एक पुराना विज्ञापन



दुकानदार - ओहो दीपिका जी आईये आईये, कौन सा साबुन लेना पंसद करेगी( जैसे दीपिका जी उनको बता कर आई थी कि साबुन की खरीदनें आई है :-) ) ये देखिऐ ये (अन्‍य साबुन को दिखाते हुऐ)
दीपिका जी- नही नही, ये नही वो (निरमा को दिखाते हुऐ)
दुकानदार - पर आप तो हमेशा पुराना बाला साबुन लेती थी । (हकलाते हुऐ)
दीपिका जी - लेती थी पर, पर वही सफेदी जब मुझे कम दाम में मिले तो कोई वों क्‍यों ले ये न लें ( निरमा की ओर दिखाते हुऐ)
दुकानदार - मान गये
दीपिका जी - किसें ?
दुकानदार - आपकी पारखी नजर और निरमा सुपर दोनों को :)
 
फिर गाना शुरू होता है 

वाशिंग पावडर निरमा,
वाशिंग पावडर निरमा,
दूध सी सफेदी निरमा से आई
रंगीन कपड़ा भी खिल खिल जाये
सबकी पंसद निरमा
वाशिंग पावडर निरमा
निरमा .... निरमा ..... निरमा
 
अरे कुछ भी लिख दों, आप लोग पढ़ने के लिये चले आते है, यही तो है आपका प्‍यार :)
अरे कहॉं चल दिये टिप्‍पणी करना किसके लिये छोड़ जा रहे है :)


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7 comments:

pangebaaj said...
This comment has been removed by a blog administrator.
mahashakti said...

उपरोक्‍त टिप्‍प्‍णी में गाली का प्रयोग किया जा रहा है। अत: मै इसे हटा रहा हूँ। अन्‍य पाठक जनों से क्षमा चाहूँगा कि मुझे इसे माडरेशन में लगाना पड़ रहा है कि जब तक कि मै नियमित न हो जाऊँ।

Udan Tashtari said...

अरे, यह बात अच्छी नहीं. अब निरमा का एड दिखाने लगे. इस पर क्या टिप्पणी करें? हा हा फिर भी कर ही दी!! :)

Vivek Rastogi said...

चलो अच्छा है अब विज्ञापन भी पढ़ने को मिलेंगे कितने अच्छे हैं आप अच्छा संग्रह होगा कोई भी चीज कभी भी फालतू नहीं होती, लगे रहो |

रंजन said...

खोदा पहाड, निकली चुहिया..:)

Atul Sharma said...

वाह चिट्ठे पर विज्ञापन!

Shrish said...

"दुकानदार - ओहो दीपिका जी आईये आईये, कौन सा साबुन लेना पंसद करेगी( जैसे दीपिका जी उनको बता कर आई थी कि साबुन की खरीदनें आई है :-) ) ये देखिऐ ये (अन्‍य साबुन को दिखाते हुऐ)"

आप गलत कहानी लिख रहे हैं सही कहानी इस तरह है:

दुकानदार - ओहो दीपिका जी, आइए आइए, लीजिए आपका सामान तैयार है।

(दीपिका जी ने टोकरी में साबुन देखती हैं और कहती हैं)

दीपिका जी - नहीं ये नहीं वो, निरमा सुपर।

बाकी कहानी सही है...

प्रमेन्द्र भईया निरमा सुपर से चिट्टा सपॉन्सर करा लिए हो क्या? :)