स्‍पीक एशिया का झूठ पर झूठ और रही जनता को लूट



युवाओ को बरगलाने वाली स्‍पीक एशिया ऑनलाईन पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है। नई खबरो के मुताबिक सिंगापुर के यूनाइटेड ओवरसीज बैंक ने स्पीक एशिया के खातों को बंद कर दिया है। जबकि स्‍पीक एशिया ग्राहको को बरगलाने मे कोई कसर नही छोड़ रही है, इस घटना क्रम के बाद स्पीक एशिया ने एक बयान में कहा, ‘सिंगापुर में हमारे खातों को फ्रीज नहीं किया गया है, बल्कि हम सिर्फ कंपनी के खातों को दूसरे बैंक में ले जा रहे हैं।' कम्‍पनी दूसरे बैंक मे खाता खोलने की बात कर रही है जबकि सिंगापुर में नया बैंक अकाउंट खोलने में छह माह से भी ज्यादा का समय लगेगा। ऐसे में किसी भी निवेशक को पैसे वापस नहीं किए जा सकते हैं।

जबकि भारत मे भी कड़ा कदम उठाते हुये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम आर माहेश्वरी ने साफ कर दिया है कि भारत में स्पीक एशिया को कारोबार करने या गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में काम करने की अनुमति नहीं दी गई है। शुक्रवार सुबह कंपनी के खाते फ्रीज किए जाने की खबर मिलते ही राजधानी के निवेशकों में खलबली मच गई।

ग्राहको को बरगलाने के मामले मे स्‍पीक एशिया जरा भी पीछे नही दिख रही है है, वह सार्वजनिक स्‍थानो पर झूठ पर झूठ बोले जा रही है।
कम्‍पनी ने कहा था कि आईसीआईसीआई, बाटा, एयरटेल, नेस्ले उसके ग्राहक, यह तथ्य झूठ पाए गए, भारत में तीन ऑफिस खुलने की बात कही जबकि अभी तक एक भी ऑफिस नहीं है। कई रिटेल कंपनियों के पार्टनर बनने की बात कही थी किन्‍तु हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। सिंगापुर में कारोबार करने की बात की थी किन्‍तु तथ्यों से मेल नहीं खाई।
स्‍पीक एशिया का भारत में करीब 19 लाख लोगों को डायरेक्ट एजेंट बना चुकी स्पीक-एशिया के खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा है और यह पूरा पैसा भारत से बाहर जा चुका है या जाने की प्रक्रिया में है। भारत के युवा वर्ग को इस प्रकार चालो मे फंसने से बचना चाहिये। और उद्यमिता की ओर रूख करना चाहिये।


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3 comments:

भारतीय नागरिक - Indian Citizen said...

पता नहीं लोग कब तक बेवकूफ बनते रहेंगे..

Dholu said...

speakasia ek sachi compuney hai. or be rojgar lokoko ek kamaneki tak hai. compuney ne tex bhi 65 carod pai kiya hai uska bhi proof hai.news wale sab ju the hai. open chalange speakasia chale gi or logo ko paisabhi milega. jay hind. 1 august se india me speakasia Pvt Ltd. name se register ho rahi hai.

प्रवीण पाण्डेय said...

जय हो रही है घोटालों की।