष — अपकर्ष
उन्नति — अवनति
उद्घाटन — समापन
उन्मुख — विमुख
उर्वर — ऊसर
उत्पत्ति — विनाश
उपचार — अपचार
उषा — संध्या
उज्ज्वल — धूमिल
उत्तीर्ण — अनुत्तीर्ण
उदार — अनुदार
उपजाऊ — अनुपजाऊ
ऊर्ध्व — अधर
उधार — नकद
उपयोग — अनुपयोग
ऊपर — नीचे
ऊँच — नीच
महत्वपूर्ण विलोम शब्द (आगे)
ऋत — अनृत
ऋण — उऋण
ऋणी — धनी
ऋजु — वक्र
एक — अनेक
एकता — अनेकता
एकान्त — अनेकान्त
एकाकी — समग्र
एकार्थक — अनेकार्थक
एकाधिकार — सर्वाधिकार
ऐहिक — पारलौकिक
ऐक्य — अनेक्य
ऐश्वर्य — अनैश्वर्य
औजस्वी — निस्तेज
औचित्य — अनौचित्य
औदार्य — अनौदार्य
कटु — मधुर
कदाचार — सदाचार
कापुरुष — पुरुषार्थी
कनिष्ठ — वरिष्ठ / ज्येष्ठ
कठोर — मुलायम
क्रय — विक्रय
कल्याण — अकल्याण
कायर — वीर
कड़ुवा — मीठा
कपूत — सपूत
कपटी — निष्कपट
कमजोर — बलवान
कमी — वृद्धि
कर्कश — मधुर
कलंकित — निष्कलंक
कल्पित — यथार्थ
कलुषित — निष्कलुष
कसूरवार — बेकसूर
कटुभाषी — मृदुभाषी
काला — गोरा
कुलदीप — कुलांगार
कुमारी — विवाहिता
क्रोध — शान्ति
कोलाहल — नीरवता
कर्मण्य — अकर्मण्य
करणीय — अकरणीय
कार्य — अकार्य
कुपथ — सुपथ
कुगति — सुगति
कुमार्ग — सुमार्ग
कुमति — सुमति
कुरूप — सुरूप
कृत्रिम — नैसर्गिक
कृष्ण — शुक्ल
कुलटा — पतिव्रता
कृपा — कोप
कृश — पुष्ट
क्रिया — प्रतिक्रिया
कीर्ति — अपकीर्ति
कुख्यात — विख्यात
कृपण — उदार
कृतज्ञ — कृतघ्न
कुटिल — सरल
कोमल — कठोर
क्षुण्ण — अक्षुण्ण
क्षुद्र — विराट
खंडन — मंडन
खरा — खोटा
खगोल — भूगोल
खीझना — रीझना
खुशी — गम
खुशकिस्मत — बदकिस्मत
खुशबू — बदबू
खेद — प्रसन्नता
गणतंत्र — राजतंत्र
गंभीर — चंचल
गरल — सुधा
गरिमा — लघिमा
गहरा — उथला
गृहस्थ — संन्यासी
ग्राम — नगर
ग्राह्य — त्याज्य
गुप्त — प्रकट
गुरु — लघु
गोचर — अगोचर
गौरव — लाघव
गौण — मुख्य
गुण — अवगुण
गर्मी — सर्दी
गमन — आगमन
घना — छितरा
घात — प्रतिघात
घृणा — प्रेम
चंचल — स्थिर
चपल — गंभीर
चर — अचर
चतुर — मूर्ख
चढ़ाव — उतार
चिन्तित — निश्चिन्त
चिर — क्षणिक
चेतन — अचेतन
चेतना — मूर्च्छा
छली — निश्छल
छाया — धूप
जंगम — स्थावर
जय — पराजय
जन्म — मृत्यु
जागरण — निद्रा
जाग्रत — सुषुप्त
जटिल — सरल
जल — थल
जीत — हार
जीवित — मृत
