जिस मोहल्‍ले में गन्‍दगी तो वहॉं मत जाओं



गन्‍दगी किसी को पसंद नहीं है फिर भी क्यों जाते हो गन्‍दगी पर? मोहल्ला नामक एक कुख्यात ब्‍लाग समाज विद्वेष फैलाने का काम कर रहा है माफ कीजिएगा मैंने समाज का नाम दे कर गलती कर रहा हूँ। कम्प्यूटर तक ही सीमित है मोहल्ले की गन्‍दगी। केवल इनका उद्देश्य है कि हम लोगों में फूट डाला जाये और ये लोग बैठ तमाशा देखें।
इन लोगों की स्थिति मुहल्ले की गन्‍दी सुअर की तरह है कि कितना भी अच्छा आप उनको खाना दीजिये किन्तु अपशिस्‍ट पदार्थ के बिना उनका पेट नहीं भरता उन्हीं की प्रजाति में कुछ इस प्रकार के पत्रकार भी आते है। जो कितने भी विषय लिखने को न हो किन्तु इन्हें हिन्दुत्व विरोध के अलावा कुछ सूझता ही नहीं है।
मैं तो सिर्फ इतना कहूँगा कि मोहल्ले की गलत पोस्ट का कद्धपि उत्तर मत दीजिये। गन्‍दगी को एक जगह तक सीमित रखिये। निश्चित है कि गन्‍दगी में जायेंगे तो आपके साथ गन्‍दगी आयेगी ही चाहे वो पैरों से ही क्‍यों न आये। जहां तक टिप्पणी की बात है तो जो भी अन्य टिप्पणी उनके ब्‍लाग पर आती है न तो उनका कोई मालिक होता है। यह सब टिप्पणी मोहल्‍ले के कर्त्‍ताधर्ता स्वयं बैठ कर देते है। क्योंकि खुराफात के लिये कुछ तो करना ही होगा।


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5 comments:

SHASHI SINGH said...

छोटे, अब तू भी सयाना हो गया है। वहां पड़ने वाले वोट (टिप्पणियों) की हक़ीकत तुझे भी पता चल ही गई।

अरुण said...

BaaI burI baat hai नजर मत लगाओ गन्दगी के ढेर को बडी मुश्किल से एक्ट्ठा किया है मोहल्ले मे कस्बे मे और सुअर तो बिल्कुल मत कहो कही सुअरो ने सुन लिया तो बहुत सेन्टिमेन्टल जानवर है बुरा मान जायेगा

DR PRABHAT TANDON said...

प्रमेन्द्र , यह सस्ती पब्लिसिटी पाने का और हिट काउन्टर बढाने का तरीका है . ऐसी पोस्ट लिखो जो आप को उत्तेजित करे और कई लोग लिंक पर चटका लगायें. मुझे तो लगता है कि सबसे पहले हिट काउन्टर को दिखाना ही बन्द कर दिया जाय.

संजय बेंगाणी said...

नहीं जाएंगे भाई....

अतुल शर्मा said...

ठीक है भैया आपकी बात मानी।