अखरोट के फायदे, उपयोग और नुकसान



अखरोट : सेहत का खजाना

ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए अत्यंत लाभदायक माने जाते हैं। संतुलित आहार के साथ यदि नियमित रूप से ड्राई फ्रूट्स का सेवन किया जाए, तो यह शरीर को आवश्यक पोषक तत्व प्रदान कर स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायक होता है। बादाम, किशमिश, खजूर और अखरोट जैसे मेवे न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि अनेक स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं।

अखरोट एक प्रकार का सूखा मेवा है, जिसका उपयोग भोजन के रूप में किया जाता है। इसका बाहरी आवरण अत्यंत कठोर होता है, जबकि अंदर की गिरी का आकार मानव मस्तिष्क से मिलता-जुलता दिखाई देता है। अखरोट के वृक्ष का वानस्पतिक नाम जग्लान्स निग्रा (Juglans nigra) है।

आधी मुट्ठी अखरोट में लगभग 392 कैलोरी ऊर्जा, 9 ग्राम प्रोटीन, 39 ग्राम वसा तथा 8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है। इसके अतिरिक्त इसमें विटामिन ई, विटामिन बी-6, कैल्शियम तथा अन्य महत्वपूर्ण खनिज पर्याप्त मात्रा में उपस्थित होते हैं।

प्रतिदिन एक मुट्ठी अथवा 4 से 5 अखरोट का सेवन हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक माना जाता है। यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। माना जाता है कि अखरोट का प्रभाव सेवन के कुछ घंटों के भीतर ही शरीर पर दिखाई देने लगता है।

अखरोट में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और आकर्षक बनाए रखने में सहायता करते हैं। इसके साथ ही यह आँखों और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने तथा शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में सहायक होते हैं।

मानव मस्तिष्क के समान दिखाई देने वाला यह फल वास्तव में मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक माना जाता है। इसमें उपस्थित ओमेगा-3 फैटी एसिड मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने, स्मरण शक्ति को बढ़ाने तथा तनाव को कम करने में सहायक होता है। नियमित रूप से अखरोट को अपने आहार में शामिल करके मस्तिष्क को स्वस्थ एवं सक्रिय बनाए रखा जा सकता है।

इस प्रकार अखरोट केवल एक स्वादिष्ट मेवा ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी प्राकृतिक आहार है।

अखरोट को अंग्रेजी में वॉलनट (Walnut), तेलुगू में अकरूट काया, मलयालम में अक्रोथंडी, कन्नड़ में अक्रोटा, तमिल में अकरोट्टू, मराठी में अकरोड़ तथा गुजराती में अक्रोट कहा जाता है। विभिन्न भाषाओं में अखरोट के जितने नाम हैं, उसके गुण और स्वास्थ्य लाभ भी उतने ही विविध एवं अद्भुत हैं। अपने उत्कृष्ट पोषण मूल्य और औषधीय गुणों के कारण अखरोट को दुनिया के सबसे लाभकारी सूखे मेवों में गिना जाता है।


रंग : अखरोट का रंग भूरा होता है।

स्वाद : इसका स्वाद फीका, मधुर, स्निग्ध (चिकना) एवं स्वादिष्ट होता है।

स्वरूप : पर्वतीय प्रदेशों में होने वाले पीलू को ही अखरोट कहते हैं। इसका एक नाम कर्पपाल भी है। इसके वृक्ष अफ़गानिस्तान में बहुतायत से पाए जाते हैं। इसके फूल सफेद रंग के, छोटे-छोटे एवं गुच्छेदार होते हैं। पत्ते गोल, लम्बे और कुछ मोटे होते हैं तथा फल गोल-गोल मैनफल के समान, परन्तु अत्यन्त कठोर छिलके वाले होते हैं। इसकी गिरी मीठी, बादाम के समान पुष्टिकारक एवं स्वादिष्ट होती है।

स्वभाव : अखरोट की प्रकृति गर्म एवं शुष्क होती है।

गुण : अखरोट अत्यन्त बलवर्धक है। यह हृदय को बल प्रदान करता है तथा हृदय और मस्तिष्क को पुष्ट कर उत्साहवर्धक प्रभाव उत्पन्न करता है। इसकी भुनी हुई गिरी सर्दी से उत्पन्न खाँसी में लाभदायक होती है। यह वात, पित्त, क्षय (टी.बी.), हृदय रोग, रक्तदोष तथा जलन को दूर करने में सहायक माना गया है।

