वैदिक कर्मकाण्ड के सोलह संस्कार




वैदिक कर्मकाण्ड के अनुसार निम्न सोलह संस्कार होते हैं:
  • गर्भाधान संस्कारः उत्तम सन्तान की प्राप्ति के लिये प्रथम संस्कार।
  • पुंसवन संस्कारः गर्भस्थ शिशु के बौद्धि एवं मानसिक विकास हेतु गर्भाधान के पश्चात दूसरे या तीसरे महीने किया जाने वाला द्वितीय संस्कार।
  • सीमन्तोन्नयन संस्कारः माता को प्रसन्नचित्त रखने के लिये, ताकि गर्भस्थ शिशु सौभाग्य सम्पन्न हो पाये, गर्भाधान के पश्चात् आठवें माह में किया जाने वाला तृतीय संस्कार।
  • जातकर्म संस्कारः नवजात शिशु के बुद्धिमान, बलवान, स्वस्थ एवं दीर्घजीवी होने की कामना हेतु किया जाने वाला चतुर्थ संस्कार।
  • नामकरण संस्कारः नवजात शिशु को उचित नामप्रदान करने हेतु जन्म के ग्यारह दिन पश्चात् किया जाने वाला पंचम संस्कार।
  • निष्क्रमण संस्कारः शिशु के दीर्घकाल तक धर्म और मर्यादा की रक्षा करते हुए इस लोक का भोग करने की कामना के लिये जन्म के तीन माह पश्चात् चौथे माह में किया जाने वला षष्ठम संस्कार।
  • अन्नप्राशन संस्कारः शिशु को माता के दूध के साथ अन्न को भोजन के रूप में प्रदानकिया जाने वाला जन्म केपश्चात् छठवें माह में किया जाने वालासप्तम संस्कार।
  • चूड़ाकर्म (मुण्डन) संस्कारः शिशु के बौद्धिक, मानसिक एवं शारीरिक विकास की कामना से जन्म के पश्चात् पहले, तीसरे अथवा पाँचवे वर्ष में किया जाने वाला अष्टम संस्कार।
  • विद्यारम्भ संस्कारः जातक को उत्तमोत्तम विद्या प्रदान के की कामना से किया जाने वाला नवम संस्कार।
  • कर्णवेध संस्कारः जातक की शारीरिक व्याधियों से रक्षा की कामना से किया जाने वाला दशम संस्कार।
  • यज्ञोपवीत (उपनयन) संस्कारः जातक की दीर्घायु की कामना से किया जाने वाला एकादश संस्कार।
  • वेदारम्भ संस्कारः जातक के ज्ञानवर्धन की कामना से किया जाने वाला द्वादश संस्कार।
  • केशान्त संस्कारः गुरुकुल से विदा लेने के पूर्व किया जाने वाला त्रयोदश संस्कार।
  • समावर्तन संस्कारः गृहस्थाश्रम में प्रवेश करने की कामना से किया जाने वाला चतुर्दश संस्कार।
  • पाणिग्रहण संस्कारःपति-पत् नी को परिणय-सूत्र में बाँधने वाला पंचदश संस्कार।
  • अन्त्येष्टि संस्कारः मृत्योपरान्त किया जाने वाला षष्ठदश संस्कार।
उपरोक्त सोलह संस्कारों में आजकल नामकरण, अन्नप्राशन, चूड़ाकर्म (मुण्डन), यज्ञोपवीत (उपनयन), पाणिग्रहण और अन्त्येष्टि संस्कार ही चलन में बाकी रह गये हैं। 


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पहला दिन...



आज दिनाँक  9 नवम्‍बर 2011, हाईकोर्ट में माननीय न्‍यायमूर्ति वाय के सिं‍ह और न्‍यायमूर्ति डी गुप्ता की डिविजन बेंच के सामने अपीयर हुआ.. दिल मे हल्‍की सी घबराहट और मगर एक विश्वास की मुझे आज अपीयर होना है।  मै अपीयर हुआ अपनी बात रखा, बहुत ही अच्‍छा लगा.. ऑफ्टर लंच माननीय न्‍यायमूर्ति सभाजीत यादव जी की कोर्ट मे अपीयर हुआ.... आज जब 11 बजे मुझे कहा गया कि आपको अपीयर होना है तो मेरी कोई तैयारी नही थी और अजीब पन था किन्‍तु जब बेंच के बारे मे पता चला तो दृंढ निश्चिय किया कि आज तो मुझे इस कोर्ट मे अपनी बात तो रखनी ही है। आज मेरे साथ मेरे साथ मेरे कॉलेज के फेन्डस भी थे तो लॉ फर्स्ट इयर के स्‍टूडेंट थे.... अपने दोस्‍तो के सामने और पापा जी की ना मौजूदगी मे जिम्‍मेदारी निभाना बड़ा मजेदार रहा। :)

आज से पहले कैट, लेबर कोर्ट और इण्‍ड्रस्ट्रियल कोर्ट मे तो कई बार पैरवी कि किन्‍तु आज का दिन तो कुछ खास ही रहा... जैसा सुना था वैसा पाया भी कि बेंच नये अधिवक्ताओ को सपोंर्ट करती है.. क्‍योकि मैने महसूस भी किया कि कुछ गलतियाँ मेरे से हुई थी। अंत भला तो सब भला... आज दिन अपने आप मे मेरे लिये एक महत्‍वपूर्ण दिन बन गया।


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साबरमती के सन्त के अनोखे कमाल..



दे दी हमें बरबादी चली कैसी चतुर चाल?
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

उन्नीस सौ इक्किस में असहयोग का फरमान,
गान्धी ने किया जारी तो हिन्दू औ मुसलमान.
घर से निकल पड़े थे हथेली पे लिये जान,
बाइस में चौरीचौरा में भड़के कई किसान.

थाने को दिया फूँक तो गान्धी हुए बेहाल,
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

गान्धी ने किया रद्द असहयोग का ऐलान,
यह देख भड़क उट्ठे कई लाख नौजवान,
बिस्मिल ने लिखा इसपे-ये कैसा है महात्मा!
अंग्रेजों से डरती है सदा जिसकी आत्मा.

निकला जो इश्तहार वो सचमुच था बेमिसाल,
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

पैसे की जरूरत थी बड़े काम के लिये,
लोगों की जरूरत थी इन्तजाम के लिये,
बिस्मिल ने नौजवान इकट्ठे कई किये,
छप्पन जिलों में संगठक तैनात कर दिये.

फिर लूट लिया एक दिन सरकार का ही माल,
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

चालीस गिरफ्तार हुए जेल में गये,
कुछ भेदिये भी बन के इसी खेल में गये,
पेशी हुई तो जज से कहा मेल में गये,
हम भी हुजूर चढ़ के उसी रेल में गये.

उनमें बनारसी भी था गान्धी का यक दलाल,
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

उसने किया अप्रूव ये सरकारी खजाना,
बिस्मिल ने ही लूटा है वो डाकू है पुराना,
गर छोड़ दिया उसको तो रोयेगा ज़माना,
फाँसी लगा के ख़त्म करो उसका फ़साना.

वरना वो मचायेगा दुबारा वही बबाल.
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

बिस्मिल के साथ तीन और दार पर चढ़े,
जज्वा ये उनका देख नौजवान सब बढे,
सांडर्सका वध करके भगतसिंह निकल पड़े,
बम फोड़ने असेम्बली की ओर चल पड़े.

बम फोड़ के पर्चों को हवा में दिया उछाल.
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.
इस सबकी सजा मौत भगत सिंह को मिली,
जनता ने बहुत चाहा पे फाँसी नहीं टली,

इरविन से हुआ पैक्ट तो चर्चा वहाँ चली,
गान्धी ने कहा दे दो अभी देर ना भली.
वरना ये कराँची में उठायेंगे फिर सवाल.
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

जब हरिपुरा चुनाव में गान्धी को मिली मात,
दोबारा से त्रिपुरी में हुई फिर ये करामात,
इस पर सवाल कार्यसमिति में ये उठाया,
गान्धी ने कहा फिर से इसे किसने जिताया?

या तो इसे निकालो या फिर दो मुझे निकाल.
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

इस पर सुभाष कांग्रेस से निकल गये,
जिन्दा मशाल बन के अपने आप जल गये,
बदकिस्मती से जंग में जापान गया हार,
मारे गये सुभाष ये करवा के दुष्प्रचार,

नेहरू के लिये कर दिया अम्नो-अमन बहाल.
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

आखिर में जब अंग्रेज गये घर से निकाले,
था ये सवाल कौन सियासत को सम्हाले,
जिन्ना की जिद थी मुल्क करो उनके हवाले,
उस ओर जवाहर के थे अन्दाज निराले.

बँटवारा करके मुल्क में नफरत का बुना जाल.
साबरमती के सन्त तूने कर दिया कमाल.

यह रचना KRANT M.L.Verma जी की है .... इसका श्रेय उनको ही दीजिए... मैने इस रचना को प्रवाह दिया है...


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सेक्‍युलर देशों में भी चर्च का हस्‍तक्षेप



  • इंग्‍लैण्‍ड  - इंग्‍लैण्‍ड के राजा/रानी का एंग्लीकेन चर्च का सदस्‍य होना अनिवार्य है। 24 बिशप व 2 आर्कविशप, संसद के उच्‍च सदन House of Lords के सदस्‍य मनोनित होते हैं। 
  • इटली   - वहाँ का संविधान कहता है कि "कैथोलिक मत के ईसाई तत्‍व ही सार्वजनिक शिक्षा की नींव और शिखर दोनों है" शिक्षकों और उपदेशकों को चर्च अधिकारियों की सम्‍मति लेनी पड़ती है, अन्‍यथा वे पद से बर्खास्‍त कर दिये जाते है। 
  • पुर्तगाल- शिक्षा चर्च के अधिकारियो की सम्‍मति से ही होनी अनिवार्य है।
  • कोलम्बिया - कैथोलिक मत के अतिरिक्त किसी भी अन्‍य को अपने पूजा घर से बाहर प्रचार की अनिमति नही है।
  • डेनमार्क - यहाँ का राष्‍ट्रीय चर्च लूथेरियन चर्च है। इसी चर्च को राज करने का अधिकार है और चर्च की सभी गति‍विधियों के लिये धन सरकार द्वारा दिया जाता है। 
  • नार्वे - राजा सदै लूथेरियन चर्च का अनुयायी होगा, आधे से अधिक मन्‍त्रियों का चयन चर्च करेगा। सभी विद्यालयो मे ईसाई मत की शिक्षा अनिवार्य है।
  • स्‍वीडन - ईसाईयों के अतिरिक्त अन्‍य मत के व्‍यक्तियों को अने बच्‍चों की शिक्षा के लिये विद्यालय चलाने पर प्रतिबन्‍ध है।
  • अमेरिका - वहाँ के न्‍यायालयों ने अमेरिका को ईसाई देश माना है। "अमेरिका के बहुसंख्‍यक लोगा ईसाई होने के कारण हमारे कानून और संस्‍थाएँ ईसा के उपदेशों से अनुप्राणित होनी चाहिए!" हमारी नीतियों का प्रारम्‍भ ईसाई मत द्वारा हुआ है। हमारी न्‍याय व्‍यवस्‍था की मूल चेतना वही है। सरकारी प्रशासन के पार्वभूमि में ईसाई मत है। कुल मिला कर ईसाई मत देश के कानून का हिस्‍सा है। - अमेरिकन चर्च लॉ0
 एक प्रश्‍न
आखिर क्‍यों जब भारत मे हिन्‍दू विधि विधान से नैतिक शिक्षा, योग शिक्षा, दीप प्रज्ज्‍वल, सरसवती वंदना अथवा वंदेमातरम् आदि से सेकुलर छवि कैसे भ्रष्‍ट हो जाती है?


