उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय के विभिन्न अनुभाग और उनके कार्य





मुख्य मंत्री कार्यालय अनुभाग-1 में व्यवहृत होने वाले विषय

  1.  राष्ट्रपति/उप राष्ट्रपति/प्रधानमंत्री/अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, लोक सभा तथा राज्य सभा, केन्द्रीय मंत्रीगण से प्राप्त पत्रों का निस्तारण एवं अनुश्रवण।
  2. राज्यपाल, विधान मण्डल के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, राज्यपाल, उ0प्र0 के सचिव, विधान सभा व विधान परिषद के सचिव, अन्य प्रदेश के मुख्य मंत्रिगण एवं मंत्रिगण से प्राप्त पत्रों का निस्तारण एवं अनुश्रवण।
  3. विदेशी दूतावासों, सर्वोच्च तथा उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों तथा कुलपतियों से प्राप्त पत्रों का निस्तारण एवं अनुश्रवण।
  4. राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तरीय निगमों/परिषदों/प्रतिष्ठित संगठनों के अध्यक्षों/प्रबन्ध निदेशकों/निदेशकों के पत्रों का निस्तारण एवं अनुश्रवण।
  5. व्यापार मण्डलों, किसान संघों एवं विशिष्ट सेवा संघों से प्राप्त पत्रों/ज्ञापनों की प्राप्ति स्वीकार करना, उन्हें सक्षम प्राधिकारी के आदेश सहित संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उसका अनुश्रवण कार्य।
  6. विभिन्न विभागीय विकास परियोजनाओं/कार्यक्रमों/योजनाओं (जिसमें 20 सूत्रीय कार्यक्रम जैसे कार्यक्रम भी सम्मिलित हैं) के विषय में प्राप्त प्रत्यावेदनों, प्रगति आख्याओं एवं अन्य विवरणों का रख-रखाव।
  7. मा0 मुख्य मंत्री जी की ओर से भेजे जाने वाले विशिष्ट पत्रों को इलेक्ट्रानिक टाइप राइटर से टंकण।
  8. राज्य के मंत्रिगण से प्राप्त पत्रों का व्यवहरण।
  9.  विभिन्न जिलों के लिये नामित मा0 मंत्रियों/राज्य मंत्रियों से प्राप्त होने वाली आख्याओं/सूचनाओं के रख रखाव।
मुख्य मंत्री कार्यालय अनुभाग-2 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1.  मा0 मुख्य मंत्री जी को सम्बोधित समस्त पोस्टल डाक, रजिस्टर्ड पत्र, तार आदि।
  2. राजनैतिक दलों के प्रदेश स्तरीय अध्यक्षों/उपाध्यक्षों/महामंत्रियों को छोड़कर समस्त राजनैतिक दलों के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों (जिनमें राजनैतिक दलों के विभिन्न कोष्ठकों के पदाधिकारी भी सम्मिलित है), पूर्व विधायक गण, प्रमुख समाचार पत्रों के सम्पादकों, ब्यरो चीफ इत्यादि।
  3. विशिष्ट व्यक्तियों तथा प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के पत्र।
  4. मा0 सर्वोच्च/उच्च न्यायालय तथा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रारों से प्राप्त पत्रों की प्राप्ति स्वीकार करना, उन पर, सक्षम अधिकारी के आदेश प्राप्त कर संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उनका अनुश्रवण करना।
  5. मा0 मुख्य मंत्री जी के दौरे का कार्यक्रम वितरित करना।
  6. मा0 मुख्य मंत्री जी की ओर से भेजे जाने वाले समस्त संदेशों, बधाई पत्रों, सुझाव पत्रोत्तरी, तार आदि का प्रेषण।
  7. मा0 मुख्य मंत्री जी के निजी सचिव की ओर से भेजे जाने वाले पत्रों का प्रेषण।
  8. राज्य के भूतपूर्व मंत्रिगण से प्राप्त पत्रों की प्राप्ति स्वीकार करना, उन्हें सक्षम प्राधिकारी के आदेश सहित संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उनका अनुश्रवण।
  9. मुख्य मंत्री सचिवालय के अधिकारीगण द्वारा लिये जाने वाले पत्रों का प्रेक्षण।
मुख्य मंत्री कार्यालय अनुभाग-3 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1. मा0 मुख्य मंत्री जी द्वारा समय-समय पर की गयी घोषणाओं का क्रियान्वयन हेतु अनुश्रवण।