जीव — जड़
ज्योति — तम
जीर्ण — अजीर्ण
ज्ञात — अज्ञात
ज्ञान — अज्ञान
ज्ञेय — अज्ञेय
झूठ — सत्य
झूठा — सच्चा
झोपड़ी — महल
ठोस — तरल
ढाल — चढ़ाई
तटस्थ — पक्षपाती
तर — शुष्क
तरुण — वृद्ध
तप्त — शीतल
त्यक्त — गृहीत
त्याज्य — ग्राह्य
तामसिक — सात्त्विक
तारीफ — बुराई
तिमिर — प्रकाश
तीव्र — मंद
तुच्छ — महान
तृष्णा — वितृष्णा
तृषा — तृप्ति
त्याग — भोग
तीक्ष्ण — भोथरा
थाह — अथाह
थोक — खुदरा
थोड़ा — बहुत
महत्वपूर्ण विलोम शब्द (द से ह तक)
दरिद्र — धनी
दया — क्रूरता
दक्षिण — उत्तर
दाता — कृपण / गृहीता
दिन — रात
दिवा — रात्रि
दीर्घ — लघु
दीर्घकाय — लघुकाय
दुर्गन्ध — सुगन्ध
दृश्य — अदृश्य
दुराचार — सदाचार
दुर्जन — सज्जन
दुरुपयोग — सदुपयोग
दुराचारी — सदाचारी
दुष्कर — सुकर
दुष्प्राप्य — सुप्राप्य
द्रुत — मंथर
दूर — पास
देव — दानव
देनदार — लेनदार
देशभक्त — देशद्रोही
द्वेष — सद्भावना
द्वैत — अद्वैत
दिव्य — अदिव्य
द्वन्द्व — निर्द्वन्द्व
दुरात्मा — महात्मा
दुःख — सुख
दुर्गम — सुगम
धर्म — अधर्म
ध्वंस — निर्माण
धवल — श्याम
धरा — गगन
धनात्मक — ऋणात्मक
धीर — अधीर
धीरज — उतावलापन
धृष्ट — विनम्र
धूप — छाँव
नया — पुराना
नश्वर — शाश्वत
न्यून — अधिक
नगर — ग्राम
नवीन — प्राचीन
नत — उन्नत
नराधम — नरपुंगव
नम्र — अनम्र
नमकहराम — नमकहलाल
निर्भीक — भीरु
निरुद्देश्य — सोद्देश्य
निर्मल — मलिन
निषिद्ध — विहित
निर्बल — सबल
निर्लज्ज — सलज्ज
निरर्थक — सार्थक
निर्गुण — सगुण
निराधार — साधार
निराकार — साकार
निन्द्य — वन्द्य
निष्क्रिय — सक्रिय
निन्दा — स्तुति
निरपेक्ष — सापेक्ष
निश्चल — चंचल
निस्वार्थ — स्वार्थी
नीरस — सरस
नूतन — पुरातन
नेकी — बदी
नैतिक — अनैतिक
निष्काम — सकाम
नर — नारी
निरक्षर — साक्षर
पठित — अपठित
परमार्थ — स्वार्थ
पण्डित — मूर्ख
परतंत्र — स्वतंत्र
पवित्र — अपवित्र
पराधीन — स्वाधीन
परकीय — स्वकीय
पहले — पीछे
प्रधान — गौण
प्रशंसा — निन्दा
प्रवृत्ति — निवृत्ति
प्राकृतिक — अप्राकृतिक
प्रत्यक्ष — परोक्ष
परितोष — दण्ड
पाश्चात्य — पौरस्त्य
प्रसारण — संकुचन
पदोन्नत — पदावनत
पाप — पुण्य
पावन — अपावन
पात्र — अपात्र
पेय — अपेय
पुरुष — स्त्री
पूर्ण — अपूर्ण