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भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) सुविधा



भारत मे मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सुविधा को 20 जनवरी 2011 से लागू किया गया। मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (एमएनपी) सुविधा उपयोगकर्ताओं को एक ही लाइसेंस सेवा क्षेत्र में अपने मौजूदा मोबाइल नंबर के साथ किसी नए मोबाइल सेवा प्रदाता का उपयोग करने की अनुमति प्रदान करती है। नई मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी एक नया सिम कार्ड प्रदान करेगी।
भारत में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (Mobile Number Portability) सुविधा
 
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की सुविधा ग्राहक एक अरसे से प्रतीक्षा कर रहे थे क्‍योकि वह अपनी मौ‍जूदा कम्‍पनी की सेवा से संतुष्‍ट न होकर भी वर्तमान नम्‍बर को बंद करके ही नई कम्‍पनी मे जा सकते थे किन्‍तु मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के कारण अब उपभोक्‍ताओ को नई कम्‍पनी मे जाने के लिये वर्तमान नम्‍बर को बदलने की जरूरत नही होगी और वर्तमान नम्‍बर को जारी रखते हुये नई नये सेवा प्रदाताओ की सेवा का उपयोग कर सकते है। पोर्टेबिलिटी संबंधी कार्य सात कार्य दिवसों के अंदर पूरा हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर पूर्व सेवा क्षेत्रों में इस काम के लिए 15 दिन का समय निर्धारित किया गया है।
 
मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी को लेकर आम जन मे कुछ धारणाऍं है जिसे निम्‍न प्रश्‍नो के अंतर्गत दूर किया जा सकता है।
 
एमएनपी सुविधा का लाभ कौन ले सकता है?
कोई भी मोबाइल फोन उपयोगकर्ता, जो प्री-पेड या पोस्ट-पेड (जीएसम/सीडीएमए) सेवा का उपयोग कर रहा है, किसी अन्य सेवा प्रदाता कंपनी का उपयोग कर सकता है।
  • पोर्टिंग के लिए आवेदन करने की तिथि से पहले किसी भी मामले में सामान्य बिलिंग चक्र के अनुसार उपयोगकर्ता का कोई भी बकाया बिल या बकाया राशि शेष नहीं रहनी चाहिए।
  • किसी भी पोर्टिंग के लिए अनुरोध एक नए कनेक्शन की सक्रियता की तारीख या अंतिम पोर्टिंग की समाप्ति के 90 दिनों के भीतर प्रभावी होगा।
  • मोबाइल नंबर के स्वामित्व में परिवर्तन के लिए कोई भी अनुरोध प्रक्रिया में नहीं होना चाहिए।
  • उपयोगकर्ता ने लाइसेंस सेवा क्षेत्र के भीतर पोर्टिंग के लिए आवेदन किया हो।
  • संबंधित मोबाइल नंबर के पोर्टिंग को न्यायालय के किसी भी कानून द्वारा प्रतिबंधित नहीं किया गया हो।
  • पोर्टिंग अनुरोध में वर्णित अद्वितीय पोर्टिंग कोड मोबाइल की मांग की संख्या के लिए दाता संचालक द्वारा आवंटित अद्वितीय पोर्टिंग कोड से मिलना चाहिए।
  • उपयोगकर्ता ने वर्तमान कनेक्शन से बाहर निकलने के लिए दिए गए नियमों का पालन किया है।

मैं कैसे एक नए मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी के लिए पोर्ट कर सकता हूं?
प्रक्रिया के मुख्य चरण निम्न प्रकार हैं:-
  • उपयोगकर्ता को अपने मोबाइल नंबर की पोर्टिंग के लिए नएमोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी के सेवा केन्द्र या अधिकृत विक्रेता के पास जाना होगा। इसके पश्चात एक सेवा पंजीकरण फार्म भरें एवं प्रक्रिया के लिए पोर्टिंग शुल्क का भुगतान करें।
  • उपयोगकर्ता को अपने यूपीसी (अद्वितीय पोर्टिंग कोड) को प्राप्त करने के लिए अपने मोबाइल नंबर से, जिसे वह पोर्ट करवाना चाहता है, दाता संचालक को 1900 पर एक संदेश भेजना होगा।
  • एमएनपी सुविधा का लाभ लेने के लिए उपयोगकगर्ता को पोर्ट लिखकर संदेश अपने दस अंकों के मोबाइल नंबर के साथ 1900 पर भेजना होगा और इसके पश्चात उपयोगकर्ता संदेश के माध्यम से ही अपना यूपीसी पोर्टिंग कोड प्राप्त करेगा। (उदाहरण के लिए PORT 9999999999 लिखें और फिर इसे 1900 पर भेज दें)
  • संदेश प्राप्त होने पर दाता संचालक एक स्वचालित प्रणाली के माध्यम से उपयोगकर्ता का अद्वितीय पोर्टिंग कोड तुरंत संदेश के द्वारा उसे भेजेगा। उपयोगकर्ता को यह अद्वितीय पोर्टिंग कोड पोर्टिंग के लिए आवेदन करने समय आवेदन पत्र में भरना होगा।
  • किसी मामले में अगर उपभोक्ता का कॉलर लाइन पहचान (सीएलआई) दस अंकों के मोबाइल नंबर के साथ मेल नहीं खाता है, तो उसे अद्वितीय पोर्टिंग कोड आवंटित नहीं किया जा सकता लेकिन एक संदेश के माध्यम से उपयोगकर्ता को यह सूचित किया जाता है कि उसका कॉलर लाइन पहचान (सीएलआई) दस अंकों के मोबाइल नंबर के साथ मेल नहीं हो रहा है।
  • अद्वितीय पोर्टिंग कोड जो कि उपयोगकर्ता को आवंटित किया जाता है आवेदन की तिथि से पंद्रह दिनों तक या कई बार नंबर जो पोर्ट हो चुका है, जो भी पहले हो, तक मान्य होता है।
  • जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर पूर्व के सेवा क्षेत्रों में अद्वितीय पोर्टिंग कोड की वैद्यता आवेदन की तिथि से तीस दिनों तक या कई बार नंबर जो पोर्ट हो चुका हो, जो भी पहले हो, तक होगी, चाहे अनुरोधों की संख्या उपयोगकर्ता के द्वारा बनाई गई हो।
  • नई सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा उपयोगकर्ता को एक नया सिम कार्ड जारी किया जायेगा।
  • पोर्टिंग अनुरोध के अनुमोदन के पश्चात नएमोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी को सूचित किया जाएगा।
 
पोर्टिंग शुल्क
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के अनुसार एक नए नेटवर्क पर पलायन की लागत 19 रुपए है। बहरहाल, नए ऑपरेटरों के पास उपयोगकर्ताओं को फीस माफ करने या छूट देने का विकल्प मौजूद होगा। भारत संचार निगम लिमिटेड व एयरसेल ने संभावित ग्राहकों के लिए शुल्क माफ किया है।
 
नए मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी को पोर्ट करने में कितना समय लगता है?
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के अनुसार, किन्ही भी 7 कार्यदिवस के अंदर पोर्टिंग का कार्य पूरा हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर, असम और उत्तर पूर्व सेवा क्षेत्रों में 15 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।
 
बाधित सेवा अवधि क्या है?
यह 2 घंटे की वह अवधि है जब आपकी मोबाइल सेवाओं को बाधित किया जायेगा। वास्तविक समय आपको हमारे द्वारा संदेश के माध्यम से बताया जायेगा।
 
क्या मैं पोर्टिंग के लिए आवेदन करने के पश्चात अपने अनुरोध को रद्द कर सकता हूं? क्या मुझे भुगतान की गई राशि वापस मिलेगी?
हां, आप पोर्ट के लिए आवेदन करने के 24 घंटों के भीतर अपने नएमोबाइल सेवा प्रदाता के साथ अपना अनुरोध रद्द कर सकते हैं।
 
क्या मुझे नए मोबाइल सेवा प्रदाता के पास पोर्ट करने से पहले अपनी मौजूदा सेवाओं को बंद कराने की आवश्यकता है?
नहीं, आपको अपनी मौजूदा सेवाओं को रद्द करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर आप एक बार सफलता से नएमोबाइल सेवा प्रदाता के पास पोर्ट कर लेते हैं तो आपकी अपने मौजूदा मोबाइल सेवा प्रदाता की सेवाएं स्वत: ही समाप्त हो जाएंगी।
 
पोर्टिंग प्रक्रिया के दौरान क्या मैं वर्तमान सेवाओं का उपयोग कर सकता हूं?
हां, आप इस प्रक्रिया के दौरान आप अपनी सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं, सिर्फ अंतरराष्ट्रीय रोमिंग सेवा को छोड़कर, जो आपके पोर्टिंग अनुरोध के पश्चात आपके वर्तमान मोबाइल सेवा प्रदाता के द्वारा निलंबित कर दी जाती है।
 
मैं एमएनपी के लिए कहां आवेदन कर सकता हूं?
इसके लिए आपको मोबाइल सेवा प्रदाता के सेवा केंद्र अथवा प्राधिकृत डीलर के पास जाकर पोर्टिंग के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए सेवा पंजीकरण फॉर्म भरकर आगे की प्रक्रिया के लिए पोर्टिंग शुल्क का भुगतान करें।
 
एमएनपी के लिए मुझे कितना भुगतान करने की आवश्यकता होगी?
एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर अपना नंबर स्थानांतरित करने की लागत 19 रुपए है। हालांकि, नए ऑपरेटर के पास शुल्क माफ करने अथवा अन्य छूट देने का विकल्प होगा। भारतीय संचार निगम लिमिटेड ने अपने संभावित ग्राहकों के लिए यह शुल्क माफ किया है।
 
समय पर सेवा ना मिलने पर अपनी शिकायत कहां कर सकते हैं?
भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
 
क्या मैं अपने नंबर को एक से अधिक बार पोर्ट कर सकता हूं?
आप एक से अधिक मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों को एक ही समय में पोर्टिंग का अनुरोध नहीं कर सकते। इसके अलावा आपको वर्तमान मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी की 90 दिनों की सदस्यता के साथ पात्रता की सभी शर्तों को पूरा करना चाहिए।


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कांग्रेस नीत सरकार के हाथो मे आतंकी तो सुरक्षित है किन्‍तु भारतीय नही



देश को आतंक के ऐसे खौफ़ नाक चेहरे से हमेशा रूबरू होना पड़ रहा है। हम मूक दर्शक होकर अपनो को मरने दे रहे है, इससे बड़ा राष्‍ट्रीय शर्म और क्‍या हो सकता है। अभी दिल्‍ली धमाको के सदमे से ऊबरी भी नही थी कि मीडिया हाऊसो को भेजे ईमेल के द्वारा भारत सरकार फिर से आंतकी हमलो की खुली चुनौ‍ती दी गई किन्‍तु अभी भी हम विचार मंथन से अतिरि‍क्त कुछ भी कदम उठा पाने के असक्षम है।
हम ऐसे आतंकियो को रोक पाने मे क्‍यो असक्षम है जबकि अमेरिका और इग्‍लैंड जैसे राष्‍ट्र 2001 और 2005 के प्रथम आतंकी हमलो के बाद कोई बड़ा हमला नही देखा किन्‍तु हमने संसद पर हमले के बाद 50 से अधिक आतंकी हमले झेले है और आज भी झेल रहे है। इसका क्‍या कारण है कि अमेरिका और इंग्‍लैण्‍ड ने फिर ऐसे दर्द नाक मंजर नही क्‍यो नही देखा क्‍योकि उनके देश मे आंतकियो को धर्म नही देखा जाता, आतंकियो को आन द स्‍पॉट उसके अंजाम पर पर पहुँचा दिया जाता है। परन्‍तु भारत की स्थिति भिन्‍न है भारत को सेक्‍युलर देश दिखाने के लिये आंतकियो को धर्म के नाम पर संगरक्षण दिया जाता है यही कारण है कि संसद पर हमले का मुख्‍य आरोपी अफ़जल गुरू और मुम्‍बई हमलो का एक मात्र जिन्‍दा अभियुक्त को कोर्ट से सजा-ए-मौत हो जाने के बाद भी हमारी सरकार ऐसे खतरनाक आतंकी को सिर्फ इसलिये संरक्षण दे रही है क्‍योकि वह मुस्लिम है और सरकार खुलकर हिन्‍दूवादी संगठनो को आंतकी घोषित करने पर तुली है। आतंकी का कोई धर्म नही होता है किन्‍तु इसे भी इग्‍नोर नही किया जा सकता है कि जितने भी आतंकी भारत तथा विश्‍व के अन्‍य देशो पर हमले किये है उनमे मुस्लिम ही निकलते है और तो और जहाँ भी मुस्लिम बहुल्य इलाके है वहाँ आंतकी गतिविधिया होती रहती है इससे चीन भी अछूता नही है।
कांग्रेस नीत सरकार के हाथो मे आतंकी तो सुरक्षित है किन्‍तु भारतीय नही
आजादी के वक़्त और फिर उसके बाद आज तक कांग्रेस की 'मुसलमानों के प्रति तुष्‍टीकरण नीति' ने इस देश की खूब दुर्दशा कराई है... उपर से सच्‍चर जैसी कमेटी और सपोलो को दुग्‍धपान करने की नीति को पोषण देने की है। जिन लोको को हम आरक्षण के देकर तकनीकि शिक्षा दे रहे है वही तो ऐसी शिक्षा का उपयोग आतंकी गतिविधियो मे कर रहे है। आज भारत के समक्ष जितनी भी आतंकी गतिविधिया होती है हम चाह कर के भी उन पर लगाम इसलिये नही लगा पा रहे है क्‍योकि हमारी सरकार की सोच ही विभेद पूर्ण है वह आतंक को नही देखती वह आतंकी का धर्म देखती है। इन सब का श्रेय सिर्फ और सिर्फ कांग्रेस की 'मुस्लिम तुष्‍टीकरण' की राजनीति को जाता है... कांग्रेस की सत्‍ता लोलुप्‍ता नीति का ही परिणाम है कि हम आंतकी की खूनी चेहरा दशकों से देख रहे हैं और न जाने अभी और कब तक भोगते रहेंगे।
दिल्‍ली हाईकोर्ट मे बम विस्‍फोट मे सिर्फ 12 वकील और नागरिक मारे गये दिल्‍ली सरकार ने मौत की कीमत 4 लाख रूपये घोषित कर दी है यदि कल की तरीख़ मे ऐसा कोई हमला एक मात्र प्रधानमंत्री, सोनिया गांधी अथवा राहुल गांधी पर हुआ होता तो भारत के लिये आज का दिन सामान्‍य न होता, इन किसी की मौत पर आज भारत मे आपातकाल जैसी स्थिति देखने को मिल सकती थी। क्‍योकि इनकी जान की कीमत है और जनता तो कीड़े माकौड़े की तरह सिर्फ वोट देने के लिये बनी हुई है। राहुल गांधी को अस्‍पाताल मे राजनीति खेलते हुये शर्म नही आई कि जो परिवार मौत के सदमे मे थे वहाँ राहुल गांधी वोट बटोरने गये थे। गांधी परिवार की निजता निजता है और हम जनता को राहुल कभी भी किसी भी हालत मे देखने जा सकते है चाहे मरीज नग्‍न अवस्था मे ही क्‍यो न हो और देश की सुपर पीएम को क्‍या रोग है यह जानने का अधिकार जनता को नही है।
ढाका से आये हमारे प्रधानमंत्री का यह बयान कि हम आतंकियो से नही हारेगे जैसे आतंकियो और सरकार के बीच शतरंज का खेल हो रहा हो और जनता प्‍यादो की भाति पिटने के लिये है। अब समय है कि हम शासन को अपने हाथ मे ले क्‍योकि यह सरकार कही से भी किसी भी स्‍तर पर जन भावना के लिये काम करने के लिये विफल रही है। हमें सच स्‍वीकार करना होगा कि कांग्रेस नीत सरकार के हाथो मे आतंकी तो सुरक्षित है किन्‍तु भारतीय नही।


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क्या आप कटती हुई गायों को बचाना चाहते है ?