अखरोट के फायदे

अखरोट न केवल स्वास्थ्य के लिए, बल्कि त्वचा और बालों के लिए भी अत्यन्त लाभकारी माना जाता है। इसके प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं—

अपस्मार

अखरोट की गिरी को निर्गुण्डी के रस में पीसकर अंजन एवं नस्य देने से लाभ होता है।

अर्श (बवासीर)

वादी बवासीर में अखरोट के तेल की पिचकारी गुदा में लगाने से सूजन कम होकर पीड़ा में राहत मिलती है।

आंतरिक सफाई

अखरोट पाचन तंत्र की सफाई में सहायक माना जाता है तथा अनेक हानिकारक जीवाणुओं को दूर करने में मदद करता है।

इंफ्लेमेटरी बीमारियाँ

अखरोट में फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। अतः अस्थमा, आर्थराइटिस एवं एक्जिमा जैसी सूजन संबंधी समस्याओं में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।

एंटी-एजिंग

अखरोट विटामिन-बी से भरपूर होता है, जो तनाव कम करने में सहायता करता है। तनाव कम होने से त्वचा पर झुर्रियाँ एवं बढ़ती आयु के लक्षण कम दिखाई देते हैं।

फेस पैक :
एक चम्मच अखरोट पाउडर, एक चम्मच ऑलिव ऑयल, दो चम्मच गुलाबजल एवं आधा चम्मच शहद मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे 15 मिनट चेहरे पर लगाकर रखें और फिर धो लें। सप्ताह में 2–3 बार प्रयोग किया जा सकता है।

कंठमाला

अखरोट के पत्तों का काढ़ा 40–60 मिलीलीटर मात्रा में पीने तथा उसी काढ़े से गांठों को धोने से लाभ मिलता है।

कब्ज एवं पाचन

अखरोट में फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है तथा कब्ज से बचाने में सहायता करता है।

कमजोरी

अखरोट की गिरी अत्यन्त पौष्टिक होती है। इसके नियमित सेवन से कमजोरी दूर होती है।

कैंसर

कुछ अध्ययनों के अनुसार, सीमित मात्रा में अखरोट का नियमित सेवन कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है।

खूनी बवासीर

अखरोट के छिलके की भस्म में गुरुच मिलाकर सेवन करने से रक्तस्रावी बवासीर में लाभ बताया गया है।

गंजापन

अखरोट का तेल बालों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और नियमित उपयोग से गंजेपन की समस्या में सहायता मिल सकती है।

गर्भावस्था

अखरोट में उपस्थित ओमेगा-3 फैटी एसिड गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क विकास में सहायक माना जाता है। गर्भावस्था में सेवन से पूर्व चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

गुल्मवायु (हिस्टीरिया)

अखरोट और किशमिश खाकर ऊपर से गर्म गाय का दूध पीने से लाभ बताया गया है।

घाव

अखरोट की छाल के काढ़े से घाव धोने पर लाभ मिलता है।

चमकदार त्वचा

अखरोट में उपस्थित ओमेगा-3 एवं एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पोषण देकर उसे चमकदार बनाने में सहायता करते हैं।


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गंजापन

अखरोट का तेल बालों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसमें उपस्थित पोषक तत्व बालों की जड़ों को पोषण प्रदान करते हैं तथा बालों को मजबूत बनाने में सहायता करते हैं।

गर्भावस्था में लाभ

अखरोट में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क के विकास में सहायक माना जाता है। गर्भवती महिलाओं के लिए इसका सीमित मात्रा में सेवन लाभदायक हो सकता है।

गुल्मवायु (हिस्टीरिया)

अखरोट तथा किशमिश को मिलाकर खाने के बाद ऊपर से गर्म गाय का दूध पीने से लाभ बताया गया है।

घाव

अखरोट की छाल का काढ़ा बनाकर घाव को धोने से लाभ मिलता है। यह घाव को साफ रखने में सहायक माना जाता है।

चमकदार त्वचा

अखरोट में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पोषण प्रदान करते हैं। इसके नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक बनी रहती है।

चेहरे की झुर्रियाँ

अखरोट में मौजूद विटामिन-बी और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखते हैं तथा समय से पहले आने वाली झुर्रियों को कम करने में सहायक होते हैं।

