स्‍पीक एशिया का झूठ पर झूठ और रही जनता को लूट



युवाओ को बरगलाने वाली स्‍पीक एशिया ऑनलाईन पर सरकारी शिकंजा कसता जा रहा है। नई खबरो के मुताबिक सिंगापुर के यूनाइटेड ओवरसीज बैंक ने स्पीक एशिया के खातों को बंद कर दिया है। जबकि स्‍पीक एशिया ग्राहको को बरगलाने मे कोई कसर नही छोड़ रही है, इस घटना क्रम के बाद स्पीक एशिया ने एक बयान में कहा, ‘सिंगापुर में हमारे खातों को फ्रीज नहीं किया गया है, बल्कि हम सिर्फ कंपनी के खातों को दूसरे बैंक में ले जा रहे हैं।' कम्‍पनी दूसरे बैंक मे खाता खोलने की बात कर रही है जबकि सिंगापुर में नया बैंक अकाउंट खोलने में छह माह से भी ज्यादा का समय लगेगा। ऐसे में किसी भी निवेशक को पैसे वापस नहीं किए जा सकते हैं।

जबकि भारत मे भी कड़ा कदम उठाते हुये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एजीएम आर माहेश्वरी ने साफ कर दिया है कि भारत में स्पीक एशिया को कारोबार करने या गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था के रूप में काम करने की अनुमति नहीं दी गई है। शुक्रवार सुबह कंपनी के खाते फ्रीज किए जाने की खबर मिलते ही राजधानी के निवेशकों में खलबली मच गई।

ग्राहको को बरगलाने के मामले मे स्‍पीक एशिया जरा भी पीछे नही दिख रही है है, वह सार्वजनिक स्‍थानो पर झूठ पर झूठ बोले जा रही है।
कम्‍पनी ने कहा था कि आईसीआईसीआई, बाटा, एयरटेल, नेस्ले उसके ग्राहक, यह तथ्य झूठ पाए गए, भारत में तीन ऑफिस खुलने की बात कही जबकि अभी तक एक भी ऑफिस नहीं है। कई रिटेल कंपनियों के पार्टनर बनने की बात कही थी किन्‍तु हकीकत में ऐसा कुछ नहीं है। सिंगापुर में कारोबार करने की बात की थी किन्‍तु तथ्यों से मेल नहीं खाई।
स्‍पीक एशिया का भारत में करीब 19 लाख लोगों को डायरेक्ट एजेंट बना चुकी स्पीक-एशिया के खातों में 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा है और यह पूरा पैसा भारत से बाहर जा चुका है या जाने की प्रक्रिया में है। भारत के युवा वर्ग को इस प्रकार चालो मे फंसने से बचना चाहिये। और उद्यमिता की ओर रूख करना चाहिये।


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Speak Asia की खुल रही पोल कुछ बैंको ने किये खातों को फ्रीज



ऑनलाइन सर्वे के नाम पर लाखों लोगों से करोड़ों रुपये वसूल रही "स्पीक एशिया" पर शिकंजा कसता जा रहा है। स्‍टार न्‍यूज और फिर आज तक पर स्‍पीक एशिया से सम्‍बन्‍धित फर्जी बाड़े की खबरो से स्‍पीक एशिया के फ्रेन्‍चा‍ईजियों के खाते जिन बैंको मे है उन्‍होने प्रभावी कदम उठाना शुरू कर दिया है। देश के दो प्रमुख बैंक आईसीआईसीआई बैंक और आईएनजी वैश्य बैंक ने देश भर में स्पीक एशिया से ताल्लुक रखने वाले खातों को फ्रीज कर दिया है और बाकायदा इसकी पुष्टि कर दी है।

चूकिं भारत में स्‍पीक एशिया का कोई पंजीकृत दफ्तर न होने के कारण बैंक खातों के लिए जरूरी केवाईसी (अपने ग्राहक को जानो) मानकों को पूरा नहीं करती। इसलिए स्‍पीक एशिया(Speak Asia) नाम से कोई भी बैंक खाता नहीं है। इसी कमी को पूरा करने के लिये स्‍पीक एशिया न देश भर में तमाम फ्रेंचाइजी बना रखे हैं, ताकि वह इन फ्रेंचाइजी के जरिये अपना बैंक खाता बना सके और अपना गोरखधंधा जारी रखे। इनमें से कुछ चुनिंदा नाम हैं – ग्रो रिच एसोसिएट्स, स्पीक इंडिया ऑनलाइन, बालाजी एसोसिएट्स, ऋषिकेष इनवेस्टमेंट्स, बीटीसी वर्ल्ड, श्रीराम इनफोटेक, स्टार एंटरप्राइसेज, एबीएन रिसर्च ऑनलाइन व ब्रह्मनाथ एंटरप्राइसेज सहित पूरे देश मे इसका जाल फैला हुआ है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्‍ली व महाराष्ट्र जैसे राज्‍यो में 100 से ज्‍यादा फ्रेंचाइजी हैं। स्‍पीक एशिया अपनी वेबसाईट पर फेंचाइजी का नाम और उनके बैंकों के नाम व खाता संख्‍या की जानकारी अपनी साइट पर दी हुई है। इनके खाते आईसीआईसीआई बैंक, आईएनजी वैश्य बैंक, जम्‍मू कश्‍मीर बैक, भारतीय स्टेट बैंक व फेडरल बैंक समेत करीब दर्जन भर बैंकों में हैं। इन तमाम खातों में जमा रकम बाद इन फ्रेचाइंजियों द्वारा मुंबई के पंजीकृत एक कंपनी तुलसियाटेक के खातों में चली जाती है, जहां से इसे सिंगापुर की कंपनी हरेन वेंचर्स के खाते में सर्वे सॉफ्टेवेयर खरीदने के नाम पर डाल दिया जाता है। हरेन वेंचर्स की प्रमुख हरेन्दर कौर हैं। हरेन्दर कौर ही स्पीक एशिया की मुख्य प्रवर्तक हैं।

स्पीक एशिया जिस सिंगापुर की कंपनी है, और कहा जाता है कि इसकी मुख्‍या शाखा वर्जिन आईलैंड मे है। सिंगापुर मे भी पिरामिड मार्केटिंग स्कीमों या एमएलएम कंपनियों को गैर-कानूनी करार दिया गया है और तो और अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, चीन, जापान, मलयेशिया, नीदरलैंड व डेनमार्क जैसे देशों ने इस तरह की कंपनियों पर बैन लगा रखा है। सबसे बड़ा यक्ष प्रश्‍न आज यह है कि भारत जैसे विशाल बेरोजगारी वाले देश मे यहाँ कि सरकार इसे क्‍यो पोषण दे रही है ? क्‍या सरकार का कोई प्रभावी तंत्र इसे संचालित कर रहा है? यह एक गम्‍भीर व सोचनीय मुद्दा है। क्‍योकि भारत वह देश है जहाँ की 70 फीसदी युवा बेरोजगार है और इतनी ही अबादी गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करती है। इस वर्ग से 12 हजार रूपये की बड़ी राशि चपत करना शायद किसी सरकार के लिये बड़ी बात न हो किन्‍तु यह राशि उस परिवार के लिये काफी सपने पूरे करने वाली होती है।


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सूक्ति और सद् विचार साहित्‍य से



  • देवता न बड़ा होता है, न छोटा, न शक्तिशाली होता है, न अशक्त । वह उतना ही बड़ा होता है जितना बड़ा उसे उपासक बनाना चाहता है। - हज़ारीप्रसाद द्विवेदी (पुनर्नवा, पृ. 22)
  • संसार में नाम और द्रव्य की महिमा कोई आज भी ठीक-ठीक नहीं जान पाया। -शरतचंद्र चट्टोपाध्याय (शेष परिचय,पृ.31)
  • परंपरा को स्वीकार करने का अर्थ बंधन नहीं, अनुशासन का स्वेच्छा से वरण है। -विद्यानिवास मिश्र (परंपरा बंधन नहीं, पृ.53 )
  • असाधारण प्रतिभा को चमत्कारिक वरदान की आवश्यकता नहीं होती और साधारण को अपनी त्रुटियों की इतनी पहचान नहीं होती कि वह किसी पूर्णता के वरदान के लिए साधना करे। -महादेवी वर्मा (सप्तपर्णा, पृ.49)
  • हम ऐसा मानने की ग़लती कभी न करें कि अपराध, आकार में छोटा या बड़ा होता है। -महात्मा गाँधी (बापू के आशीर्वाद, 268)
  • मनुष्य का अहंकार ऐसा है कि प्रासादों का भिखारी भी कुटी का अतिथि बनना स्वीकार नहीं करेगा। -महादेवी वर्मा (दीपशिखा, चिंतन के कुछ क्षण)
  • केवल हृदय में अनुभव करने से ही किसी चीज़ को भाषा में व्यक्त नहीं किया जा सकता । सभी चीज़ों को कुछ सीखना पड़ता है और यह सीखना सदा अपने आप नहीं होता । -शरतचन्द्र (शरत पत्रावली, पृ. 60)
  • सभी लोग हिंसा का त्याग कर दें तो फिर क्षात्रधर्म रहता ही कहाँ है ? और यदि क्षात्रधर्म नष्ट हो जाता है तो जनता का कोई त्राता नहीं रहेगा । -लोकमान्य तिलक (गीतारहस्य, पृ.32)
  • पश्चिम में आने से पहले भारत को मैं प्यार ही करता था, अब तो भारत की धूलि ही मेरे लिए पवित्र है। भारत की हवा मेरे लिए पावन है, भारत अब मेरे लिए तीर्थ है। - विवेकानन्द (विवेकानन्द साहित्य, खण्ड 5, पृष्ठ 203)
  • देश की सेवा करने में जो मिठास है, वह और किसी चीज़ में नहीं है। - सरदार पटेल (सरदार पटेल के भाषण, पृष्ठ 259)
  • अपने देश या अपने शासक के दोषों के प्रति सहानुभूति रखना या उन्हें छिपाना देशभक्ति के नाम को लजाना है, इसके विपरित देश के दोषों का विरोध करना सच्ची देशभक्ति है। - महात्मा गाँधी (सम्पूर्ण गाँधी वाङ्मय, खण्ड 41, पृष्ठ 590)
  • देश प्रेम हो और भाषा-प्रेम की चिन्ता न हो, यह असम्भव है। -महात्मा गाँधी (गांधी वाड्मय, खंड 19, पृ. 515)
  • प्रत्येक भारतवासी का यह भी कर्त्तव्य है कि वह ऐसा न समझे कि अपने और अपने परिवार के खाने-पहनने भर के लिए कमा लिया तो सब कुछ कर लिया। उसे अपने समाज के कल्याण के लिए दिल खोलकर दान देने के लिए भी तैयार रहना चाहिए। - महात्मा गाँधी (इंडियन ओपिनियन, दिनांक अगस्त 1903)
  • गंगा की पवित्रता में कोई विश्वास नहीं करने जाता। गंगा के निकट पहुँच जाने पर अनायास, वह विश्वास पता नहीं कहाँ से आ जाता है। -लक्ष्मीनारायण मिश्र (गरुड़ध्वज, पृ0 79)
  • सत्य, आस्था और लगन जीवन-सिद्धि के मूल हैं। -अमृतलाल नागर (अमृत और विष, पृ0 437)
  • उदारता और स्वाधीनता मिल कर ही जीवनतत्त्व है। -अमृतलाल नागर (मानस का हंस, पृ0 367)
  • जीवन अविकल कर्म है, न बुझने वाली पिपासा है। जीवन हलचल है, परिवर्तन है; और हलचल तथा परिवर्तन में सुख और शान्ति का कोई स्थान नहीं। -भगवती चरण वर्मा (चित्रलेखा, पृ0 24) 

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Top 30 Rajput Status (राजपूत स्टेटस) Hindi



बात जब अपने स्वाभिमान की हो,
और राजपूताना के सम्मान की हो,
तो फिर पीछे हटते नहीं हम,
चाहै बाजी फिर अपनी जान की हो !!
 


#घर अधूरा #खाट बिना,
तराजू अधूरा #बाट बिना,
#राजा अधूरा #ठाठ बिना,
#देश अधूरा #राजपूत के बिना...!
 
 
 
तलवार-बंदूक से खेला करूं, मुझे डर नहीं चौकी– थाने का मैं छाती ठोक के कहता हूँ, मैं छोरा हूँ राजपूत घराने का !!
 
 
 
राजपूत जो पहन लेते है बस स्टाइल बन जाता है..!
ग़रीब के क़र्ज़ जैसा है ये राजपूताना इश्क़ भी
एक बार सिर चढ़ जाए तो उतरता ही नहीं !!
हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है
सारे मंज़र सारे अंजाम बदल जाते है
कौन कहता है राजपूत फिर से पैदा नहीं होते
पैदा होते है बस नाम बदल जाते हैं !!
 
 
#नाम हर किसी का #चल सकता है
बस #चलाने का #दम होना चाहिये..!!
 
Best Royal Rajput Status in Hindi for Facebook
 
पंगा लेना गोली की रफ्तार से
पर कभी मत टकराना राजपूत की तलवार से !!
 
 
New Rajput Attitude Status in Hindi For Whatsapp
 
 
हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है
हम उम्मीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है !!
 
 
Rajput Banna Status Hindi 2018
 
 
यमराज से जो डरे उसे यमदूत कहते हैं
यमराज जिससे डरे उसे राजपूत कहते
 
 
Exclusive Rajputana Status For Whatsapp And Facebook
 
 
यूँ हर किसी के हाथों बिकने को तैयार नहीं
ये राजपूत का जिगर है तेरे शहर का अखबार नहीं
 
 
All English and Hindi Rajput Status
 
 
👉�#खैरात $में #मिली $हुई #खुशी हमे #पसंद नही है,
👉�👉�#क्यूंकि हम #गम में भी 👍� #नवाब $ की तरह #जीते_है !!👊
 
 
Rajput Boys and Girls Status Facebook
 
 
#राजपूत_हूँ_राजपूती_शान_रखता_हूँ
#बाहर_शांत_हूँ_अंदर_तूफान_रखता_हूँ
#रख_के_तराजू_मेँ_अपने_भाइयों_की_खुशियाँ
#दूसरे_पलडे_मेँ_अपनी_जान_रखता_हूँ_! 
#JÄÝ_MÄTÄJÍ
Top Status of Rajputana 2018
 
#Jo_Sudhre_Wo_Ham_Nhai_Aur_Hame,
#Sudhare_itna_Logo_Ki_Bato_Me_Dam_Nahi...!!
New Whatsapp Status And Shayari For Rajput
 
 
मेरे " दुश्मन " कहते है.... कि * HUKUM* आप के पास ऐसा क्या है????जिससे आप के " नाम " की चर्चा
है....
मैंने भी कह दिया की,,"baisaraj " का "दिल" नरम और "दिमाग" गरम है.... बाकी सब "करम" है. 
 
