अल्‍पसंख्य‍क मामले मे स्‍थागानादेश



इलाहाबाद उच्च न्यायालय के कल के निर्णय को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में विशेष पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई। याचिका की सुनवाई करते हुए जस्टिस एसआर आलम और कृष्णमुरारी की खंडपीठ ने फ़ैसले पर रोक लगा दी।

निर्णय पर रोक लगाने से पूर्व भारत सरकार के पूर्व वरिष्ठ स्थाई अधिवक्ता श्री बी. एन. सिंह ने न्यायालय से इस मामले पक्ष बनने की बात कहते हुए कहा कि यह मामला काफी महत्वपूर्ण है और इसे सोमवार को रखा जाये ताकि इसमें इन्‍टर विनर अप्‍लीकेशन दाखिल की जा सके। न्यायालय ने उक्त याचना को अनसुना करते हुए कहा पहले आप इन्‍टर विनर अप्‍लीकेसन लाये तभी आपको सुना जा सकता है। इसके जवाब में श्री सिंह ने कहा यह पुनर्विचार याचिका इतनी जल्दी आई है और इसे न्यायालय ने इतनी त्वरित सुनवाई हेतु न्यायालय में मँगवा लिया है अत: इसमें इन्‍टर विनर नहीं दिया जा सका है। 

इस मामले में सरकार का पक्ष रखते हुए उत्तर प्रदेश के महा-अधिवक्ता एसएमए काज़मी ने कि न्यायालय ने ये फ़ैसला अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया है क्योंकि याचिका में ये मुद्दा उठाया ही नहीं गया था। तकनीकी आधार पर न्यायालय ने कल के रोक लगा कर सुनवाई की अगली तिथि 14/5/2007 निर्धारित कर दिया है।


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2 comments:

संजय बेंगाणी said...

इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए था.
अतः पहले से ही पता था.
अब आगे क्या होता है, यह देखना है
नजर बनाए रखे

अतुल शर्मा said...

इन लोगों ने यही करना था।