दाद

अखरोट के छिलकों को जलाकर उसकी राख को तेल में मिलाकर लगाने से दाद में लाभ बताया गया है।

दाँतों के लिए

अखरोट की छाल का मंजन करने से दाँत और मसूड़े मजबूत होते हैं तथा मुख की दुर्गंध दूर होती है।

दिल के लिए लाभकारी

अखरोट में उपस्थित ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने तथा हृदय रोगों के जोखिम को घटाने में सहायता करता है।

दिमाग के लिए लाभकारी

मानव मस्तिष्क के समान आकार वाला अखरोट मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक माना जाता है। इसके नियमित सेवन से स्मरण शक्ति तथा एकाग्रता में सुधार हो सकता है।

दृष्टि शक्ति

अखरोट में उपस्थित विटामिन और खनिज तत्व आँखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक होते हैं।

दुर्बलता

शारीरिक कमजोरी होने पर अखरोट की गिरी का नियमित सेवन लाभदायक माना जाता है। यह शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करता है।

नपुंसकता

अखरोट को बलवर्धक एवं वीर्यवर्धक माना गया है। इसका नियमित सेवन पुरुषों की शारीरिक क्षमता बढ़ाने में सहायक बताया गया है।

पथरी

कुछ आयुर्वेदिक मतों के अनुसार अखरोट का सेवन मूत्रमार्ग संबंधी समस्याओं में लाभदायक माना जाता है।

पक्षाघात

अखरोट का तेल शरीर की मालिश के लिए उपयोगी माना गया है। इससे स्नायु तंत्र को बल मिलता है।

पेट के कीड़े

अखरोट की छाल तथा पत्तों का उपयोग कृमिनाशक के रूप में भी किया जाता है।

बालों के लिए लाभकारी

अखरोट में बायोटिन, विटामिन-ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो बालों को मजबूत, घना और चमकदार बनाने में सहायक होते हैं।

रक्त की शुद्धि

अखरोट का नियमित सेवन रक्त को शुद्ध करने तथा शरीर को पोषण देने में सहायक माना जाता है।

मोटापा नियंत्रित करने में

अखरोट में स्वस्थ वसा और फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है और वजन नियंत्रण में सहायता मिलती है।

मधुमेह

अखरोट का सेवन मधुमेह रोगियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है।

याददाश्त बढ़ाने में

नियमित रूप से अखरोट खाने से स्मरण शक्ति और मानसिक कार्यक्षमता में सुधार होने की बात कही जाती है।

यौन शक्ति

अखरोट को पारंपरिक रूप से बल, वीर्य और यौन शक्ति बढ़ाने वाला आहार माना गया है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और खनिज तत्व शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में सहायता करते हैं।

त्वचा रोग

अखरोट के पत्तों और छाल का उपयोग कुछ त्वचा रोगों में बाह्य रूप से किया जाता है।

हड्डियों के लिए लाभकारी

अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।

मस्तिष्क की कमजोरी

अखरोट मस्तिष्क के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसमें उपस्थित ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन-ई तथा एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क की कोशिकाओं को पोषण प्रदान करते हैं। इसके नियमित सेवन से मानसिक शक्ति, एकाग्रता तथा स्मरण शक्ति में वृद्धि होती है।

मांसपेशियों की मजबूती

अखरोट में प्रोटीन और आवश्यक खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। व्यायाम करने वाले लोगों के लिए इसका सेवन विशेष लाभदायक माना जाता है।

मूत्र संबंधी विकार

अखरोट के कुछ पारंपरिक प्रयोग मूत्र संबंधी समस्याओं में लाभकारी बताए गए हैं। यह शरीर को पोषण देकर सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायता करता है।

रक्तचाप

अखरोट में पाया जाने वाला ओमेगा-3 फैटी एसिड तथा अन्य पोषक तत्व रक्तचाप को संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं। इसके नियमित सेवन से हृदय स्वास्थ्य को लाभ मिलता है।

वात रोग

आयुर्वेद में अखरोट को वातनाशक गुणों से युक्त माना गया है। इसके सेवन से वातजन्य विकारों में लाभ बताया गया है।

शारीरिक शक्ति

अखरोट बलवर्धक एवं पुष्टिकारक मेवा है। इसका नियमित सेवन शरीर को शक्ति प्रदान करता है तथा कमजोरी को दूर करने में सहायक होता है।