 
Banna Rajputana Status Hindi
 
 
#लगता था की ज़िन्दगी को बदलने में #वक़्त लगेगा,
पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त #ज़िन्दगी बदल देगा !!
 
 
Punjabi Rajput Status For Whatsapp
 
 
*अकसर वही दिए हाथों को जला देते है*
*जिस को हम हवा से बचा रहे होते है*
 
Rajput Love Status in Hindi
 
 
यूँ ही यह #उबाल नहीं तेज भौम की स्तुति का, 
नशे सारे किए मगर #नशा अलग है #राजपूताने का
 
 
Nasha Rajputana Ka Status And Shayari Hindi
 
 
♛ #रानी 👸 #नहीं_है ☝ तो#क्या_हुआ, 😒 यह #बादशाह 👦👑 #आज भी#लाखों_दिलों ❤💙 पर #राज_करता 👑 है
 
 
Mahakal Attitude Whatsapp Status Hindi 2018 - महाकाल स्टेटस
 
 
कोई अपने आप को बादशाह👑 समझता है…तो कोई एक्का☝ ….♤अरे जाके बोल दो उस बादशाह और एक्के से ….. विलन😈 की एंट्री हो गई है….♤♤♤🔫
 
Rajput Status Best Apps Download
 
 
# किसी _ने _कहा # लोहा _हैं _हम, 😗 किसी_ ने _कहा # फौलाद _हैं _हम, 😯 # माँ _कसम _वहा # भाग- # दौड _मच - गई, जब _हमने _कहा #Mahakal के भक्त है हम 
 
 
Rajputana Gujarati Status Collection 2018
 
 
पानी मर्यादा तोड़े तो विनाश और क्षत्रिय मर्यादा तोड़े तो सर्वनाश ।🔫🔫Jαψ MαταJI 🔫🔫
🔫jay Rajputana 🔫
 
Jay Rajputana Shayari Collection Hindi
 
 
#जब_शान_हो_राजपूतों_वाली,,,,
#तो_नशा_शराब_में_नहीं,
#बापू_की_पर्सनालिटी_में_होता_है।
👑 #THE_KING 👑
 
 
The King Of Rajputana Shayari And Status Hindi And English
 
 
ताकत 💪 अपने लफ़्ज़ों में डालों आवाज़ 😈 में नहीं,
क्योंकि फसल 🌽 बारिश ⛅ से उगती है, बाढ़ 🌊 से नहीं !!
 
Darbar Status And Shayari Collection Gujarati And Hindi
 
 
आज 100 में है कल चर्चा हज़ारों में होगी
नाम लोगों के दिल-ओ-दिमाग़ में है
कल फोटो अखबारों में होगी !! #जय राजपूताना
 
 
Banna Status Hindi 201/2018 Full Collection
 
 
♚'' #भाई'' बोलने का हक मैने सिर्फ ''दोस्तो '' को दिया है.. क्यों कि'' #दुश्मन'' आज भी हमें #बाप के नाम से पहचानते है..


Rajput Attitude WhatsApp Status Hindi 2018
 
Jay Mataji Status Gujarati and Hindi
 
*राजपूत की तलवार**
जब तक माथे पर लाल रंग नहीं लगता ,
तब तक "राजपूत" किसी को तंग नहीं करता..!!
सर चढ़ जाती है ये दुनिया भूल जाती है,
के "राजपूत" की तलवार को कभी जंग नहीं लगता..!!!
 
Royal Attitude Status Hindi
#हाथ_तो_हम_जोड़ते_हैं_सिर्फ_मां_भवानी_के_आगे
#वरना_हम_राजपूत_तो_वह_है_जो_मौत_को_भी_घुंघरू_पहनाकर_अपने_दरबार_में #मुजरा_करवा_दे...!!
 
 
 
જયા સુધી #કાળજા માં #મોગલ છે તા
સુધી #દુશમન ની #ઔકાત નથી #પીઠ
પાછળ #ઘા કરવાની #વાહ_મોગલ
 
 
*_આતો_ અમારી _બેઠકો_ _ઓછી _ કરી _છે_* 
*_બાકી _સાહેબ _ હજી _પણ_ હું _એજ _છુ_*
*_જેની _ ENTRY_ _પડતા_લૉકૉ _કહે_છે_* 
. ચલ _હટ_ darbar નો દીકરો આવે છે....
.🚩Jay_Mata_ji🚩

 
👑#આજ કાલ બધા ને 👑 BAPU 👑જેવુ થાઉ છે. પણ ઓલી કેહવત છે. ને, ચાઈના એ ચાઈના...ઓરીજનલ..જેવુ..નો..થાય
 
 
તલવાર તો દરબારના દીકરાને સોફે બાકી જેને તેનૂ કામનથી
 
 
 
*નખરા💃_તો_છોકરી👰__ના_હોય_ 👆 સાહેબ‬*
*_બાકી__અમારા 👦_તો_*
*કાયમ__🏄તોફાન⛹ __જ__હોય…..
 
 
અભિમાન ‍ની તો વાત જ નથી #સાહેબ... પણ, 🎠ક્ષત્રિય🎠 કુળ ના 👬#દિકરા 👬 છીએ, એટલે #પોતાની જાત ઉપર તો🚩 #ગવૅ 🚩હોય જ ને.  🗡🗡
#જય_માતાજી
 
 
*જયારે મૂડ ખરાબ હોય ત્યારે એક શબ્દ પણ ખરાબ ન બોલવો...*
*કારણ કે મૂડ સુધારવા માટે મોકો મળે છે પણ શબ્દ સુધારવા માટે મોકો નથી મળતો*\
 

 
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आईपीसी की धारा 323, 324, 325, 326 IPC Section



 
सामान्‍य व्‍यवहार मे हम देखते है कि अक्सर छोटी-मोटी मारपीट के बाद एफआईआर दर्ज होने के बाद भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 324, 325, 326 जैसी कुछ सामान्‍य सी धाराऐं हमारे समाने आती है। भारतीय दंड संहिता को संक्षेप मे आईपीसी/ IPC के नाम से भी जाना जाता है। आईपीसी/ IPC को अंग्रेजी Indian Pinal Code कहा जाता है। आज की इस सामान्‍य सी पोस्‍ट के माध्‍यम से हम इस बारे मे बहुत बड़ी जानकारी हासिल करने की कोशिस करेंगे जिससे हम लोगो को यह यह पता चल सके कि एफआईआर दर्ज होने पर 324, 325, 326 धाराऐं क्‍या है और इन धाराओं के शिद्ध होने पर इसके अन्‍तर्गत किस प्रकार की सजा का प्रविधान है।

    • आईपीसी की धारा / IPC Section 323 - जानबूझ कर स्वेच्छा से किसी को चोट पहुँचाने के लिए दण्ड
      साधारण मार-पीट के मामले में धारा-323 के तहत केस दर्ज होता है। इसके लिए अदालत के आदेश के बाद पुलिस केस दर्ज करती है। अगर किसी के साथ कोई मार-पीट करता है, तो पीड़ित को पहले डॉक्टरी परीक्षण करा लेनी चाहिए जिससे जब कोर्ट में शिकायत की जाए तो सबूत के तौर पर डॉक्टरी परीक्षण लगाया जा सके। डॉक्टरी परीक्षण को मार-पीट के बाद किसी भी डॉक्टर से कराई जा सकती है किन्तु भारत में बहुतायत मामलों में सरकारी डॉक्टरों द्वारा परीक्षण कराया जाता है।
    • आईपीसी की धारा 324 / IPC Section 324 - खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति कारित करना
      अगर साधारण मार-पीट के दौरान कोई किसी को घातक हथियार से जख्मी करता है, तो यह मामला आईपीसी की धारा-324 के तहत आता है। ऐसे मामले में शिकायती के बयान के आधार पर पुलिस सीधे एफआईआर दर्ज करती है। आरोपी अगर दोषी करार दिया जाता है तो उसे अधिकतम तीन साल कैद हो सकती है। यह अपराध गैर-जमानती और गैर-समझौतावादी है। साथ ही संज्ञेय भी है। बाद में अगर दोनों पक्षों में समझौता भी हो जाए तो भी एफआईआर कोर्ट की इजाजत से ही खत्म हो सकती है।
    • आईपीसी की धारा 325 / IPC Section 325 - स्वेच्छापूर्वक किसी को गंभीर चोट पहुचाने के लिए दण्ड
      अगर कोई शख्स किसी को गंभीर चोट पहुंचाता है तो आईपीसी की धारा-325 के तहत केस दर्ज होता है। यह मामला भी संज्ञेय है लेकिन समझौतावादी है। साथ ही यह जमानती अपराध भी है।
    • आईपीसी की धारा 326 / IPC Section 326 - खतरनाक आयुधों या साधनों द्वारा स्वेच्छापूर्वक घोर उपहति कारित करना
      अगर कोई शख्स किसी घातक हथियार से किसी को गंभीर रूप से जख्मी कर दे तो आईपीसी की धारा-326 के तहत केस दर्ज होता है। किसी को चाकू मारना, किसी अंग को काट देना या ऐसा जख्म देना जिससे जान को खतरा हो जैसे अपराध इसी श्रेणी में आते हैं। अगर किसी के साथ मार-पीट कर कोई हड्डी या दांत तोड़ दे तो भी धारा-326 के तहत ही केस दर्ज होता है। यह गैरजमानती और गैर समझौतावादी अपराध है। दोषी पाए जाने पर 10 साल की कैद या उम्रकैद तक हो सकती है।


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      Top 100 Rajput Status (राजपूत स्टेटस) Hindi



      The King Of Rajputana Shayari And Status Hindi And English 2018
      Rajputana Shayari Hindi 2017 Edition
      ताकत 💪 अपने लफ़्ज़ों में डालों आवाज़ 😈 में नहीं,
      क्योंकि फसल 🌽 बारिश ⛅ से उगती है, बाढ़ 🌊 से नहीं !!
      आज 100 में है कल चर्चा हज़ारों में होगी
      नाम लोगों के दिल-ओ-दिमाग़ में है
      कल फोटो अखबारों में होगी !! #जय राजपुताना
      ♚'' #भाई'' बोलने का हक मेने सिर्फ ''दोस्तो '' को दिया है.. क्यों कि'' #दुश्मन'' आज भी हमे #बाप के नाम से पहचानते है..
      Indian Rajput Status Hindi 2018
      *राजपूत की तलवार**
      जब तक माथे पर लाल रंग नहीं लगता ,
      तब तक "राजपूत" किसी को तंग नहीं करता..!!
      सर चढ़ जाती है ये दुनिया भूल जाती है,
      के "राजपूत" की तलवार को कभी जंग नहीं लगता..!!!
      हाथ_तो_हम_जोड़ते_हैं_सिर्फ_मां_भवानी _के_आगे
      #वरना_हम_राजपुत_तो_वह_है_जो_मौत_को_भी_घुंघरु_पहनाकर_अपने_दरबार_में #मुजरा_कऱवा_दे..!!
       #घर अधूरा #खाट बिना,
      #तराजू अधूरा #बाट बिना,
      #राजा अधूरा #ठाठ बिना,
      #देश अधूरा #राजपूत के बिना..! 
      -
      तलवार बन्दूक से खेला करूं , मुझे डर नहीं चौकी – थाने का मैं छाती ठोक के कहता हूँ, मैं छोरा हूँ राजपूत घराने का !!
      राजपूत जो पहन लेते है बस स्टाइल बन जाता है..!
      -
      ग़रीब के क़र्ज़ जैसा है ये राजपुताना इश्क़ भी
      एक बार सिर चढ़ जाए तो उतरता ही नहीं !!
      -
      हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है
      सारे मंज़र सारे अंजाम बदल जाते है
      कौन कहता है राजपूत फिर से पैदा नहीं होते
      पैदा होते है बस नाम बदल जाते हैं !!
      #नाम हर किसी का #चल सकता है
      बस #चलाने का #दम होना चाहिये..!!
      पंगा लेना गोली की रफ़्तार से
      पर कभी मत टकराना राजपूत की तलवार से !!