पाठ्य — अपाठ्य
पदस्थ — अपदस्थ
पक्ष — विपक्ष
पल्लवन — संक्षेपण
परिश्रम — विश्राम
प्रलय — सृष्टि
प्रश्न — उत्तर
प्रगति — अवनति
प्रथम — अंतिम
प्रवेश — निकास
प्रतीची — प्राची
प्रफुल्ल — ग्लान
प्रसाद — विषाद
प्रज्ञ — मूढ़
प्रारम्भिक — अंतिम
पार्थिव — अपार्थिव
पालक — संहारक
पापी — निष्पाप
प्रीति — द्वेष
पुरस्कृत — दण्डित
पुरोगामी — पश्चगामी
पुष्ट — क्षीण
पूर्णिमा — अमावस्या
पूर्ववर्ती — परवर्ती
प्रेम — घृणा
प्रेषक — प्रापक
पैना — भोथरा
प्रोत्साहित — हतोत्साहित
फूल — काँटा
बहिष्कार — स्वीकार
बद्ध — मुक्त
बन्धन — मुक्ति
बढ़िया — घटिया
बलवान — कमजोर
बंजर — उर्वर
बलिष्ठ — दुर्बल
बसन्त — पतझड़
बहादुर — डरपोक
बर्बर — सभ्य
बाढ़ — सूखा
बाह्य — आन्तरिक
भद्र — अभद्र
भलाई — बुराई
भारी — हल्का
भूत — भविष्य
भोगी — योगी
भ्रान्त — निभ्रान्त
भला — बुरा
भौतिक — आध्यात्मिक
भेद — अभेद
भेद्य — अभेद्य
ममत्व — परत्व
मंगल — अमंगल
मसृण — रूक्ष
मनुज — दनुज
ममता — निष्ठुरता
महीन — मोटा
मत — विमत
मति — कुमति
मनुष्यता — पशुता
मान — अपमान
मित्र — शत्रु
मितव्यय — अपव्यय
मिलन — बिछोह
मिथ्या — सत्य
मुनाफा — घाटा
मुख्य — गौण
मूढ़ — ज्ञानी
मूक — वाचाल
मेहमान — मेज़बान
मौखिक — लिखित
मौन — वाचाल
मानवीय — अमानवीय
मूल्यवान — मूल्यहीन
यश — अपयश
युगल — एकल
युद्ध — शान्ति
योग — वियोग
यौवन — वार्धक्य
रत — विरत
रक्षण — भक्षण
रक्षक — भक्षक
रद्द — बहाल
रचनात्मक — ध्वंसात्मक
रसीला — नीरस
रति — विरति
राग — विराग
राजा — रंक
रिक्त — पूर्ण
रीता — भरा
रुचि — अरुचि
रुग्ण — स्वस्थ
रुदन — हास्य
ललित — कुरूप
लघु — गुरु
लाभ — हानि
लिप्त — निर्लिप्त
लिखित — अलिखित
लुप्त — व्यक्त
लुभावना — घिनौना
लोक — परलोक
लोभ — त्याग
लौकिक — अलौकिक
वक्र — सरल
वक्ता — श्रोता
वर — वधू
वफादार — बेवफा
वरदान — अभिशाप
व्यक्ति — समाज
व्यक्तिगत — सामूहिक
व्यष्टि — समष्टि
व्यभिचारी — सदाचारी
व्यर्थ — सार्थक
वन्य — पालतू
वादी — प्रतिवादी
वाकिफ — नावाकिफ
व्यवस्था — अव्यवस्था
विधवा — सधवा
विभव — पराभव
विश्लेषण — संश्लेषण
विपदा — सम्पदा
विधि — निषेध
विस्तार — संक्षेप
विकल — अविकल
विज्ञ — अविज्ञ
विजयी — परास्त