स्नायु दुर्बलता

स्नायु तंत्र को मजबूत बनाने में अखरोट उपयोगी माना जाता है। इसमें उपस्थित पोषक तत्व नसों को पोषण देकर उनकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायता करते हैं।

स्मरण शक्ति

विद्यार्थियों एवं मानसिक कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए अखरोट विशेष लाभकारी माना जाता है। इसके नियमित सेवन से याददाश्त और मानसिक सक्रियता में वृद्धि हो सकती है।

हृदय रोग

अखरोट में उपस्थित असंतृप्त वसा (Unsaturated Fat) हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक होती है। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण

प्रतिदिन सीमित मात्रा में अखरोट खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने तथा अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।

त्वचा की सुरक्षा

अखरोट में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को पर्यावरणीय क्षति से बचाने में सहायता करते हैं। यह त्वचा को स्वस्थ और कोमल बनाए रखने में सहायक है।

बालों की मजबूती

अखरोट में पाया जाने वाला बायोटिन बालों को झड़ने से रोकने तथा उन्हें मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

अखरोट में मौजूद विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायता करते हैं, जिससे विभिन्न रोगों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है।

अखरोट के सेवन में सावधानियाँ

  • अखरोट का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

  • अत्यधिक सेवन से कुछ लोगों को पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं।

  • जिन व्यक्तियों को मेवों से एलर्जी हो, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।

  • अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी प्रवेश कर सकती है।

निष्कर्ष

अखरोट एक अत्यंत पौष्टिक, बलवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक मेवा है। इसमें उपस्थित ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन, खनिज तथा एंटीऑक्सीडेंट शरीर, मस्तिष्क, हृदय, त्वचा और बालों के लिए लाभकारी होते हैं। नियमित एवं संतुलित मात्रा में इसका सेवन करके अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किए जा सकते हैं।


     

    अखरोट के नुकसान

    जिस वस्तु के अनेक लाभ होते हैं, उसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। अखरोट के साथ भी यही बात लागू होती है। यद्यपि इसका संतुलित मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, फिर भी कुछ परिस्थितियों में इसके सेवन से सावधानी बरतनी चाहिए।

    अखरोट खाने के नुकसान

    • अखरोट से कुछ लोगों को एलर्जी हो सकती है। यदि आपको अखरोट से एलर्जी है, तो इसका सेवन नहीं करना चाहिए। इसके सेवन से छाती में जकड़न, खुजली या सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।

    • अत्यधिक मात्रा में अखरोट खाने से कुछ लोगों के मुंह में छाले हो सकते हैं।

    • जिन लोगों को पहले से कफ की समस्या रहती है, उन्हें अखरोट का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए, क्योंकि इससे कफ बढ़ने की आशंका हो सकती है।

    • अखरोट में वसा (फैट) पर्याप्त मात्रा में होती है। इसलिए इसका अत्यधिक सेवन वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है।

    • काले अखरोट (Black Walnut) में कुछ ऐसे रासायनिक तत्व पाए जाते हैं, जिनके अधिक संपर्क से त्वचा संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

    • काले अखरोट में फाइटेट्स नामक यौगिक पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों के अनुसार, ये भोजन में उपस्थित लौह (Iron) के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं।

    • काले अखरोट के छिलके के संपर्क से संवेदनशील व्यक्तियों में त्वचा पर लाल चकत्ते (Skin Rash) या जलन की समस्या हो सकती है।

    अखरोट का उपयोग

    अक्सर लोगों के मन में यह प्रश्न उठता है कि अखरोट का सेवन कैसे और कब किया जाए। अखरोट को निम्न प्रकार से अपने आहार में शामिल किया जा सकता है—

    • दही में अखरोट की 2–3 गिरियाँ मिलाकर खाई जा सकती हैं।

    • एक गिलास दूध में एक चम्मच अखरोट का पाउडर तथा एक चम्मच शहद मिलाकर सेवन किया जा सकता है।

    • रात को सोने से पहले एक गिलास दूध के साथ 2–3 अखरोट की गिरियों का सेवन लाभकारी माना जाता है।

    • शाम के समय हल्के नाश्ते (स्नैक्स) के रूप में अखरोट को हल्का भूनकर भी खाया जा सकता है।

    • अखरोट को सलाद, दलिया, ओट्स, मिठाइयों तथा विभिन्न व्यंजनों में मिलाकर भी उपयोग किया जा सकता है।

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