      New Rajput Attitude Status In Hindi For Whatsapp
      हमारे जीने का तरीका थोड़ा अलग है
      हम उमीद पर नहीं अपनी जिद पर जीते है !!
      यमराज से जो डरे उसे यमदूत कहते हैं
      यमराज जिससे डरे उसे राजपूत कहते
      यू हर किसी के हाथों बिकने को तैयार नहीं
      ये राजपूत का जिगर है तेरे शहर का अखबार नहीं

      👉�#खैरात $में #मिली $हुई #खुशी हमे #पसंद नही है,
      👉�👉�#क्यूंकि हम #गम में भी 👍� #नवाब $ की तरह #जीते_है !!👊

      👉जीगर होवी💪जोई ए साहैब 👳बाकी
      ☝फैसबुक पर तो🏂राका पन माफीया👳थई ने फरै छै🐯
      हम बदलते है तो निज़ाम बदल जाते है सारे मंज़र सारे अंजाम बदल जाते है कौन कहता है 
      #राजपूत फिर पैदा नहीं होते पैदा होते है बस नाम बदल जाते है   
      अक्सर वही लोग उठाते हैं हम पर उंगलिया, जिनकी हमें छूने की औकात नहीं होती !!
      #राजपुत_हूँ_राजपुती_शान_रखता_हूँ
      #बाहर_शांत_हूँ_अंदर_तुफान_रखता_हूँ
      #रख_के_तराजु_मेँ_अपने_भाइयो_की_खुशियाँ
      #दुसरे_पलडे_मेँ_अपनी_जान_रखता_हूँ_! 
      #JÄÝ_MÄTÄJÍ
      #Jo_Sudhre_Wo_Ham_Nhai_Aur_Hame,
      #Sudhare_itna_Logo_Ki_Bato_Me_Dam_Nahi...!!
      Rajputana Attitude, Rajputana Status, Royal Rajputana
      मेरे " दुश्मन " कहते हे....की * HUKUM* आप के पास ऐसा क्या हे????जिससे आप के " नाम " कीचर्चा....
      मेने भी कह दिया की,,"baisaraj " का"दिल" नरम और"दिमाग "गरम है....बाकी सब " करम " है.
      Banna Rajputana Status Hindi
      #लगता था की ज़िन्दगी को बदलने में #वक़्त लगेगा,
      पर क्या पता था बदलता हुआ वक़्त #ज़िन्दगी बदल देगा !!
      *अक्सर वही दीए हाथों को जला देते है* 
      *जिस को हम हवा से बचा रहे होते है*
      यू ही यह #उबाल नहीं तेज भौम की स्तुति का, 
      नशे सारे किए मगर #नशा अलग है #राजपूताने का
      Nasha Rajputana Ka Status And Shayari Hindi
      ♛ #रानी 👸 #नहीं_है ☝ तो#क्या_हूआ, 😒 यह #बादशाह 👦👑 #आज भी#लाखों_दिलों ❤💙 पर #राज_करता 👑 है

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      Mahakal Attitude Whatsapp Status Hindi 2018 - महाकाल स्टेटस
      कोई अपने आप को बादशाह👑 समझता है…तो कोई एक्का☝ ….♤अरे जाके बोलदो उस बादशाह और एक्के से ….. विलन😈 की एंट्री हो गई है….♤♤♤🔫
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      # किसी _ने _कहा # लोहा _हैं _हम ,😗 किसी_ ने _कहा # फौलाद _हैं _हम ,😯 # माँ _कसम _वहा # भाग-
      # दौड _मच - गई , जब _हमने _कहा #Mahakal के भक्त है हम
      Rajputana Gujarati Status Collection 2018
      पानी मर्यादा तोड़े तो विनाश और क्षत्रिय मर्यादा तोड़े तो सर्वनाश ।🔫🔫Jαψ MαταJI 🔫🔫
      🔫jay Rajputana 🔫
      Jay Rajputana Shayari Collection Hindi
      #जब_शान_हो_राजपूतो_वाली,,,,
      #तो_नशा_शराब_में_नहीं,
      #बापू_की_पर्सनालिटी_में_होता_है।
      👑 #THE_KING 👑




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      अंग्रेजो के जमाने के देशभक्त अधिवक्ता






      उत्तर प्रदेश मे उत्तर प्रदेश बार काउसिल उत्तर प्रदेश के प्रथम मतदाता 95 वर्ष के श्री वीरेन्‍द्र कुमार सिंह चौधरी "दद्दा" को वोट दिलवाने का सौभाग्‍य मुझे प्राप्‍त हुआ। दद्दा दादा का एक अधिवक्ता के रूप मे पंजीयन सन् 1941 का है, कुछ मेरे दोस्‍त कहते है कि ये तो अंग्रेजो के जमाने के वकील है। सच मे दद्दा को जीवन राष्‍ट्र को ही सम्‍पर्पित रहा है, हर समय उनके मन मे आज भी देश के लिये कुछ करने की ही रहती है। दद्दा ने अपने 25 मतो का पूरा उपयोग किया। दद्दा उत्तर प्रदेश सरकार के महाधिवक्ता भी रहे है।

      कल दद्दा को कुछ शारीरिक तकलीफ के कारण दद्दा डाक्‍टर केडी त्रिपाठी को दिखाकर गये थे आज कुछ आराम है वो पापा जी को फोन कर के कह रहे थे कि डाक्‍टर साहब से पूछ लीजिए कि आज आराम है कहे तो कल दो मुकदमे लगे है। वो भी देख लिये जाये... 95 साल की उम्र मे भी काम के प्रति‍ निष्‍ठा विरले और महान लोगो मे ही होती है। ऐसे है दद्दा जी।

      मतदान करते समय फोटो खीचना, गलत था कि किन्‍तु कुछ गलतिया इतनी खूबसूरत और जरूरी होती है जिन्‍हे हम करने को मजबूर होते है।


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      स्पीक एशिया: भारत से सिंगापुर तक फर्जीवाड़ा



      सिंगापुर में पंजीकृत कंपनी स्पीक एशिया ऑनलाइन के बारे में वहां की सरकार का कहना है कि यह कंपनी नियमों का पालन नहीं कर रही है.

      स्टार न्यूज़ की तफ्तीश में पता चला है कि यह कंपनी सिंगापुर में भी फर्जीवाड़ा कर रही है.

      ग़ौरतलब है कि स्पीक एशिय़ा नामक अब तक लाखों लोगों को चुना लगाने में जुटी हुई है.

      सिंगापुर सरकार के मुताबिक स्पीक एशिया ऑनलाइन ने ना तो सही समय पर अपनी कंपनी की सालाना बैठक कराई है और ना ही सही समय पर अपने अकाउंट्स ऑडिट कराए हैं.

      इसी वजह से सिंगापुर सरकार ने स्पीक एशिया को नॉन-कंप्लायंस का सर्टिफिकेट दिया है यानि सिंगापुर सरकार ने आगाह कर दिया है कि निवेशक ऐसी कंपनियों से बचकर रहे जो नियमों का उल्लंघन करती हैं.

      सिंगापुर के कानून के हिसाब से किसी भी पब्लिक लिमिटेड कंपनी को हर चार महीने में और प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को छह महीने में अपने अकाउंट्स का लेखा-जोखा देना पड़ता है लेकिन स्पीक एशिया ने आखिरी बार पिछले साल मई में अपने अकाउंट्स की रिपोर्ट दी थी.

      स्टार न्यूज पहले ही खुलासा कर चुका है कि कैसे स्पीक एशिया देश में फर्जीवाड़ा कर रही है.

      स्पीक एशिया के स्कीम के मुताबिक आप एक साल के लिए 11 हजार रूपए देकर 52 हज़ार रुपए कमाने का लालच देती है. कंपनी का ये भी दावा है कि भारती एयरटेल, नेस्ले, बाटा और आईसीआईसीआई बैंक जैसे कंपनिया उसकी क्लाइंट हैं लेकिन जब स्टार न्यूज ने पड़ताल की तो इन सभी कंपनियों ने ये साफ कर दिया कि वो स्पीक एशिया से कोई सर्वे नहीं करातीं.


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      जीवन को स्थिरता देने वाले सुविचार और अनमोल वचन



      सुविचार या अनमोल वचन हमारे जीवन में नई उर्जा का संचार उत्पन्न करता है और हमें सकारात्मकता की और ले जाता है विपरीत परस्थितियों में हर वो काम जो हमे मुश्किल लगता है वो आसान हो जाता है अगर आप कोई नया काम करने जा रहे है या कभी अवसादग्रस्त हो तो तो इन शानदार सुविचार को जरुर मनन करना चाहिए क्योंकि की जब भी आप के जीवन में कोई मुश्किल आएगी तो इन विचारो से आपको सही रास्ता दिखेगा

