रक्षाबंधन पर्व के लिए वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि और रक्षाबंधन स्टेटस



रक्षा सूत्र बांधते समय बोले जाने वाला श्लोक -
येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वाम रक्ष बध्नामि, रक्षे माचल माचल:। 
इस मंत्र का सामान्यत: यह अर्थ लिया जाता है कि दानवों के महाबली राजा बलि जिससे बांधे गए थे, उसी से तुम्हें बांधता हूं। हे रक्षे!(रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो। धर्मशास्त्र के विद्वानों के अनुसार इसका अर्थ यह है कि रक्षा सूत्र बांधते समय ब्राह्मण या पुरोहत अपने यजमान को कहता है कि जिस रक्षासूत्र से दानवों के महापराक्रमी राजा बलि धर्म के बंधन में बांधे गए थे अर्थात् धर्म में प्रयुक्त किए गये थे, उसी सूत्र से मैं तुम्हें बांधता हूं, यानी धर्म के लिए प्रतिबद्ध करता हूं। इसके बाद पुरोहित रक्षा सूत्र से कहता है कि हे रक्षे तुम स्थिर रहना, स्थिर रहना। इस प्रकार रक्षा सूत्र का उद्देश्य ब्राह्मणों द्वारा अपने यजमानों को धर्म के लिए प्रेरित एवं प्रयुक्त करना है।
वैदिक रक्षा सूत्र बनाने की विधि : इसके लिए 5 वस्तुओं की आवश्यकता होती है -
  • दूर्वा (घास)
  • अक्षत (चावल)
  • केसर
  • चन्दन
  • सरसों के दाने
इन ५ वस्तुओं को रेशम के कपड़े में लेकर उसे बांध दें या सिलाई कर दें, फिर उसे कलावा में पिरो दें, इस प्रकार वैदिक राखी तैयार हो जाएगी।
रक्षा सूत्र में इस प्रकार है इन पांच वस्तुओं का महत्व -
  1. दूर्वा - जिस प्रकार दूर्वा का एक अंकुर बो देने पर तेज़ी से फैलता है और हज़ारों की संख्या में उग जाता है, उसी प्रकार मेरे भाई का वंश और उसमें सदगुणों का विकास तेज़ी से हो । सदाचार, मन की पवित्रता तीव्रता से बदता जाए । दूर्वा गणेश जी को प्रिय है अर्थात हम जिसे राखी बाँध रहे हैं, उनके जीवन में विघ्नों का नाश हो जाए ।
  2. अक्षत - हमारी गुरुदेव के प्रति श्रद्धा कभी क्षत-विक्षत ना हो सदा अक्षत रहे।
  3. केसर - केसर की प्रकृति तेज़ होती है अर्थात हम जिसे राखी बाँध रहे हैं, वह तेजस्वी हो । उनके जीवन में आध्यात्मिकता का तेज, भक्ति का तेज कभी कम ना हो।
  4. चन्दन - चन्दन की प्रकृति तेज होती है और यह सुगंध देता है । उसी प्रकार उनके जीवन में शीतलता बनी रहे, कभी मानसिक तनाव ना हो । साथ ही उनके जीवन में परोपकार, सदाचार और संयम की सुगंध फैलती रहे।
  5. सरसों के दाने - सरसों की प्रकृति तीक्ष्ण होती है अर्थात इससे यह संकेत मिलता है कि समाज के दुर्गुणों को, कंटकों को समाप्त करने में हम तीक्ष्ण बनें ।
विभिन्न प्रकार के रक्षा सूत्र के चित्र










इस रक्षा बंधन मैसेज से पहले इन स्टेटस से करें अपने भाई-बहन को खुश


मेरी वो हिम्मत है, मेरा वो सहारा है
भाई मेरा मुझे मेरी जान से भी प्यारा है
Happy Raksha Bandhan


ये लम्हा कुछ खास है
बहन के हाथों में भाई का हाथ है
ओ! बहना तेरे लिए मेरे पास कुछ खास है
तेरे सुकून की खातिर मेरी बहना
तेरा भाई हमेशा तेरे साथ है
Happy Raksha Bandhan


जमकर वो लड़ता है मुझसे
खूब वो मुझे सताता है
मगर मुसीबत जब भी पड़ती
तो भाई दौड़ आता है
Happy Raksha Bandhan


राखी की जो लाज निभाता
बहन को डोली में है बिठाता
कंधे पर जिम्मेदारी रखता
वही शख्स भाई कहलाता
Happy Raksha Bandhan


पिता के बाद जिसने घर की सारी जिम्मेदारी निभाई है
मजबूत हौसलों से भरा है जो कोई और नहीं वो मेरा भाई है
Happy Raksha Bandhan


नींद अपनी भुला कर सुलाए हमको
आंसू अपने गिरा कर हंसाए सबको
दर्द कभी न देना उस देवी के अवतार को
जमाना जिसे कहता है बहन जिसको
Happy Raksha Bandhan


चावल की खुशबू और केसर का श्रृंगार
भाल तिलक और खुशियों की बौछार
बहनों का साथ और बेशुमार प्यार
मुबारक हो आपको राखी का त्योहार
Happy Raksha Bandhan


खुशियों का त्योहार
मिठाइयों की बरसात
हर बहन को अपने भाई का इंतज़ार
क्योंकि ये है रक्षा बंधन का त्योहार
Happy Raksha Bandhan


लड़ना, झगड़ना और मना लेना यही है भाई-बहन का प्यार
इसी प्यार को बढ़ाने आ गया है रक्षा बंधन का त्योहार
Happy Raksha Bandhan


बहन का प्यार किसी दुआ से कम नहीं होता,
दूर रहकर भी, भाई-बहन का प्यार कम नहीं होता.
Happy Raksha Bandhan


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