विनीत — उद्धत
विपत्ति — सम्पत्ति
विशिष्ट — साधारण
विराट — क्षुद्र
विस्तृत — संक्षिप्त
विरह — मिलन
विकल्प — संकल्प
विद्वान — मूर्ख
विवादित — निर्विवाद
विजेता — विजित
वियोग — संयोग
विदाई — स्वागत
विपुल — अल्प
विलास — तपस्या
वेदना — आनन्द
वैमनस्य — सौमनस्य
वैतनिक — अवैतनिक
शकुन — अपशकुन
श्लील — अश्लील
शत्रुता — मित्रता
शयन — जागरण
शर्मदार — बेशर्म
शहरी — देहाती
श्लाघा — निन्दा
श्वेत — श्याम
शायद — अवश्य
शासक — शासित
शालीन — धृष्ट
शान्त — अशान्त
शिव — अशिव
शीत — उष्ण
शीर्ष — तल
शिष्ट — अशिष्ट
श्रीगणेश — इतिश्री
शुभ — अशुभ
शूरता — भीरुता
शृंखलित — विशृंखलित
शोहरत — बदनामी
शोक — हर्ष
शोषक — पोषक
समर्थ — असमर्थ
सूम — उदार
सुबोध — दुर्बोध
सन्देह — विश्वास
सौभाग्य — दुर्भाग्य
सम्पन्नता — विपन्नता
सन्धि — विग्रह
सम्भोग — विप्रलम्भ
समास — व्यास
स्थूल — सूक्ष्म
सक्षम — अक्षम
सजीव — निर्जीव
सत्याग्रह — दुराग्रह
सभ्य — असभ्य
संगठन — विघटन
सजल — निर्जल
सत्य — असत्य
संतोष — असंतोष
सफलता — असफलता
संकीर्ण — विस्तीर्ण
संन्यासी — गृहस्थ
संयुक्त — वियुक्त
संध्या — प्रातः
सदाशय — दुराशय
सत्कार — तिरस्कार
समूल — निर्मूल
सहज — कठिन
सम — विषम
सचेष्ट — निश्चेष्ट
सघन — विरल
स्मरण — विस्मरण
स्मृत — विस्मृत
स्वदेश — विदेश
साधर्म्य — वैधर्म्य
साहचर्य — पृथक्करण
सार — निस्सार
सित — असित
सुपुत्र — कुपुत्र
सुखांत — दुखांत
सुरीला — बेसुरा
सृजन — संहार
हरा — सूखा
हर्ष — विषाद
ह्रस्व — दीर्घ
ह्रास — वृद्धि
हिंसा — अहिंसा
हित — अहित
हेय — प्रेय
होनी — अनहोनी
क्षणिक — शाश्वत।
अनेकार्थक शब्द
परिभाषा :
‘अनेकार्थक’ शब्द का अभिप्राय है— किसी एक शब्द के एक से अधिक अर्थ होना। हिन्दी भाषा में अनेक ऐसे शब्द हैं जिनके भिन्न-भिन्न प्रसंगों में अलग-अलग अर्थ होते हैं। इन शब्दों का वास्तविक अर्थ उनके प्रयोग और संदर्भ के अनुसार निर्धारित होता है। भाषा-सौष्ठव एवं अभिव्यक्ति की प्रभावशीलता की दृष्टि से अनेकार्थक शब्दों का विशेष महत्व है।
प्रमुख अनेकार्थक शब्द
अंक —
संख्या का चिह्न
नाटक का भाग
गोद
अध्याय
परिच्छेद
चिह्न
भाग्य
स्थान
पत्रिका का अंक
अंग —
शरीर
शरीर का अवयव
अंश