प्रिय भारतवासियों,
उत्तर प्रदेश के बिजनेसमेन (व्यापारीगण) अब स्वचालित आधुनिक मशीन से युक्त कत्लखाने गायों को काटने के लिए बहुत जल्द बनाने जा रहे है ताकि गायों को तीव्र गति से काटा जा सके, उनके मांस को विदेशों में भेजा जा सके और उन्हें बहुत बड़ा लाभ प्राप्त हो सके | अगर ये लोग इसमें कामयाब हो जाते है तो फिर इन कत्लखानो की संख्या पूरे भारत में बहुत तेजी से बढ़ेगी | पूरे देश के लोग इन कत्लखानो को खोलने का पुरजोर विरोध कर रहे है और उत्तर प्रदेश की सरकार ने कहा है कि अगर एक करोड़ लोग भी कत्लखाने खोलने का विरोध करें और इस आन्दोलन की हिमायत करें तो स्वचालित आधुनिक मशीन से युक्त कत्लखाने खोलने की इजाजत व्यापारियों को नहीं दी जाएगी|
हम गायों की पूजा करते है | भारतीय होने के नाते और मानवता के नाते हम ऐसा होते हुवे हरगिज नहीं देख सकते ................ कृपया आप अपना समर्थन अवश्य दें |
अगर आपको लगता है कि इस तरह के कत्लखाने नहीं खुलने चाहिए तो आप कृपा करके 0522-3095743 पर एक मिस कोल जरूर करे| एक घंटी बजने के बाद कोल अपने आप डिस-कनेक्ट हो जाएगी |
जिस तरह से आपने अन्ना हजारे के जन लोकपाल बिल के आन्दोलन को सफल बनाया उसी तरह से आप अपना समर्थन दें | इसमें आपका कोई खर्चा नहीं है, बल्कि आपके इस एक मिस कोल से प्रतिदिन कटने वाली हजारों लाखों गायें बच जाएगी |कृपया आप अपने मोबाइल से मिस्कोल जरूर करें और इसे जितने लोगों तक पंहुचा सके पहुचाये |
मैने मिस कोल कर दिया है ........ अब आपकी बारी है क्‍योकि क्‍या आप अपनी माँओ को कटते देख सकते है ? अभी मिस कोल करे - नंबर है - 05223095743



तो वह कौन से गुण हैं जो देसी गाय को पावन बनाते हैं जबकि वो विदेशी नस्लों की गायों के मुकाबले कम दूध देती है?
विश्व हिन्दू परिषद की गोरक्षा समिति के हुकुमचंद कहते हैं, "हमारी देसी गाय जब बछड़े को जन्म देती है तब वो दूध देती है. विदेशी नस्ल की गाय के दूध देने के लिए बछड़ा होना ज़रूरी नहीं है. देसी गाय का दूध जल्दी पच जाता है जबकि भैंस और विदेशी नस्ल की गाय के दूध को पचने में ज़्यादा वक़्त लगता है."
देशी भारतीय गाय का घी के फायदे

देशी भारतीय गाय का घी के फायदे

गोरक्षा समिति के अनुसार देसी गाय का सिर्फ़ दूध ही नहीं, उसका गोबर भी गुणकारी होता है जिससे बीमारियां दूर होती हैं. वहीं विदेशी नस्ल की गायों के गोबर से बीमारियां पैदा होती हैं. करनाल स्थित राष्ट्रीय पशु आनुवांशिक संसाधन ब्यूरो के एक शोध में देसी गाय के दूध की गुणवत्ता को भी विदेशी नस्ल की गायों से बेहतर बताया गया है. मगर भारत में अब देसी गायों के मुकाबले विदेशी नस्ल की गाय ज़्यादा लाभकारी साबित हो रही है क्योंकि वो ज़्यादा दूध देती है. इसी वजह से इन्हें पालने का चलन बढ़ रहा है.
 
देशी भारतीय गाय का घी के फायदे
देशी भारतीय गाय का घी के फायदे
  • गाय के घी को अमृत कहा गया है। जो जवानी को कायम रखते हुए, बुढ़ापे को दूर रखता है। काली गाय का घी खाने से बूढ़ा व्यक्ति भी जवान जैसा हो जाता है। गाय के घी से बेहतर कोई दूसरी चीज नहीं है।
  • दो बूंद देसी गाय का घी नाक में सुबह शाम डालने से माइग्रेन दर्द ढीक होता है।
  • सिर दर्द होने पर शरीर में गर्मी लगती हो, तो गाय के घी की पैरों के तलवे पर मालिश करे, सर दर्द ठीक हो जायेगा।
  • नाक में घी डालने से नाक की खुश्की दूर होती है और दिमाग तारो ताजा हो जाता है।
  • गाय के घी को नाक में डालने से मानसिक शांति मिलती है, याददाश्त तेज होती है।
  • हाथ पाव मे जलन होने पर गाय के घी को तलवो में मालिश करें जलन ढीक होता है।
  • 20-25 ग्राम घी व मिश्री खिलाने से शराब, भांग व गांझे का नशा कम हो जाता है।
  • फफोलो पर गाय का देसी घी लगाने से आराम मिलता है।
  • गाय के घी की झाती पर मालिश करने से बच्चो के बलगम को बहार निकालने मे सहायक होता है।
  • सांप के काटने पर 100 -150 ग्राम घी पिलायें उपर से जितना गुनगुना पानी पिला सके पिलायें जिससे उलटी और दस्त तो लगेंगे ही लेकिन सांप का विष कम हो जायेगा।
  • अगर अधिक कमजोरी लगे, तो एक गिलास दूध में एक चम्मच गाय का घी और मिश्री डालकर पी लें।
  • गाय के घी का नियमित सेवन करने से एसिडिटी व कब्ज की शिकायत कम हो जाती है।
  • जिस व्यक्ति को हार्ट अटैक की तकलीफ है और चिकनाइ खाने की मनाही है तो गाय का घी खाएं, हर्दय मज़बूत होता है।
  • यह स्मरण रहे कि गाय के घी के सेवन से कॉलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता है। वजन संतुलित होता है यानी के कमजोर व्यक्ति का वजन बढ़ता है, मोटे व्यक्ति का मोटापा (वजन) कम होता है।
  • गाय के घी से बल और वीर्य बढ़ता है और शारीरिक व मानसिक ताकत में भी इजाफा होता है।
  • देसी गाय के घी में कैंसर से लड़ने की अचूक क्षमता होती है। इसके सेवन से स्तन तथा आंत के खतरनाक कैंसर से बचा जा सकता है।
  • गाय का घी न सिर्फ कैंसर को पैदा होने से रोकता है और इस बीमारी के फैलने को भी आश्चर्यजनक ढंग से रोकता है।
  • गाय का घी नाक में डालने से पागलपन दूर होता है।
  • गाय का घी नाक में डालने से कोमा से बहार निकल कर चेतना वापस लोट आती है।
  • गाय का घी नाक में डालने से लकवा का रोग में भी उपचार होता है।
  • गाय का घी नाक में डालने से बाल झडना समाप्त होकर नए बाल भी आने लगते है।
  • गाय का घी नाक में डालने से कान का पर्दा बिना ओपरेशन के ठीक हो जाता है।
  • गाय का घी नाक में डालने से एलर्जी खत्म हो जाती है।
  • स्वस्थ व्यक्ति भी हर रोज नियमित रूप से सोने से पहले दोनों नशिकाओं में हल्का गर्म (गुनगुना ) देसी गाय का घी डालिए ,गहरी नींद आएगी, खराटे बंद होंगे और अनेको अनेक बीमारियों से छुटकारा भी मिलेगा।


अच्छा लगा हो तो आगे प्रसार दीजिए, फॉरवर्ड कीजिये, और भारतीय भाषाओं में अनुवादित कीजिये, अपने ब्लॉग पर डालिए, मेरा नाम हटाइए, अपना नाम /मोबाईल नंबर डालिए| मुझे कोई आपत्ति नहीं है| मतलब बस इतना है कि ज्ञान का प्रवाह होते रहने दीजिये|


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मैथली जी आप बधाई के पात्र है



ब्‍लागवाणी आज जनवाणी बन कर उभरा है, यही कारण है कि आज ब्‍लागवाणी के आगे अन्‍य एग्रीगेटरों 20 साबित हो रहा है। यही कारण है ब्‍लागवाणी कुछ लोगों की ऑंख की किरकिरी बना रहता है। अरूण जी का पिछला लेख पढ़ा अच्‍छा लगा और लेख से अच्‍छा एक बात और लगी श्री मैथली जी की टिप्‍पणी 
maithily said...
मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आप ब्लागवाणी को परिवार के साथ देख पांयेगे. जो आप नहीं देखना चाहते उसे आपको जबर्दस्ती नहीं दिखाया जायेगा।

मैथली जी की उपरोक्‍त बात से स्‍पष्‍ट है कि पर्दे की आड़ में ब्‍लागवाणी एक पारिवारिक पार्क बना रहेगा, साथ ही साथ पर्दा हटने पर सब कुछ खुला मिलेगा। यह जरूरी भी है जो कुछ भी बातें आज ब्‍लागजगत में आ रही है हम इसे मन की भड़ास कह सकते है किन्‍तु किसी के मन की भड़ास हर किसी को अच्छी नही लगती है, और जब भड़ास निकलती है तो वह लिहाज भूल जाती है, जैसे कि मोहल्‍ले के चौराहे पर चोखेरबालियों को देखकर आवारें सीटीयॉं मारते है। इन मोहल्‍ले के आवारों की सीटियों पर भी हस्तक्षेप करना होगा। क्‍योकि दिल के दौरे की तरह समय समय पर इन्‍हे अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता के दौरे पड़ते रहते है। मनचाही अभिव्‍यक्ति की स्‍वतंत्रता बिल्कुल वैसी ही होनी चाहिऐ जैसी की अरूण जी ने अपने पोस्‍ट पर की थी।

मैने जानना चाहा कि अ‍ाखिर क्‍या बात है कि विवादों में ब्‍लागवाणी को घसीटे जाने का कारण क्‍या है मैने किसी और के ब्‍लाग का परिक्षण करने के अपेक्षा अपने ब्‍लाग को ही टटोलने की कोशिश कि तो निम्‍न नजीते पर पहुँचा, कि ब्‍लावाणी के मायने क्‍या है? और क्‍यो ब्‍लागवाणी को कटघरे में खड़ा किया जाता है। यह नतीजे आपके सामने है।


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प्रेरक प्रसंग - सब समान हैं



काला पानी जाने वाले जहाज पर डकैत और खूनी लोगो के साथ सावरकर जी को क अँधेरे कमरे में रखा गया। सौ से अधिक लोग वही एक कमरें मे कैद थे। सभी के स्‍वच्‍छतागृह की व्‍यवस्‍था नही थी। जिस कोने मे मल का ड्रम भरा था उसी के पास सावरकर जी को बिस्‍तर डालना पड़ा। दुर्गन्‍ध के कारण उनकी नींद हराम हो गई। उनकी बेचैनी देखकर एक घुटा हुआ कैदी उनसे बोला.. बड़े भैया हम लोगों को इसकी आदत सी पड़ गई है। आप उस कोने मे सोइये.. वहाँ भीड़ जरूर है पर गन्‍दगी नही है... यह मै सो जाता हूँ.. आप मेरी जगह जाइये।
 
उसकी इस बात को सुनकर सावरकर जी बड़े प्रभावित हुए और बोल उठे... धन्‍यवाद ! सभी को नाक है और नाक है तो बदबू तो आयेगी ही। आपको भी परेशानी होगी। अब तो मुझे भी काले पानी की सजा भुगतनी है तो मुझे भी ऐसी बातों की आदत करनी ही पड़ेगी.. और यह कह कर यात्रा के अंत तक सावरकर जी वही रहे।
 
इस प्रेरक प्रसंग से हमे यह शिक्षा मिलती है कि कोई कैसा भी हो.. उच्‍च वर्गीय य मध्‍यमवर्गीय सभी को एक समान समझना चाहिये... परिस्थितियाँ कैसी भी हो हमे परिस्थिति के अनुसार ही आपने को ढालना चाहिये।


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एग्रीगेटर बिन चिट्ठाकारी..