  2. मुख्य मंत्री सचिव शाखा (नागरिक उड्डयन, प्रोटोकॉल को सम्मिलित करते हुए) का अधिष्ठान कार्य।
  3. मुख्य मंत्री सचिव शाखा का लेखा संबंधी कार्य।
  4. मुख्य मंत्री कार्यालय की केन्द्रीय डाक व्यवस्था।
मुख्य मंत्री कार्यालय अनुभाग-4 और अनुभाग-5 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1.  मा0 मुख्य मंत्री जी के विवेकाधीन कोष/पीड़ित सहायता कोष/कारगिल सहायता कोष के लेखा जोखा संबंधी तथा इनके कोषों से सहायता स्वीकृति/भुगतान संबंधी समस्त कार्य।
लोक शिकायतों के प्रभावी निराकरण हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा की जा रही कार्यवाही/व्यवस्था का संक्षिप्त विवरण
लोक शिकायत निदेशालय : लोक शिकायत अनुभाग- 3 व 4 द्वारा निदेशालय में सुनवाई से सम्‍बन्धित कार्य व्‍यवहृत किया जाता है। मुख्‍य मंत्री कार्यालय के प्रमुख सचिव/ सचिव निदेशालय के पदेन निदेशक होते है तथा विशेष सचिव पदेन अपर निदेशक होते है। प्रदेश स्तर पर प्राप्त होने वाली लोक शिकायतों के निस्तारण के लिये मुख्य मंत्री सचिवालय के अधीन एक उच्चाधिकार प्राप्त लोक शिकायत निदेशालय गठित है। इस निदेशालय द्वारा विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त होने वाली गम्भीर प्रकृति की शिकायतों जिनमें अन्याय/एवं शोषण निहित है, का सूक्ष्मरूप से परीक्षण कराकर लोक शिकायत निदेशालय में दर्ज करके शिकायत का पूर्ण समाधान होने तक अनुश्रवण किया जाता है। आवश्यकतानुसार उत्तरदायी अधिकारी को साक्ष्य के लिये निदेशालय में बुलाकर शिकायत का निराकरण सुनिश्चित किया जाता है। निदेशालय के मुख्य कार्य निम्नवत है :-
  • निदेशालय शिकायतकर्ता की प्रमाणिकताओं के बारें में यथा संभव संतुष्ट होने और शिकायत की विषय सामग्री के महत्व को ध्यान में रखने के पश्चात ही इस प्रयोजन के लिये निर्धारित मानदण्डों के अनुसार शिकायतों पर विचार करेगा।
  • जांच करने एवं निर्णय लेने हेतु निदेशालय द्वारा सम्बन्धित विभागों, परिक्षेत्रीय कार्यालयों आदि से सम्बन्धित पत्रावलियां आवश्यकता पड़ने पर सीधे ही मांगी जाया करेंगी। यथा आवश्यकता आख्यायें भी प्राप्त की जाया करेंगी। निदेशालय जब भी सीधे विभागाध्यक्षों आदि को सम्बोधित करेंगे तो विभागीय सचिव को भी अवगत रखेंगे। निदेशालय के उपरोक्त सम्बोधित निर्देशों का पालन हर हालत में सुनिश्चित किया जाना आवश्यक समझा जाय।
  • (2) (ए) प्राप्त शिकायतों की जांच के समय निदेशालय द्वारा यह देखा जायेगा कि मामले विशेष को निपटाने में ईमानदारी तथा निष्पक्षता से काम लिया गया है और क्या निर्णय न्यायपूर्ण ढंग से किया गया है। यह भी देखा जायेगा कि क्या शिकायतकर्ता को सम्बन्धित निर्णय के सम्बन्ध में कारणों सहित अवगत करा दिया गया है।
  • किसी भी शिकायत के सम्बन्ध में परीक्षणोपरान्त संतुष्टि होने पर निदेशालय में महत्वपूर्ण मामलों में उच्चतम स्तर पर निर्णय लिया जायेगा। यह निर्णय मुख्य मंत्री जी के स्तर पर लिये जाने का प्राविधान है। इस दृष्टि से यह नितान्त आवश्यक है कि निदेशालय द्वारा लिये गये निर्णय की सूचना मिलने पर निर्णय के अनुरूप कार्यवाही तत्परतापूर्वक कर ली जाय। निर्णीत मामलों को मुख्य मंत्री जी को पुन: विचार हेतु संदर्भित करना साधारणतया आवश्यक नहीं होना चाहिए।
  • (3) (ए) यदि निदेशालय में प्राप्त शिकायत ऐसी प्रकृति की है कि उसकी जांच आदि हेतु एक से अधिक विभाग से सम्पर्क करना आवश्यक है तो ऐसी स्थिति में निदेशालय द्वारा सम्बन्धित विभागीय सचिवों अथवा विभागाध्यक्षों की एक कमेटी गठित की जायेगी और निदेशालय द्वारा ऐसे मामलों में उक्त कमेटी द्वारा की गयी संस्तुति के आधार पर निर्णय लिये जाया करेंगे। ऐसे मामलों से भी सम्बन्धित विभागों को निदेशालय द्वारा लिये गये अंतिम निर्णय से अवगत करा दिया जायेगा और उन्ही निर्णयों के अनुरूप तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जानी होगी।