शाखा
अंचल —
सिरा
प्रदेश
साड़ी का पल्लू
अंत —
सिरा
समाप्ति
मृत्यु
भेद
रहस्य
अंबर —
आकाश
वस्त्र
बादल
सुगंधित द्रव्य
अक्षर —
वर्ण
ईश्वर
ब्रह्म
धर्म
सत्य
जीव
अविनाशी तत्व
अर्क —
सूर्य
आक का पौधा
औषधियों का रस
काढ़ा
इन्द्र
स्फटिक
मदिरा
अकाल —
दुर्भिक्ष
अभाव
असमय
अज —
ब्रह्मा
बकरा
शिव
मेष राशि
अजन्मा (ईश्वर)
अर्थ —
धन
ऐश्वर्य
प्रयोजन
कारण
मतलब
अभिप्राय
हेतु
अक्ष —
धुरी
आँख
सूर्य
सर्प
रथ
मंडल
ज्ञान
पहिया
कील
अजीत —
अजेय
विष्णु
शिव
बुद्ध
जैन धर्म के दूसरे तीर्थंकर
अतिथि —
मेहमान
साधु
यात्री
अपरिचित व्यक्ति
अग्नि
अधर —
होंठ
मध्य भाग
स्वर्ग और पृथ्वी के बीच का भाग
निराधार
नीचा
अध्यक्ष —
विभाग का मुखिया
सभापति
प्रभारी अधिकारी
अपवाद —
निन्दा
कलंक
नियम से अलग स्थिति
अपेक्षा —
तुलना
आशा
आवश्यकता
इच्छा
अमृत —
सुधा
जल
दूध
स्वर्ण
मुक्ति
मृत्युरहित अवस्था
अरुण —
लाल रंग
सूर्य
सूर्य का सारथि
सिन्दूर
सोना
अरुणा —
उषा
धुँधली लालिमा
वारुणी
इन्द्र
अनन्त —
सीमारहित
विष्णु
शिव
शेषनाग
लक्ष्मण
बलराम
आकाश
अग्र —
आगे का भाग
श्रेष्ठ
सिरा
प्रथम
अब्ज —
कमल
शंख
कपूर
चन्द्रमा
जल में उत्पन्न वस्तु
अमल —
मलरहित
कार्यान्वयन
नशा
अवस्था —
उम्र
दशा
स्थिति
आकर —
खान
स्रोत
कोष
अशोक —
शोक रहित
अशोक वृक्ष
सम्राट अशोक
आराम —
विश्राम
सुविधा
राहत
बगीचा
रोगमुक्ति
आदर्श —
नमूना
उदाहरण
योग्य व्यक्ति
आम —
फल
सामान्य
सर्वसाधारण व्यक्ति
आत्मा —
जीवात्मा
ब्रह्म
बुद्धि
देह
पुत्र
वायु
आली —
सखी
पंक्ति
रेखा
आतुर —
विकल
रोगी
उत्सुक
अशक्त
इन्दु —
चन्द्रमा
कपूर
ईश्वर —
प्रभु
स्वामी
समर्थ व्यक्ति
धनवान व्यक्ति
उग्र —
क्रूर
भयानक
कष्टदायक
तीव्र
उत्तर —
जवाब
उत्तर दिशा
बदला
पश्चाताप
उत्सर्ग —
त्याग
दान
समाप्ति
उत्पात —
शरारत
दंगा
उपद्रव
हो-हल्ला
उपचार —
उपाय
सेवा
इलाज
निदान
ऋण —
कर्ज
दायित्व
उपकार
देनदारी
कंटक —
काँटा
विघ्न
कीलक
कंचन —
सोना
काँच
निर्मल वस्तु
धन-दौलत
कनक —
स्वर्ण
धतूरा
गेहूँ
पलाश
कन्या —
पुत्री
कुमारी लड़की
एक राशि
कला —
अंश
विद्या
कुशलता
शोभा
युक्ति
गुण
चन्द्रमा का सोलहवाँ भाग
कर —
हाथ
किरण
सूँड़
कर (टैक्स)
कल —
बीता हुआ दिन
आने वाला दिन
मशीन
मधुर ध्वनि
सुख
शान्ति