      1. “अगर आप बोलेंगे तो जानी हुई बातें ही दोहराएंगे पर सुनने पर कुछ नया सीखेंगे।” 
      2. “अच्छे काम करते रहिए, चाहे लोग तारीफ करें या ना करें, आधी से ज्यादा दुनिया सोती रहती है, तब भी सूरज निकलता है।” 
      3. “अपनी उर्जा को चिंता करने में खत्म करने से बेहतर है, इसका उपयोग समाधान ढूंढने में किया जाए।” 
      4. “असंभव शब्द का शब्द केवल कायर करते है, बहादुर और बुद्धिमान व्यक्ति अपना मार्ग खुद पक्का करते है।” 
      5. “आप अपनी जिंदगी की तुलना दूसरों से ना करें क्योंकि, सूरज और चंद्रमा दोनों ही चमकते है लेकिन अपने अपने समय पर।” 
      6. “आपका खुश रहना ही आपके, दुश्मनों के लिए सबसे बड़ी सजा है।” 
      7. “आपका हर सपना सच हो सकता है, अगर आप उसे पाने की हिम्मत रखते है।” 
      8. “इंतजार करने वालों को केवल उतना ही मिलता है, जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते है।” 
      9. “इंतजार मत करो जितना तुम सोचते हो, जिंदगी उससे कई ज्यादा तेजी से निकल रही है।” 
      10. “इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए यह जरूरी है।” 
      11. “उदास होने के लिए उम्र पड़ी है, खुश रहने के लिए जिंदगी खड़ी है।” 
      12. “उन चीजों के बारे में समय बर्बाद मत करो, जिनको आप बदल नहीं सकते।” 
      13. “उम्मीदों से बंधा एक जिद्दी परिंदा है इंसान जो घायल भी उम्मीदों से है और जिंदा भी उम्मीदों पर है।” 
      14. “एकांत में कठिन परिश्रम करो, तुम्हारी सफलता शोर मचा देगी।” 
      15. “कामयाब लोग अपने फैसले से दुनिया बदल देते है नाकामयाब लोग दुनिया के डर से अपने फैसले बदल देते है।” 
      16. “कामयाबी के सफर में धूप बड़ी काम आयी, छांव मिली होती तो सो गए होते।” 
      17. “कुछ कर गुजरने के लिए मौसम नहीं चाहिए, साधन सभी जुट जाएंगे केवल संकल्प का धन चाहिए।” 
      18. “कुछ नहीं मिलता दुनिया में मेहनत के बगैर, आपको अपना साया भी धूप में आने के बाद ही मिलता है।” 
      19. “खुद की तरक्की में इतना वक्त लगा दो, कि दूसरे की बुराई करने का वक्त ही ना मिले।” 
      20. “गलत तरीके अपनाकर सफल होने से यही बेहतर है सही तरीके के साथ काम करके असफल होना।
      21. “चीजों की कीमत मिलने से पहले होती है और इंसानों की कीमत खोने के बाद होती है।” 
      22. “छोटी छोटी खुशियां ही तो जीने का सहारा बनती है, ख्वाहिशों का क्या है पल-पल बदलती है।” 
      23. “छोटे-छोटे रोज की सुधार, ‘आश्चर्यजनक’ परिणाम की ओर ले जाते है।” 
      24. “जब तक आप जो कर रहे है उसे पसंद नहीं करते तब तक आप सफलता नहीं पा सकते।” 
      25. “जब तक आप सामाजिक स्वतंत्रता नहीं हासिल कर लेते, कानून आपको जो भी स्वतंत्रता देता है वो आपके लिए बेमानी है।” 
      26. “जब दुनिया यह कहती है कि हार मान लो, तब आशा धीरे से कान में कहती है कि एक बार फिर से प्रयास करो।” 
      27. “जब सब कुछ आपके खिलाफ जा रहा हो तो याद रखें, हवाई जहाज हमेशा हवा के विरूद्ध उड़ान भरता है उसके साथ नहीं।” 
      28. “जिंदगी बहुत खूबसूरत है इसे बेकार की बातो और झगड़ो में बर्बाद ना करे।” 
      29. “जितना कठिन संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी।” 
      30. “जिनमें अकेले चलने के हौसले होते है, एक दिन उनके पीछे काफिले होते है।” 
      31. “जीवन वह नही है जिसकी आप चाहत रखते है, अपितु यह तो वैसा बन जाता है, जैसा आप इसे बनाते है।” 
      32. “जुड़ गए तो शेर भी घबराएगा, टूट गए तो गीदड़ भी साथ आएगा।” 
      33. “जो गिरने से डरते है, वह कभी उड़ान नहीं भर सकते।” 
      34. “जो व्यक्ति हर वक्त दुख का रोना रोता है, उसके द्वार पर खड़ा सुख भी बाहर से लौट जाता है।” 
      35. “जो सिरफिरे होते हैं वे इतिहास लिखते है, समझदार लोग तो सिर्फ उनके बारे में पढ़ते है।” 
      36. “जो हम दूसरों को देंगे वही लौटकर हमारे पास आएगा चाहे वह इज्जत हो, सम्मान हो या फिर धोखा।” 
      37. “तारीफ के मोहताज नहीं होते सच्चे लोग क्योंकि फूलों पर कभी इत्र नहीं लगाया जाता।” 
      38. “तुम पानी जैसे बनो जो अपना रास्ता खुद बनाता है, पत्थर जैसे ना बनो जो दूसरों का भी रास्ता रोक लेता है।” 
      39. “नसीब जिनके ऊंचे और मस्त होते है, इम्तिहान भी उनके जबरदस्त होते है।” 
      40. “पहचान से मिला काम थोड़े समय के लिए रहता है, लेकिन काम से मिली पहचान उमर भर रहती है।” 
      41. “पिता की मौजूदगी सूरज जैसी होती है, सूरज गर्म जरूर होता है अगर न हो तो अंधेरा छा जाता है।” 
      42. “प्रत्येक असफलताओ के पीछे, सफलता आपकी राह देख रही है।” 
      43. “प्रशंसा से पिघलना मत, और आलोचना से उबलना मत।” 
      44. “प्रशन्नता पहले से निर्मित कोई चीज नही है।  यह आप ही के कर्मो से आती है।” 
      45. “फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है, लेकिन अच्छे व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।” 
      46. “बदल जाओ वक्त के साथ या फिर वक्त बदलना सीखो, मजबूरियों को मत कोसो हर हाल में चलना सीखो।” 
      47. “बरसात में भीगने से लिबास बदल जाते है, और पसीने में भीगने से इतिहास रचे जाते है।” 
      48. “बीता हुआ कल बदला नहीं जा सकता, लेकिन आने वाला कल हमेशा आपके हाथ में होता है।” 
      49. “बुरा वक्त कभी बताकर नहीं आता, मगर सिखा कर बहुत कुछ जाता है।” 
      50. “बुराई को देखना और सुनना, ही बुराई की शुरुआत है।” 
      51. “बेहतरीन दिनों के लिए, बुरे दिनों से लड़ना पड़ता है।” 
      52. “मंजिल चाहे कितनी भी ऊंची क्यों ना हो, रास्ता हमेशा पैरों के नीचे ही होता है।” 
      53. “मुसीबत सब पर आती है, कोई बिखर जाता है कोई निखर जाता है।” 
      54. “मेरी तकदीर को बदल देंगे मेरे बुलंद इरादे, मेरी किस्मत नहीं मोहताज मेरे हाथों की लकीरों की।”
      55. “मैं श्रेष्ठ हूं यह आत्मविश्वास है, लेकिन मैं ही श्रेष्ठ हूं यह अहंकार है।”
      56. “मैदान में हारा हुआ इंसान फिर से जीत सकता है लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता।”
      57. “यदि आप गुस्से के एक क्षण में धैर्य रखते है, तो दु:ख के सौ दिन से बच जाते है।”
      58. “यदि एक बड़ा कदम उठाने की आवश्यकता है तो डरे नहीं, आप गहरी खाई को दो छोटी छलांग लगाकर पार नहीं कर सकते।”
      59. “यदि किसी भूल के कारण कल का दिन दुख में बीता तो उसे याद कर आज का दिन व्यर्थ ना करें।”
      60. “वक्त की एक आदत बहुत अच्छी है, जैसा भी हो गुजर जाता है।”
      61. “विकल्प मिलेंगे बहुत मार्ग भटकाने के लिए, संकल्प एक ही काफी है मंजिल तक जाने के लिए।”
      62. “सपने वो नहीं जो हम नींद में देखते है, सपने वह है जो हमको नींद नहीं आने देते।”
      63. “सफलता मुझे तब तक नहीं मिल सकती, जब तक मेरी सफलता पाने की इच्छा मजबूत है।”
      64. “समय ना लगाओ तय करने में आपको क्या करना है, वरना समय तय कर लेगा आपका क्या करना है।”
      65. “समय बहाकर ले जाता है नाम और निशान, कोई ‘हम’ में रह जाता है कोई ‘अहम’ में।”
      66. “सिर्फ डरपोक और शक्तिहीन, व्यक्ति ही भाग्य के पीछे चलता है।”
      67. “सिर्फ सपनों से कुछ नहीं होता, सफलता प्रयासों से हासिल होती है।”
      68. “सोच अच्छी होनी चाहिए क्योंकि नजर का, इलाज तो मुमकिन है लेकिन नजरिए का नहीं।”
      69. “सोच जब तक तंग है, जीवन तब तक जंग है।”
      70. “हजारों दीयों को एक ही दिए से, बिना उसका प्रकाश कम किए जलाया जा सकता है खुशी बांटने से खुशी कभी कम नहीं होती।”
      71. “हमारी समस्या का समाधान केवल हमारे पास है दूसरों के पास तो केवल सुझाव है।”
      72. “हर दिन अच्छा हो जरूरी नहीं है, लेकिन हर दिन कुछ अच्छा जरूर होता है।”
      73. अगर आप के पास असफल होने की गुंजाइश नहीं है तो आप विकास भी नहीं कर सकते।
      74. अगर आप दुनिया से अपने लिए सर्वश्रेष्ठ पाना चाहते है, तो आपको दुनिया की अपना सर्वश्रेष्ठ देना भी होगा।
      75. अगर आप बार-बार शिकायत नही करते है, तो आप किसी भी कठिनाई को दूर कर सकते है।
      76. अगर परिवर्तन लंबे समय तक बना रहे तो यही संस्कृति बन जाता है।
      77. अनुशासन लक्ष्यों और उपलब्धियों के बीच पुल है।
      78. अपना सर्वश्रेष्ठ करे, वर्तमान का मजा ले और जो है उसमे खुश रहे।
      79. अपनी मुस्कुराहट से दुनिया बदलिए, दुनिया से अपनी मुस्कुराहट मत बदलिए।
      80. असफल व्यक्ति वह है जिसने भूले की लेकिन इनके अनुभव से किसी भी तरह का लाभ नही उठाया।
      81. असली बहादुरी तो तब है जब आप वह करे जो सही है। भले ही वह लोगो में ज्यादा लोकप्रिय न हो।
      82. आज के परिणाम अतीत के कर्मो से तय होते है। अपने भविष्य को बदल पाने के लिए आज के फैसलों को बदले।
      83. आजकल लोगो को हर चीज की कीमत तो पता होती है, पर अहमियत नहीं।
      84. आत्मविश्वास हमेशा सही होने से नही आता, बल्कि गलत होने का डर न होने से आता है।
      85. आप अपना कार्य उस समय करे जब दूसरे  व्यक्ति अपना समय नष्ट करने में लगे हो।
      86. आप अपने जीवन काल के लिए कुछ नहीं कर सकते है, लेकिन आप इसे मूल्यवान बनाने के लिए कुछ अवश्य कर सकते है।
      87. आप अपने जीवन में जो कुछ भी अलग और बेहतर पाना चाहते है, वह डर के उस पार है।
      88. आप कई बार झुकते है, कई बार टूटे है। इसके बावजूद अंत में बेहतर आकार ले ही लेते है।
      89. आप जिसमें भरोसा करते हैं, उसमें जी- जान लगा दीजिए नतीजे चौंकाने वाले होंगे।
      90. आप प्रेम ढूंढे ये अच्छी बात है, लेकिन आपको बिना खोजे सच्चा प्रेम मिल जाए तो ये सबसे अच्छा है।
      91. आप वह कारण बने, जिसकी वजह से आज कही, कोई मुस्करा दे।
      92. आप सकारात्मक लोगो से घिरे हो तो अहसास होता है कि कुछ भी संभव है।
      93. आप सफलता से कही ज्यादा असफलता से सीखते है, असफलता से आपका चरित्र भी बनता है।
      94. आपका मूल्य इससे तय नहीं होता कि आप क्या है, यह इससे तय होता है आप खुद को क्या बनाने की क्षमता रखते है।
      95. आपका हर दिन जीवन में बदलाव, लाने का बेहतरीन अवसर है।
      96. आपकी मनोवृति ही आपकी, महानता को निर्धारित करती है।
      97. आपके जीवन की गुणवता इस बात और निर्भर करती है, कि आपके दिमाग में किस गुणवता के विचार आते है।
      98. आपके पास दो ही विकल्प होते है, या तो सर पर विजय पा ले या डर को आप पर कब्जा करने दे।
      99. आपको वह नहीं मिलता, जो आप चाहते है, आप जिसके योग्य है, वहीं मिलेगा, यही विधान है।
      100. इस दुनिया में असंभव कुछ भी नही, हम वो सब कर सकते है, जो हम सोच सकते है।
      101. ईमानदारी के लिए किसी छाप वेशभूषा या श्रृंगार की जरूरत नहीं होती, सादगी अपनाए।
      102. उस ज्ञान का कोई लाभ नहीं. जिसे आप काम में नहीं लेते।
      103. ऊंचाई की और बढ़े तो कभी भी साथियों की उपेक्षा न करे, नीचे की और जाते समय यही साथी आपकी मदद करेंगे।
      104. एक सृजनशील व्यक्ति कुछ कर पाने की उम्मीद से प्रेरित होता है, दुसरो को होड़ में हराने की उम्मीद से नहीं ।
      105. कठिनाईयों का अर्थ ही आगे बढ़ना होता है, न कि उनसे डरकर हतोत्साहित होना।
      106. कर्म वो आईना है जो हमारा, स्वरूप हमें दिखा देता है।
      107. कर्म सुख भले ही न ला सके, लेकिन कर्म के बिना सुख नहीं मिलता है।
      108. काम करने में कोई अपमान नहीं है, अपमान तो खाली बैठने में है।
      109. किसी कम में लगाए गए हमारे समय का इतना महत्व नहीं है, जितना प्रयास की गंभीरता का है।
      110. किसी का भला न कर पाना भी बुरा करने जैसा ही है।
      111. किसी प्रतियोगिता में जीतने से नहीं, बल्कि इसके लिए की जाने वाली घंटो, महीनों की तैयारी से विजेता बनते है।
      112. कुछ लोग चाहे जितने बुजूर्ग हो जाए उनकी सुंदरता नहीं मिटती यह चेहरों से उतर कर दिलो में आ बसती है।
      113. कुछ लोगो की सुंदरता उम्र के साथ नही घटती, यह चेहरों से उतर कर दिलो में बस जाती है।
      114. कोई काम करने को लेकर देर तक सोच-विचार अकसर उसके बिगड़ने का कारण बनता है।
      115. कोई काम कितना ही कठिन क्यों न हो, जिद और दृढ विश्वास से जरुर पूरा किया जा सकता है।
      116. कोई भी पीछे जाकर नई शुरुवात नहीं कर सकता, पर हम सभी नई शुरुवात कर बेहतर अंत कर सकते है।
      117. क्रोध कभी भी बिना कारण नहीं होता, लेकिन कदाचित ही यह कारण सार्थक होता है।
      118. खुशियों का कोई रास्ता नहीं खुश रहना ही रास्ता है…
      119. ख़ुशी आजादी पर निर्भर होती है और आजादी इस बात पर निर्भर होती है कि आप कितने साहसी है।
      120. ख़ुशी और प्रेम निष्ठा के सह उत्पाद है, कोई काम करे तो पूरी निष्ठा के साथ करे, अन्यथा उसे छोड़ दे।
      121. ख़ुशी के काम से ख़ुशी नहीं मिलेगी, खुश होकर काम किया तो ख़ुशी, सफलता दोनों मिलेगी।
      122. खुशी तब मिलेगी जब आप जो सोचते है, जो कहते है, जो करते है, जो करते है, वह सामंजस्य में हो।
      123. ख़ुशी दुनिया की सर्वोतम दवा है इसलिए खुद भी खुश रहे और दुसरो को खुशिया बांटे।
      124. खूबसूरती से चकित नही होना चाहिए, उन छिपे गुणों को तलाशना चाहिए जो हमेशा बने रहते है।
      125. जब आप कोई वादा करते है तो आशा जगाते है, जब उसे पूरा करते है तो भरोसा बनाते है।
      126. जब आप जागृत अवस्था में होते है, तो ही सर्वश्रेष्ठ स्वप्नों का सृजन होता है।
      127. जब आप जीवन में कुछ गंवा बैठते है, तो इससे प्राप्त शिक्षा को कतई न गंवाए।
      128. जब करीबी लोग आपके मानदंडों पर खरे न उतरे,  तोसमझे कि मानदंडों को फिर से परखने का समय आ गया है।
      129. जब तक अपनी ताकत नहीं पहचान पाते, जब तक ताकतवर होना एकमात्र विकल्प हो
      130. जब परिस्थितिया बदल जाती है, तो रणनीति बदलने में कोई बुराई नहीं है।
      131. जब लक्ष्य इतनी गहराई से चाहा जाए की उसके लिए सब कुछ दांव पर लगाने तक की तैयारी हो तो जीत तय है।
      132. जब लक्ष्यों को पाना मुश्किल हो तो, लक्ष्यों को न बदले, बल्कि अपने प्रयासों में बदलाव करे।
      133. जब हम वह कर लेते है, जिससे हम डरते है, तभी हमारे अंदर निडरता का जन्म होता है।
      134. जीवन कितना अनमोल है, यह जानने के लिए कभी-कभी इसे जोखिम में डालना पड़ता है।
      135. जीवन की केवल वही तक सीमाएं है, जन्हें आप खुद तय करते है
      136. जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी उस कम को करने में है, जिसे लोग कहते है तुम नहीं कर सकते हो।
      137. जीवन में ज्यादा रिश्ते होना जरूरी नहीं है, जो रिश्ते है, उनमे जीवन होना जरुरी है।
      138. जीवन में बाधाए होगी शंकाए होगी, गलतियां भी होगी, लेकिन कड़ी मेहनत करे तो कोई शीमा नही होंगी।
      139. जीवन में सफलता का रहस्य है खुद को आने वाले अवसर के लिए तैयार करना
      140. जो मनुष्य अपना क्रोध अपने ही ऊपर झेल लेता है, वह दुसरो के क्रोध से बच जाता है।
      141. जो व्यक्ति अपनी सोच नहीं बदल सकता, वह वास्तव में कुछ नही बदल सकता।
      142. जो सभ्य भी है, उनके साथ भी सभ्य बने रहे। किसी के ओछेपन के चलते अपना चरित्र नीचे करने का कोई ओचित्य नहीं है।
      143. ज्ञान अतीत की व्याख्या करने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य का निर्माण करने के लिए होता है।
      144. ज्ञान इसलिए नहीं होता कि हम अतीत की व्याख्या करते रहे, यह तो भविष्य का निर्माण करने के लिए होता है।
      145. डर भगाने की बजाए अपने सपनों को, साकार करने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रहे।
      146. दुःख भोगने से इन्सान को सुख के मूल्य का ज्ञान होता है।
      147. दुनिया में एक ही अच्छाई है, ज्ञान और एक ही बुराई है, अज्ञानता।
      148. दुसरो को इतनी जल्दी माफ़ कर दिया करो, जितनी जल्दी आप ऊपरवाले से अपने लिए माफ़ी की उम्मीद रखते हो।
      149. दूरदर्शिता जो दुसरे नहीं देख पाए उसे देख पाने की कला है।
      150. दोस्तों को हमेशा उनके कर्मो से ही परखना चाहिए न कि उनके शब्दों से।
      151. नाकामिया आपको अपनी गलती सुधारने और वापस दोगुनी ताकत से सफल होने के लिए प्रेरित करती है।
      152. निष्क्रियता से संदेह और डर पैदा होते है, यही सक्रियता से विश्वास और साहस का सृजन होता है।
      153. पहले कठिन काम कीजिये, आसान कम अपने-आप हो जाएगे।
      154. पुल और दीवार बनाने में ईंट गारे का ही प्रयोग होता है, एक से लोग जुड़ते है, वहीं दुसरे से अलग होते है।
      155. प्यार सभी से करे, लेकिन विश्वास कुछ लोगो पर ही करना चाहिए और कभी भी किसी को नुकसान न पहुंचाए।
      156. प्रतिकूल परिस्थितियों से कुछ व्यक्ति टूट जाते है, जबकि कुछ ऐसे व्यक्ति भी होते है जो दुसरो के रिकॉर्ड तोड़ते है।
      157. प्रतिभा से भी बेहद कम, दूर और दुर्लभ एक चीज होती है, और वह है प्रतिभा को पहचानने की योग्यता।
      158. प्रश्न कर पाने की क्षमता ही, मानव प्रगति का आधार है।
      159. प्रसन्नता परमात्मा की और से दी गयी ओषधि है।
      160. प्रसन्नता पहले से तैयार कोई चीज नही है, यह तो आपके कर्मो से ही हासिल होती है।
      161. बस इस पल अच्छे कार्य में जुट जाए, सच माने आपने अनंतकाल के लिए अच्छा कार्य कर लिया है।
      162. बुद्धिमान की तरह विचार करे, लेकिन बात आम लोगो की तरह करे।
      163. भगवान यह अपेक्षा नही करते की हम सफल हो, वे तो केवल इतना ही चाहते है कि हम प्रयास करे।
      164. भलाई करना कर्तव्य नहीं, आनंद है, क्योंकि यह तुम्हारे स्वास्थ्य और सुख में वृद्धि करता है।
      165. भविष्य तो उन्ही का है जो अपने सपनों की सुंदरता में यकीन करते है।
      166. मदद करने के लिए सिर्फ धन की जरूरत नहीं होती है, उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत होती है।
      167. मनुष्य ही दुनिया का एकमात्र ऐसा प्राणी है, जिसे हंसने का गुण प्रदान किया गया है।
      168. महत्व इस बात का नहीं है कि आप कितने अच्छे है, महत्व इस बात का है कि आप कितना अच्छा बनना चाहते है।
      169. महत्व इसका नही है कि अप्प कितने अच्छे है, महत्व इसका है कि आप कितना अच्छा बनना चाहते है।
      170. मानव के कर्म ही उसके विचारो की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या है।
      171. माहोल से ज्यादा व्यक्ति के भीतर ही बदलाव की जरूरत होती है।
      172. मीठा बोल संक्षिप्त और बोलने में आसान हो सकते है, लेकिन उनकी गूंज सचमुच अनंत होती है।
      173. मुस्कान पाने वाला मालामाल हो जाता है पर देने वाला दरिद्र नहीं होता।
      174. मेहनत एक ऐसी सुनहरी चाबी है, जो बंद भाग्य के दरवाजो को खोल देती है।
      175. यदि आप गलती नहीं कर सकते है तो आप कुछ नहीं कर सकते है।
      176. यदि हमारे मन में शांति नहीं है तो इसकी वजह यह है, कि हम भूल चुके है कि हम एक-दुसरे के है।
      177. लगातार आगे बढ़ते रहने के लिए यह जरूरी है कि हम, निरंतर अपने लक्ष्य और बड़े करते जाए।
      178. वह मायने नही रखता की गलत रास्ते पर आप कितनी दूर चले गए है, वापस मुड़ने की संभावना तो हमेशा ही है।
      179. वह व्यक्ति जिसे खुद पर भरोसा होता है, वही आख़िरकार दुसरो का भी भरोसा जीतने में कामयाब रहता है।
      180. विज्ञानं हमे सोचना सिखाता है, लेकिन प्रेम हमें मुस्कुराना सिखाता है।
      181. विपत्तियाँ हमेशा हमे बुद्धिमान बनाती है जबकि समृद्धि अक्सर सही-गलत में फर्क भी नही कर पाती।
      182. वे लोग भाग्यशाली है, जो यह समझ चुके है, कि उन्हें व्यक्तियों से प्रेम करना है और वस्तुओं का उपयोग करना है।
      183. संसार एक कड़वा वृक्ष है, इसके दो फल ही अमृत जैसे मीठे होते है – एक मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों की संगती।
      184. संसार हजार बार हमारे विश्वास पर खरा उतरता है तो कभी-कभार इसे खोटा भी होने दे।
      185. सच बोलने की आदत हमरे अंदर किसी भी स्थति का सामना करने का साहस देती है।
      186. सदा जवान रहने के लिए मुख का सोंदर्य नहीं, मस्तिष्क की उड़ान जरूरी है।
      187. सफलता का आनंद उठाने के लिए जरूरी है, की इंसान कठिनाईयों से गुजरकर इस तक पहुंचे।
      188. सफलता की ख़ुशी मनाना अच्छा है, पर उससे भी अधिक जरूरी अपनी असफलता से सीख लेना है।
      189. सफलता की तैयारी न करना असफलता के लिए तैयारी करने के समान है ।
      190. सफलता तभी मिलती है जब आपके सपने आपके डर से बड़े हो जाते है।
      191. सफलता,असफलता की संभावनाओ के आकलन में समय नष्ट न करे, लक्ष्य निर्धारित करे और कार्य आरम्भ करे।
      192. समय की सीमा जानने का एक ही टिका है, असंभव से भी आगे निकल जाना।
      193. सही और गलत के झगड़े से जीवन नहीं चलता यह परिपक्वता से चलता है।
      194. सुविचारो से सुफल उपजते है, वही कुविचारो का नतीजा कुफल होता है।
      195. हम अगर किसी चीज की कल्पना कर सकते है, तो उसे साकार भी कर सकते है।
      196. हमारी विशालता कभी भी न गिरने में नहीं, बल्कि हर बार गिरने पर फिर उठने में नहित होती है।
      197. हमे सुख नहीं मिल सकता यदि विश्वास किन्ही चीजो में करे और अमल किन्ही और चीजो पर
      198. हार और जीत हमारी सोच पर निर्भर है, मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत।


