भारत मे हिगिंस ने किया जोरदार वापसी आगाज



सनफीस्ट ओपन के फाइनल मे मार्टीना हिंगिस ने रूस की ओल्‍गा पचकोवा को सीधे सेटो में 6-0, 6-4 से मात्र 58 मिनट तक चले मैच में रहा दिया। ओल्‍गा पचकोवा के पास हिगिंस के किसी भी शॉट का जवाब नही था वह पहले सेट मे हिगिंस के तूफान के सामने कही भी न टिक पाई और दूसरे सेट मे तूफान थोडा कमजोर तो जरूर हुआ‍ किन्तु ओल्‍गा के लिए वह भी खतरनाक साबित हुआ। इससे पहले सेमी फाइनल मे स्विस मिस हिगिंस का मुकाबला भारतीय सनसनी सानिया मिर्जा से हुआ था जिसमें हैदराबादी पटाखा बिल्कुल फुस्स साबित हुई, और स्विस मिस ने सानिया को 56 मिनट चले मैच मे सीधे सेटो मे 6-1, 6-0 से बुरी तरह से हरा दिया।

भारत मे हिगिंस ने किया जोरदार वापसी आगाज

हिंगिस और सानिया के बीच हुआ मैच मेरा हिंगिस के द्वारा खेला गया तथा मेरा देखा गया पहला मैच था इस लिये यह कुछ खास भी था क्योंकि जब हिगिस खेलती तो मेरे घर मे केबल कनेक्शन नही था जब केबल आया तो हिगिंस ने संन्यास ले लिया था। मार्टीना का सन्यास लेना मेरे लिये किसी सदमे से कम नहीं था, क्योंकि जिसके खेल को मैंने कभी समर्थन किया वह स्टेफी ग्राफ और मोनिका सेलेस के साथ मार्टीना हिंगिस ही थी।
आज मेरे सामने एक और असमंजस था एक तरफ सानिया तो दूसरी तरफ स्विस मिस हिगिंस किसका समर्थन करूँ? एक तरफ भारत की सानिया तो दूसरी तरफ हिगिंस जिसका मैंने हर पल 1997 से समर्थन करता चला आया। अत: मैंने हिगिंस का समर्थन करना उचित समझा क्योंकि जिसका मैंने हर पल समर्थन किया है उसका साथ मैं नहीं छोड़ सकता। मेरे घर में दो गुट बन गये थे एक तरफ भइया सानिया को भारत की होने के कारण उसके शर्टो पर ताली बजा रहे थे तो दूसरी तरु मैं हिगिंस के शर्टो पर मै परन्तु ताली मैंने ही सर्वाधिक बजाई और फाइनल तक बजाता रहा।
हिगिंस के विश्व स्तरीय खेल के आगे सानिया और पचकोवा की एक न चली और हिगिंस न सनफीस्ट ओपन जीत लिया। हिगिंस के जीतने के साथ साथ भारत के टेनिस इतिहास में एक ने स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। यह खिताब हिगिस को भारत की उन यादों से जोड़ दिया जो वह कभी न भूलना चाहेगी। क्योंकि यह संन्यास के बात दूसरा खिताब था, जो उनके मनोबल में वृद्धि करेगा। वैसे उम्मीद कम है कि अगले बार हिगिंस भारत आएगी पर इंतजार रहेगा। हिगिंस के इस शानदार प्रदर्शन से लगता है कि वह अगले वर्ष जरूर अपना शीर्ष स्थान पुन: प्राप्त कर लेगी और अपना प्रिय ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन जरूर जीतेगी।
मार्टिना हिगिंस और सानिया के प्रशंसकों के नई सूचना 25 सितंबर से शुरू हो रहे हनसोल कोरियन ओपन में सानिया का मुकाबला हिगिंस से दूसरे दौर में फिर से हो सकता है। अगर दोनों अपने पहले दौर के मुकाबले को जीतते है तब? और क्या सानिया अपनी दोनो (दुबई और कोलकाता) हार का बदला ले पाती है? और क्या हिगिंस सानिया पर अपनी श्रेष्ठता जारी रख पाती है?
जीत की बधाई सहित कोलकाता मे फिर इंतजार रहेगा।



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2 टिप्‍पणियां:

Dr Prabhat Tandon ने कहा…

वैसे जैसा लग रहा है कि शायद पेस अपनी युगल जोडी सानिया के साथ बनायेगे, यह सानिया के लिये और भारत के लिये अच्छा ही रहेगा.

पंकज ने कहा…

mai to achchhe khel ki hi tarafdaari karna uchit samajhta.