कक्ष —
कमरा
कांख
सूर्य की कक्षा
कछौटा
कर्त्ता —
करने वाला
स्वामी
निर्माता
ईश्वर
परिवार का मुखिया
व्याकरण का प्रथम कारक
कलम —
लेखनी
पौधे की कलम
कूँची
कनपटी के बाल
कलि —
कलियुग
दुःख
पाप
काल —
समय
मृत्यु
यमराज
अवसर
शिव
युग
काम —
कार्य
व्यवसाय
वासना
कामदेव
प्रयोजन
किनारा —
तट
सिरा
पार्श्व
हाशिया
कुल —
वंश
जाति
घराना
योग (जोड़)
कुशल —
चतुर
निपुण
सुरक्षित
सुखी
कुंजर —
हाथी
बाल
कूट —
नीति
शिखर
श्रेणी
धनुष का सिरा
कोटि —
करोड़
श्रेणी
प्रकार
कोष —
खजाना
फूल का भीतरी भाग
क्षुद्र —
नीच
छोटा
तुच्छ
कंजूस
खंड —
टुकड़ा
भाग
विरोध
खण्डन
खग —
पक्षी
सूर्य
चन्द्रमा
बादल
देवता
खर —
गधा
तिनका
दुष्ट व्यक्ति
तीक्ष्ण
खत —
पत्र
लिखावट
खल —
दुष्ट व्यक्ति
चुगलखोर
तलछट
खरल
खेचर —
पक्षी
ग्रह
देवता
गन्दा —
मैला
अश्लील
बुरा
गढ़ —
किला
घेरा
टीला
ओट
गण —
समूह
सेना
शिव के अनुचर
मनुष्यों का समूह
गति —
चाल
रफ्तार
दशा
मोक्ष
गद्दी —
सिंहासन
बैठकी
गद्दा
परम्परागत आसन
गहन —
गहरा
घना
दुर्गम
जटिल
ग्रहण —
लेना
सूर्यग्रहण
चन्द्रग्रहण
गुण —
विशेषता
स्वभाव
कौशल
रस्सी
धनुष की प्रत्यंचा
सत, रज, तम
गुरु —
शिक्षक
पूज्य व्यक्ति
बड़ा
भारी
बृहस्पति ग्रह
गौ —
गाय
पृथ्वी
इन्द्रिय
दिशा
आँख
घट —
घड़ा
शरीर
हृदय
कलश
घर —
मकान
कुल
कार्यालय
भीतर समाना
घन —
बादल
हथौड़ा
घना पदार्थ
घनाकार आकृति
घोड़ा —
पशु
शतरंज का मोहरा
बन्दूक का घोड़ा
चक्र —
पहिया
सेना का व्यूह
विष्णु का अस्त्र
मंडल
क्रम
चरण —
पैर
अवस्था
कविता का भाग
आश्रय
चन्द्र —
चाँद
कपूर
सुन्दर व्यक्ति
एक नाम
चर —
चलने वाला
जासूस
प्राणी
गतिशील वस्तु
चातक —
पक्षी विशेष
याचक
आशावान व्यक्ति
चिन्ता —
सोच
दुःख
व्याकुलता
चिंता नामक वनस्पति
चूर्ण —
पिसा हुआ पदार्थ
भस्म
नष्ट वस्तु
चेष्टा —
प्रयत्न
संकेत
व्यवहार
गति
छन्द —
काव्य का मात्रिक विधान
इच्छा
प्रसन्नता
अभिलाषा
छाया —
परछाईं
संरक्षण
प्रभाव
आभास
जगत —
संसार
चराचर सृष्टि
लोग
जन —
मनुष्य
प्रजा
सेवक
अनुयायी
जन्म —
उत्पत्ति
प्रादुर्भाव
आरम्भ
जाल —
जाली
छल
समूह
षड्यंत्र
जाम —
फल विशेष
अवरोध
प्याला
जीवन —
प्राण
जीविका
जल
जीवनकाल
जीव —
प्राणी
आत्मा
चेतन सत्ता
ज्योति —
प्रकाश
अग्नि
तेज
ज्ञान