  • लोक शिकायत विभाग से तथा सीधे प्राप्त सभी शिकायतों का निदेशालय द्वारा गहन परीक्षण किया जायेगा और आवश्यकतानुसार मौके पर जाकर जांच की जा सकती है। मौके की जांच साधारणतया विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में ही की जाया करेंगी और इस सम्बन्ध में निदेशालय से उचित निर्देश जारी किये जाया करेंगे।
  • यदि सार्वजनिक शिकायतों के निराकरण में विलम्ब या निष्क्रियता परिलक्षित होती है और किसी विशिष्ट मामले में किसी अधिकारी का गम्भीर दोष पाया जाता है तो इस सम्बन्ध में भी निदेशालय समुचित सिफारिश करेगा।
लोक शिकायत अनुभाग-1 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1. उत्तर प्रदेश के समस्त मण्डलों से, डाक से प्राप्त होने वाले पत्रों, जो मा0 मुख्य मंत्री जी/महामहिम श्री राज्यपाल को सम्बोधित होते हैं, के अनुश्रवण व निस्तारण का कार्य।
  2. लोक शिकायत विभाग/निदेशालय के मासिक/त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट व अन्य तत्सम्बन्धी सूचना को तैयार किये जाने से संबंधित कार्य।
  3. मा0 प्रधान मंत्री जी के कार्यालय से प्राप्त होने वाले समस्त पत्रों का अनुश्रवण व निस्तारण कार्य।
लोक शिकायत अनुभाग-2 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1. मा0 मुख्य मंत्री जी के जनता दर्शन एवं मा0 मुख्य मंत्री जी के दौरे के समय प्राप्त पत्रों का अनुश्रवण व निस्तारण का कार्य।
लोक शिकायत अनुभाग-3 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1.  ग्राम्य विकास/क्षेत्रीय विकास/पंचायती राज/कृषि/सहकारिता/पशुपालन/दुग्ध विकास/मत्स्य उत्पादन/कृषि उत्पादन आयुक्त/ग्रामीण अभियंत्रण सेवा/लघु सिंचाई/उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण/युवा कल्याण/चिकित्सा एवं स्वास्थ्य/चिकित्सा शिक्षा/परिवहन/आवास/नगर विकास/न्याय एवं संसदीय कार्य/राजस्व एवं पुर्नवास/सचिवालय प्रशासन/विकलांग कल्याण/महिला एवं बाल विकास/विधवा पेंशन/कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय, भारत सरकार से प्राप्त पत्रों का निस्तारण/भाषा/आबकारी/मुस्लिम वक्फ/समाज कल्याण/अल्प संख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग से संबंधित मामले व अन्य विविध कार्य ।
  2. राष्ट्रपति सचिवालय/ उप राष्ट्रपति सचिवालय/ प्रशासनिक सुधार, लोक शिकायत निदेशालय के विभिन्न मंत्रालयों से प्राप्त होने वाले सभी प्रकृति के सन्दर्भों को निस्तारित किये जाने से संबंधित कार्य ।
लोक शिकायत अनुभाग-4 में व्यवहृत होने वाले विषय
  1.  चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास/खाद्य एवं रसद/प्राविधिक शिक्षा/श्रम/वित्त/संस्थागत वित्त/लोक निर्माण विभाग/राज्य सम्पत्ति/ऊर्जा/नागरिक उड्डयन विभाग/गृह विभाग/गोपन/कारागार, वीजा, पासपोर्ट, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं राजनैतिक पेंशन/सर्तकता/उच्च शिक्षा/माध्यमिक शिक्षा/खेलकूद/नियोजन/सांस्कृतिक कार्य/सूचना/उत्तरांचल समन्वय/राष्ट्रीय एकीकरण/धर्मार्थ कार्य/सैनिक कल्याण/निर्वाचन/सिंचाई/लघु उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन/औद्योगिक विकास/खादी एवं ग्रामोद्योग विकास से संबंधित मामले व अन्य विविध कार्य।
  2. गृह मंत्रालय/ कैबिनेट सचिवालय/ पेंशन मंत्रालय एवं भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों से प्राप्त होने वाले सभी प्रकृति के सन्दर्भों को निस्तारित किये जाने से संबंधित कार्य ।
सांसद/विधायक कोष्ठक में व्यवहृत होने वाले विषय