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      समय/वक्त पर महान लोगो के सर्वश्रेष्ठ विचार



      समय/वक्त पर महान लोगो के सर्वश्रेष्ठ विचार
      1. अगर हम जीवन में कुछ हासिल करना चाहते है, कुछ बनना चाहते है, तो आपके लिए ये अनिवार्य है की, आप समय की कीमत को समजे। – ज्ञानीपण्डित
      2. अतीत की ओर बार-बार देखने पर एक समस्या यह आ सकती है कि हमारा भविष्य भी हाथ से निकल जाएगा। - माइकेल सिबेन्को
      3. अपने मिनटों का ध्यान रखें, घण्टे अपना ध्यान खुद रख लेंगे। -लॉर्ड चेस्टरफील्ड
      4. अपने समय को बर्बाद करने वाले लोग ही सबसे पहले समय की कमी का रोना रोते हैं।  - जीन डी ला ब्रुयर
      5. अभी आराम करने का समय नहीं है। अभी साहस और सहनशीलता का समय है। - विन्सटन चर्चिल
      6. अमीर बनाने का मतलब है पैसा होना, बोहत अमीर बनने का मतलब समय होना। – मार्गरेट बोनानो
      7. अमीर लोग समय में निवेश करते हैं, गरीब लोग धन में निवेश करते हैं। – वॉरेन बफ़ेट
      8. आधुनिक युग की सबसे महत्वपूर्ण मशीन, रेल का इंजन नहीं, बल्कि घड़ी है। – लुईस ममफोर्ड
      9. आप विलम्ब कर सकते हैं पर समय नहीं करेगा।-  Benjamin Franklin बेंजामिन फ्रैंकलिन
      10. जब आपके पास इसे सही से करने का समय नहीं है तो इसे ख़त्म करने का समय कब होगा? - जॉन वूडेन John Wooden
      11. जब तक आप अपना मूल्य नहीं समझेंगे तब तक आप अपने समय की महत्ता नहीं समझेंगे। जब तक आप अपने समय की महत्ता नहीं समझेंगे आप उसका कुछ नहीं करेंगे। - एम स्कोट पेक
      12. जब संदेह में हों, तो और समय लें।- जॉन जिमरमैन John Zimmerman
      13. जब हम अपनी पसंद का काम कर रहे होते हैं, तब समय की परवाह नहीं करते। कम से कम इस क्षण में तो समय का अस्तित्व नहीं रहता और हम सचमुच स्वतंत्र होते हैं। - मार्सिया वीदर
      14. जिसे जो काम जब करना चाहिए, उस समय उसी काम को करना समय का प्रबंधन है। - डॉ। विजय अग्रवाल
      15. जो लोग अपने समय का सबसे बुरा उपयोग करते हैं, वही सबसे पहले इसकी कमी का रोना रोते हैं। – जीन डे ला ब्रुयर
      16. जो लोग मौज-मस्ती के लिए समय नहीं निकाल पाते वो देर-सबेर बीमारी के लिए समय निकाल लेते हैं।- जॉन वानामैकर John Wanamaker
      17. जो सबसे ज्यादा जानते है, वह बर्बाद समय के लिए सबसे ज्यादा दुखी होते है। – दॉते
      18. टाइम मैनेजमेंट दरअसल बहुत से छोटे बिजनेस मालिकों के लिए समस्या होती है और इसका प्रमुख कारण यह है की उन्हें बहुत सारा काम ख़ुद करना पड़ता है – छोटे कामों से लेकर बड़े कामो तक सबकुछ। – नॉर्मन स्केरबरो
      19. दीवार को इस आशा से पीटने में अपना समय नष्ट मत करो कि वह दरवाजे में बदल जाएगा। - बाल्टसर ग्रेसियन
      20. पीछे मत देखो और भविष्य का सपना भी मत देखो। इससे न तो बीता हुआ वापस मिलेगा और न ही तुम्हारे सपने पूरे होंगे। तुम्हारा कर्तव्य, तुम्हारा पुरस्कार और तुम्हारा भाग्य वर्तमान क्षण में मौजूद है।  - डेग हैमरस्कोल्ड
      21. पैसा बर्वाद करने से बस आपके पास पैसा नहीं होगा , लेकिन समय बर्वाद करके आप ज़िन्दगी का एक हिस्सा खो देते हैं। - माइकल लीबोईफ Michael LeBoeuf
      22. प्रतिदिन कुछ न कुछ करो। यह तुम्हें धीरे-धीरे अच्छे भविष्य के निकट ले जाएगा। - डॉग फॉयरबॉघ
      23. बीता हुआ समय कभी वापस नहीं आता। - बेंजामिन फ्रैंकलिन Benjamin Franklin
      24. बीते समय के लिए मत रोइए , वो चला गया , और भविष्य की चिंता करना छोड़ो क्यूंकि वो अभी आया ही नहीं है , वर्तमान में जियो , इसे सुन्दर बनाओ। -  गौतम बुद्ध
      25. बुरी ख़बर यह है की समय उड़ता है, अच्छी खबर यह है की आप इसके पायलट हैं। – माइकल आल्थेसुलर
      26. भविष्य की चिंता में खुद को मत डुबोइए अभी जो पल मला है उससे जीइए। - फ्रेडरिक शीलर Friedrich Schiller
      27. भविष्य के बारे में सबसे अच्छी चीज ये है कि वो एक एक दिन कर के आता है। - अब्राहम लिंकन Abraham Lincoln
      28. मुझे घड़ी पर शाशन करना है, उससे शाषित नहीं होना। - गोल्डा मेएर Golda Meir
      29. मुझे ये लगता है  कि समय सभी चीजों को परिपक्व कर देता है; समय के साथ सभी चीजें उजागर हो जाती हैं; समय सत्य का प्रणेता है। - फ़्रन्किओस राबेलैस Francois Rabelais
      30. मेरा समय अब है।-   John Turner
      31. मेरे विचार से, अपने जीवन में कुछ शांत समय बीताना बहुत आवश्यक है। -  मरिएल हेमिंग्वे  Mariel Hemingway
      32. मैंने ज़िन्दगी के लिए कुछ समय निकाल लिया।-  James L. Brooks
      33. यदि आप एक समय दो कार्य कर रहे हैं तो इसका अर्थ है कि आप दोनों ही कार्य नहीं कर रहे हैं। - पब्लियस सायरस
      34. यदि तुम अपने अनुभव का उपयोग बुद्धीमानी के साथ करते हो, तो तुम्हारा कोई भी समय व्यर्थ नहीं जाता। - ऑगस्ट रोडिन
      35. यदि तुम अपने समय का भरपूर उपयोग करना चाहते हो, तब तुम्हें जानना होगा कि तुम्हारे लिए सबसे जरूरी क्या है। फिर तुम उसको अपना सबकुछ दे दो। - ली इयाकोका
      36. ये जानिये की जो समय आपको मिला है उसे कैसे जियें। - डारियो फ़ो Dario Fo
      37. लोग समय नष्ट करने की बात करते हैं, जबकि धीरे-धीरे समय उन्हें नष्ट करता रहता है। - डीओंन बौसीकाउल्ट Dion Boucicault
      38. वही व्यक्ति अपने जीवन का एक घंटा बर्बाद करने का दुःसाहस कर सकता है जिसने जीवन की कीमत नहीं जानी है। - चार्ल्स डार्विन
      39. वो जो अपना भविष्य आनंदमय बनाना चाहता है उसे अपना वर्तमान नहीं बर्वाद करना चाहिए। - रोजर बार्ब्सन
      40. व्यस्त रहना महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि चीटियाँ भी व्यस्त रहती हैं, महत्वपूर्ण यह है कि आप किस कार्य में व्यस्त हैं? - हेनरी डेविड
      41. सफलता और असफलता के बीच की सबसे बड़ी विभाजक रेखा को इन पाँच शब्दों में बताया जा सकता है कि 'मेरे पास समय नहीं है।' - फील्ड
      42. समय आपके जीवन का सिक्का है। आपके पास बस यही एक सिक्का है, और सिर्फ आप ही तय कर सकते हैं कि इसे कैसे खर्च करना है। सावधान रहिये नहीं तो आपके लिए और लोग इसे खर्च कर देंगे। - कार्ल सैंडबर्ग
      43. समय एक दिशा में बढ़ता है, यादें दूसरी। - विल्लियम गिब्सन William Gibson
      44. समय के उपयोग के बारे में समझदार बनो। जीवन में प्रश्न यह नहीं है कि हमारे पास समय कितना है? प्रश्न यह है कि हम इसका करते क्या हैं? -अन्ना रॉबर्टसन ब्राउन
      45. समय धन से अधिक मूल्यवान है। आप अधिक धन तो पा सकते है, लेकिन अधिक समय कभी नहीं पा सकते। – जिम रॉन
      46. समय धन है। - बेंजामिन फ्रैंकलिन Benjamin Franklin
      47. समय वो स्कूल है जिसमे हम सीखते हैं, समय वो आग है जिसमे हम जलते हैं। - डेलमोर स्वार्त्ज़ Delmore Schwartz
      48. समय वो है जिसे हम सबसे ज्यादा चाहते हैं, पर जिसे हम सबसे गलत तरीके से उपयोग करते हैं।-  विल्लियम पेन William Penn
      49. समय सबसे बुद्धिमान सलाहकार है। - पेरिक्लेस Pericles
      50. समय, जिसके दांत सब कुछ चबा जाते हैं, वो सत्य के सामने शक्तिहीन है। - थोमस हक्सले Thomas Huxley
      51. समय-प्रबंधन की कला को सीखने के बाद तुम इस सत्य को समझ सकोगे कि ज्यादातर लोग अपनी सालाना उपलब्धियों का बहुत अधिक अनुमान लगाते हैं और दस वर्षों की उपलब्धियों का कम अनुमान लगाते हैं। - एन्थोनी रॉबिन्स
      52. सामान्य आदमी समय को काटने के बारे में सोचता है, जबकि महान व्यक्ति सोचते हैं इसके उपयोग के बारे में। - फ्रेंक्लिन
      53. सेचने-विचारने में समय लगाओ। जैसे ही काम करने का समय आता है, सोचना बंद करके करने लगो। - आन्द्रे जैक्सन
      54. हम जितना ज्यादा करते हैं, उससे ज्यादा कर सकते हैं। हम जितने ज्यादा व्यस्त रहते हैं, इतने ही ज्यादा मस्त रहते हैं। - विलियम हेज़लिन
      55. हमारे पास केवल यही क्षण है, जो हमारे हाथ में तारे की तरह जगमगा रहा है और बर्फ की तरह पिघल रहा है। - मैरी बी रे
      56. हर समय की तरह ये समय भी अच्छा है, बशर्ते हम जानते हों की इसका क्या करें। – रेल्फ़ वाल्डो एमर्सन
       Hindi Quotes About Time ~ समय से जुडी हुयी कहावतें
      1. अक्सर एक औसत प्रतिभा का आदमी प्रतिभावान से आगे निकल जाता है, बशर्तें कि वह समय को समझ ले।
      2. अगर आप जीवन में कुछ हासिल करना चाहते हैं, कुछ बनना चाहते हैं, तो आपके लिए ये अनिवार्य है कि आप समय की कीमत को समझे।
      3. अगर आप नहीं तो फिर कोन ? अगर अभी नहीं तो फिर कब ? तो जो भी हो शुरु करो अब।
      4. अगर जिंदगी मैं बुरा वक्त ना आए तो हम अपनों में पराए और परायों में अपने कभी नहीं ढूंढ पाएंगे।
      5. अच्छा वक्त जरूर आता है मगर वक़्त पर ही आता है।
      6. अच्छा समय अच्छी यादें लाता है और बुरा समय अच्छी सीख। - बेनामी
      7. अजीब बात है दूसरे कि मदद करने का समय किसी के पास नहीं है पर दूसरे के काम में अडकले डालने का समय सबके पास है।
      8. अपने लक्ष्य को इतना महान बना दो की व्यर्थ के लिए समय ही न बचे।
      9. आप के पास अपने सपनों को हकीकत देने का समय केवल आज का ही है, कौन जाने कल आपके पास समय हो या न हो!
      10. आप बिलंब कर सकते हैं, पर समय नहीं करता।
      11. आप यह नही कह सकते कि आपके पास समय नहीं हैं क्योकि आपको भी उतना ही समय (  घंटे मिलता हैं जितना समय महान और सफल लोगो को मिलता हैं।
      12. आप ये कारण दे सकते है की आपके पास समय नहीं था। लेकिन सच बात तो ये है, की आप के पास उतना ही समय था। जितना की मदर टेरेसा, महात्मा गांधी, धीरुभाई अम्बानी, और सचिन तेंदुलकर के पास था।
      13. आपका जीवन जितना सरल होगा, जितना सादा होगा, आपके पास उतना ही अधिक समय होगा।
      14. आपके पास अपने सपनों को हकीकत देने का समय केवल आज का ही हैं कल कौन जाने आपके पास समय हो न हो।
      15. इंतजार मत करो , जितना तुम सोचते हो समय उससे कहीं ज्यादा तेजी से बीतता जा रहा है।- बेनामी
      16. इन्तजार मत करों, जितना तुम सोचते हो जिन्दगी उससे कहीं ज्यादा तेजी से निकल रहीं हैं।
      17. इस दुनिया में समय सबसे बलवान होता है।
      18. उन चीजों के बारे में सोचकर अपना समय बर्बाद न करें जिसे आप बदल नहीं सकते। आप उन चीजों के बारें में सोचिए जो आप कर सकते हैं जो आप बदल सकते हैं।