हिन्‍दी चिट्ठाकारी आज अपने परिपक्व रूप मे है। मुझे नही पता कि कि आज के समय मे चिट्ठाकारो के लिये एग्रीगेटर कितना उपयोगी है कि नही क्‍योकि मुझे यह भी जानकारी नही है कि कौन कौन से एग्रीगेटर वर्तमान समय है और उनकी स्थिति क्‍या है ?
नारद युग की बादशाहत को जिस प्रकार ब्‍लागवाणी ने तोड़ा और चिट्ठाजगत की चुनौतियो को स्‍वीकार करते हुये अपना वर्चस्‍व कायम रखा वकाई यह तारीफ कबिल था। ब्‍लागवाणी के जाने के क्‍या कारण थे यह आज तक जग-जहिर न हो सके..और ब्लागवाणी की वापसी के सारे प्रयास व्‍यर्थ होने के साथ ब्‍लागवाणी युग का अवसान हो गया। ब्‍लागवाणी अवसान के बाद निश्‍चित रूप से चिट्ठाजगत के पास हिन्‍दी चिट्ठाकारी प्रसारकर्ता के रूप मे आधिपत्‍य धारण करने का अवसर था किन्‍तु ब्‍लागवाणी के जाने के बाद चिट्ठाजगत का मौन पतन नव ब्लागरो के लिये दु:खद रहा।
ब्‍लागवाणी और चिट्ठाजगत के जाने के बाद एग्री‍गेटरो की स्थिति मेरे संज्ञान मे नही है.... वर्तमान मे कौन-कौन से हिन्‍दी एग्रीगेटर काम कर रहे है। क्‍योकि ब्‍लागवाणी और चिट्ठाजगत का अंत हुये एक साल हो रहे है इस एक साल मे मेरे ब्‍लाग पर किसी भी एग्रीगेटर से कोई पाठक नही आये..... यह भी यक्ष प्रश्‍न है कि कि कोई एग्रीगेटर है भी अथवा नही ? अगर है तो उन एग्रीगेटरो मे शामिल होने की प्रक्रिया क्‍या है ?
इतने दिनो बाद एग्रीगेटर की बात क्‍यो छेड़ी गई यह वकाई सोचनीय प्रश्‍न है। इसका सबसे प्रमुख कारण यह है कि एग्रीगेटर से हटने के कारण नये ब्‍लागो और ब्‍लागरो से सम्‍पर्क स्‍थापित न हो पाना, ब्‍लाग जगत की नवीन हलचलो से अनिभिज्ञ्यता प्रमुख है।
किसी को वर्तमान समय मे सक्रिय एग्रीगेटर के बारे मे जानकारी हो तो देने का कष्‍ट करे।


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जहाँ चाह वहाँ राह



यह प्रयाग स्‍टेशन पर खड़ी सारनाथ एक्‍सप्रेस है...जिसका प्रयाग स्‍टेशन पर कोई स्‍टॉपेज नही है पर जब यह रूकती है तो करीब 3-4 सौ यात्री रोजना चढ़ते और उतरते है...बिना स्‍टापेज के यह ट्रेन इस स्‍टेशन पर रूकती कैसे है..इससे तो यही पता चलता है कि जहाँ चाह वहाँ राह... 300-400 यात्री कम नही होते है... :)

28 PLP PHULPUR
13:36 13:37

2
29 JNH JANGHAI JN
14:18 14:19

2
30 BOY BHADOHI
15:03 15:04

2
31 BSB VARANASI JN
16:10 16:30

2


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गुरुपादुका स्तवन (Guru Paduka Staban)



Guru Brahma Shiva Narayan and hari har as one. The ultimate form of guru
Harihar Bhagawan
अनन्तसंसारसमुद्रतार नौकायिताभ्यां गुरुभक्तिदाभ्याम् ।
वैराग्यसाम्राज्यदपृजनाभ्याम् नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥१॥
Anantha samsara samudhra thara naukayithabhyam guru bhakthithabhyam,
Vairagya samrajyadha poojanabhyam, namo nama sri guru padukhabyam.

My prostration to holy sandals of mu Guru, which serve as the boat to cross this endless ocean of Samsara, which endow me with devotion to Guru, and which grace with the valuable dominion of renunciation.

कवित्ववाराशिनिशाकराभ्यां दौर्भाग्यदावाम्बुदमालिकाभ्याम् ।
दूरिकृतानम्रविपत्ततिभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥२॥
Kavithva varasini sagarabhyam, dourbhagya davambudha malikabhyam,
Dhoorikrutha namra vipathithabhyam,, namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which serve as the down pour of water to put out the fire of misfortunes, which remove the groups of distresses of those who prostrate to them.

नना ययोः श्रीपतितां समीयुः कदाचिदप्याशु दरिद्रवर्याः ।
मृकाश्च वाचस्पतितां हि ताभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥३॥
Natha yayo sripatitam samiyu kadachidapyasu daridra varya,
Mookascha vachaspathitham hi thabhyam,namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, adoring which the worst poverty stricken, have turned out to be great possesors of wealth, and even the mutes have turned out to be great masters of speech.
Guru Ardha Narishwar. half part is feminine and half part is masculine called ardhanarishwara
Ardha Narishwora

नालीकनीकाशपदाह्रताभ्यां नानाविमोहादि निवारिकाभ्याम् ।
नमज्जनाभीष्टततिप्रदाभ्या नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥४॥
Naleeka neekasa pada hrithabhyam, nana vimohadhi nivarikabyam,
Nama janabheeshtathathi pradhabhyam namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which remove all kinds of ignorant desires, and which fulfill in plenty, the desire of those who bow down to them.

नृपालिमौलिव्रजरत्नकान्ति सरिद्विराजत् झषकन्यकाभ्याम् ।
नृपत्वदाभ्यां नतलोकपङ्कतेः नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥५॥
Nrupali mouleebraja rathna kanthi sariddha raja jjashakanyakabhyam,
Nrupadvadhabhyam nathaloka pankhthe, namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which shine like the precious stones that adorn the crown of kings, by bowing to which one drowned in worldliness will be lifted up to the great rank of sovereignty.

पापान्धकारार्क परमपराभ्यां तापत्रयाहीन्द्रखगेश्वराभ्याम् ।
जाड्याब्धिसंशोषणवाडवाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥६॥
Papandhakara arka paramparabhyam, thapathryaheendra khageswarabhyam,
Jadyadhi samsoshana vadaveebhyam namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which serve as the Sun smashing all the illusions of sins, which are like garuda birds in front of the serpents of the three pains of Samsara; and which are like the terrific fire that dries away the ocean of jadata or insentience.
Ultimate guru Narayana. Narayana is the guru of all gurus
Narayana

शमादिषट्कप्रदवैभवाभ्यां समाधिदानव्रतदीक्षिताभ्याम् ।
रमाधवाङ्ध्रिस्थिरभक्तिदाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥७॥
Shamadhi shatka pradha vaibhavabhyam,Samadhi dhana vratha deeksithabhyam,
Ramadhavadeegra sthirha bhakthidabhyam, namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which endows one with six attributes which can bless with permanent devotion at the feet of the Lord Rama and which is initiated with the vow of charity and self-settledness.

स्वार्चापराणामखिलेष्टदाभ्यां स्वाहासहायाक्षधुरन्धराभ्याम् ।
स्वान्ता च्छभावप्रदपृजनाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥८॥
Swarchaparana makhileshtathabhyam, swaha sahayaksha durndarabhyam,
Swanthachad bhava pradha poojanabhyam, namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which bestows all the wishes of those who are absorbed in the Self, and which grace with one’s own hidden real nature.
Guru of all gurus Narayana with shankha Chakra Gadha Padma Vishnu, mahanarayan, mahavishnu, krishna, shiva
Narayana

कामादिसर्पव्रजगारुडाभ्यां विवेकवैराग्यनिधिप्रदाभ्याम् ।
बोधप्रदाभ्यां द्रुतमोक्षदाभ्यां नमो नमः श्रीगुरुपादुकाभ्याम् ॥९॥
Kaamadhi sarpa vraja garudabhyam, viveka vairagya nidhi pradhabhyam,
Bhodha pradhabhyam drutha mokshathabhyam, namo nama sri guru padukhabyam.

My prostrations to the holy sandals of my Guru, which are like garudas to all the serpents of desire, and which bless with the valuable treasure of discrimination and renumciation, and which enlighten with bodha- the true knowledge, and bless with instant liberation from the shackles of the world.
Guru Dattatraya

Guru Shuk and Parashar



Guru Dattatraya

Guru Gorakhnath

Adi Shankaracharya

Dattatraya, Gorakhnath, Guru, Gurupaduka, Narayan, Shiva, Staban, गुरु, गुरुपादुका, स्तवन,


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श्री पद्मनाभस्वामी मंदिरः न बने सरकारी गुलाम



आखिर क्‍यो हिन्‍दु धर्मिक स्‍थलो से प्राप्‍त सम्‍पदा को ही सरकारी नियत्रण मे लेने का प्रयास किया जाता है ? हाल मे ही दक्षिण के श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के विष्‍णु मे लाखो करोड़ की सम्‍पत्ति प्राप्‍त हो रही है। क्‍या भारतीय इतिहास मे कभी जामा मस्जिद या किसी चर्च से प्राप्‍त सम्‍पति को सरकारी सम्‍पत्ति धोषित किया गया ? यदि नही तो हिन्‍दुओ के साथ ही ऐसा क्‍यो ?
माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के आदेश पर पद्मनाभस्वामी मंदिर के तहखाने में बंद वस्तुओं की सूची बनाने के दौरान बेशकीमती खजाने का पता चला, इसमें सोने की वस्तुएं, जूलरी, बर्तन और करोड़ों रुपये कीमत के बहुमूल्य पत्थर शामिल हैं। इस मंदिर का देख भाल त्रावणकोर राज परिवार की ओर से नियुक्त एक ट्रस्‍ट करता रहा है। यह सम्‍पदा इतने सालो से सुरक्षित है इसका मललब यही निकाला जाना चाहिये कि राज परिवार ने इस धन का कभी गलत इस्‍तेमाल नही किया। यदि सरकार के हाथ मे यह सम्‍पदा होती तो 1 रूपये मे 5 पैसे ही जनता तक पहुँचे वाली कहावत ही चरित्रार्थ होती और पूरा पैसा स्‍विस बैक के नेताओ की एकाउन्‍ट मे चला गया होता है।
इस मंदिर के सरकारी नियंत्रण का पूर्ण विरोध होना चाहिये..यह हिन्‍दू समाज का मंदिर है और यह पैसा हिन्‍दू समान के लिये ही खर्च होना चाहिये। जाँच के दौरान उन हिन्‍दु रीति रिवाजो और मान्‍यताओ का भी पूर्ण पालन करना चाहिये जो कि सदियो से चली आ रही है।


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चिट्ठाकारी के पाँच साल... छठे साल मे कदम



आज 30 जून है मेरी चिट्ठाकारी के 5 साल पूरे हो रहे है.. और 6वें साल मे कदम रख रहा हूँ। 30 जून 2006 को मेरी पहली पोस्‍ट प्रकाशित हुई थी... दुर्भाग्‍यवस आज वो नही है। मेरे सर्वाधिक खुशी इस बात की भी हो रही है कि आज के दिन मै अपने 5 सालो मे सर्वाधिक व‍िजिट को मै पार कर रहा हूँ... अभी तक 658 पेज लोड हो चुके है सम्‍भवत: रात 12 बजे तक 800 पार हो जायेगी... अभी तक कल के पेज लोड़ 680 था...
434 प्रविष्ठियां और 3238 टिप्पणियां यह बताती है कि लगातार आपका सहयोग व मार्गदर्शन मिला इसके लिये अभार,
आपका अपना महाशक्ति


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देश में हो रहे पांच प्रकार की लूट का समाधान – भारत स्वाभिमान – स्वामी रामदेव