  1.  सांसदगण (जिसमें अन्य प्रदेशों के सांसद भी सम्मिलित हैं) से प्राप्त पत्रों की प्राप्ति स्वीकार करना, उनको सक्षम प्राधिकारी के आदेश प्राप्त कर संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उनका अनुश्रवण करना।
  2. सांसदगण को शासकीय कार्य के निष्पादन हेतु आवश्यक अनुमन्य सुविधाओं की व्यवस्था करना।\समस्त राजनैतिक दलों के राष्ट्र स्तरीय पदाधिकारियों से प्राप्त पत्रों की प्राप्ति स्वीकार करना, उन्हें सक्षम प्राधिकारी के आदेश प्राप्त करने के उपरांत संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उनका अनुश्रवण करना।
  3.  प्रमुख सचिव/सचिव/विशेष सचिव द्वारा सांसद कक्ष के प्रभारी को निर्दिष्ट कार्य।
  4. देश के भूतपूर्व मा0 प्रधान मंत्रिगण तथा प्रदेश के भूतपूर्व मा0 मुख्य मंत्रिगण के पत्रों पर सांसद कक्ष द्वारा उसी प्रकार पत्रोत्तर भेजा जायेगा जिस प्रकार सांसदगण के पत्रों पर पत्रोत्तर भेजा जाता है।
  5. मा0 विधायकगण (जिसमें अन्य प्रदेशों के विधायक भी सम्मिलित है) से प्राप्त पत्रों की प्राप्ति स्वीकार करना, उन्हें सक्षम प्राधिकारी के आदेश सहित संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उनका अनुश्रवण करना।
  6. मुख्य मंत्री सचिवालय के अधिकारीगण द्वारा मा0 विधायकगण के पत्रों के संदर्भ में भेजे जाने वाले पत्रों का प्रेषण।
  7. समस्त राजनैतिक दलों के प्रदेश स्तरीय अध्यक्ष/उपाध्यक्ष/महामंत्रिगण से प्राप्त पत्रों की प्राप्ति स्वीकार करना, उन्हें सक्षम प्राधिकारी के आदेश सहित संबंधित विभाग/कार्यालय को प्रेषित करना तथा उनका अनुश्रवण करना।
संसदीय कार्य में व्यवहृत होने वाले विषय
  1. विधान मण्डल की कार्यवाही से संबंधित कार्य।
  2. लोक सभा/राज्य सभा प्रश्नों के समस्त कार्य।
  3. विभिन्न अवसरों पर मा0 मुख्य मंत्री जी की ओर से भेजे जाने वाले बधाई/संवेदना संदेश तैयार करना तथा उनका प्रेषण सुनिश्चित करना।
  4. बजट, मा0 राज्यपाल महोदय के अभिभाषण जैसे विशिष्ट अवसरों पर विभिन्न विभागों से सूचना संकलन।
जन सूचना सेल में व्यवहृत होने वाले विषय
  1.  मा0 मुख्य मंत्री जी/ जन सूचना अधिकारी, मुख्य मंत्री कार्यालय को सम्बोधित समस्त प्राप्त होने वाले पत्रों को इस कार्यालय में दर्ज कर मुख्य मंत्री कार्यालय / लोक शिकायत अनुभाग को विषयानुसार अग्रेत्तर कार्यवाही हेतु आवंटित किया जाता है। उक्त पत्रों पर अग्रेत्तर कार्यवाही एवं अनुश्रवण करते हुए उनका निस्तारण सुनिश्चित कराने का प्रयास किया जाता है।
कम्प्यूटर सेल में व्यवहृत होने वाले विषय
  1. मा0 मुख्य मंत्री सचिव शाखा के विभिन्न अनुभागों/कोष्ठकों का कम्प्यूटर से संबंधित समस्त कार्य।
मुख्यमंत्री कार्यालय लेखा अनुभाग 1 में व्यवहृत होने वाले विषय :
  1. मुख्यमंत्री सचिव शाखा में कार्यरत कर्मचारी एवं अधिकारीगण के लेखा संबंधी कार्य यथा:- वेतन, अग्रिम, चिकित्सा प्रतिपूर्ति, आकस्मिक व्यय, यात्रा देयक, आडिट एवं सेवानिवृत्तिक लाभों का भुगतान व राजकोष प्राप्तियों आदि का कार्य व्यवहृत किया जाता है ।
मुख्यमंत्री कार्यालय लेखा अनुभाग 2 में व्यवहृत होने वाले विषय :
  1. मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति व परिवार के चिकित्सा उपचार आदि हेतु अनुदान/भुगतान, उपयोगिता एवं आडिट से संबंधित कार्य व्यवहृत किया जाता है ।
  2. मुख्यमंत्री पीडित सहायता एवं कारगिल शहीद सहायता कोष में प्रदेश व भारत के आम जनता से दान/चन्दा प्राप्त होता है जिसका प्रयोग दैवीय आपदा से प्रभावित पीड़ित व्यक्ति व परिवार को आर्थिक सहायता आदि हेतु अनुदान/भुगतान आदि से संबंधित कार्य व्यवहृत किया जाता है ।


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