      19. एक अच्छा रवैया एक अच्छे दिन का निर्माण करता है, और एक अच्छा दिन एक अच्छे महीने का , और एक अच्छा महीना एक अच्छे साल का, और एक अच्छा साल एक अच्छे जीवन का निर्माण करता है। - बेनामी
      20. एक आम व्यक्ति के जीवन के सबसे दुखद शब्द है, की मै वो काम कर सकता था…
      21. एक मिनट में जिन्दगी नही बदलती, पर एक मिनट सोचकर लिया गया फ़ैसला पूरी जिन्दगी बदल देता हैं।
      22. एक वक्त था जब हम सोचते थे कि हमारा भी वक्त आएगा और एक ये वक्त है कि हम सोचते हैं कि वो भी क्या वक्त था।
      23. ऐसे बहुत कम लोग होते हैं, जो बुरे वक्त में भी आपसे सम्पर्क नहीं तोड़ते हैं।
      24. कठिन समय में समझदार व्यक्ति रास्ता खोजता हैं और कायर व्यक्ति बहाना।
      25. कभी मत कहो कि तुम्हारे पास र्प्याप्त समय नहीं है। तुम्हारे पास भी हर दिन में बिल्कुल उतने ही घण्टे हैं, जितने कि हेलन केलर, पास्चर, माइकल एंजेलो, मदर टेरेसा, लियोनार्दो दा वींसी, थॉमस जेफर्सन और अल्बर्ट आइंस्टीन को दिए गए थे। - एच। जेक्सन ब्राउन
      26. कल का अर्थ है वह समय जो काल के हाथ में है। बीता हुआ कल हाथ से निकल चुका है, वर्तमान बीतता जा रहा है और आने वाले कल को किसने देखा है। कल के चक्कर में वर्तमान को बर्बाद करने वाले लोग बर्बाद हो जाते हैं।वर्तमान बर्बाद → सबकुछ बर्बाद
      27. कल क्या होगा ये किसी नहीं पता – जिंदगी एक सफर है , जिसमें किसी भी चीज़ की कोई गारंटी नहीं है। - बेनामी
      28. कहते हैं कि बुरा वक्त सबका आता हैं, कोई निखर जाता हैं तो कोई बिखर जाता हैं।
      29. कहते हैं कि वक्त सारे घाव भर देता हैं पर सच तो यहीं है कि हम दर्द के साथ जीना सीख जाते हैं।
      30. कितना भी पकड़ लो फिसलता जरूर हैं, ये वक्त हैं साहब बदलता जरूर हैं।
      31. कुछ करना ही समय को साधना है।
      32. कुछ ख़ास रिश्ते कुछ ख़ास समय में परखे जाते हैं – औलाद – बुढ़ापे में, पत्नी – गरीबी में, दोस्त – मुसीबत में, रिश्तेदार – जरूरत में…
      33. कैलेण्डर से मूर्ख मत बनो। कैलेण्डर में उतने ही दिन होते हैं, जितने का तुम उपयोग कर पाते हो। एक आदमी साल भर में से केवल एक सप्ताह हासिल कर पाता है, जबकि दूसरा एक सप्ताह में साल भर पा लेता है। - चार्ल्स रिचर्ड्स
      34. 'कैसे' के बारे में सोचने वाला व्यक्ति प्रभावशाली तरीके से समस्याओं को सुलझा लेता है, क्योंकि वह व्यर्थ के 'यदि' में समय नष्ट नहीं करता। - नार्मन विन्सेन्ट पील
      35. कोई इतना अमीर नहीं, कि अपना पुराना वक्त खरीद सके कोई इतना गरीब नहीं की अपना आने वाला वक्त ना बदल सके।
      36. कोशिश बंद → असफलता
      37. क्योंकि वक्त हमें मुफ्त में मिल जाता है, इसलिए हम इसका महत्व नहीं समझते हैं। अगर इसके लिए हमें कीमत चुकानी पड़तीं, तो हम इसका बिल्कुल भी अपमान नहीं करते।
      38. गुजरे हुए कल पर अफ़सोस करने वालों का वर्तमान भी गुजर जाता है। और अक्सर लोगों को इस बात का एहसास कभी नहीं होता है।
      39. जब आप गुजरे समय पर अफ़सोस कर रहे होते हैं, उस वक्त भी समय गुजर रहा होता हैं।
      40. जब आप गुजरे समय पर अफसोस कर रहे होते हैं, उस समय भी समय गुजर रहा होता है!
      41. जब आपका वक्त अच्छा चल रहा हो, तो खुद को घमंड का शिकार होने से बचाइए।
      42. जब आपके पास किसी काम को सही से करने का समय नहीं है तो इसे खत्म करने का समय कब होगा।
      43. जवानी सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, लेकिन इसी समय ज्यादातर लोग बड़ी-बड़ी गलतियाँ करते हैं।
      44. जिंदगी बदलने का मौका बार-बार नहीं मिलता है।
      45. जिन चीजों को मनुष्य ख़र्च करता है, उनमें समय सबसे मूल्यवान है।
      46. जिन्दगी में अगर बुरा वक्त नहीं आता तो अपनों में छुपे हुए गैर और गैरों में छुपे हुए अपने कभी नजर नहीं आते।
      47. जिस तरह आप पैसो का नियोजन कारते है, उसी तरह समय का भी कीजिये।
      48. जिसने वक्त बर्बाद किया होता है, वह बाद में अपनी गलती पर पछताता है। लेकिन तब वह कुछ भी करने में सक्षम नहीं होता है।
      49. जो लोग समय का सम्मान नहीं करते, तो समय भी उनका सम्मान नहीं करता और नष्ट कर देता है!
      50. ज्यादातर लोग प्रतिभा और साधन होने के बावजूद केवल इसलिए असफल हो जाते हैं, क्योंकि वो मंजिल से थोड़ी दूर पहले कोशिश करना बंद कर देते हैं।
      51. तुम्हारा पास समय बहुत कम है ,किसी दूसरे का जीवन जीने में इसे बर्बाद न करें। - बेनामी
      52. तुम्हें देर हो सकती है, लेकिन समय को नहीं। - बेंजामिन फ्रेंकलिन
      53. दुनिया में जितनी भी चीजें हैं, उन सभी में समय समाया हुआ है।
      54. दुनिया में सबसे बहुमूल्य चीज सिर्फ़ और सिर्फ़ वर्तमान समय हैं, क्योकि इसे एक बार खोकर हम दुबारा हासिल नहीं कर सकते।
      55. दूसरों की अपेक्षा आपको सफलता यदि देर से मिले निराश नहीं होना चाहिए यह सोचिए की मकान बनाने से ज्यादा समय महल बनाने में लगता है।
      56. ना मोहब्बत ना दोस्ती के लिए, वक्त रुकता नहीं किसी के लिए।
      57. परिवर्तन से डरना और संघर्ष से कतराना मनुष्य की सबसे बड़ी कायरता हैं, जीवन का सबसे बड़ा गुरू वक्त होता हैं, क्योकि जो वक्त सिखाता है वो कोई नहीं सिखा सकता हैं।
      58. प्यार की गहराई की सीमा तब पता चलती हैं जब बिछुड़ने का समय होता है।
      59. प्रकृति के सब काम धीरे-धीरे होते है।- बेनामी
      60. बुरा समय आपके जीवन के उन सत्यों से सामना करवाता है, जिनकी आपने अच्छे समय में कभी कल्पना भी नही की होती है!
      61. बुरी खबर है कि समय उड़ रहा है, लेकिन अच्छी खबर यह है कि तुम इसके पायलट हो।
      62. बुरे वक्त में भी एक अच्छाई होती है जैसे ये आता है फालतू के दोस्त विदा हो जाते हैं।
      63. मां! तुम्हारे आंचल में वक्त भी ठहर जाता है।
      64. मिली थी जिंदगी किसी के काम आने के लिए, पर वक्त बीत रहा है कागज के टुकडे कमाने के लिए।
      65. मुर्ख इन्सान जो काम अंत में करता है, बुद्धिवान इन्सान उसी काम को तुरंत करता है, दोनों भी एकही काम करते है, फर्क तो बस समय का होता है।
      66. यदि आप समय का महत्व नहीं जानते तो आपका जन्म कुछ बड़ा करने के लिए नहीं हुआ।
      67. वक्त का पता नहीं चलता है अपनों के साथ पर अपनों का पता चल जाता है वक्त के साथ।
      68. वक्त जैसा भी हो अच्छा या बुरा बदलता जरूर हैं इसलिए अच्छे वक्त में कुछ ऐसा गलत मत करो कि बुरे वक्त में लोग आपका साथ छोड़ दें।
      69. वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं वक्त वक्त पे रिश्तो के अंदाज बदल जाते हैं।
      70. वक्त भी सिखाता है और टीचर भी, पर दोनों में फर्क सिर्फ इतना है की टीचर सीखा कर इम्तिहान लेता है और वक्त इम्तिहान लेकर सिखाता है।
      71. वक्त से लड़कर जो अपनी तकदीर बदल दे, इंसान वही जो हाथों की लकीर बदल दे, कल क्या होगा कभी ना सोचा, क्या पता कल खुद अपनी तस्वीर बदल दे।
      72. वक्त, दोस्त और रिश्ते ये वो चीजें हैं जो हमें मुफ़्त मिलती हैं मगर इनकी कीमत का तब पता चलता है जब ये कहीं खो जाती हैं।
      73. व्यक्ति समय के महत्व को पूरी तरह तब समझता है, जब इसके लिए बहुत कम समय बचा रहता है। सभी लोगों के जीवन की सबसे बड़ी सम्पित्ति उसके उत्पादक जीवन के खत्म न होने वाले वर्ष होते हैं।
      74. व्यस्त होना ही काफ़ी नहीं है, व्यस्त तो चीटिया भी होती हैं, सवाल यह है की आप किस काम में व्यस्त हैं।
      75. शास्त्रों का ज्ञान असीमित है और सीखने के विषय बहुत सारे है, हमारे पास सीमित समय है और सीखने की राह में कई बाधाऍ है, इसलिए सीखने के लिए सबसे महत्वपूर्ण चीज ही चुनें, जिस तरह हंस दूध में मिले पानी को छोड़ देता हैं और सिर्फ दूध पिता है। – चाणक्य
      76. संबंधों को निभाने के लिए समय निकालिये वरना जब आपके पास समय होगा, तब तक शायद संबंध ही ना बचे।
      77. समय अच्छा हो तो आपकी गलती भी मजाक लगती हैं, और समय ख़राब हो तो मज़ाक भी गलती बन जाती हैं।
      78. समय अनमोल है, क्योंकि समय ही जीवन में एकमात्र ऐसी चीज है, जो सीमित है।
      79. समय उन लोगों को मूल्यहीन बना देता है, जो समय की इज्जत नहीं करते हैं।
      80. समय एक दिशा में बढ़ता है।
      81. समय और ज्वार किसी का इंतजार नहीं करते।
      82. समय का मतलब होता है, वर्तमान। भूतकाल और भविष्य तो केवल मृगमरीचिका होती है।
      83. समय का वही टुकड़ा आपका अपना होता है, जिसका आप उपयोग करते हैं।
      84. समय किसी की प्रतीक्षा नही करता। - बेनामी
      85. समय की कीमत समाचार पत्र से पूछो जो सुबह चाय के साथ कीमती होता है लेकिन रात को रद्दी हो जाता है।
      86. समय के साथ चलना सीखिए।
      87. समय के साथ चलने वाले लोग हीं बड़ी सफलता सफलता पाते हैं, क्योंकि जो भी समय के साथ नहीं चलता है…।। समय उसे पुराना और जर्जर बना देता है।
      88. समय के साथ चलो, सफ़लता तुम्हारे पीछे आएगी।
      89. समय के साथ जिंदगी के नए चरण पर चले जाना चाहिए , एक ही चीज़ पर अटके नहीं रहना चाहिए , मतलब सदा गतिमान रहो।
      90. समय दिखाई नहीं देता पर बहुत कुछ दिखा देता हैं।
      91. समय दिखाई नहीं देता, पर बहुत कुछ दिखा जाता है!
      92. समय दुनिया का सबसे बड़ा धन है
      93. समय महान चिकित्सक है। - बेनामी
      94. समय वह है जिससे हम सबसे ज्यादा चाहते हैं और जिसे हम सबसे गलत तरीके से उपयोग करते हैं।
      95. समय सत्य के सामने शक्ति हीन है।
      96. समय सभी घाबो को भर देता है समय से बलवान कुछ नहीं है।
      97. समय हीं जीवन है, जिसके पास समय नहीं बचा हुआ है…। उसके पास जिंदगी भी नहीं है।
      98. समय-प्रबंधन का सही अर्थ केवल यह है कि 'जब भी करो, जो कुछ भी करो, तो ऐसे करो कि केवल वही हो।'
      99. हम सभी समय का महत्व जानते हैं, लेकिन शायद हीं कोई व्यक्ति ऐसा होता है…।। जो हर दिन अपना  घंटा समय भी न बर्बाद करता हो।
      100. हमारी सोच, हमारे रहने का रंग-ढंग तथा काम को करने के हमारे तरीके आदि कुछ ऐसी बातें हैं, जो समय के विशाल बाँध में छोटे-छोटे असंख्य अदृश्य छिद्रों का निर्माण कर देते हैं। 
      समय का महत्व Samay Ka Mahatva
      समय पर अनमोल विचार Time Quotes 