लूट:
(1) इलाज के नाम पर पूरे देश में प्रति वर्ष लगभग 10 लाख करोड़ रुपये की लूट हो रही है। अनावश्यक दत्ता, अनावश्यक परीक्षण पर गैर जरुरी आँपरेशन का रोज खतरनाक खेल, ho रहा है।
(2) शराब, तम्बाकू, गुटखा, अफीम व चर्स आदि नशीले सेवन से देश के प्रति वर्ष लगभग 10 लाख करोड़ रुपया बर्बाद हो रहे है।
(3) विदेशी कम्पनियों द्वारा साबुन, शैम्पू, टूथपैस्ट, क्रीम, पाउडर, आचार, चटनी, चिप्स, कोकाकोला व पेप्सी आदि शून्य तकनीकी से बनी बहुत ही गैरजरुरी अनुपयोगी व स्वास्थ्य के लिए हानिकारक वस्तुएं बैचकर भारत से प्रतिवर्ष लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की लूट हो रही है। तथा देश का धन विदेशी लोगों के हाथों में जाने से देश आर्थिक दृष्टि से कमजोर हो रहा है।
(4) यूरिया, डी,ए,पी व अन्य हानिकारक खाद व जहरीले कीटनाशकों से एक ओर जहाँ धरती माता की कोख (खेत) व इंसान का पेट विषैला हो रहा है वहीं गो व पशुधन आधारित कृषि व्यवस्था न होने से प्रतिवर्ष लाखों गायों व अन्य पशुधन का बर्बरता के साथ कत्लखानों में वध हो रहा है। प्रतिवर्ष इन जहरीली खाद व कीटनाशकों से देश के लगभग 5 लाख करोड़ रुपये नष्ट हो रहा है।
(5) टैक्स जस्टिस नेटवर्क, ट्रांसपेरेंसी इन्टरनेशनल, प्रवर्तन निदेशालय, केन्द्रीय सतर्कता आयोग अन्य राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के अनुसार पूरी दुनिया में अब तक 11.5 ट्रिलियन डालर क्रास बार्डर ब्लैकमनी जमा है। भारतीय मुद्रा के अनुसार उसकी कीमत 518 लाख करोड रुपये है तथा इसमें से आधा 258 लाख करोड भारत के बेईमान लोगों का है। अभी भी यह लूट का सिलसिला रुका नहीं है। प्रतिवर्ष 1.6 ट्रिलियन डाँलर अभी भी देश की सीमाओं से बाहर काला धन जमा होता है। अर्थात प्रतिवर्ष अभी भी लगभग 72 लाख करोड रुपये दुनिया के बेईमान लोग अपने-अपने देशों से लूटकर दूसरे देशों में जमा करते है। अत: ये भ्रष्टाचार व काला धन मात्र राष्ट्रीय ही नही एक अन्तराष्ट्रीय समस्या है। इस 72 लाख करोड रुपये में आधा रुपये एशियन देशों का है और इसमें भी आधा अर्थात 18 लाख करोड रुपये भारत का प्रति वर्ष विदेशी बैंकों में जमा हो रहा है। इस धनराशि को यदि महीने व दिनों में विभाजित करें तो प्रतिमाह 1 लाख 50 हजार करोड, प्रतिदिन 4931.5 करोड, प्रतिघंटा 206 करोड एवं प्रति मिनट 3 करोड 42 लाख रुपये की लूट हो रही है। नक्सलवाद, माओवाद, आंतकवाद, गरीबी व बेरोजगारी आदि समस्त ज्वलंत सम्स्याओं व चुनौतियों का मूल कारण भ्रष्टाचार, काला धन एवं पक्षपात की गलत नीतियाँ एवं व्यवस्थाएं भी है व बेरोजगारी आदि समस्त ज्वलंत समस्याओं व चुनौतियों का मूल कारण भ्रष्टाचार, काला धन एवं पक्षपात की गलत नीतियाँ एवं व्यवस्थाएं भी है। जहाँ एक ओर देश के लोग ईमानदारी से मेहनत करके देश के विकास में लगे है और प्रति वर्ष 50 से 60 लाख करोड की जी.डी.पी, देकर देश को ताकतवर बना रहे है वहीं दूसरी और हमारी घटिया सोच, गलत नीतियों व भ्रष्टाचार पर अंकुश न होने से देश का लगभग 50 लाख करोड रुपये प्रतिवर्ष बेरहमी व बेदर्दी से लूटा जा रहा है व देश का विनाश हो रहा है और हमारे अपने घर के 5 लाख रुपये लूटने, नष्ट या बर्बाद होने पर हमे कितता कष्ट होता है। हम 120 करोड देशभक्त, जागरुक-संवेदनशील भारतीयों के होते देश का प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख करोड रुपये लुटता रहता है और हम मौन होकर यह सब देख रहे इससे बडी शर्म, अपमान या बेबसी की बात और क्या हो सकती है? इस लूट के लिए जिम्मेदार कौन? समाज के ताकतवर बडे लोग, चाहे वह बडे डाक्टर्स, हाँस्पिटल्स हो, या फिर बडे व्यापारी, बडे अधिकारी, पर सबसे ज्यादा जिम्मेदार है बडे नेता जिनके हाथों में इस देश की सर्वोच्च सत्ता व शक्ति है। भ्रष्टाचार के लिए तो वे 100 फीसदी सीधे जिम्मेदार ही साथ ही दुसरी लूट में भी उनकी भागीदारी है। चाहे बडे हाँस्पिटल्स हो, दवा निर्माता कम्पनियाँ, हो या फिर शराब तम्बाकू या अन्य नशा बनाने वाली कम्पनियाँ हों अथवा विदेशी कम्पनियां जिनके साथ कुछ रसूखदार ताकतवर नेताओं की पार्टनरशिप होती और कई बार तो वे सीधे तौर पर खुद ही मालिक होते हैं।

लूट का समाधान !
(1) नित्य नियमानुसार योगाभ्यास करें, रोगी होने से बचें तथा रोगी योग करके निरोगी बनें। योगाभ्यास, नियमित व संयमित जीवन व आयुर्वेद की आयु व स्वास्थ्य वर्धक जडी-बूटियों का प्रयोग करें।
(2) नशामुक्त जीवन जीने का संकल्प लें। योगाभ्यास से रोग मुक्ति के साथ स्वत: नशामुक्ति भी मिलती है। नशे से तन, धन, मन, आत्मा व धर्म की हानि के बारे में खुद समझे औरों को समझाएं।
(3) 100 प्रतिशत स्वदेशी को अपनाने का व्रत या संकल्प लें। शून्य तकनीकों से बनी विदेशी वस्तुएं खासतौर पर साबुन, शैम्पू, टूथपेस्ट, क्रीम, पाउडर, ब्रेड, बिस्कुट, चिप्स, कोकाकोला व पेप्सी आदि का प्रयोग कभी न करें। गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्यवर्धक सस्ते व स्वदेशी उत्पादों की उपलब्धता प्रत्येक प्रान्त व जिला स्तर पर करवाने तथा रोग, नशा व बेरोजगारी मुक्त, पूर्ण स्वस्थ, संस्कारवान व समृद्घ गांवों के निर्माण हेतु 600 जिलों में पतंजलि ग्रामोंद्योग योजना शीघ्र ही प्रारम्भ कर रहे हैं।
(4) विष मुक्त अन्न (आँर्गेनिक फूड) खाएं व गो-दूध व गोघृत आदि के सेवन को प्रोत्साहन दें। जब उपभोक्ता के रुप में हम आँर्गेनिक बाजार तैयार करेंगें तो किसान भी धीरे-धीरे विष मुक्त कृषि की नीति को अवश्य अपनायेंगें।
(5) भ्रष्टाचार का पूरी ताकत से विरोध करें। न रिश्वत लें और न दें। भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लिए भारत स्वाभिमान के सदस्य, कार्यकर्ता व शिक्षक बनकर भारत स्वाभिमान की नीतियों का प्रचार करें।


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Amazing Free Mahakal HD Wallpaper and Mahakal Status






















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New Mahakal Status In Hindi 2020



1.
फिदा हो जाऊँ..
तेरी किस-किस अदा पर #महाकाल
अदायें लाख तेरी, बेताब #दिल एक हें मेरा

2.

हम तो एक ही रिश्ता जानते हैं!
दिल वाला रिश्ता...
और दिल में तो
#महाकाल मुस्कुरा रहा है,
तोड़ सारे भ्रम दोष कृपा बरसा रहा है.

3.

यह कलयुग है
यहाँ ताज #अच्छाई को नही
#बुराई को मिलता है,
लेकिन हम तो बाबा #महाकाल के दीवाने है ,
ताज के नही #रुद्राक्ष के दीवाने है.



मौत की गोद में सो रहे हैं
धुंए में हम खो रहे है
महाकाल की भक्ति है सबसे ऊपर
शिव शिव जपते जाग रहे है, सो रहे हैं!

5.

#इश्क मे पागल छोरे छोरिया
वेलेनटाइन डे के गुलाब बिन रहै है,
#हम तो बाबा #महाकाल के दिवाने है
#शिवरात्री के दिन गिन रहे है

6.

जिन्दा #साँस और मुरदा राख
चिलम मे #गाँजा दूध मे #भाँग
देव भी सोचे बार #बार
#दम लगाये #हजार बार
ऐसे है #महाकाल

7.

मुझे अपने आप में कुछ यु बसा लो…
के ना रहू जुदा तुमसे,, और खुद से तुम हो जाऊ…
जय भोलेनाथ.

8.

#खुशबु आ रही है कही से
#गांजे और #भांग की
#शायद खिड़की #खुली रह गयी है
मेरे #महाकाल के दरबार की...




#माया को चाहने वाला
#बिखर जाता है,
और मेरे #महाकाल को चाहने वाला
#निखर जाता है...!

Mahadev Status in Hindi - महादेव स्टेटस


10.

मिलती है तेरी भक्ती
#महाकाल बडे जतन के बाद,
पा ही लूँगा #तुझे मे...
श्मशान मे जलने के बाद।

11.

#महाकाल तुम से छुप जाए मेरी #तकलीफ
#ऐसी कोई बात #नही ।
#तेरी_भक्ती से ही #पहचान है मेरी #वरना
#मेरी कोई #ओकात_नही ।।

12.

कौन कहता है भारत में
#fogg चल रहा है ?
यहाँ तो सिर्फ #महाकाल के भक्तो का
खौफ- चल रहा है.

Mahakaal Attitude Status Hindi

#महाकाल के भक्तो से #पंगा
और भरी महफील मे #दंगा
मत करना #वरना
चोराहे पे नंगा
और #अस्थियो को गंगा में #बहा दूंगा....

14.

कैसे कह दूँ कि मेरी,
हर दुआ बेअसर हो गई,
मैं जब जब भी रोया,
मेरे भोलेनाथ को खबर हो गई .



ना गिन के दिया ना तोल के दिया,
“मेरे महाकाल ने जिसे भी दिया
दिल खोल के दिया”

Bholenath Status - भोलेबाबा स्टेटस in Hindi for Whatsapp


16.

महाकाल तेरी कृपा रही तो
एक दिन अपना भी मुकाम होगा !!
70 लाख की Audi कार होगी
और FRONT शीशे पे
महाकाल तेरा नाम होगा.

17.

मैनें तेरा नाम लेके ही
सारे काम किये है महादेव
और लोग समजतें है
की बन्दा किस्मत वाला है

18.

कृपा जिनकी मेरे ऊपर,
तेवर भी उन्हीं का वरदान है
शान से जीना सिखाया जिसने,
“महाँकाल” उनका नाम है!

19.

शिव की बनी रहे आप पर छाया,
पलट दे जो आपकी किस्मत की काया;
मिले आपको वो सब अपनी ज़िन्दगी में,
जो कभी किसी ने भी न पाया!




शिव की ज्योति से नूर मिलता है,
सबके दिलों को सुरूर मिलता है;
जो भी जाता है भोले के द्वार,
कुछ न कुछ ज़रूर मिलता है!

21.

मिलावट है भोलेनाथ
तेरे इश्क में इत्र और नशे की
तभी तो मैं थोडा महका हुआ
और थोडा बहका हुआ हूँ.

Royal Nawabi Attitude Status Shayari in Hindi 2019

ये केसी घटा छाई हैं,
हवा में नई सुर्खी आई है,
फ़ैली है जो सुगंध हवा में ,
जरुर महादेव ने चिलम लगाई है |

23.

मुझे अपने आप में कुछ यु बसा लो,
के ना रहू जुदा तुमसे,
और खुद से तुम हो जाऊ.
जय भोलेनाथ.

24.

खुल चूका है नेत्र तीसरा
शिव शम्भू त्रिकाल का,
इस कलयुग में वो ही बचेगा
जो भक्त होगा महाकाल का.

Maha Shivratri Status, Quotes, Sms And Wishes Hindi

मैँ और मैरा भोलेनाथ
दोनो ही बङे भुलक्कङ है,
वो मेरी गलतियां भूल जाते है
और मै उनकी मेहरबानियों को.

26.

जिनके रोम-रोम में शिव हैं
वही विष पिया करते हैं ,
जमाना उन्हें क्या जलाएगा ,
जो श्रृंगार ही अंगार से किया करते हैं.

27.

#भोले तने तो सारी #दुनिया पार #तारी हे
#कदे मेरे #सर पे बी #हाथ_धर क कह दे
#चाल_बेटे_आज तेरी #बारी हे
#जय_महाकाल

28.

लोग कहते हैं किसके दम पे #उछलता है तू इतना मैंने
भी कह दिया जिनकी 🀄 चिलम के
हुक्के की दम ⚡ पर चल
रही ये 🔃दुनिया है .उन्हीं ❤
#महाँकाल के 💪 दम पे उछलता ये बंदा है जय राजा महाँकाल।


Rajput Status in Hindi For Banna And Baisa

#चाहे_सुली_ प_चढा_दे_भोले,,,,
चाहे_विष_का_प्याला_प्या_दे_भोले
#एक_तेरे_ए_जितणी_प्यारी_है_
.......
#बस_उस_भगतणी_त_मिलवादे_भोले,,,,,,,
I lovu u........... вhσlє

30.

👉हिन्दूगिरी 👥के बादशाह👑 हैं हम👨...
तलवार 🗡हमारी👨 रानी 👸हैं ..दादागिरी👊तो करते ही है ..
बाकी 🖐महाकाल 👻की मेहरबानी 👊है ...!!👈

31.