तंत्र —
प्रणाली
शासन व्यवस्था
शास्त्र विशेष
उपाय
तट —
किनारा
सीमा
समीपस्थ भाग
तत्त्व —
सार
सिद्धांत
पदार्थ
सत्य
तरंग —
लहर
भावना
उत्साह
कम्पन
तारा —
नक्षत्र
आँख की पुतली
संगीत का तार
तीर्थ —
पवित्र स्थान
नदी का घाट
साधन
तेज —
प्रकाश
प्रताप
शक्ति
तीक्ष्णता
दण्ड —
सजा
लाठी
छड़ी
कर (Tax)
दल —
समूह
राजनीतिक संगठन
पत्ती
सेना
दशा —
अवस्था
स्थिति
ग्रहों की स्थिति
दर्शन —
देखना
दर्शनशास्त्र
भेंट
दिवस —
दिन
अवसर
कालखंड
देव —
ईश्वर
श्रेष्ठ व्यक्ति
देवता
देश —
राष्ट्र
प्रदेश
स्थान
दोष —
अवगुण
अपराध
त्रुटि
धन —
सम्पत्ति
रुपये-पैसे
गुण या साधन
धर्म —
कर्तव्य
मजहब/सम्प्रदाय
स्वभाव
न्याय
धारा —
प्रवाह
कानून की धारा
तलवार की धार
ध्वनि —
आवाज
संकेत
व्यंजना
नक्षत्र —
तारा समूह
ज्योतिषीय मंडल
नदी —
जलधारा
स्त्रीलिंग रूपक में प्रवाह
नर —
मनुष्य
पुरुष
नाग —
सर्प
हाथी
पर्वत
नाग जाति का व्यक्ति
नाम —
संज्ञा
प्रसिद्धि
पहचान
नायक —
नेता
कहानी का मुख्य पात्र
श्रेष्ठ पुरुष
नाल —
नली
घोड़े की नाल
गर्भनाल
निशा —
रात्रि
अंधकार
नील —
नीला रंग
नील पौधा
नीलम रत्न
नेत्र —
आँख
मार्गदर्शक
नेता
नौका —
नाव
जीवन-रूपी साधन (रूपक)
न्याय —
उचित निर्णय
दर्शनशास्त्र का एक मत
समानता
प्रमुख अनेकार्थक शब्द (प से ह तक)
पक्ष —
ओर
दल
पखवाड़ा
समर्थन
पद —
पैर
पदवी
कविता का चरण
स्थान
पत्र —
चिट्ठी
पत्ता
पात्र
धातु की चादर
पथ —
मार्ग
उपाय
जीवन-दिशा
पर —
पंख
दूसरे का
किन्तु
पल —
क्षण
तराजू का पलड़ा
पालन करने वाला
पाणि —
हाथ
जल
पात्र —
बर्तन
योग्य व्यक्ति
नाटक का चरित्र
पान —
ताम्बूल
पीना
पाश —
फंदा
बंधन
मोह
पुण्य —
सत्कर्म
धार्मिक लाभ
शुभ फल
पुराण —
प्राचीन कथा
धर्मग्रन्थ
पुराना
पुरुष —
मनुष्य
नर
व्याकरण का पुरुष (उत्तम, मध्यम, अन्य)
पुष्प —
फूल
वृक्ष का पुष्पित भाग
सौन्दर्य का प्रतीक
पूजा —
आराधना
सम्मान
आदर
पुस्तक —
ग्रन्थ
लेखबद्ध ज्ञान
पृथ्वी —
धरती
भूमि
एक देवी का नाम
फल —
वृक्ष का फल
परिणाम
लाभ
फण —
सर्प का फन
विस्तार
बल —
शक्ति
सेना
आग्रह
सामर्थ्य
बन्धन —
बाँधना
सम्बन्ध
मोह
बन्धु —
भाई
मित्र
सम्बन्धी
बाण —
तीर
किरण
बाल —
केश
बच्चा
सूक्ष्म भाग
बिन्दु —
बूँद
बिन्दी