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      सूरदास का जीवन परिचय Surdas Biography in Hindi



      हिन्दी साहित्य के इतिहास में मध्यकाल की अपनी अलग महत्व और पहचान है। मध्यकाल को दो भागों में बांटा गया है भक्ति काल और रीति काल। भक्ति काल का संवत् 1375 से संवत् 1700 तक माना जाता है और इसे हिन्दी साहित्य का स्वर्ण युग कहा जाता है। इसको भी दो भागों में विभाजित किया गया हैं -
      1. सगुण भक्ति धारा 
      2. निगुर्ण भक्ति धारा।
      सगुण भक्ति धारा के अंतर्गत राम भक्तिषाखा है, जिसके प्रतिनिधी हिन्दी के महान् कवि गोस्वामी तुलसीदास है, जिन्होंने रामचरितमानस और अनेक ग्रंथ रचे थे। दूसरी धारा कृष्ण भक्ति की है जिसके प्रतिनिधी कवि सूरदास है। कृष्ण के जीवन को आधार बनाकर गीति तत्वों से युक्त, उदात्त भावों से युक्त रचे गये काव्य जिसमें भक्ति भावना भी कूट-कूट कर भरी है। कृष्ण का जीवन जीवन की यथार्थ भूमि से जुड़ा है और उसमें जीवन की तमाम विसंगतियाँ और अंतर्विरोध भी दिखाई देते हैं। अतः उनका जीवन मानव को अपने जीवन के निकट दिखाई देता है। सूरदास ने इसी निकटता को अपने काव्य में स्थान दिया है।

      सूरदासजी के संबंध में कोई विषेष जानकारी नहीं मिलती है। सूरदास कब पैदा हुए? इसका स्पष्ट उल्लेख किसी भी ग्रंथ में नहीं है। सूरसारावली और साहित्य लहरी के एक एक पद के आधार पर विद्वानों ने सूर की जन्मतिथि निश्चित करने का प्रयत्न किया है। ’’सूरसारावली’ का पद है - गुरू परसाद होत यह दरसन सरसठ बरस प्रवीन। शिवविधान तप कियो बहुत दिन तऊ पार नहिं लीन।।’’ इस पद के आधार पर समस्त विद्वान सूर सारावली की रचना के समय सूरदास की आयु 67 वर्ष निश्चित करते हैं।

      साहित्य लहरी के पद- मुनि मुनि रसन के रस लेख। श्री मुंशीराम शर्मा इस पद के आधार पर साहित्य लहरी का रचनाकाल संवत् 1627 मानते है। सूर सारावली के समय उनकी आयु 67 वर्ष मानी जाये तो सूर का जन्म विक्रम संवत् 1540 के आस पास माना जाना चाहिए। मिश्र बंधुओं ने ही सबसे पहले इस तिथि की ओर ध्यान दिलाया था। बाह्य साक्ष्य की दृष्टि से विचार किया जाये तो सूरदास का जन्म संवत् 1535 के आसपास माना जा सकता है। पुष्टि संप्रदाय की मान्यता के अनुसार सूरदास वल्लभाचार्य से आयु में 10 दिन छोटे थे। इसका सर्वाधिक प्राचीन प्रमाण निजवार्ता है। श्री वल्लभाचार्य जी की जन्म तिथि संवत् 1535 वैशाख कृष्ण 15 रविवार है। इस आधार पर सूर की जनमतिथि संवत् 1535 वैशाख शुक्ल 5 को ठहरती है। इन तथ्यो के आधार पर सूरदास की जन्म तिथि संवत् 1535 मानी जा सकती है। सूरदास की मृत्यु के संबंध में आचार्य रामचंद्र शुक्ल का मानना है कि संवत् 1620 उनके स्वर्गवास की तिथि हो सकती है। श्री मुंशीराम शर्मा एवं द्वारिकाप्रसाद मिश्र के विभिन्न तर्को, सूर और अकबर की भेंट की तिथि आदि के आधार पर सूर का संवत् 1628 तक जीवित रहना सिद्ध होता है। इस आधार पर कछु विद्वान उनकी मृत्यु संवत् 1640 में गोवर्धन के निकट पारसोली ग्राम में मानते है। कुछ विद्वान सूरदास का जन्म मथुरा और आगरा के बीच स्थित रूनकता नामक ग्राम को मानते है। पर अधिकांश विद्वान चौरासी वैष्णव के वार्ता जो सर्वाधिक प्रामाणिक ग्रंथ है, के आधार पर दिलली के पास स्थित सीही नामक ग्राम को मानते हैं। सूरदास जनमान्ध थे अथवा बाद में अन्धे हुए , इस विषय में भी विद्वानों में मतभेद है। वार्ता साहित्य में सूरदास को कवेल जन्म से अन्धे ही नही अपितु आँखों में गड्डे तक नही वाला बताया है। इसके अतिरिक्त सूरदास के समकालीन कवि श्रीनाथ भट्ट ने संस्कृत मणिबाला ग्रंथ में सूर को जनमान्ध कहा है - जन्मान्धों सूरदासों भूत। इनके अतिरिक्त हरिराय एवं प्राणनाथ कवि ने भी सूर को जन्मान्ध बताया है।
      वल्लभाचार्य ने सूर को पुष्टि मार्ग में दीक्षित किया और कृष्णलीला से अवगत कराया। उनके पदों का संकलन सूर सागर के नाम से जाना जाता है। वल्लभाचार्य के निधन के पश्चात् गोस्वामी विट्ठल नाथ पुष्टि संप्रदाय के प्रधान आचार्य बने। संप्रदाय के सर्वश्रेष्ठ कवियों को लेकर उन्होंने संवत् 1602 में अष्टछाप की स्थापना की । इन आठ भक्त कवियों में सूरदास का स्थान ही सबसे उँचा था। अष्टछाप में चार आचार्य वल्लभाचार्य के और चार विट्ठलनाथ जी के शिष्य थे। इनके नाम है- 1. सूरदास 2. कुम्भनदास 3. कृष्णदास 4. परमानंद दास 5. गोविन्द स्वामी 6. नंददास 7. छीतस्वामी 8. चतुभुर्जदास ।


      सूरदास की रचनाएं
      सूरदास द्वारा लिखित निम्न कृतियाँ मानी जाती हैं - 1. सूर सारावली 2. साहित्य लहरी 3. सूर सागर 4. भागवत भाषा 5. दशमस्कन्ध भाषा 6. सूरसागर सार 7. सूर रामायण 8. मान लीला 9. नाग लीला 10. दान लीला 11. भंवर लीला 12. सूर दशक 13. सूर साठी 14. सूर पच्चीसी 15. सेवाफल 16. ब्याहलो 17. प्राणप्यारी 18. दृष्टि कूट के पद 19. सूर के विनय आदि के पद 20. नल दमयंती 21. हरिवंश टीका 22. राम जन्म 23. एकादशी महात्म्य। कुछ आधुनिक आलोचकों ने सूरदास के तीन ग्रंथ ही प्रामाणिक माने हैं। ये तीन प्रसिद्ध हैं - 1. सूर सारावली 2. साहित्य लहरी 3. सूरसागर।