✪⇶ *_जब भी मैँ ➪ अपने ⇛बुरे # हालातो ☹ से ➦
# घबराता हूँ..._*
*_तब मेरे ➙ # महाकाल की ⇥ # अवाज 🗣आती है....रूक मैँ ➧आता हूँ...._*

32.

किसी ने #मुझसे कहा इतने #ख़ूबसूरत नहीं हो तुम !! #मैंने कहा #महाकाल के #भक्त #खूंखार👹ही #अच्छे लगते है...💀😘😘 ❤।। जय श्री महाकाल ।।❤

33.

#इतणी_मटक कै ना चाल्लै , हाम #नजर लगा देगे
.
.
.
#भौले के भगत सै #गदर_मचा देगे


34.

#मोहोब्बत_का_तो_पता_नही_पर,
#दिल_लगी_सिर्फ_महाँकाल_से_है।😍😍
#जय_श्री_महाँकाल

35.

 कोई #दौलत का दीवाना? ,,, कोई #शोहरत का दीवाना? ,,,#शीशे
सा मेरा #दिल ♡♡ ,,, मैं तो सिर्फ ••#महादेव?? •• का #दीवाना
!! ? हर हर महादेव ?

36.

माया को चाह ने वाला बिखर जाता हैं।
ओर महाकाल को चाह ने वाला निखर जाता हैं।
हर हर महादेव

Har Har Mahadev Attitude Status In Hindi

घनघोर अँधेरा ओढ़ के...
मैं जन जीवन से दूर हूँ...
श्मशान में हूँ नाचता...
मैं मृत्यु का ग़ुरूर हूँ...
Jay Mahakal

38.

कुत्तो की बढी तादाद से..शेर मरा नही करते..और #महाकाल के दिवाने..किसी के #बाप से ड़रा नही करते..?? जय श्री #महाकाल

39.

राम भी उसका।रावण भी उसका।
जिवन उसका मरण भी उसका।--
जय श्री महाकाल

40.

उसने ही जगत बनाया है, कण कण में वोही समाया है ।
दुःख भी सुख सा ही बीतेगा, सर पे जब शिव का साया है..
🌹🌹🙌🙏हर हर महादेव🙏🙌🌹🌹

41.

જેટલો વ્હાલો છે તમને તમારો "જીવ",
બસ એટલો વ્હાલો છે મને મારો "શિવ"...
શિવ કા દાસ કભી ના ઉદાસ...
🌹🌹🌹🌹🌹🌹
હર હર મહાદેવ

42.

#महाकाल👺 का ⇏#नारा🗣 लगा के 👉हम ➫#दुनिया 🌎में ➙छा गये...* *_हमारे ➦#दुश्मन 👿😈भी ➩छुपकर😮 बोले 🗣वो☝ देखो 👀#महाकाल 👺के ➧भक्त 🎅आ गये....*
जय श्री महाकाल

43.

बम भोले डमरू वाले शिव का प्यारा नाम है
भक्तो पे दर्श दिखता हरी का प्यारा नाम है
शिव जी की जिसने दिल से है की पूजा
शंकर भगवान ने उसका सवारा काम है!
#जय महाकाल

44.

अकाल मृत्यु वो मरे जो कर्म करे चांडाल का,
काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का
जय महाकाल

45.

मैंने कहा : अपराधी हूं मैं,
👉🏾महाकाल ने कहा : “क्षमा कर दूँगा”
👤मैंने कहा : परेशान हूँ मैं,
👉🏾महाकाल ने कहा : “संभाल लूँगा”
👤मैने कहा : अकेला हूँ मैं
👉🏾महाकाल ने कहा : ‘साथ हूँ मैं”
👤और मैंने कहा :
“आज बहुत उदास हूँ मैं”
👉🏾महाकाल ने कहा :
“नजर उठा के तो देख,
तेरे आस पास हूँ मैं…!”

46.
  
  हर शख्स अपने गम में खोया है..और जिसे गम नहीं
वो
मेरे #महाकाल  की चौखट पर सोया है..
#जय_श्री_महाकाल
 

47.

खुल चूका है नेत्र तीसरा शिव शम्भू त्रिकाल का,,, इस कलयुग में वो ही बचेगा जो भक्त होगा #महाकाल का !

48.

मझधार में नैया है
बड़ा दूर किनारा है
अब तू ही बता मेरे #महाकाल
यहां कौन हमारा है ।

Bholenath Baba Status And Shayari In Hindi

सारा🌍ब्राम्हॉंन्ड  झुकता है
जिसके शरण में
मेरा🙏प्रणाम है उन 🔱#महाकाल के  चरण में
🙏🔱#जय_श्री_महाकाल🕉🚩

50.

माथे का तिलक कभी हटेगा नही
 और जब तक जिन्दा हूँ तब तक
🔱#महाकाल का नाम मुँह से मिटेगा नही
 🙏#जय_महाकाल🚩

51.

हे🔱#महाकाल उन👥सबको मंजिल तक पहुँचा देना
जो खुदसे ज्यादा तुझ पर यकीन करता हो
🙏🔱#जय_श्री_महाकाल🕉🚩

52.

दुनिया की हर मुहब्बत मैने,स्वार्थ से भरी पायी है.. पवित्र प्यार की खुशबू सिर्फ मेरे महादेव के चरणों से आयी है.. जय श्री #महाकाल 🙏🙇🔥🔥🔥🔥🔥🌷🌷🌷🌷🌷

53.

सर्पों के बीच रहने वाला क़लापी ,
दिगम्बर, मशान ही मेरा मूल स्थान है
रूद्र , अघोरा मेरे रूप है
मैं प्रलय रूद्र हूँ
मैं #महाकाल हूँ

54.
 
  खुशबु 😴आ रही है कहीँ से #गांजे और #भांग की !!! 🍯
शायद #खिड़की🚪 खुली रह गयी है ' #मेरे_महांकाल' के #दरबार की...!!
हर_हर_महादेव '...😊

55.

#तन की जाने,
#मन की जाने,
जाने चित की चोरी,
उस #महादेव से क्या छिपावे,
जिसके हाथ है सब की डोरी।
जय श्री #महाकाल
🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️🔱🕉️
#सुप्रभात

56.

जब दुआ और कोशिश से बात ना बने तो फैसला🔱#महाकाल पे छोड़ दो #महाकाल अपने बच्चों के बारे में बेहतर फैसला करते है
🙏#जय_महाकाल🚩

57.

किसी की गलतियों को बेनक़ाब ना कर,
#महाकाल  बैठा है, तू हिसाब ना कर...
#जय_श्री_महाकाल

58.

👦Paglसा हुँ...मगर ❤दिल का सच्चा हुँ...
थोड़ासा 😉Awara हुँ पर🔱#महाकाल तेरा ही🙏दिवाना हुँ....
🙏🕉#जय_श्री_महाकाल🔱🚩

59.

धराशायी हो जाता है उसके आगे​ ​
चाहे कितना ही बड़ा महारथी हो​ ​उसे क्या हराएगा इस जहां में कोई​ ​
🔱#महाकाल जिसका खुद सारथी हो​
🙏🔱#जय_महाकाल🕉🚩

60.

 तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ,
तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ,
तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये,
क्योंकि मेरे #महाकाल# मैं तेरा लाल हूँ ।
  
Jay Mahakal Status For Fb And Whatsapp

#महाकाल सोयम शिव जी माता लक्ष्मी कुबेर देब को धन प्रदान करते ये अद्भुत चित्र.. हर हर महादेव जय माता लक्ष्मी #Say_Happy_Dhanteras_P 🙋.

62.

बहुत दिल भर चुका है खूब रोना चाहता हूँ
मैं #महाकाल तेरी गोद में सिर रख कर
सोना चाहता_हूँ ।
#जय_श्री_महाकाल

63.

मेरे महाकाल तुम्हारे बिना मैं शून्य हूँ ….. तुम साथ हो महाकाल तो में अनंत हूँ #महाकाल #Mahakal

64.

भुलेंगें वो भुलाना जिनका काम है मेरी तो महाकाल के बिना गुजरती नही शाम है कैसे भूलूँ  मै #महाकाल को जो मेरी जिदगी का दुसरा नाम है !! #Mahakal

65.

कसम खाता हूं #महाकाल का वतन के मिट्टी का #दीपक जलाउंगा #चाइना नहीं #हिन्दुस्तानी है अपने मिट्टी की इज्जत करेंगे जय श्री महाकाल

66.

अपने जिस्म को इतना न सँवारो
यह तो मिट्टी में ही मिल जाना है
सँवारना है तो अपनी आत्मा को सँवारो
क्योंकि उस आत्मा को ही🔱#महाकाल के पास जाना है

67.

#चल रहा हूँ धूप में तो #महाकाल तेरी छाया है ।
#शरण  है तेरी सच्ची बाकी तो सब #मोह  माया है ।
   #जय #महाकाल...

68.

लोग पूछते हैं कौन सीदुनिया में जीते हो हमने भी कह दिया#महाकाल की भक्ति मेंदुनिया कहाँनजर आता है...

69.

#महाकाल की #भकती मे #हम ऐसे #खोगए ,, #जल्लने #वाले #समशान #मे #सो #गये! #हमे #क्या #चिंता #किसी #काल #की #महाकाल #Mahakal

70.

महाकाल  का_ भक्त_हु _भैया ज्यादा_इज्जत_देने_की_आदत_नहि_है l #महाकाल #Mahakal

71.

अच्छे कर्मों से बड़ी राहत क्या होगी नेकी से बड़ी
इबादत क्या होगी जिस इंसान के सर पर
सायाहो #महाकाल का उसे जिंदगी से शिकायत
क्या होगी

72.

*हरे_भरे_पेड_पर* *सूखी_डाली_नही_होती* *जो_कोई_महाकाल_के_चरणों_में* *जा_के_नमन_करे* *उसकी_झोली_कभी_खाली_नही_होती* 🚩#महाकाल #Mahakal

Mahakal Bhakt Status And Shayari In Hindi

तेरे दर पर आते आते मेरे #महाकाल जिंदगी की शाम हो गयी .. और जिस दिन तेरा दर दिखा जिंदगी ही तेरे नाम हो गयी...

74.

पहचान बताना हमारी आदत नही
लोग चेहरा देख के ही बोल देते है
ये तो🔱#महाकाल के🙏भक्त है
 🕉#जय_महाकाल🚩

75.

तेरा गुणगान करूँ
तेरी ही भक्ति करूँ
तेरा सानिध्य हो
अलंकरण हो,
भक्ति का अनुकरण हो
मेरे #महाकाल शत् - शत् नमन🙏🙏
  

76.

नही पता कौन हू मै; और कहाँ मुझे जाना है...महादेव ही मेरी मन्जिल.और #महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना है.ॐ नम: शिवाय  दीवना महाकाल का आज़ाद परिंदा

77.

माना कि औरों की मुकाबले कुछ ज्यादा पाया नहीं मैंने..!
पर खुश हूं कि खुद को गिरा कर कुछ उठाया नही मैंने..!!
कालो के भी काल जय श्री
 #महाकाल

78.

आपके प्रेम मे हम #महाकाल इतने चूर हो रहे हैं
लिखते आपके बारे मे और खुद #मशहूर हो रहे हैं…

79.

#महाकाल👺 का ⇏#नारा🗣 लगा के 👉हम ➫#दुनिया 🌎में ➙छा गये...* *_हमारे ➦#दुश्मन 👿😈भी ➩छुपकर😮 बोले 🗣वो☝ देखो 👀#महाकाल 👺के ➧भक्त 🎅आ गये....*

80.

जिनके #हाथ_मे_त्रिशुल और #गले_में_मुण्डमाल है, ☝
#हर_लेते मृत्यु को भी क्षण मे,
   #दास_जिनका_काल_है।
#महाकाल

81.

काल भी तुम #महाकाल भी तुम
लोक भी तुम त्रिलोक भी तुम
शिव भी तुम और सत्य भी तुम
जय श्री महाकाल
  🙏 सुप्रभात🙏
आप का दिन शुभ हो
हर हर महादेव

82.

जो समय की चाल है..
अपने भक्तों की ढाल है,
पल में बदल दे सृष्टि को वो #महाकाल हैं 🙌
 🙏जय महाकाल🙏
  🙌हर हर महादेव🙌
#महाकालभक्त

83.

   जैसे #हनुमानजी के सीने में तुमको #सियापति_श्री_राम मिलेंगे सीना चीर के देखो मेरा तुमको बाबा #महाकाल मिलेंगे जय श्री महाकाल 
  

84.

मृत्यु के समय कोई तुम्हारी नही सुनेगा कर्म की गति ही बताएगी तुम्हे कहा घसीटा जायेगा #महाकाल  ( S🆙S)

New Maha Shivratri Status Shayari And Massages 2017

ये #मोदी है या #महाकाल?
हाफिज सईद को कश्मीर के लिए कमांडर
और
कांग्रेस को देश के लिए उम्मीदवार नही मिल रहे😜
जय @narendramodi Ji
Jai Mahakaal

86.

👦हमने तो अपने आप को
 🔱#महाकाल के चरणों में रख दिया
🌍दुनियाँ ही हमारी #महाकाल है
अब इतना समझ📿लिया
 🙏#हर_हर_महादेव🚩

87.

👥लोग पूछते हैं कौन सी🌍दुनिया में जीते हो
👦हमने भी कह दिया🔱#महाकाल की 🙏भक्ति में🌍दुनिया कहाँ👀नजर आता है
🕉#जय_श्री_महाकाल🔱

88.