छोटा चिन्ह
बुद्धि —
विवेक
ज्ञान
समझ
भाग —
हिस्सा
भाग्य
दौड़ना (धातु रूप)
भार —
वजन
जिम्मेदारी
बोझ
भाव —
भावना
मूल्य
अभिप्राय
अभिनय की मुद्रा
भुज —
बाँह
सर्प का फन
गणितीय भुजा
भोग —
उपभोग
भोजन
सांसारिक सुख
मंत्र —
वैदिक ऋचा
गुप्त सलाह
उपाय
मणि —
रत्न
सर्प के फन की मणि (पौराणिक)
मधु —
शहद
मदिरा
वसन्त ऋतु
मन —
चित्त
इच्छा
प्राचीन भार-माप
माला —
हार
जप की माला
श्रृंखला
मुख —
चेहरा
मुख्य भाग
प्रवेश-द्वार
मूल —
जड़
मूल्य
आधार
मोक्ष —
मुक्ति
छुटकारा
परमगति
यज्ञ —
वैदिक कर्मकाण्ड
त्यागपूर्ण कार्य
यंत्र —
मशीन
तांत्रिक उपकरण
साधन
यम —
मृत्यु के देवता
योग का एक अंग
योग —
मिलन
साधना
गणितीय जोड़
अवसर
युग —
कालखंड
जोड़ा
रंग —
वर्ण
आनन्द
प्रभाव
नाटक-मंच
रस —
द्रव
स्वाद
काव्य का रस
आनन्द
रथ —
वाहन
शरीर (रूपक)
राज —
शासन
रहस्य
राज्य
राशि —
ढेर
ज्योतिषीय राशि
धनराशि
रूप —
आकृति
सौन्दर्य
प्रकार
रेखा —
लकीर
सीमा
ज्यामितीय रेखा
लक्ष्य —
निशाना
उद्देश्य
लक्षण —
चिन्ह
गुण
बीमारी का संकेत
लहर —
तरंग
प्रवृत्ति
उमंग
लोक —
संसार
जनसमूह
परलोक/स्वर्ग आदि
वर्ण —
अक्षर
रंग
जाति
विवरण
वर्ग —
श्रेणी
गणितीय वर्ग
कक्षा
वचन —
कथन
प्रतिज्ञा
व्याकरणिक वचन
वज्र —
इन्द्र का अस्त्र
हीरा
कठोर वस्तु
वायु —
हवा
प्राणवायु
आयुर्वेद का एक दोष
वार —
दिन
प्रहार
अवसर
वास —
निवास
गन्ध
वस्त्र
विषय —
प्रसंग
इन्द्रिय-भोग
अध्ययन का क्षेत्र
शक्ति —
बल
देवी शक्ति
सामर्थ्य
शब्द —
ध्वनि
पद
भाषा की इकाई
शाखा —
वृक्ष की डाल
विभाग
उपसंस्था
शिव —
भगवान शिव
कल्याण
मंगल
शूल —
भाला
तीव्र पीड़ा
श्री —
लक्ष्मी
ऐश्वर्य
सम्मानसूचक उपाधि
संधि —
मेल
समझौता
व्याकरणिक संधि
संस्कार —
धार्मिक कर्म
शुद्धि
अच्छे गुण
समाधि —
ध्यान की अवस्था
समाधि-स्थल
सारंग —
मृग
मेघ
मोर
कमल
सर्प
सूत्र —
धागा
नियम
संक्षिप्त कथन
सेतु —
पुल
सम्बन्ध जोड़ने वाला माध्यम
हरि —
विष्णु
सिंह
सूर्य
वानर
घोड़ा
हल —
खेती का उपकरण
समाधान
हंस —
पक्षी
आत्मा (रूपक)
विवेकी पुरुष
हस्त —
हाथ
एक नक्षत्र
हार —
पराजय
गले का आभूषण
हित —
लाभ
कल्याण
प्रिय व्यक्ति
हृदय —
दिल
मन
केन्द्र भाग
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