      सूर सारावली - सूर सारावली नाम से ऐसा लगता है मानो यह सूर सागर की भूमिका, सारांश या अन्य कुछ है। ग्रंथ के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि यह रचना ऐसी न होकर वल्लभाचार्य के दार्शनिक एवं धार्मिक सिद्धातों का लौकिक रूप है, जो एक वृहत् होली गान के रूप में प्रकट किया गया है। सूर सारावली में विषय की दिष्ट से कृष्ण के कुरूक्षेत्र से लौटने के बाद के समय से जुडे संयोग लीला, वसंत हिंडोला और होली आदि प्रसंग अभिव्यक्त हुए है।
      साहित्य लहरी - साहित्य लहरी सूरदास की दूसरी प्रमुख रचना है। इसमें कुल 118 पद हैं। साहित्य लहरी का विषय सूर सागर से कछु भिन्न एवं तारतम्यविहीन दिखाई देता है। इसके पदों में रस, अलंकार, निरूपण एवं नायिका भेद तो है ही, साथ ही कुछ पदों में कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन भी है। साहित्य लहरी में अनेक पद दृष्टिकूट पद है, जिनमें गुह्य बातों का दृष्टिकूटों के रूप में वर्णन किया गया है। कृष्ण की बाल लीलाओं के साथ ही नायिकाओं के अनेक भेद के साथ राधा का वर्णन भी है तो अनेक प्रकार के अलंकारों जैसे -दृष्टांत , परिकर, निदर्शना, विनोक्ति, समासोक्ति , व्यतिरेक का भी उल्लेख है।
      सूरसागर -
      सूरदास की काव्य यात्रा का यह सर्वोत्कृष्ट दिग्दर्षन है। ऐसा माना जाता है कि इसमें सवा लाख पद थे, किन्तु वर्तमान में प्राप्त और प्रकाशित सूरसागर में लगभग चार से पाँच हजार पद संकलित है। सूरसागर की रचना का मलू आधार श्रीमद्भागवत है। इसमें सूरदास ने श्रीमद्भागवत् का उतना ही आधार ग्रहण किया है, जितना कि कृष्ण की ब्रज लीलाओं की रूपरेखाओं के निर्माण के लिए आवश्यक था। सूरसागर प्रबंध काव्य नहीं है। यह तो प्रसंगानुसार कृष्ण लीला से संबंधित उनके प्रेममय स्वरूप को साकार करने वाले पदों का संग्रह मात्र है। सूरसागर की कथा वस्तु बारह स्कन्धों में विभक्त है। इनमें दशम् स्कन्ध में ही कृष्ण की लीलाओं का अत्यंत विस्तार से वर्णन है। सूरसागर में आये पदों को विषय के अनुसार निम्नांकित वर्गों में रखा जा सकता है-
      1. कृष्ण की बाल लीलाओं से संबंधित पद
      2. कृष्ण कीद प्रेम और मान लीलाओं से संबंधित पद
      3. दान लीला के पद
      4. मान लीला के पद और भ्रमर गीत
      5. विनय, वैराग्य, सत्संग एवं गुरू महिमा से संबंधित पद
      6. श्रीमद्भागवत के अनुसार रखे गये पद
      भ्रमरगीत काव्य परम्परा एवं सरूदास
      भ्रमरगीत का शाब्दिक अर्थ है- भ्रमर का गान अथवा गुंजन। भ्रमरगीत काव्य परम्परा का मूल एवं आधारभूत ग्रंथ श्रीमद्भागवत है। भागवत में कृष्ण कथा के अन्य प्रसंगों के साथ सेंतालीसवें अध्याय में भ्रमरगीत का प्रसंग आया है। इसमें भ्रमरगीत का प्रारम्भ श्रीकृष्ण के गोकुल लीला के स्मरण से होता है। उन्हें बचपन के ग्वाल’- बाल सखाओं की याद आती है, साथ ही गोपिकाओं की भी। वे अपने मित्र उद्धव को गोपियों को सांत्वना देने के लिये ब्रज भेजते है। ब्रज पहुँचते ही उद्धव नंद- यशोदा से मिलते हैं और अपने उद्गारों से कृष्ण के ब्रह्म स्वरूप का प्रतिपादन करते हैं। श्रीकृष्ण के इसी स्वरूप की प्राप्ति के लिये वे ज्ञान का उपदेश नंद-यशोदा को देते हैं। बाद में गोंपियां उन्हें एकांत में ले जाती है। इसी वक्त एक भ्रमर उडता हुआ वहाँ आ जाता है। गोपियाँ भ्रमर के बहाने श्रीकृष्ण के प्रति उलाहनै, उपालम्भ आरम्भ कर देती है। इस प्रकार गोपियों का भ्रमर को लक्ष्य करके उपालम्भ करना ही भ्रमर गीत के नाम से पुकार जाता है। गोपियों ने भ्रमर को लक्ष्य करके उद्धव और श्रीकृष्ण दोनों को उल्हाने दिये, अथवा व्यंग्य किया और अनेक तरह से फटकार लगाई। इस बात के आधार बनाते हुए कहा जा सकता है कि भ्रमरगीत का तात्पर्य भ्रमर को इंगित करके गाया जाने वाला गीत भी है।
      सूर का भ्रमर गीत - सूरदास ने श्रीकृष्ण की अन्यान्य लीलाओं की भांति भ्रमरगीत का प्रसंग भी श्रीमद्भागवत से लिया है। हिन्दी में सर्वप्रथम सूर ने ही भ्रमरगीत की रचना की और इन्हीं के कारण भ्रमरगीत की लोकप्रियता भी बहुत अधिक हुई ।
      सूरदास के आधार पर कहा जा सकता है कि भ्रमरगीत लिखने के पीछे मुख्य उद्देश्य निर्गुण पर सगुण की विजय एवं ज्ञान पर भक्ति की विजय को प्रमाणित करना था। चूंकि सूरदास के समय में ज्ञान और भक्ति में श्रेष्ठता को लेकर विवाद था। शायद यही कारण है कि उन्होंने इसमें निर्गुण का तर्क और भाव से खण्डन करते हुए सगुण का मंडन किया है। ज्ञान के समक्ष भक्ति की श्रेष्ठता प्रतिपादित की है। सूर का भ्रमर गीत वाग्वैदग्धता, वचनवक्रता और उपालम्भ का काव्य है।
      सूर के भ्रमरगीत की विशेषताएं
      आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने भ्रमरगीत को सूरसागर का सार कहा है- ’’भ्रमरगीत सूरसागर के भीतर का एक सार रत्न है।’’
      काव्य को दो तरह से समीक्षित किया जा सकता है - काव्य का अनुभूति पक्ष और उसका अभिव्यक्ति पक्ष। प्रथम का सम्बन्ध वर्णित विषय से है यानी क्या कहा गया है, इसका उत्तर देना अनुभूति पक्ष है। दूसरे का संबंध कैसे कहा गया से है अर्थात् इस अनुभूति की अभिव्यक्ति कितनी कलात्मक तरीके से की गई है, इसका विवेचन अभिव्यक्ति पक्ष है। समीक्षा के बिन्दु निम्नलिखित है- वर्ण्य विषय, मर्मस्पर्शी स्थल, कल्पना सौन्दर्य, प्राकृतिक सुषमा, रसाभिव्यक्ति, भाषा और काव्यरूप, अलंकार योजना, बिम्बयोजना, लक्षण शक्ति।
      सूर के भ्रमरगीत की विषय वस्तु - ब्रजभूमि में विहार करतै, लीला दिखाते श्रीकृष्ण कंस के निमंत्रण पर अक्रुर जी के साथ मथुरा चले जाते हैं। वहाँ से वापस आने की कोई संभावना न पाकर गोपियाँ उनके लिए संदेष भेजती हैं। पथिक संदेशों के डर से मथुरा जाने वाले रास्ते पर जाने से भी घबराने लगते हैं, क्योंकि संदेशों की संख्या बेहिसाब बढ चली थी। इस पद में संदेष भेजने की विवषता और विसंगति को देखा जा सकता है -
      ’’ संदेसनि मधुबन कूप भरे।
      अपने तौ पठवत नहिं मोहन , हमरे फिरि न फिरे।
      जिते पथिक पठाए मधुबन कौ बहुरि न सोध करे।
      कै वै स्याम सिखाइ प्रमोधै, कै कहुं बीच मरे।
      कागद गरे मेघ,मसि खूटी, सर दव लागि जरे।
      सेवक सूर लिखन कौ आंधौ, पलक कपाट अरे।’’
      कृष्ण चाहकर भी गोपियों के प्रति अपने अनुराग को विस्मृत कर सकते थे। इसी चिन्ता में उद्धव नामक एक ब्रह्म ज्ञानी महापुरूष को कृष्ण ने गोपियों के प्रति अपने मन की व्यथा बताई, तो उन्होने कृष्ण से कहा कि यदि आप कहें तो मैं ब्रज जाकर उन सबकों समझा दूं कि वे आपके लिये दुःखी न हों, निर्गुंण निराकार ब्रह्म का ध्यान आरंभ करें। कृष्ण इसकी अनुमति दे देते हैं और इस संदर्भ में सूरदास ने इस सम्पूर्ण प्रसंग को एक अत्यंत अनूठे काव्य का रूप दिया है। जिसमें आदि से अंत तक व्यथा- कथा कही गई है। इस कथा के दो भाग हैं। एक तो उद्धव के संदेश देने जाने से पहले की वियोग कथा, जिसमें विरह दशा के प्रायः सभी वर्णन हैं और दूसरा उद्धव तथा गोपियों का वार्तालाप, जिसमें प्रेम की अनन्यता प तन्मयता सर्वत्र ध्वनित हुई है और इसी में निर्गुण का खण्डन व सगुण का मंडन उभरा है।
      ’’ काहे को रोकत मारग सूधो?
      सुनहु मधुप निर्गुण कटक तें राजपंथ क्यौं रूधौ?
      कै तुम सिखै पठाए कुब्जा, कै कही स्यामधन जू धौ।।’’
      वाग्वैदधता- वाग्वैदग्धता का अर्थ है वाणी का चार्तुय अर्थात् एक बात जो सीधे ढंग से कहने पर उतना प्रभाव नहीं दिखती है वही बात यदि किसी वाक्चातुर्य से अलग ढंग से व्यक्त की जाये तो बहुत अधिक प्रभावशाली हो जाती है। सूर ने अनपढ़ गोपियों के माध्यम से वाणी की जिस प्रदग्धता का प्रयोग किया है वह अच्छे-अच्उे पढ़े लिख लोगों को भी पानी पिलाने वाला है। वे कहती कुछ हैं और उसका अर्थ कुछ और ही होता है। यह कुछ और अर्थ पाठक तक भी संप्रेषित होता है और वह वाह! वाह! क्र उठता है।
      यहाँ देखिए गोपियां श्रीकृष्णर के पिछले कार्यों का वर्णन करना चाहती हैं, क्योंकि उन्हें स्मरण करने में अच्छा लगता है, परन्तु सूरदास ने उनकी स्मृति को दूसरे ही रूप में व्यक्त किया है। वे कहते हैं कि कृष्ण ब्रज में इसलिये नहीं आ रहे कि वहाँ पर मुझसे गोपियाँ बहुत सारे काम करायेंगी। दरअसल वे कह कुछ रही हैं परन्तु उनका मन्तव्य कुछ और है, यह सूर की वागवैदग्धता के कारण ही संभव हो सका है, देखिए है-
      यदि डर बहुनि गोकुल आए।
      सुनी री सखी! हमारी करनी समुझि मधुपुरी छाए।
      अधरातिक तै उठि बाल बस मोहि जगैहैं आये।
      बिनु पद त्रान बहुरि पठवैंगी बनहि चरावन गाय।।
      सूनो भवन आनि रोकेंगी चोरत दधि नवनीत।
      पकरि जसोदा पै ले जैहैं, नाचत मावत गीत।।
      ग्वालिनी मोहि बहुरि बाँधेगी केते वचन लगाय।
      ऐते दुःखन सुमरि सूर मन, बहुरि सकै को जाये।।
      और देखिए जब गोपियां अपने विरह की अभिव्यक्ति करती है तो सीधे यह न कहकर कि हमारा वियोग बढ़ रहा है या हमें कामदेव सता रहा है, वे इस तरह की बातें करती हैं मानो कुछ और ही वर्णन कर रही हैं। ऐसा कहना है कि यह ब्रजभूमि इन्द्र पर से कामदेव ने जागीर के रूप में ले ली है। इस बहाने से भी वर्णन हुआ है। वह कवि की वचन-चातुरी को समझने में पर्याप्त सहायक है-
      कोई सखि नई चाह सुनि आई।
      यह ब्रजभूमि सकल सुरपति पै मदन मिलिक कर पाई।
      धन धावन बग पांति पटो सिर बैरख तड़ित सुहाई।
      बोलिक पिक चातक ऊँचे सुर, मनो मिलि देत दुहाई।
      निर्गुण पर सगुण की विजय- सूरदास ने अपने भ्रमरगीत में निर्गुण ब्रह्य के स्थान पर सगुण की प्रतिष्ठा करने का प्रयास किया है। गोपियों और उद्धव के बीच का सारा संवाद प्रेम की प्रतिष्ठा के बहाने सगुण की प्रतिष्ठा का प्रयत्न करना ही रहा है। उद्धव निर्गुण ब्रह्य की उपासना की बात कहना चाहते हैं, परन्तु गोपियों उनकी बात को अपने तर्कों के सामने ठहरने नहीं देतीं हैं। जिस समय उद्धव मथुरा लौटकर वापस जाते हैं और श्रीकृष्ण को ब्रज के समाचार देते हैं उस समय के उनके वचनों द्वारा स्पष्ट रूप से निर्गुण ब्रम्हा के सामने सगुण की प्रतिष्ठा का आख्यान होता है।उद्धव कृष्ण से कहते हैं-
      कहिबे मैं न कछू सक राखी।
      बुधि विवेक अनुमान आपने मुख आई सो भाखी।।
      हौं पचि कहतो एक पहर में, वै छन माहिं अनेक।
      हारि मानि उठि चल्यो दीन हैं छाँड़ि आपनो टेक।।
      उद्धव के कथन में सर्वत्र ही अपने तर्कों की पराजय का स्वीकार है। इस तरह सूरदास ने अनेक स्थलों पर निर्गुण पर सगुण की विजय का वर्णन किया गया है। एक उदाहरण और भी देखा जा सकता है-
      मैं समुझाई अति अपनी सो।
      तदपि उन्हें परतीति न उपजी सबै लखो सपनो सो।
      कही तिहारी सबै कही मैं और कछू अपनी।
      श्रवन न बचन सुनत हैं उनके जो पट मह अकनी।।
      कोई कहै बात बनाइ र्पचासक उनकी बात जु एक।
      धन्य-धन्य सो नारी ब्रज की दिन दरसन इहि टेक।।
      प्रेममार्ग की उत्कृष्टता- सूरदास ने अपने भ्रमरगीत में ईष्वर की साधना के लिए प्रेममार्ग की महत्ता प्रदर्शित की है। वे गोपियों के माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि उन्हें तो एकमात्र कृष्ण के साथ बिताये हुए सुख के क्षणों की ही चाह है। उन्हें ऐसा ब्रम्हा नहीं चाहिये जो उनके साथ रस-क्रीड़ा न कर सके। वे उद्धव से कहती हैं-
      रहु रे, मधुकर, मधु मत वारे।
      कहा करौ, निर्गुन लै कै हौं जीवहु कान्ह हमारे।।
      सूरदास ने गोपियों के माध्यम से प्रेम की उत्कृष्टता की अभिव्यक्ति की है। वे कई प्राकृतिक परिवेष में रचे बसे प्रसंगों का उदाहरण देकर अपनी बात सिद्ध करतीं हैं, जैसे पतंग, चातक, चकोर, मौन, मृग आदि का प्रेम प्रसिद्ध हैं उसी तरह वे अपना कृष्ण के प्रति प्रेम भी मानती हैं। अब चाहे वे मरे या रहें जो व्यक्ति प्रेममार्ग में अग्रसर होता है वह मरने-जीने की चिंता नहीं करता है। इसका कथन अनेक उदाहरणों द्वारा करते हुए गोपियां उद्धव से कहती हैं-
      ऊधो-प्रीति न मरन विचारे।
      प्रीति पंतग जरै पावक परि जरत अंग नहिं टारै।।
      प्रीति परेवा उड़त गगन चहि गिरत न आप प्रहारै।।
      प्रीति जानू जैसे पय पानी जारि उपनपो जारै।।
      प्रीति कुरंग नाद रस लुब्धक तानि तानि सर मारै।
      प्रीति जान जननी सुत कारन को न अपनपो हारै।
      सूर स्याम सों प्रीति गोपिन की कहु कैसे निरुवरै।।
      सूर के काव्य में प्रेम की उत्कृष्टता को प्रतिष्ठित करने वाले बहुत से पद आये हैं। वे गोपियों के माध्यम से हर बार इसी बात पर बल दिया है कि प्रेम के मार्ग में ही अपना बलिदान, दुःख, त्याग और सहिष्णुता का भाव रहता है। प्रेम तो मन की बात है तभी तो- ’दाख छुहारा छाड़ि अमृत फल विषकीरा विष खात’ वाली बात भी ठीक लगती है। इस तरह के कथन गोपियों के वचनों में बार-बार देखने को मिलते हैं। सूरदास ने अनेक पदों द्वारा प्रेममार्ग की उत्कृष्टता का प्रतिपादन किया है। यहां पर बस एक उदाहरण और पठनीय है-
      ऊधो मन माने की बात।
      जरत पतंग दीप में जैसे और फिरि फिरि लपटात।।
      रहत चकोर पुहुमि पर मधुकर! ससि अकाश भरमात।
      ऐसो जतन धरो हरि जू पै छन इन उत नहिं जात।।
      दादुर रहत सदा जल भीतर कमलसिंह नहिं नियरात।
      काठ फोरि घर कियो मधुप पैं बंधे अम्बुज के पात।।
      वरषा बरसत निसदिन ऊधो : पुहुमि पूरि अघात।
      रवाति बूंद के काज पपीहा छन-छन रटत रहात।।
      सेनि न खात अमृत फल भोजन तोमरि को ललचात।
      सूरज कृस्न कूबरी रीझे गोपिन देख लजात।
      व्यंग- सूरदास के भ्रमरगीत में व्यंगशैली की प्रचुरता है। वे जहां दूसरे भावों की व्यंजना करते हैं वहाँ उनके द्वारा कुब्जा के प्रति किये गये व्यंग्य विशेष रूप में दृष्टव्य हैं। गेपियां कृष्ण के न आने से व्यथित हैं। उन्हें कुब्जा का एक ऐसा उदाहरण मिल जाता है कि वे उसी पर घटाकर अनेक बातें कहती हैं। सूरदास ने गोपियों के असूया भाव को व्यक्त करने का यह अच्छा अवसर निकाल लिया है। वे दासी, कुबड़ी आदि कहकर नाना भांति से श्रीकृष्ण की प्रेम-भावना पर व्यंग करती है। व्यंग के सम्बन्ध में सूरदास के भ्रमरगीत में व्यंग वचनों के द्वारा विभिन्न भावों की व्यंजना को प्रमुखता दी गयी है।
      उलाहने- व्यंग्य और उलाहने सूर दास के प्रमुख साधन हैं बात को नए ढंग से कहने के लिए। गोपियां भ्रमरगीत को देखकर श्रीकृष्ण को उसी के माध्यम से उलाहने देने लगती हैं। भ्रमर के माध्यम से, कहीं कुब्जा पर घटाकर, कहीं राजा बनने पर और कहीं अपने वंश का अधिक ध्यान रखने पर, इसी तरह की बातों पर गोपियों द्वारा उलाहने दिलाये गये हैं।


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