आंधी🍃तुफान से👥वो डरते है जिनके मन मेँ प्राण बसते हैँ
जिनके मन मे 🔱#महाकाल बसते हैँ
👤वो मौत देखकर भी😊हँसते है
#जय_महाकाल🔱
#जय_हानुमान 🚩

89.

नही पता कौन हु मै !!  और कहा मुझे जाना है !!।  महादेव ही मेरी मँजिल !!  और #महाकाल का दर ही मेरा ठिकाना है !!!

90.

जिंदगी जब🔱#महाकाल पे फिदा हो जाता है
सारी मुश्किले अपने आप
 जीवन से जुदा हो जाता है
🕉#बम_बम_बोले🙏

91.

   #चीलम और चरस के नाम से मत कर #बदनाम ऐ दोस्त!#महादेव को इतिहास उठा के देख ले #महाकाल
ने जहर पिया था #गांजा चरस नहीं।।।
#जय_महांकाल ।।।
 
92.

तन की #जाने, मन की जाने, जाने #चित की चोरी उस #महाकाल से क्या #छिपावे जिसके #हाथ है सब की #डोरी...
#सुप्रभात
#जय_श्री_महाकाल

93.

उसे डर केसा काल का जो भक्त हे स्वयं महाकाल का । हर हर महादेव.#महाकाल #Mahakal

94.

आँधियो में भी जहाँ जलता हुआ चिराग़ मिल जाएगा, उस चिराग़ से पूछना महाकाल का पता मिल जाएगा ।। हर हर महादेव.#महाकाल

95.

सोचने से कहाँ मिलते है... तमन्नाओं के शहर... चलने की जिद भी जरुरी है... महाकाल पाने के लिए. #महाकाल #Mahakal

96.

पहचान बताना हमारी आदत नही
लोग चेहरा देख के ही बोल देते है
ये तो 🔱#महाकाल के 🙏भक्त है
  💀🐂जय श्री महाकाल🕉🚩

  
Mahadev Attitude Status In Hindi And English

जिंदगी जब🔱#महाकाल पे फिदा हो जाता है
सारी मुश्किले अपने आप
 जीवन से जुदा हो जाता है
🕉#बम_बम_बोले🙏

99.

मृत्यु के समय कोई तुम्हारी नही सुनेगा
कर्म की गति ही बताएगी तुम्हे कहा घसीटा जायेगा
#महाकाल

100.

हर शख्स अपने गम में खोया है..और जिसे गम नहीं
वो
मेरे #महाकाल  की चौखट पर सोया है..
#जय_श्री_महाकाल

101.

👦हमने तो अपने आप को
 🔱#महाकाल के चरणों में रख दिया
🌍दुनियाँ ही हमारी #महाकाल है
अब इतना समझ📿लिया
 🙏#हर_हर_महादेव🚩

 102.

 काल अनेक #महाकाल एक
देव अनेक #महादेव एक
शक्ति अनेक #शिवशक्ती एक
नेत्र अनेक #त्रिनेत्रधारी एक
सर्प अनेक#सर्पधारी एक
💀🐂#जय_महाकाल🔱🚩

103.

चिंता नहीं हैं#काल की…बस #कृपा बनी रहे #महाकाल की…🙌🙌

104.

मुझे कौन याद करेगा इस भरी दुनिया में
हे #महाकाल बिना मतल़ब के तो लोग तुझे भी याद नही करते ।

105.

#42_के_बाप_लोग
जो समय की चाल है....
अपने भक्तो की ढाल है
पल में बदल दे🌍सृस्टि को वो
🔱 #महाकाल हैं

106.

वो गुरु है मेरा वो मित्र है मेरा वो साथ है मेरा वो विश्वास है मेरा वो मार्गदर्शक है मेरा वो शासक है मेरा वो मेरा मैं उसका वो #महाकाल है मेरा

107.

जो समय की चाल है....अपने भगतो की ढाल है
पल में बदल दे🌍सृस्टि को वो🔱#महाकाल हैं
🙏जय महाकाल🚩

108.

यह कलयुग है
यहाँ ताज #अच्छाई को नही
#बुराई को मिलता है,
लेकिन हम तो बाबा #महाकाल के दीवाने है ,
ताज के नही #रुद्राक्ष के दीवाने है.

Jay Shree Mahakal Status In English For Whatsapp

सुनले ले दो कौड़ी के फ़िल्म-मेकर #SanjayLeelaBhansali हिन्दू जब तक सोया है बस तब तक ही वो शांत है जब हिन्दू जाग गया वो #महाकाल है..

110.

|||करनी है #महाकाल से गुजारिश आपकी
भक्ति के बिना कोई बन्दगी ना मिले|||
!!!||हर जन्म मे मिले आप जैसा गुरू या फिर ये जिन्दगी ना मिले|||

111.

स्वर्ग मे देवता भी उनका अभिनंदन करते है ...
जो हर पल🔱#महाकाल का 📿वंदन करते है....!!
💀🐂#जय_महाकाल🕉🔱

112.

🔱#महाकाल तेरी मेरी प्रीत पुरानी
शक की ना गुंजाइश है
 रखना हमेशा चरणों में ही छोटी सी ये फरमाइश है !!
🙏#जय_श्री_महाकाल🚩

113.

#कसम_खाई_है * कोई मुजसे मेरा सब कुछ छीन सकता है पर #महाकाल की दीवानगी,मुजसे कोई नही छीन सकता
#जय_श्री_महाकाल

114.

🚩#महाकाल की #भस्म के #लिये दुनिया #भुला देंगे,,
🚩#तो सोचो #श्रीराम के #मंदिर🗼के लिये #कितनो
  को #सुला देंगे!!
   🚩जय जय श्री राम🚩 

115.

गाल 👦सा हुँ... मगर ❤दिल का सच्चा हुँ थोड़ा सा💕आवार हुँ पर 🔱#महाकाल तेरा ही दिवाना हुँ.... 💀🐂जय श्री महाकाल 🙏🚩 (S🆙S)

116.

जिसे मोह नही #मायाजाल का
 वो भक्त है #महाकाल  का
#महाकाल_भक्त
🚩 #जय_श्री_महाकाल 🚩

117.

#मौत जैसी #वफादारी किसी में #नहीं काल #जैसा हम #सफर कोई नहीं #और मेरे #महाकाल जैसा #न्यायाधीश पुरी #दुनिया मै..

118.

मिलती है तेरी भक्ती
#महाकाल बडे जतन के बाद,
पा ही लूँगा #तुझे मे... श्मशान मे जलने के बाद।

119.

#खौफ फैला देना नाम का ,
कोई पुछे तो कह देना #
भक्त लौट आया है #महाकाल का!

120.

में#आशिक हुँ #महाकाल का
#Pagliतू भी #दीवानी बन जा #भोलेनाथ की
#जय_महाकाल...🚩
हर हर महादेव

जय श्री महाकाल स्टेटस

काल भी तुम #महाकाल भी तुम
लोक भी तुम त्रिलोक भी तुम
शिव भी तुम और सत्य भी तुम
जय श्री महाकाल
  🙏 सुप्रभात🙏
🌿आप का दिन शुभ हो🌿

122.

मेरा विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है #महाकाल ये नाम ही काफी है हर हर महादेव😚😚

123.

यारो_फना_होने_की_इज़ाजत_ली_नहीं_जाती_ये_महाकाल _की_मोहब्बत_है_जनाब_पूछ_के_की_नहीं_जाती!
#महाकाल #Mahakal

124.

Garba to #ladkiyo ka #fashion hai... Hum to #Mahakaal ke #Sewak hai.. Hum to #Tandav karege #Tandav महाकाल  #महाकाल #Mahakal

125.

भूल कर एक भक्त के दर🗿#काल आ गया
उस भक्त की जुबां पर🔱#महाकाल आ गया
सुनकर 🔱#महाकाल का नाम
🗿#काल बेहाल हो गया
💀🐂#_जय_बाबा_महाकाल🔱🚩

126.

ॐ में ही आस्था,
ॐ में ही विश्वास,
ॐ में ही शक्ति,
ॐ में ही सारा संसार,
ॐ से होती है अच्छे दिन की शुरुवात,
बोलो ॐ नमः शिवाय !!
#महाकाल


127.

मृत्यु का भय उनको है जिनके कर्मों मे दाग है, हम #महाकाल के भक्त है, हमारे खून में भी आग है। महाकाल ...

128.

#कर्ता करे न कर सकै, # शिव करै सो होय..। तीन लोक नौ खंड में, #महाकाल से बड़ा न कोय...II . ।। जय जय ... महाकाल


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प्रकृति का पर्व: नागपंचमी



श्रावण मास की शुक्लपक्ष की पँचमी तिथि नागों को समर्पित है। श्रीमद्भागवद गीता के 10वें अध्याय के 29वें श्लोक में भगवान स्वयं कहते हैं-अनंतश्चास्मि नागानां वरूणो यादसामहम्। अर्थात् मैं नागों में शेषनाग और जलचरों का अधिपति वरूण हूँ। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार शेषनाग समस्त नागों के राजा और हजारों फनों से युक्त हैं वे स्वयं श्रीहरि की शैया बनकर सदैव उनकी सेवा में रत रहते हैं।
 शास्त्रानुसार नागों की उत्पत्ति महर्षि कश्यप की पत्नी कद्रू से हुई है, नागों का मूल निवास स्थान पाताल लोक को माना गया है। पुराणों में नागों की राजधानी भोगवतीपुर विख्यात है। नागकन्याओं का सौंदर्य किसी भी अप्सरा से कमतर नहीं है और योगसाधना में भी ‘कुण्डलिनी शक्ति’ को सर्पिणी का ही रूप बताया गया है। हमारे देश में नागों की पूजा देवता के रूप में किए जाने की पुरान परम्परा है। इसका पता पौराणिक ग्रंथों के अतिरिक्त पुरानी सभ्यताओं के अवशेषों से भी लगता है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय समाज में नागों को सदैव ही आदरणीय और पूजनीय स्थान प्राप्त है। सनातन ग्रंथों की मान्यता है कि भगवान के नाम का स्मरण करते समय नागों की नामावली का पाठ करना विषनाशक और सर्वर्त्र विजय दिलाने वाला होता है। नागों के प्रमुख नौ नाम नवनाग देवता कहलाते हैं:-अनंत वासुकिं शेष पद्मनाभ च कंबलम्। शंखपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।

