भाजपा की आत्मघाती नीति



भाजपा ने जगदण जीत ली, मोदी जी ने भी बधाई दी...
 
गौरतलब हो कि कांग्रेस ने कुंवर जी बावलिया को नेता विपक्ष नही बनाया तो बावलिया ने भाजपा विरोध की नीति त्याग कर मंत्री पद के साथ भाजपा को दिल दे बैठे. गजब की राजनीति है कि जो भाजपा विरोध के लिए नेता विपक्ष के लिए लड़ रहा था वो मंत्री पद के साथ भाजपा के साथ खड़ा है.बावलिया की निष्ठा किसके प्रति मानी जाए, जो बावलिया नेता विपक्ष (भाजपा विरोध का पद) के लिए कांग्रेस छोड़ दिये, उसकी भाजपा पूजा कर रही है, ऐसे लोगो तक के लिए मोदी जी भी ट्वीट कर रहे है.
 
गुजरात की जसदण विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार कुंवरजी बावलिया 19,500 से अधिक मतों से जीत गए हैं. उन्होंने कांग्रेस के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अवसर नाकिया को हराया है. नाकिया राजकोट जिला पंचायत के सदस्य हैं, जिन्होंने कांग्रेस में बावलिया के साथ करीब से काम किया था. वह जहां पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं बावलिया विगत में कांग्रेस के टिकट पर पांच बार विधायक रह चुके हैं.
 
प्रभावी कोली समुदाय के नेता बावलिया ने साल 2017 में जसदण सीट कांग्रेस के टिकट पर जीती थी, लेकिन बाद में वह कांग्रेस और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए. इस कारण इस सीट पर उपचुनाव जरूरी हो गया था. बावलिया ने दो जुलाई को इस्तीफा दिया था और उन्हें उसी दिन भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था.


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