मदद - टेम्‍पलेट के लिये ppp



मुझे अपने फोटो ब्‍लाग Aditi-Mahashakti Ka Photo Blog के लिये बढि़या फोटो टेम्‍पलेट चाहता हूँ, जिसमे फोटो के आकार बड़ा द‍िखे। अगर किसी को ऐसे टेम्‍पलेट के सम्‍बन्‍ध मे जानकारी हो तो देने का कष्‍ट करे। मुझे अभी तक मन का टेम्‍पलेट नही मिल रहा है इसी कारण फोटो की पोस्टिंग नही कर पा रहा हूँ, यदि कोई अच्‍छा टेम्‍पलेट मिलता है तो अच्‍छा रहेगा। धन्‍यवाद


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इलाहाबाद मिलन का अंतिम सच



तुम लोग अभी नही हो लेकिन मै तुम्‍हे बहुत मिस कर रहा हूँ, तुम सब बहुत याद आ रहे हो, किसी के लिये अतिश्‍योक्ति होगी कि कि वाणी कट्टरता वाला व्‍यक्ति इतना भावुक हो सकता है, पिछले 36 घंटे मे मै जितनी देर तुम लोगो के साथ रहा और अभी कुछ मिनट पूर्व नीशू और मिथलेश के जाने पर वो 36 घंटो का साथ अब अखर रहा है, वो उन 36 घन्‍टे का परिणाम है कि दोस्‍त तुम्‍हारे लिये ऑखे नम है, तुम सब जा रहे थे पर दिल कहता था कि कह दूँ एक दिन और रूक जाओ, मुझे पता है कि तुम लोग बस अड़्डे पर होगे ..... व्‍यक्ति को इतना लगाववादी नही होना चाहिये।


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जूनियर ब्‍लॉगर एसोसिएशन की बैठक के पहले और बाद के आनंद‍ित क्षण



आखिर मे वो बहुत प्रतिक्षित समय आ गया जब जूनियर ब्लॉगर एसोसिएशन के द्वारा नामी जूनियर चिट्ठाकारों का मिलन कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम का अपना रोमांच और उत्‍साह था, इसी उत्साह के बल पर हमीरपुर से संतोष कुमार और उनके अग्रज प्रेम कुमार जी दिनॉक 15-06 की सुबह 8 बजे इलाहाबाद मे मेरे आवास पर पहुँचे।
जूनियर ब्‍लॉगर एसोसिएशन की ब्‍लागरीय उड़ान
भ्राता द्वय को जल-पान ग्रहण करने के पश्‍चात उनसे कई विषयों पर महत्‍पूर्ण चर्चा थी। उन्‍होने भी अपनी चिट्ठकारी की कई खट्टे-पलो को बांटे। काफी देर बाद घर से सूचना आयी कि कुछ खाने के लिये मंडी से सब्जियाँ ले आओ तो सभी लोग टहलते घूमते मंडी की ओर निकल गये। अचानक पंसारी की दुकान पर पहुँचा तो मेरे मुँह यह श ब्‍द निकल आया कि फला चीज का क्‍या हाल चाल है ? :) इस पर सभी उपस्थित लोग हँस पड़े। कि भाव की जगह हाल चाल क्‍यो पूछ रहा है क्‍योकि मै उस टाईम फोन पर था और .......... :)
जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन की निर्माणाधीन इमारत का विभागीय निरीक्षण

करीब दोपहर 12 बजे नीशू तिवारी और मिथलेश दूबे भी हमारे द्वार पर दस्‍तक देकर फोन कर रहे थे। उन्‍होने बताया कि सलीम खान अपना रिजर्वेशन करवाने के बाद भी कार्यक्रम नही पहुँच पा रहे है और लखनऊ रेलवे स्‍टेशन पर पहुँच कर मिथलेश दूबे का लखनऊ से इलाहाबाद के लिये करवाया रिर्जवेशन टिकट मिथलेश को सौपा, इस कार्यक्रम मे सलीम खान जी उपस्थिति से मै भी उत्‍साहित था। ईश्‍वर की अनुकम्‍पा होगी तो उनसे शीघ्र ही मिलने का कोई कार्यक्रम अवश्‍य बनेगा। कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर हम लोगो विभिन्‍न कार्यो मे एक दूसरे का परस्‍पर सहयोग किया, मुझे सहयोग की भावना इस प्रकार थी कि कभी लगा ही नही कि ये अतिथि है और ब्‍लागर मिलन के लिये पधारे है। निश्‍चित रूप दोनो का सहयोग पाकर बहुत अच्‍छा लगा।
कहा ''अदिति'' ने ''अतिथि'' तुम फिर कब आओगे

जिन लोगो की कार्यक्रम मे सहभागिता हो सकती थी, दूरभाष के द्वारा सम्‍पर्क किया गया और उनकी स्थिति को जाना गया है। कार्यक्रम मे वीनस केसरी जी समय से पूर्व उपस्थित होकर हमारे मध्‍य उत्‍साह को दोगुना करने का काम किया, यह हमारे लिये हर्ष का विषय है कि जो भी आया समय की महत्‍व देते हुये आया। घर में ही दो चिट्ठाकार होने के बाद भी कामो की वजह से वो भाग नही ले सकें किन्‍तु उसका मुझे लाभ मिला और मै पूर्ण समय कार्यक्रम मे बना रहा।
ऐतिहासिक आकाशीय क्षण

कार्यक्रम 2 बजे प्रारम्‍भ होना था कि यात्रा के कारण थकावट सवार थी मिथलेश जी और नीशू जी मे, इस कारण भोजन प्रारम्‍भ करने मे विलम्‍ब हुआ, हमारे द्वारा लघु सहभोज आयोजित किया गया, जिसका सभी लोगो गर्म जोशी और आनंद के साथ भोजन ग्रहण किया, भोजन के पश्‍चात ठीक 3 बजे हमारा कार्यक्रम प्रारम्‍भ हुआ और यह करीब 5.30 बजे इसके बाद, शहर के विभिन्‍न इलाकों का भ्रमण का लुफ्त उठाया गया।
रात्रि दो बजे विशेष रणनीति होने के बाद निश्चिंत मुद्रा मे
हमारे द्वारा कार्यक्रम का पूर्ण आनंद लिया गया, 24 घंटे इन्‍टरनेट सेवा होने के बाद भी हम लोगो ने कार्यक्रम को इंज्‍वाय करना ज्यादा महत्‍वपूर्ण समझा इसीलिये कार्यक्रम के बाद किसी पोस्‍ट को छापने और इन्‍टरनेट पर समय व्‍यर्थ के बजाय एक दूसरे के समझने का बेहतर प्रयास किया। कार्यक्रम आधारित पोस्‍टें शीघ्र ही प्रस्‍तुत होगी, जिसकी सार्थकता को आप स्‍वयं सिद्ध करेगे।
 
शीघ्र ही फिर मिलना होगा,

जय श्रीराम- भारत माता की जय


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