नागपँचमी का पर्व मनाने के संबंध में एक प्राचीन कथा मिलती है, जिसके अनुसार एक बार नागों ने अपनी माता कद्रू की आज्ञा की अवहेलना की इससे क्रोधित होकर नागमाता ने उन्हें यह श्राप दे दिया कि ‘जब राजा जन्मेजय नाग-यज्ञ करेंगे तो उसकी अग्नि में तुम सब जलकर भस्म हो जाओगे।’ तब नागों ने ब्रह्माजी से श्राप से मुक्त होने का उपाय पूछा। ब्रह्माजी बोले- यायावर वंश में उत्पन्न तपस्वी जरत्कारू तुम्हारे बहनोई होंगे और उनका पुत्र आस्तिक तुम्हारी रक्षा करेगा। इस तरह से ब्रह्माजी ने यह वरदान नागों को शुक्लपक्ष की पँचमी को ही दिया था। इसी तिथि में आस्तीक मुनि ने नागों का परिरक्षण किया था। नागों को संरक्षित करने के प्रयास से आरंभ हुई नागपँचमी आज भी पूर्ण प्रासंगिक है आज भी नागों सहित अन्य सर्पों को बचाने की आवश्यकता है। इसका कारण भी है क्योंकि सर्प हमारे पर्यावरण संतुलन के लिए परमावश्यक जीव हैं और हमारी कृषि के लिए भी ये बहुउपयोगी हैं ये चूहों और कीटपतंगों से फसलों की रक्षा करते हैं।
नागपंचमी नागदेवता की पूजा का मुख्य पर्व है। पंचमी तिथि को नागपंचमी का त्योहार नागदेवता को ही समर्पित है। इस त्योहार पर व्रतपूर्वक नागदेव का पूजन किया जाता है। नागदेव की जाति सर्प है, जोकि भगवान् विष्णु की शय्या के रूप में हैं, भगवान् भोलेशंकर के गले की शोभा है, गणेश दुर्गा आदि देव देवियों के आभूषण स्वरूप हैं। सर्प जाति बहुत ही निडर होती है तथा बिना किसी दोष के कुछ भी नही करती कहा गया है कि- सिंहानां महती निद्रा सर्पाणां च महद्भयम्। ब्राह्मणानां न चैकत्वं तस्माद् जीवन्ति जन्तवः।।
अर्थात् सिंहो को बहुत नींद आती है तथा सर्पों को बहुत भय रहता है तथा ब्राह्मणों में एकता नही है। इसलिए सभी जीव-जन्तु इस धरातल पर जी रहे हैं। श्रीमद्देवीभागवत् महापुराण में नागपँचमी की कथा इस प्रकार से है। इस कथा को कहने वाले सुमंत मुनि तथा सुनने वाले पाण्डव वंश के राजा शतानीक थे- देवताओं और असुरों द्वारा समुन्द्रमँथन से प्राप्त चैदह रत्नों में से उच्चैःश्रवा नामक अश्व आकाश मार्ग से जा रहा था। तभी उस अश्व पर नागमाता कद्रू तथा विमाता विनता की दृष्टि पड़ी दोनों में वार्ता हुई कि-बताओ बहन इस अश्व के बाल किस रंग के हैं। विमाता विनता ने कहा स्वेत तथा नागमाता कद्रू ने उसे चितकबरे रंग का बतलाया, फिर तो अपनी-अपनी बात पर अड़ गई और दोनों माताओं में शर्त लग गई कि एक दूसरे की बात असिद्ध होने पर जिसकी भी बात सिद्ध होगी तो वह दूसरी की दासी बन जाएगी। नागमाता कद्रू ने सभी नागों को आज्ञा दी कि सभी सर्प केश सदृश बनकर उस अश्व के शरीर में प्रवेश करो। किन्तु नागों ने असमर्थता प्रकट कर उनकी आज्ञा का पालन नही किया तभी माता कद्रू ने उन सर्पों को श्राप दे दिया कि पांडववंश के राजा जब अपने पिता की मृत्यु के बदले में नागयज्ञ करेंगे तब उस यज्ञ में तुम सभी सर्प आहुति के रूप में उस अग्नि में प्रवेश करोगे। इस श्राप से भयाक्राँत सभी सर्प वासुकि सर्प के नेतृत्व में ब्रह्माजी के पास गए और इससे निवारण का उपाय पूछा। ब्रह्माजी ने उन्हें उपाय बताते हुए कहा-यायावर वंश में उत्पन्न तपस्वी जरत्कारू को अपना बहनोई बनाओ तथा उसके संयोग से उत्पन्न आस्तिक ही तुम्हारी रक्षा करेगा। ब्रह्माजी ने सर्पों को यह युक्ति पँचमी तिथि को बताई थी अतएव तब से इस तिथि पर आस्तिक मुनि द्वारा नागों का परिक्षण और तभी से नागपँचमी पर्व मनाया जाता है।
हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा नागोपासना के अनेक व्रत पूजन विधानों को बताया गया है। नागों को अत्यंत प्रसन्न करने वाली इस श्रावणशुक्ल की पँचमी पर उनको गोदुग्ध से स्नान व पारणादि कराया जाता है। व्रत के साथ एक ही बार भोजन करने का नियम है। पूजन के समय पृथ्वी पर नागों का चित्रांकन कर सवर्ण, रजत, काष्ठ या फिर मृत्तिका से नाग बनाकर पुष्प, धूप, गन्धादि से पूजन करना चाहिए। नागपूजन में निम्न मंत्रों को पढ़कर नागों को प्रणाम किया जाता है- सर्वें नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले। ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिविसंस्थिता।। ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः। ये च वापीडागेषु तेषु सर्वेषु वै नमः।।
अर्थात् जो नाग पृथ्वी आकाश, स्वर्ग, सूर्य की किरणों, सरोवरों, वापी, कूप तथा तालाबादि में वास करते हैं वे हम सब पर प्रसन्ना हों, हम उनको शत्शत् नमन करते हैं। नागपूजन वनसम्प्रदायों में भारत के विभिन्न पहाड़ी क्षेत्रों में एवं राजस्थान के कई क्षेत्रों में बड़े ही सम्मान के साथ नागदेवता का पूजन किया जाता है। यथासंभव नागों को न मारने की परंपरा आज भी भारत में जीवित है क्योंकि भारतवर्ष के जनमानस का विचार ‘‘सर्वं खल्विदं ब्रह्म’’ इस उक्ति को ही सिद्ध करता है।

नागपंचमी पर कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए करें ये उपाय
जब किसी व्यक्ति की कुंडली में सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाते हैं, तो ऐसा माना जाता है कि उस व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प योग बन गया है। यदि ऐसा होता है तो उस व्यक्ति के द्वारा की गई मेहनत का फल उसे नहीं मिल पाता है। इसी कारण से इस दोष का निवारण करना बहुत ज़रूरी होता है। नागपंचमी का पर्व कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। मान्यता है कि नागपंचमी के दिन मंदिरों में नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष खत्म हो जाता है। कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए नागपंचमी पर करें ये उपाय :
  1. नाग पंचमी के दिन भगवान शिव का अभिषेक करें और उन्‍हें चांदी के नाग और नागिन का जोड़ा अर्पित करें, इससे कालसर्प दोष से मुक्‍ति मिल सकती है।
  2. नाग पंचमी के दिन रुद्राभिषेक करने से भी कालसर्प दोष को कम किया जा सकता है।
  3. नव नाग स्तोत्र का 108 बार पाठ करें।
  4. अगर संभव हो तो किसी सपेरे से जीवित नाग और नागिन का जोड़ा खरीदें और उसे जंगल में मुक्त करवाएं।
  5. नागपंचमी के दिन बहते हुए जल में 11 नारियल प्रवाहित करें। इससे भी कालसर्प दोष खत्म होता है।
  6. नाग पंचमी के दिन पीपल के पेड़ के नीचे किसी बर्तन में दूध रखें।
इन मंत्रों का करें जाप: कालसर्प दोष से पीड़ित लोगों को नाग पंचमी के दिन नाग की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा नाग गायत्री मंत्र- ‘ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्’ का जाप करें। इस दिन ‘ॐ नमः शिवाय’ और ‘ॐ नागदेवताय नम:’ मंत्र का 11 या 21 माला जाप करने से भी कालसर्प दूर होता है।
नागपंचमी पूजा विधि: घर के मुख्यद्वार के दोनों ओर नाग का चिंत्र बनाएं या उनकी प्रतिमा स्थापित करें। फिर धूप, दीपक, कच्चा दूध, खीर आदि से नाग देवता की पूजन करें। भोग में गेंहू, भूने हुए चने और जौं का इस्तेमाल करें। प्रसाद नागों को चढ़ाएं और लोगों को बांटें।

नागपंचमी में नागों की पूजा से संबंधित कई कथाएं
  1. दूध की कटोरी से नागिन हुई प्रसन्न -नागपंचमी की कई कथाओं में एक कथा आंध्रप्रदेश में काफी लोकप्रिय है। किसी समय एक किसान अपने दो पुत्रों और एक पुत्री के साथ रहता था। एक दिन खेतों में हल चलाते समय किसान के हल के नीचे आने से नाग के तीन बच्चे मर गए। नाग के मर जाने पर नागिन ने रोना शुरू कर दिया और उसने अपने बच्चों के हत्यारे से बदला लेने का प्रण किया। रात में नागिन ने किसान व उसकी पत्नी सहित उसके दोनों लड़कों को डस लिया। अगले दिन प्रात: किसान की पुत्री को डसने के लिये नागिन फिर चली तो किसान की कन्या ने उसके सामने दूध से भरा कटोरा रख दिया। और नागिन से हाथ जोड़कर क्षमा मांगने लगी। नागिन ने प्रसन्न होकर उसके माता-पिता व दोनों भाइयों को पुन: जीवित कर दिया। कहते हैं कि उस दिन श्रावण मास की पंचमी तिथि थी। उस दिन से नागों के कोप से बचने के लिये नागों की पूजा की जाती है और नाग -पंचमी का पर्व मनाया जाता है।
  2. नाग भाई ने दिए बहन को उपहार -एक धनवान सेठ के छोटे बेटे की पत्नी रूपवान होने के साथ ही बहुत बुद्धिमान भी थी। उसका कोई भाई नहीं था। एक दिन सेठ की बहुएं घर लीपने के लिए जंगल से मिट्टी खोद रही थीं तभी वहां एक नाग निकला। बड़ी बहू उसे खुरपी से मारने लगी तो छोटी बहू ने कहा ‘सांप को मत मारो’। यह सुनकर बड़ी बहू ने रुक गई। जाते-जाते छोटी बहू सांप से थोड़ी देर में लौटने का वादा कर गई। मगर बाद में वह घर के कामकाज में फंसकर वहां जाना भूल गई। दूसरे दिन जब उसे अपना वादा याद आया तो वह दौड़कर वहां पहुंची जहां सांप बैठा था और कहा, ‘सांप भैया प्रणाम!’ सांप ने कहा कि आज से मैं तेरा भाई हुआ, तुम्हें जो कुछ चाहिए मुझसे मांग लो। छोटी बहू ने कहा, ‘तुम मेरे भाई बन गये यही मेरे लिए बहुत बड़ा उपहार है।’ कुछ समय बाद सांप मनुष्य रूप में छोटी बहू के घर आया और कहा कि मैं दूर के रिश्ते का भाई हूं और इसे मायके ले जाना चाहता हूं। ससुराल वालों ने उसे जाने दिया। विदाई में सांप भाई ने अपनी बहन को बहुत गहने और धन दिये। इन उपहारों की चर्चा राजा तक पहुंच गयी। रानी को छोटी बहू का हार बहुत पसंद आया और उसने वह हार रख लिया। रानी ने जैसे ही हार पहना वह सांप में बदल गया। राजा को बहुत क्रोध आया मगर छोटी बहू ने राजा को समझाया कि अगर कोई दूसरा यह हार पहनेगा तो यह सांप बन जाएगा। तब राजा ने उसे क्षमा कर दिया और साथ में धन देकर विदा किया। जिस दिन छोटी बहू ने सांप की जान बचायी थी उस दिन सावन कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि थी इसलिए उस दिन से नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
  3. नाग की पूजा से मिला संतान सुख -नाग पंचमी से संबंधित एक अन्य कथा के अनुसार एक राजा के सात पुत्र थे। सभी का विवाह हो चुका था। उनमें से छ: पुत्रों के यहां संतान का जन्म हो चुका था। राजा के सातवें पुत्र के घर संतान का जन्म नहीं हुआ था। संतानहीन होने के कारण उन दोनों को घर और समाज में तानों का सामना करना पड़ता था। समाज की बातों से उसकी पत्नी परेशान हो चुकी थी। परन्तु पति यही कहकर समझाता था, कि संतान होना या न होना तो ईश्वर के हाथ है। इसी प्रकार उनकी जिन्दगी संतान की प्रतीक्षा में गुजर रहे थे। एक दिन श्रवण मास की पंचमी तिथि के दिन रात में राजा की छोटी बहू ने सपने में पांच सांप देखे। उनमें से एक सांप ने कहा कि, पुत्री तुम संतान के लिए क्यों दुःखी होती हो, हमारी पूजा करो तुम्हारे घर संतान का जन्म होगा। प्रात: उसने यह स्वप्न अपने पति को सुनाया, पति ने कहा कि जैसे स्वप्न में देखा है, उसी के अनुसार नागों का पूजन करो। उसने उस दिन व्रत कर नागों का पूजन किया, और कुछ समय बाद उनके घर में संतान का जन्म हुआ।


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स्‍पीक एशिया का झूठ पर झूठ और रही जनता को लूट



 
युवाओ को बरगलाने वाली स्‍पीक एशिया ऑनलाईन पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है। नई खबरो के मुताबिक सिंगापुर के यूनाइटेड ओवरसीज बैंक ने स्पीक एशिया के खातों को बंद कर दिया है। जबकि स्‍पीक एशिया ग्राहको को बरगलाने मे कोई कसर नही छोड़ रही है, इस घटना क्रम के बाद स्पीक एशिया ने एक बयान में कहा, ‘सिंगापुर में हमारे खातों को फ्रीज नहीं किया गया है, बल्कि हम सिर्फ कंपनी के खातों को दूसरे बैंक में ले जा रहे हैं।' कम्‍पनी दूसरे बैंक मे खाता खोलने की बात कर रही है जबकि सिंगापुर में नया बैंक अकाउंट खोलने में छह माह से भी ज्यादा का समय लगेगा। ऐसे में किसी भी निवेशक को पैसे वापस नहीं किए जा सकते हैं।
जबकि भारत मे भी कड़ा कदम उठाते हुये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम आर माहेश्वरी ने साफ कर दिया है कि भारत में स्पीक एशिया को कारोबार करने या गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में काम करने की अनुमति नहीं दी गई है। शुक्रवार सुबह कंपनी के खाते फ्रीज किए जाने की खबर मिलते ही राजधानी के निवेशकों में खलबली मच गई।
 ग्राहको को बरगलाने के मामले मे स्‍पीक एशिया जरा भी पीछे नही दिख रही है है, वह सार्वजनिक स्‍थानो पर झूठ पर झूठ बोले जा रही है। कम्‍पनी ने कहा था कि आईसीआईसीआई, बाटा, एयरटेल, नेस्ले उसके ग्राहक, यह तथ्य झूठ पाए गए, भारत में तीन ऑफिस खुलने की बात कही जबकि अभी तक एक भी ऑफिस नहीं है। कई रिटेल कंपनियों के पार्टनर बनने की बात कही थी किन्‍तु हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। सिंगापुर में कारोबार करने की बात की थी किन्‍तु तथ्यों से मेल नहीं खाई।
स्‍पीक एशिया का भारत में करीब 19 लाख लोगों को डायरेक्ट एजेंट बना चुकी स्पीक-एशिया के खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा है और यह पूरा पैसा भारत से बाहर जा चुका है या जाने की प्रक्रिया में है। भारत के युवा वर्ग को इस प्रकार चालो मे फंसने से बचना चाहिये। और उद्यमिता की ओर रूख करना चाहिये।


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